कांग्रेस नेता शशि थरूर मोदी सरकार की विदेश नीति से खुश


कांग्रेस प्रवक्ता टीवी चैनलों पर यूक्रेन से भारतीयों की वापसी के मुद्दे पर सरकार की असफलता गिनाते नहीं थक रहे लेकिन पार्टी सांसद शशि थरूर सरकार की विदेश नीति से गदगद हैं। उन्होंने विदेश मंत्री और उनकी टीम की जमकर तारीफ की है। थरूर ने विदेश मंत्रालय की तरफ से बुलाई गई मीटिंग में शामिल होने के बाद कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी टीम ने एक-एक सवाल का जिस गहराई से जवाब दिया है, वह बेहद प्रशंसनीय है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि विदेश नीति तो ऐसी ही होनी चाहिए। इस मीटिंग में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल थे।

विदेश मंत्रालय ने रूस-यूक्रेन युद्ध से पैदा हुए संकट पर गुरुवार को सलाहकार समिति की बैठक बुलाई। बैठक में छह राजनीतिक दलों के नौ सांसदों ने हिस्सा लिया। इन सभी ने मौजूदा संकट से निपटने के लिए सुझाव तो दिए ही, एक-से-बढ़कर एक सवाल भी दागे जिनका विदेश मंत्रालय ने विस्तृत जवाब दिया। इससे शशि थरूर इतने संतुष्ट हुए कि उन्होंने विदेश मंत्री की तारीफों के पुल बांध दिए।

थरूर ने ट्वीट कर कहा, 'यूक्रेन पर विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की आज सुबह बुलाई गई बैठक जबर्दस्त रही। हमारे सवालों और चिंताओं पर विस्तृत और बिल्कुल सटीक जवाबों के लिए डॉ. एस जयशंकर और उनके सहयोगियों का धन्यवाद।' थरूर ने मोदी सरकार की विदेश नीति की तारीफ में कसीदे पढ़ डाले। उन्होंने लिखा, विदेश नीति में यही जोश-ओ-खरोश दिखनी चाहिए। हमने कई बिंदुओं पर बातचीत की। विदेश मंत्री इसकी जानकारी देगा। यह शानदार मीटिंग थी। हम सभी एकजुट हैं।

थरूर ने कहा कि बैठक में शामिल सांसदों ने विदेश मंत्रालय से ही बयान जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने लिखा, 'मैंने मीडिया के आग्रह पर कोई टिप्पणी नहीं की क्योंकि यह गुप्त बैठक थी। हालांकि, हमने विदेश मंत्रालय से रटा-रटाया नहीं, विस्तृत बयान जारी करने की अपील की है। मीटिंग बेहत रचनात्मक भावना से संचालित हुई और सभी दलों ने हमारे नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी के मुद्दे पर एकजुटता का इजहार किया।' सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने मीटिंग में चीन और पाकिस्तान के रूस के करीब आने का मुद्दा उठाया, फिर कहा कि प्राथमिकता अभी यूक्रेन से छात्रों को निकालना है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमें प्रतिक्रिया में देर हुई और एडवाइजरी भ्रमित कर रही थीं।

वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मौजूदा हालात पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र अपने को लेकर उधेड़बुन में थे, लेकिन यूक्रेन सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया। सूत्रों ने बताया कि जयशंकर ने मीटिंग में भारतीयों की घर वापसी और ताजा हालात पर प्रजेंटेशन दिया। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर वोटिंग से दूर रहने की नीति का समर्थन किया। थरूर ने कहा कि जब भी राष्ट्रीय हितों की बात होती है तो भारत सर्वप्रथम की नीति पर पक्ष-विपक्ष एकजुट हो जाते हैं। वहीं, विदेश मंत्री ने भी मीटिंग पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठक में मुद्दे के सामरिक और मानवीय पहलुओं पर अच्छी चर्चा हुई।

शाकाहारी और मांसाहारी फूड आइटम्स पर दिल्ली हाई कोर्ट का अहम आदेश


दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने  अपने एक फैसले में बुधवार को कहा कि किसी खाद्य पदार्थ (Food Item) के शाकाहारी (Vegetarian) या मांसाहारी (Non-Vegetarian) होने का पूरी तरह खुलासा होना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि थाली में परोसी जाने वाली वस्तु से हर व्यक्ति के मौलिक अधिकार प्रभावित होते हैं.

इसी के साथ हाईकोर्ट (High Court) ने बुधवार को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को निर्देश दिया कि वह एक खाद्य पदार्थ की सामग्री पर स्पष्ट खुलासा करने के दायित्व पर सभी संबंधित अधिकारियों को नया आदेश जारी कर अवगत कराए

बता दें कि न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति डी के शर्मा की पीठ ने जनता द्वारा उपयोग की जाने वाली "सभी वस्तुओं" को शाकाहारी या मांसाहारी और " मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेस में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं" के रूप में लेबल करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया.अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील की इस दलील से सहमति जताई कि आम लोगों की बजाय सिर्फ अधिकारियों को इस तरह का संचार जारी करना व्यर्थ है, क्योंकि इससे आम जनता के मौलिक अधिकार प्रभावित होते हैं.

कोर्ट ने कहा कि संविधान के मुताबिक थाली में क्या परोसा गया है इससे " अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा) और अनुच्छेद 25 (विवेक की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पेशे, अभ्यास और धर्म का प्रचार) के तहत प्रत्येक व्यक्ति के मौलिक अधिकार प्रभावित होते हैं. अदालत ने आगे कहा कि  खाद्य पदार्थ के शाकाहारी या मांसाहारी होने के बारे में एक पूर्ण और पूर्ण प्रकटीकरण को उपभोक्ता जागरूकता का एक हिस्सा बनाया जाना जरूरी है. ” अदालत ने कहा, किसी भी पैक्ड खाद्य पदार्थ शाकाहारी या मांसाहारी होने का पूर्ण खुलासा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने में अगर प्राधिकरण विफल रहता है तो इससे FSSAI के गठन का उद्देश्य भी हासिल नहीं हो सकेगा.

बता दें कि बेंच गायों के कल्याण के लिए काम करने वाले ट्रस्ट राम गौ रक्षा दल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिका के अनुसार, एफएसएसएआई द्वारा 22 दिसंबर, 2021 का एक संचार अभी भी बहुत अस्पष्ट है. इस याचिका पर कोर्ट में अगली सुनवाई की तारीख 21 मई तय की गई है.

दिल्ली में हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का घर सीज हुआ


हुर्रियत कॉन्‍फ्रेंस पर कानूनी शिकंजे के साथ अब इनकम टैक्‍स विभाग ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में आज इनकम टैक्‍स विभाग ने हुर्रियत के चेयरमैन और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का दिल्‍ली स्थित आवास को सीज कर दिया है. गिलानी का यह आवास दिल्‍ली के मालवीय नगर स्थित खिड़की एक्‍सटेंशन में स्थित है. इस आवास में गिलानी के साथ ही उसके दामाद की भी हिस्‍सेदारी बताई जा रही है.

आयकर विभाग के अनुसार, अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी पर 1996-97 से लेकर 2001-2002 से लेकर 3.62 करोड़ से अधिक की देनदारी है. इससे पहले भी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. बता दें कि पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और जम्मू-कश्मीर के हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक की फोन पर बातचीत को लेकर उपजे विवाद के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत को उकसाने का काम किया था. अब शाह महमूद ने कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से फोन पर बातचीत की थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से पहले पाकिस्तान ने पिछले 4 दिनों में कश्मीर के मामलों में दोबारा हस्तक्षेप किया था. सूत्रों के मुताबिक शाह कुरैशी ने गिलानी से कश्मीर की स्थिति और मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दों पर बातचीत की थी.

इससे पहले शाह ने कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक से इन्हीं मुद्दों पर बातचीत की थी, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान उच्चायुक्त को बुलाकर कड़ा विरोध जताया था और पाक को कश्मीर के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा था. बता दें कि कश्मीर घाटी में गिलानी एक प्रमुख अलगाववादी नेता हैं और कई दशकों से कश्मीर के अलग होने की आवाज उठाते रहे हैं. पिछले साल केंद्र सरकार की तरफ से भेजे गए वार्ताकार (विशेष प्रतिनिधि) से उन्होंने बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.


#AAIMS के कायाकल्प के लिए 7670 करोड़ रुपये के तीन #MOU साइन हुए



पि‍छले दो वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे एवं अन्‍य सुविधाओं के रूप में ऐतिहासिक प्रगति देखने को मिली है : जे पी नड्डा 

देश के हर राज्य में इस तरह का प्रमुख संस्थान होना चाहिए: वेंकैया नायडू 

नई दिल्‍ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बुनियादी ढांचे एवं अन्‍य सुविधाओं का विस्‍तार करने के लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड, एचएससीसी (इंडिया) लिमिटेड और हाइट्स एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड के साथ तीन सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किये। इन सहमति पत्रों पर हस्‍ताक्षर के लिए आयोजित समारोह की अ‍ध्‍यक्षता माननीय केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री जे पी नड्डा और माननीय केंद्रीय शहरी विकास, शहरी गरीबी उन्‍मूलन एवं सूचना व प्रसारण मंत्री श्री वेंकैया नायडू ने की। एम्‍स ने एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ 4441 करोड़ रुपये, एचएससीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ 2500 करोड़ रुपये और हाइट्स एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड के साथ 729 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्‍ताक्षर किये। ये एमओयू कुल मिलाकर 7670 करोड़ रुपये के हैं।

इस अवसर पर श्री जे पी नड्डा ने कहा कि यह एम्‍स के सर्वाधिक ऐतिहासिक दिवसों में से एक है क्‍योंकि आज सरकार ने एक कार्यक्रम में किसी सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य परियोजना के तहत स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में अब तक के सर्वाधिक निवेश की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की है। श्री नड्डा ने कहा, ‘पि‍छले दो वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे एवं अन्‍य सुविधाओं के रूप में ऐतिहासिक प्रगति देखने को मिली है।’

इस अवसर पर श्री वेंकैया नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप हमें सुधार, प्रदर्शन एवं बदलाव सुनिश्चित करना चाहिए और यह पहल इसी सोच को दर्शाती है। श्री नायडू ने यह भी कहा कि इस कदम से एम्‍स का कायाकल्प हो जायेगा।

पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी के साथ हुए समझौते के तहत अयूर विज्ञान नगर परिसर में 3060 आवासीय अपार्टमेंट और पश्चिम अंसारी नगर परिसर में 868 अपार्टमेंट बनाये जायेंगे।

एचएलएल इन्‍फ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड (हाइट्स) के साथ हुए समझौते के तहत राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, एम्स, झज्जर, हरियाणा के लिए सभी प्रकार के मेडिकल उपकरण और सेवाएं हासिल की जायेंगी जिनमें मेडिकल गैस वितरण प्रणाली, सीएसएसडी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर्स भी शामिल हैं। इसी तरह झज्जर में एम्स के दूसरे परिसर में प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्डियोवैस्कुलर (हृदय) संस्थान (एनसीवीआई) में डिजाइन एवं उपकरण खरीद सहित विभिन्‍न कार्यों के लिए एचएससीसी का चयन एक परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने अंगदान करने की प्रतिज्ञा ली


केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी.नड्डा ने नई दिल्ली के केन्द्र सरकार के सभी अस्पतालों के अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्‍सकों, नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के सदस्यों के साथ हजारों उत्साही लोगों के साथ अपने अंग दान करने की शपथ ली। इस अवसर पर, अंगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आज सुबह इंडिया गेट पर आयोजित वॉकथान में भाग लेने के लिए हजारों प्रतिभागी भी उपस्‍थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अंगों का दान एक उपहार है और यह एक परोपकारी, भेदभावहीन और नैतिक कार्य है। उन्होंने कहा कि हम अपने अंगों को दान देने के साथ 'एक जीवन के अंत' को एक नई शुरुआत में बदल सकते हैं। श्री नड्डा ने कहा कि हमें अंगदान को एक राष्ट्रीय आंदोलन बनाते हुए दुनिया है यह दिखाना है कि मृत्‍यु के मामले में भी हम व्‍यापक रूप में अपने साथी नागरिकों और मानवता की देखभाल करते हैं। उन्होंने कहा अंग एक राष्ट्रीय संसाधन है और एक भी अंग बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय अंग दान को सुविधाजनक बनाने के लिए वर्तमान में नियमों, विनियमों और प्रोटोकॉल तैयार कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि देश में हर साल लगभग 1.5 लाख लोगों की मृत्यु मस्तिष्क के कारण हो रही है और उन रोगियों के अंगों को कई लाख लोगों की जान बचाने में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि देश के भीतर मौजूदा अंग दान और प्रत्यारोपण दर आवश्यकता के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि शव अंगों और ऊतकों को सुरक्षित निकालने और रखने के लिए निर्णायक कदम उठाए जा रहे है और इसके परिणामस्‍वरूप बहुत से लोगों की जान बचाई जा सकी है।

श्री नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय मृतक व्यक्तियों के अंग दान को बढ़ावा देने और इस तरह के प्रत्यारोपण के लिए अंगों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत बड़ी संख्या में गतिविधियों को शुरू किया गया है। राज्य सरकारों को भी अंग दान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के संदर्भ में अवगत करा दिया है। उन्‍होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है और इनमें तेजी लायी जाएगी।

इस प्रतिज्ञा ग्रहण समारोह में श्री सी.के.मिश्र सचिव (एचएफडब्‍ल्‍यू), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ जगदीश प्रसाद और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

#JNU : कुलपति को बंधक बनाने के मामले में कन्हैया समेत 20 छात्रों को नोटिस


देश के विवादित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने देशद्रोह के आरोपी पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद समेत २० लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन छात्रों से पिछले महीने कुलपति और अन्य अधिकारियों को अवैध तरीके से २० घंटे से ज्यादा समय तक प्रशासनिक भवन में बंधक बनाए रखने के मामले में उत्तर मांगा है।

नोटिस में उनसे प्रॉक्टोरियल कमिटी के सामने सफाई पेश करने को कहा गया है आैर पूछा है कि, उन लोगों ने क्यों विश्वविद्यालय अधिकारियों को अवैध तरीके से दफ्तर में बंद किया था?”

उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला अहमद एक रात पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों से परिसर में कथित झगड़े के बाद १५ अक्तूबर को लापता हो गया था। वह जेएनयू के बायोटेक्नोलॉजी विभाग का छात्र है।

गौरतलब है कि २७ वर्षीय छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति समेत कई अधिकारियों को पिछले महीने १९ अक्टूबर को प्रशासनिक भवन में ही बंधक बना लिया था। उन्हें कार्यालय से बाहर आने नहीं दिया था। जब कुलपति ने बाहर निकलने की कोशिश की थी तब छात्रों ने उनके साथ धक्कामुक्की की थी।

भारतीय खाद्य निगम बिक्री के लिए दोगुना गेंहू पेश करेगा


दिल्‍ली में हाल में गेंहू के थोक और खुदरा मूल्‍यों में वृद्धि देखने को मिली है। लेकिन अब गेंहू का भाव दिल्‍ली में कम होने लगा है। 21 नवम्‍बर, 2016 को थोक मूल्‍य 22.75 रूपये प्रति किलोग्राम और खुदरा मूल्‍य 24 रूपये प्रति किलोग्राम रहा।

आशा की जाती है कि आयात शुल्‍क 25 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत होने से आयतित गेंहू का प्रवाह बढ़ेगा और यातायात व्‍यवस्‍था में सुधार से बाजार तथा निजी क्षेत्र की जरूरतें पूरी होगी।

इसके अतिरिक्‍त भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने नवम्‍बर के पहले सप्‍ताह में दिल्‍ली और आसपास के क्षेत्रों में खुले बाजार में बिक्री की योजना (ओएमएसएस) के माध्‍यम से 29 हजार मीट्रिक टन गेंहू दिया। निगम 24 नवम्‍बर, 2016 को बिक्री के लिए 45,500 मीट्रिक टन गेंहू दे रहा है। दिल्‍ली के लिए एफसीआई 24 नवम्‍बर, 2016 को ओएमएसएस नीलामी के लिए गेंहू की पेशकश 7 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 14 हजार मीट्रिक टन करेगा।

शिकायतें दर्ज कराने के लिए उपभोक्ता मेले में पहुंचे 2000 से ज्यादा लोग


उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा कल नई दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित उपभोक्ता मेले में उपभोक्ताओं में पर्याप्त उत्साह देखा गया और अपनी शिकायतें दर्ज करवाने व परामर्श के लिए मेले में 2000 से ज्यादा लोग पहुंचे। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन स्टाल ने 200 से ज्यादा लोग पंजीकृत किए। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के काउंटर पर विभिन्न तरह के सवालों व सुझावों को लेकर 100 से ज्यादा लोग पहुंचे। वहीं गुमराह करने वाले विज्ञापनों संबंधी शिकायतों को लेकर एएससीआई काउंटर पर 60 लोग पहुंचे। एफएसएसएआई के स्टाल पर 250 और ट्राय के स्टाल पर 200 लोग पहुंचे। 

यह मेला उद्योग मंडलों फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, पीएचडी चैंबर और डीआईसीसीआई और साथ ही क्षेत्र के नियामकों जैसे ट्राय, एफएसएसएआई, बीआईएस आदि के सहयोग से आयोजित किया गया था। मेले का उद्घाटन केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने किया। इस कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति श्री डी.के. जैन, अध्यक्ष एनसीडीआरसी, केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव श्री हेम पांडे, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न औद्योगिक निकायों के वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद थे। 

यह मेला आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य कंपनियों और उपभोक्ताओं को आमने-सामने लाना था ताकि जहां तक संभव हो, वहां तक उपभोक्ताओं की समस्याओं का निपटारा हो सके। यह उपभोक्ताओं के लिए मौके पर ही अपनी शिकायतें दर्ज करवाने का एक अच्छा अवसर भी था। 

उद्घाटन के दौरान मंत्री महोदय ने सप्ताह भर तक चलने वाला उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम का शुभांरभ भी किया जो पूरे देश में 20 अक्टूबर से 27 अक्टूबर, 2016 तक मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष 15 मार्च से उपभोक्ता जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा। 15 मार्च का दिन विश्व भर में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है। संयोग से विभाग 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2016 के बीच स्वच्छता पखवाड़ा भी मना रहा है। मेले के दौरान लोगों को बताया गया कि अपने आस-पास को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी उपभोक्ताओं की ही है। 

मेले में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन, बीआईएस, एफएसएसएआई, एनटीएच, एनसीडीआरसी, वजन एवं माप, प्रतिष्ठित निजी कंपनियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। सभी को मिलाकर प्रतियोगियों ने कुल 50 स्टालें लगाई थीं। 

मेले में केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव श्री हेम पांडे ने सभी राज्य सरकारों से आह्वान किया कि वह भी अपने-अपने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए इस तरह के मेलों का आयोजन करें। 

दिल्ली सरकार के पास करोड़ों के मुआवजे से लेकर फ्लेट व नौकरी तक देने का अधिकार


अरविंद केजरीवाल जी के मुताबिक दिल्ली सरकार के पास एक दस रुपये का पेन खरीदने का भी अधिकार नही है लेकिन करोड़ों के मुआवज़ा से लेकर फ्लैट इत्यादि देने के लिए सरकार के पास अधिकार हैं यह जानकारी RTI के अंतर्गत पूछे गए एक पत्र के जवाब मे मिली.


पहले एक नज़र घटनाओं पर डालते हैं फिर देखते हैं की दिल्ली सरकार RTI मे क्या जवाब देती है और मीडीया के सामने क्या बयान देती है:

1. पिछले साल हैदराबाद के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद दिल्ली सरकार ने मृतक के परिजनों को नौकरी की पेशकश करी थी| वेमुला का दिल्ली से कोई लेना देना नही था

2. होली के एक दिन पहले दिल्ली के विकासपुरी मे डाक्टर नारंग की हत्या होती है और "इंडियन डेंटल असोसियेशन" की माँग और भारी दबाव के चलते लगभग साढ़े तीन महीने बाद डाक्टर नारंग की विधवा को नौकरी की पेशकश की गयी

3. NDMC के क़ानूनी सलाहकार मोहम्मद मोईन ख़ान की हत्या 16 मई को होती है और 20 मई को मुख्यमंत्री खुद उनके घर जाकर 1 करोड़ मुआवज़ा की घोषणा करते हैं| रुपये के अलावा ख़ान के बीवी को नौकरी, तीनों बच्चों की पढ़ाई का खर्चा और दिल्ली मे एक फ्लैट भी सरकार की तरफ से दिया जाता है

4. केजरीवाल पंजाब जाते हैं और वादा करते हैं उनकी सरकार बनी तो की पठानकोट के शहीदों को मुआवज़ा देंगे

उपर के घटनाक्रम से कोई भी देख सकता है की मुआवज़े की राशि देने मे किस तरह भेदभाव होता है और ये अंधे के रेवड़ी की तरह बाँटी जाती है| 

इसको लेकर जब RTI से जवाब माँगा गया की मुआवज़ा देने की कोई नीति है या नही तो जवाब मिला की कोई दिशा-निर्देश नही है लेकिन ये सभी फ़ैसले मंत्रिपरिषद लेती है (सवाल न. ३ का जवाब देखें)| ये वहीं मंत्रिपरिषद है जो डेंगू रोकने के नाम पर बहाना बनती है की उसके पास पेन खरीदने का अधिकार नही है लेकिन हैदराबाद के वेमुला को देने के लिए नौकरी और ख़ान के परिवार को देने के लिए 1 करोड़ रुपया, फ्लैट, नौकरी सबकुछ है क्यूंकी इससे वोटबैंक पुख़्ता होता है| वोट लेने की बेशर्मी इस कदर हावी है की पंजाब के पठानकोट मे शहीदों के लिए मुआवज़े की बात होती है लेकिन हाल हीं मे उरी मे शहीद हुए 17 जवानों के लिए श्रधांजलि के दो बोल भी नही निकलते हैं|

नीचे देखिये RTI के अंतर्गत भेजा गया पत्र और उसका जबाब :



                      

राष्ट्रपति भवन संग्रहालय के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री का आत्मीय भाषण



उपस्थित सभी वरिष्ठ महानुभाव, 

राष्ट्रपति जी के कार्यकाल का आज चार वर्ष पूर्ण होने पर मैं आदर्णीय राष्ट्रपति जी को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, अभिनन्दन करता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। आपके चार साल के कार्यकाल में अधिक समय मुझे आपके साथ प्रधानरूपमंत्री के रूप में कार्य करने सौभाग्य मिला। मैं दिल्ली की दुनिया में नया था। ये सारा माहौल मेरे लिये नया था। ऐसे समय राष्ट्रपति जी ने एक Guardian की तरह एक Mentor की तरह बहुत से विषयों पर मुझे उंगली पकड़ कर चलाया। ऐसा सौभाग्य बहुत कम लोगों को मिलता है, जो मुझे मिला है। 

आज यहां कई ग्रंथों का लोकार्पण हुआ है। मैं किताब नहीं कह रहा हूं ग्रंथ कह रहा हूं। मैं ग्रंथ इसलिए कह रहा हूं कि इनमें वो चीजें समाहित हैं, जो कल्पना के दायरे से नहीं इतिहास के झरोखे से निकली हुई है। और जो चीजें इतिहास के झरोखे से निकलती है। वे आने वाले पीढ़ियों के मन-मंदिर में एक अमिट छाया छोड़कर के जाती है। और उस अर्थ में ये जो प्रकाशन है, वो प्रकाशन इतिहास का हिस्सा बनने जा रहा है। मैं इस कार्य के लिए राष्ट्रपति जी को और उनकी पूरी Team को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। 

अभी Museum देखने का सौभाग्य मिला। श्रीमान घोष का इतना उत्साह था कि अगर ओमिता ने रोका न होता तो शायद हम रात को ग्यारह बजे यहां आते। और आपमें से जिसको भी इस Museum को देखने का समय मिले। मैं आग्रह करूंगा पूरा दिन निकालकर के आइए, इतनी बारीकियां हैं। इतनी विविधता है। और इतिहास को पुनर्जीवित करने का एक अद्भुत प्रयास है। ये ऐसा Museum है, जहां इतिहास, कला, कल्पना शक्ति और Technology ये चारों का मिलन है और इसलिए जो भी इससे जुड़ेगा। वो इन चारों के माध्यम से इतिहास को जी सकता है। सिर्फ इतिहास को जान सकता है, ऐसा नहीं, वो कुछ पल के लिए इतिहास को जी सकता है। और इस अर्थ में मैं समझता हूं की जिस वैज्ञानिक तरीके से, जिस Research के साथ और जो कलात्मक रूप से उसका Presentation किया है, उसके लिए श्रीमान घोष और उनकी पूरी Team को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। और उनका अभिनन्दन करता हूं। 

राष्ट्रपति जी ने भारत के जीवन में तो बहुत बड़ा योगदान दिया है। एक लंबा कार्यकाल रहा है उनका सार्वजनिक जीवन का। लेकिन चार साल की अल्पावधि में आपने राष्ट्रपति भवन को भी बहुत कुछ दिया है। एक प्रकार से राष्ट्रपति भवन सामान्य मानव, को इतिहास को और भारत के सर्वोच्च स्थान को एक प्रकार से उन्होंने मिलन बिन्दू बनाया है। और ये हमने आपमें आपका बहुत बड़ा योगदान इस परिसर के संदर्भ में मैं देखता हूं। और सबसे बड़ी खुशी की बात यह है, मेरा राजनीतिक Background अलग है। राष्ट्रपति जी का राजनीतिक Background अलग है। लेकिन लोकतंत्र में भिन्न विचार प्रभावों से पले बड़े व्यक्ति भी किस प्रकार से कंधे से कंधा मिलाकर के काम कर सकते हैं। ये राष्ट्रपति जी के पास रह कर के हर पल हम अनुभव कर सकते हैं। 

भारत सरकार की जितनी योजनाएं हैं। कई राज्य ऐसे होंगे, जिनको शायद भारत सरकार की कुछ योजनाएं लागू करने में या लागू किये तो, बोलने में थोड़ा झिझक रहती होगी। मैं आज बड़े गर्व के साथ कहता हूं कि भारत सरकार की जितनी योजनाएं, ये राष्ट्रपति भवन परिसर..ये भी एक छोटा सा गांव है। दस हाजर से ज्यादा लोग यहां रहते हैं। इस गांव के रूप में उन सारी योजनाओं को यहां लागू करने का प्रयास हुआ है। चाहे Renewable Energy की बात हो। Water conversation की बात हो। Environment related initiatives हों। हर चीज को Digital India तो यहां Digital राष्ट्रपति भवन। एक प्रकार से भारत सरकार की सारी योजनाओं को miniature रूप में यहां पर लागू करने का भरपूर प्रयास राष्ट्रपति जी ने किया है। किसी ओर व्यक्ति की दल की सरकार हो, उसके बावजूद भी उस सरकार के कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन के भी कार्यक्रम बनने चाहिए। ये ऊंचाई आदर्णीय प्रणव दा ही दिखा सकते हैं। और इसलिए मैं उनका हृदय से वंदन करता हूं। अभिनन्दन करता हूं। 

मुझे विश्वास है और इतिहास जीवन को एक जड़ी बूटी के रूप में काम आता है। जो इतिहास को भूल जाते हैं। वो एक प्रकार से जीवन के रस कस को खो देते हैं। मंदिर में जो मूर्तियां होती हैं। पत्थर से ही अलंकृत होती हैं। लेकिन सालों साल अनेक लोगों की भक्ति से वो भगवान का रूप धारण कर लेती है। ऐतिहासिक स्थानों के हर पत्थर उस पत्थर का भी अपना एक इतिहास होता है। हर पत्थर चीख – चीख कर के बीते हुए कल की बात बता करके आने वाले कल के लिए रास्ता दिखाने की ताकत रखता है। लेकिन आवश्यकता होती है। उस पत्थर को भी सुनने के लिए सामर्थ पैदा करने की। इस Museum के द्वारा पत्थर को बोलने की ताकत दी गई है। हम उसे सुनने की ताकत लें। और नई आने वाली पीढ़ी को कुछ पाने देने के लिए एक नया सार्थ प्राप्त करें। 

मैं फिर एक बार इस प्रयास के लिए सबका अभिनन्दन करता हूं। आदर्णीय राष्ट्रपति जी का फिर से एक बार चार वर्ष पूर्ण हो कर के अगले वर्ष के लिए हम सबको बहुत ही उत्तम मार्गदर्शन मिले। इसके लिए अपेक्षा करते हुए प्रेरणा के लिए आभार व्यक्त करते हुए आप सबका बहुत – बहुत धन्यवाद। 

वैंकेया नायडु ने प्रीत विहार,पूर्वी दिल्‍ली में ‘स्‍वच्‍छ शौचालय’ का उद्घाटन किया


दिल्‍ली में 20 स्‍थानों पर आधुनिक, उपयोग सुलभ सार्वजनिक शौचालय; प्रत्‍येक की लागत 13 लाख रुपये

श्री एम. वैंकेया नायडु ने प्रीत विहार, पूर्वी दिल्‍ली में ‘स्‍वच्‍छ शौचालय’ का उद्घाटन किया

राष्‍ट्रीय राजधानी में 4000 सार्वजनिक शौचालयों की कमी

केन्‍द्र ने घरेलू जलापूर्ति, सीवर कनेक्‍शन के लिए 223 करोड़ रुपये मंजूर किए

दिल्‍ली को आज विभिन्‍न स्‍थानों पर विमानों और रेलगा‍ड़ी के उच्‍चस्‍तरीय डिब्‍बों में इस्‍तेमाल होने वाली अत्‍याधुनिक कम्पाज़िट सामग्री से निर्मित आधुनिक और उपयोग सुलभ सार्वजनिक शौचालय प्राप्‍त हुए। इनमें से प्रत्‍येक की लागत 13 लाख रुपये है और ये 20 स्‍थानों पर बनाए गए हैं। केन्‍द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम वेंकैया नायडू ने पूर्वी दिल्‍ली के प्रीत विहार के सिक्‍का मार्किट में चार टॉयलट सीट और चार मूत्रालय वाले ऐसे ही एक ‘स्‍वच्‍छ शौचालय’ का उद्घाटन किया। स्‍थानीय कोआपरेटर्स और गणमान्‍य व्‍यक्तियों ने 19 अन्‍य स्‍थानों पर ऐसे ही शौचालयों का उद्घाटन किया, जिनमें उत्‍तर (5), दक्षिण (6) और पूर्वी दिल्‍ली नगर निगम के 9 स्‍थान शामिल हैं।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री वेंकैंया नायडू ने कहा कि दिल्‍ली में तीन एमसीडी क्षेत्रों में लगभग 4000 सार्वजनिक शौचालयों की कमी है और स्‍वच्‍छ भारत मिशन के अंतर्गत इस कमी को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्‍वच्‍छ भारत मिशन अक्‍टूबर, 2014 में प्रारंभ किये जाने के बाद से 7061 सार्वजनिक टॉयलट सीट के निर्माण के बाद दक्षिण दिल्‍ली के 5,318, उत्‍तर में 3,3,11 और पूर्वी एमसीडी क्षेत्र में 2,508 की कमी है। उन्‍होंने कहा कि करीब 6.50 प्रतिशत शहरी लोगो सार्वजनिक शौचालयों का इस्‍तेमाल करते हैं और शहरी क्षेत्रों में आवश्‍यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित किये जाने की जरूरत है।

श्री नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्‍ली को स्‍वच्‍छता के मामले में मिसाल कायम करनी चाहिए। उन्‍होंने जनता, नगर निमग और दिल्‍ली सरकार से इस अवसर पर सहयोग करने का अनुरोध किया।

ये शौचालय शहरी विकास मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम राष्‍ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) द्वारा कारपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व के अंतर्गत स्‍थापित किये गये हैं। एनबीसीसी द्वारा 10 और स्‍थानों पर ऐसे शौचालय उपलब्‍ध कराए जाएंगे।

शौचालयों और मानव अपशिष्‍ट के प्रशोधन के लिए जलापूर्ति और सीवर कनेक्‍शन की आवश्‍यकता का उल्‍लेख करते हुए श्री नायडू ने कहा कि उनके मंत्रालय ने हाल ही में कायाकल्‍प एवं शहरी रूपांतरण के लिए अटल मिशन के अंतर्गत दिल्‍ली के लिए 223 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसके अंतर्गत 113 करोड़ रुपये जलापूर्ति कनेक्‍शनों के लिए और 104 करोड़ रुपये सीवेज नेटवर्क में सुधार लाने पर खर्च किये जाएंगे।

पूर्वी एमसीडी में जिन स्‍थानों पर सार्वजनिक शौचालय उपलब्‍ध कराए गए हैं, वे हैं – प्रीत विहार, वीर सावरगर अस्‍पताल, स्‍वामी दयानंद अस्‍पताल, डीडीए मार्केट (मयूर विहार, फेज-2), आनंद विहार, लोनी रोड पेट्रोल पंप, सीलमपुर मेट्रो स्‍टेशन, सी ब्‍लॉक (यमुना विहार) और न्‍यू जाफराबाद।

दक्षिणी एमसीडी – उपहार सिनेमा के निकट, कालू सराय डीटीसी डिपो के निकट, मुनिरका डीडीए फ्लैट्स, फोर्टिस अस्‍पताल के निकट, नेहरू प्‍लेस मेट्रो स्‍टेशन के निकट और नेहरू प्‍लेस डिस्ट्रिक सेंटर।

उत्‍तर दिल्‍ली – समयपुर बादली मेट्रो स्‍टेशन के निकट, जीटी रोड (आजादपुर), नांगलोई मेट्रो स्‍टेशन, फजिल रोड और पुराना टांगा स्‍टैंड, रेलवे पार्सल सेंटर, एसपीएम मार्ग।

अब दिल्‍ली-नैनीताल की यात्रा हो जायेगी इतनी छोटी


भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बोर्ड ने दो पैकेजों में बीओटी हाईब्रीड वार्षिकी रूप से एनएच-87 के रामपुर-रूद्रपुर-काठगोदाम सेक्‍शन के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी है, जो उत्‍तर प्रदेश को उत्‍तराखंड से जोड़ता है। 1336 करोड़ रुपये का बोली मूल्‍य पर यह पैकेज सदभावना इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्‍ट लिमिटेड को दिया गया है।

हालांकि परियोजना की लम्‍बाई केवल 93 किलोमीटर है, लेकिन यह नैनीताल को जोड़ने के लिए महत्‍वपूर्ण है। इसमें रामपुर, विलासपुर और हल्‍दवानी कस्‍बों पर तीन बाईपास होंगे। यह परियोजना ढाई वर्ष में पूरी होगी।

इस परियोजना के पूर्ण हो जाने पर दिल्‍ली से नैनीताल और उत्‍तराखंड के आगे की यात्रा का समय और खर्च कम हो जाएगा।

योग दिवस पर, राजपथ पर प्रधानमंत्री मोदी का पूरा भाषण

देशभर में और विश्‍वभर में योग से जुड़े हुए सभी महानुभाव 

आज कभी किसी ने सोचा होगा कि ये राजपथ भी योगपथ बन सकता है। UNO के द्वारा आज अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस का आरम्‍भ हो रहा है। लेकिन मैं मानता हूं आज 21 जून से अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस से न सिर्फ एक दिवस मनाने का प्रारम्‍भ हो रहा है लेकिन शांति, सद्भावना इस ऊंचाइयों को प्राप्‍त करने के लिए, मानव मन को Training करने के लिए एक नए युग का आरम्‍भ हो रहा है। कभी-कभार बहुत-सी चीजों के प्रति अज्ञानतावश कुछ विकृतियां आ जाती हैं। सदियों से ये परम्‍परा चली है, कालक्रम में बहुत सी बातें उसमें जुड़ी हैं। 

मैं आज ये कहना चाहूंगा कि सदियों से जिन महापुरूषों ने, जिन ऋषियों ने, जिन मुनियों ने, जिन योग गुरूओं ने, जिन योग शिक्षकों ने, जिन योग अभ्‍यासियों ने सदियों से इस परम्‍परा को निभाया है, आगे बढ़ाया है उसमें विकास के किंद-बिंदु जोड़े भी हैं। मैं आज पूरे विश्‍व के ऐसे महानुभावों को आदरपूर्वक नमन करता हूं और मैं उनका गौरव करता हूं। 

ये शास्‍त्र किस भू-भाग में पैदा हुआ, किस भू-भाग तक फैला, मैं समझता हूं मेरे लिए उसका ज्‍यादा महत्‍व नहीं है। महत्‍व इस बात का है कि दुनिया में हर प्रकार की क्रांति हो रही है। विकास की नई-नई ऊंचाइयों पर मानव पहुंच रहा है, technology एक प्रकार से मनुष्‍य जीवन का हिस्‍सा बन गई है, बाकी सब बढ़ रहा है। बाकी सब तेज गति से बढ़ रहा है, लेकिन कहीं ऐसा तो न हो कि इंसान वहीं का वहीं रह जाए। अगर इंसान वहीं का वहीं रह गया और विश्‍व में सारी की सारी व्‍यवस्‍थाएं विकसित हो गईं तो यह mismatch भी मानव जाति के लिए संकट का कारण बन सकता है और इसलिए आवश्‍यक है कि मानव का भी आंतरिक विकास होना चाहिए, उत्‍कर्ष होना चाहिए। 

आज विश्‍व के पास योग एक ऐसी विद्या है और जिसमें विश्‍व के अनेक भू-भागों के अनेक रंग वाले लोगों ने, अनेक परंपरा वाले लोगों ने अपना-अपना योगदान दिया है। उन सबका योगदान स्‍वीकार करते हुए अंतर्मन को कैसे विकसित किया जाए, अंतर–ऊर्जा को कैसे ताकतवर बनाया जाए, मनुष्‍य तनावपूर्ण जिंदगी से मुक्‍त हो करके शांति के मार्ग पर जीवन को कैसे प्रशस्‍त करे, ज्‍यादातर लोगों के दिमाग में योग, यानी एक प्रकार से अंग-मर्दन का कार्यक्रम है। मैं समझता हूं यह सबसे बड़ी गलती है। योग, यह अंग-उपांग मर्दन का कार्यक्रम नहीं है। अगर यही होता तो circus में काम करने वाले बच्‍चे योगी कहे जाते और इसलिए सिर्फ शरीर को कितना हम लचीला बनाते हैं, कितना मोड़ देते हैं, वो योग नहीं है। हमने कभी-कभार देखा है संगीत का बड़ा जलसा चलता हो और संगीत के जलसे के प्रारंभ में, जो वाद्य बजाने वाले लोग हैं वो अपने-अपने तरीके से ठोक-पीट करते रहते हैं। कोई तार ठीक करता है, कोई तबला ठीक करता है, कोई ढोल ठीक करता है, पांच मिनट-सात मिनट लगते हैं, तो जो दर्शक होता है उसको लगता है कि यार ये शुरू कब करेंगे, जिस प्रकार से संगीत शुरू होने से पहले ये जो ताल-ठोक का कार्यक्रम होता है और बाद में एक सुरीला संगीत निकलता है। ये ताल-ठोक वाला कार्यक्रम पूरे संगीत समारोह में बहुत छोटा होता है, ये आसन भी पूरी योग अवस्‍था में उतना ही उसका हिस्‍सा है। बाकी तो यात्रा बड़ी लंबी होती है और इसीलिए उसी को जानना और पहचानना आवश्‍यक हुआ है। और हम उस दिशा में ले जाने के लिए प्रयत्‍नरत हैं। 

मैं आज UNO का आभार व्‍यक्‍त करता हूं। दुनिया की 193 countries का आभार व्‍यक्‍त करता हूं, जिन्‍होंने सर्वसम्‍मति से इस प्रकार के प्रस्‍ताव को पारित किया और मैं उन 177 देशों का आभार व्‍यक्‍त करता हूं जिन्होंने co-sponsor बन करके योग के महत्व को स्‍वीकारा और आज सूरज की पहली किरण जहां से प्रारंभ हुई और चौबीस घंटे के बाद सूरज की आखिरी किरण जहां पहुंचेगी। सूरज की कोई भी किरण ऐसी नही होगी, सूरज की कोई यात्रा ऐसी नहीं होगी कि जिन्हें इन योग अभ्यासियों को आशीर्वाद देने का मौका न मिला हो। पहली बार दुनिया को यह स्‍वीकार करना होगा कि अब ये सूरज योग अभ्यासियों की जगह से कभी ढलता नही है वो पूरा चक्र जहां सूरज जाएगा, वहां-वहां योग अभ्यास मौजूद होगा। ये बात आज दुनिया में पहुँच चुकी है।

मन, बुद्धि, शरीर और आत्‍मा ये सभी संतुलित हो, संकलित हो, सहज हो इस अवस्था को प्राप्त करने में योग की बहुत बड़ी भूमिका होती है। मै आज इस महान पर्व के प्रारंभ के समय, ये सिर्फ और सिर्फ मानव कल्याण का कार्यक्रम है, तनाव मुक्त विश्व का कार्यक्रम है, प्रेम, शांति, एकता और सद्भावना का कार्यक्रम है, संदेश पहुंचाने का कार्यक्रम है और इसे जीवन में उतारने का कार्यक्रम है। 

मैं इस कार्यक्रम के लिए हृदय से बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। पूरे हिंदुस्‍तान में, हर गली-मोहल्‍ले में जो योग का माहौल बना है, उस माहौल को हम निरंतर आगे बढ़ाएंगे। इसी एक अपेक्षा के साथ आप सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 

आआपा के 21 विधायकों के खिलाफ जल्द जारी होगी चार्जशीट

तमाम विवादों से घिरी हुई आम आदमी पार्टी के लिए मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं. केंद्र सरकार के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस पार्टी के 21 विधायकों के खिलाफ चार्जशीट दर्ज करने की तैयारी कर रही है.

इन विधायकों के खिलाफ बीते दो साल में जो मामले दर्ज हुए हैं, दिल्ली पुलिस अब उन पर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है. बताया जाता है कि इन विधायकों में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के भी नाम हैं. दिल्ली पुलिस के थानों में इन 21 विधायकों के खिलाफ कुल 24 केस दर्ज हैं.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ छह मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. इनमें से दो मामले गैर-जमानती हैं. इन पर जुलाई के पहले हफ्ते में सुनवाई होनी है.

इनमें स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी शामिल हैं. इसके अलावा महिलाओं से बदसलूकी के मामले में कोंडली के विधायक मनोज कुमार, फर्जी डिग्री के मामले में जितेंद्र तोमर, महिलाओं से बदसलूकी मामले में विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी और दहेज उत्पीड़न के मामले में सोमनाथ भारती के खिलाफ चार्जशीट दर्ज करने की तैयारी है.

मुस्लिम आक्रान्ताओं के नाम वाले साइन बोर्डो पर कालिख पोती

मुस्लिम शासकों और आक्रान्ताओं के नाम पर रखी गई सड़कों के नाम वाले रोड साइन पर हिंदू संगठन शिव सेना हिंदुस्‍तान ने कालिक पोत दी। इसके अलावा उस पर पोस्‍टर भी चिपका दिए गए। पोस्‍टर में लिखा था भारत में इस्‍लामीकरण मंजूर नहीं। सफर में मुश्‍िकलें आएं तो हिम्‍मत बढ़ती है। कोई अगर रास्‍ता रोके तो जरूरत और बढ़ती है। जय हिंद! जय भारत!

शिव सेना हिंदुस्‍तान के नाम से लगाए गए इन पोस्‍टरों में राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के रूप में राजिंदर सिंह, राष्‍ट्रीय महासचिव चरण सिंह, राष्‍ट्रीय सचिव दिनेश कुमार, सचिव विनय सोनकर का नाम लिखा है। संगठन के अध्‍यक्ष राजिंदर सिंह ने बताया कि करीब 17 सदस्‍यों ने तीन टीमों में बंटकर इस अभियान को 13-14 मई की रात में 11 से एक बजे के बीच पूरा किया।

यह पूछे जाने पर कि ऐसे करने से उन्‍हें पुलिस कार्रवाई का डर नहीं लग रहा है। राजिंदर ने कहा कि उन्‍हें शिकायत दर्ज करने दें। यदि देश का कानून हमें दोषी पाता है, तो हम सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। हमने कोई वास्‍तविक नुकसान नहीं किया है। यह प्रतीकात्‍मक नुकसान है।

पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार को हम इस बारे में कई बार पत्र लिख चुके हैं। हम इस देश जिसे हिंदुस्‍तान कहते हैं, वहां मुस्लिमों के नाम पर सड़कों का नाम रखने का विरोध दर्ज करा चुके हैं। सभी हिंदू अब नरेंद्र मोदी जैसी हमारे नेता की ओर देख रह हैं और उम्‍मीद है कि वह हमारी चिंता को लेकर कुछ समाधान जरूर करेंगे।

दिल्ली में रैन बसैरों को बनाने के लिए खरीदी जा रही है जमीन

आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय में राज्यमंत्री श्री बाबुल सुप्रियो ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी कि जून, 2014 के दिल्ली सरकार द्वारा किये गए एक सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 1366 महिलाओं और 1648 बच्चों समेत कुल 16,760 लोग बेघर पाए गए थे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के अनुसार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं कि सर्दियों में सभी बेघर लोगों को रैन बसैरों में जगह मिले। दिल्ली शहर आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) दिल्ली विकास प्रधिकरण के साथ दिल्ली के विभिन्न भागों में पांच और भू-खंडों को खरीदने के लिए मामले को उठा रहा है, जिसका ब्यौरा इस प्रकार हैः

(i) सेक्टर 26, सेवा केन्द्र, द्वारका
(ii) सेक्टर 26, फेस-II (एचएएफ, पॉकेट-II), द्वारका
(iii) सेक्टर 18, पॉकेट एफ, रोहिणी
(iv) नरेला, मंडी के पास, और
(v) नरेला, ट्रक टर्मिनल के पास

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय शहरी आजिविका मिशन (एनयूएलएम) के अंतर्गत 'शहरी बेघर लोगों के आश्रय हेतु स्कीम' के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस संबंध में पता लगाए गए सात स्थानों पर स्थाई रैन बसेरों के निर्माण के लिए कार्रवाई की जा रही है, जिनका ब्यौरा इस प्रकार हैः-

i.                   आईएफसी, गाजीपुर
ii.                   सेवा केन्द्र, सेक्टर-9, द्वारका
iii.                   पीएसपी क्षेत्र, सेक्टर-22, द्वारका
iv.                   ककरोला, सेक्टर-16-बी, द्वारका
v.                   ओसीएफ पॉकेट, आईएफसी, नरेला
vi.                   सेक्टर-5, रोहिणी
vii.                   नांगलोई, फेस-II

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में रैन बसेरों का जिलावार ब्यौरा इस प्रकार हैः-

राजस्व जिला
कुल
केन्द्रीय
75
पूर्वी
12
नई दिल्ली
13
उत्तरी
16
उत्तरी पूर्वी
09
उत्तरी पश्चिम
07
शहादरा
08
दक्षिण
02
दक्षिण पूर्व
16
दक्षिण पश्चिम
06
पश्चिम
20
पश्चिम
184

जमीन घोटालों में फंसते देख दामाद जी अपनी चार कंपनियां बंद की

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने डीएलएफ जमीन घोटाले को लेकर मुश्किल बढ़ती देख अपना कारोबार समेटना शुरू कर दिया है। वाड्रा ने 12 में से 4 कंपनियां बंद कर ली हैं, ये कंपनियां हरियाणा और राजस्थान में काम कर रही हैं। 2 और कंपनियां जल्द ही बंद हो सकती हैं। जिन कंपनियों को बंद कर दिया है उनके नाम हैं।

लाइफलाइन एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, ग्रीनवेव एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, राइटलाइन एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड, प्राइम टाइम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड। जल्द ही दो और कंपनियां भी बंद होने वाली हैं। मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के मुताबिक फ्यूचर इंफ्रा एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, बेस्ट सीजनंस एग्रो प्राइवेट लिमिटेड। ये कंपनियां 2012 में बनाई गई थीं।

एक अंग्रेजी अखबार का दावा है कि सीएजी की ड्राफ्ट रिपोर्ट में वाड्रा पर 44 करोड़ के गड़बड़झाले का आरोप है। अंग्रेजी अखबार के मुताबिक सीएजी की रिपोर्ट में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उन्हें कानून तोड़ने का मौका दिया, जिससे वाड्रा ने करीब 44 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।

गडकरी मानहानि मामले में दिग्गी के खिलाफ वारंट

दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ आज जमानती वारंट जारी किया है। भाजपा नेता नितिन गडकरी द्वारा दिग्विजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि मामले में कोर्ट में पेश न होने पर अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है। मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा ने नितिन गडकरी को भी अगली सुनवाई की तारीख 10 नवंबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है। कोर्ट का कहना है कि अगर गडकरी उस दिन अदालत में पेश नहीं हुए तो उनकी याचिका खारिज कर दी जाएगी। गडकरी ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ यह याचिका 2012 में दर्ज कराई थी।

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने नितिन गडकरी पर आरोप लगाया था कि उनके व्यापारिक संबंध अजय संचेती से हैं। सिंह के वकील ने आवेदन कर दिग्विजय सिंह को कोर्ट में सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने से छूट देने का अनुरोध किया था जिसका गडकरी के वकीलों ने विरोध किया।

उधर, गडकरी ने कोर्ट में दर्ज कराए अपने बयान में संचेती के साथ किसी तरह का व्यापारिक संबंध होने से इन्कार किया है साथ ही संचेती का कहना है कि दिग्विजय सिंह के आरोप बेबुनियाद व राजनिती से प्रेरित हैं। उधर, दिग्विजय सिंह ने कोर्ट के आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया में ट्वीट करते हुए कहा है कि वह अब भी अपने बयान पर कायम हैं। उनका अब भी कहना है कि गडकरी व्यापारी राजनितिज्ञ हैं।

'आप' का पंजीयन हो सकता है रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग से आम आदमी पार्टी के पंजीयन से संबंधित जानकारी देने को कहा है। कोर्ट ने आप के पंजीयन में गड़बड़ी को लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह जानकारी मांगी है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि 'आप' अपने लेटर हेड और अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय चिह्न [अशोक चक्र] का इस्तेमाल करती है, जो कि संविधान का उल्लघंन है। 

कोई भी गैरसरकारी संस्था या व्यक्ति को अधिकार नहीं है कि वह राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग करे। मामले की अगली सुनावाई २ मई को होगी।

हिंदूओं का मजाक उड़ाने वाली पुस्तक वापिस लेगा पेंगुइन इंडिया

मशहूर प्रकाशक पेंगुइन  इंडिया ने अमेरिकी लेखिका वेंडी डोनिजेर की किताब 'द हिंदूः एन ऑल्टरनेटिव हिस्ट्री' की सभी प्रतियों को वापस लेऔर उन्हें नष्ट करने का फैसला किया है।  एक संगठन के साथ कोर्ट में हुए समझौते के बाद  प्रकाशक ने यह फैसला किया है। 

दिल्ली की अदालत में पेंगुइन इंडिया और 'शिक्षा बचाओं आंदोलन' के बीच हुए समझौते के मुताबिक प्रकाशक इस किताब की सभी प्रतियों को वापस लेगा। इस समझौते पर पिछले महीने दोंनों पक्षों ने सहमति जताई थी लेकिन यह सोशल मीडिया पर लीक हो गया। प्रकाशक छह महीनों के भीतर भारत से किताब की सभी कॉपियां वापस लेगा और इसकी बिक्री, प्रकाशन और वितरण पर  रोक लगाएगा। 

पेंगुइन ने यह पुष्टि नहीं की है कि उसने किसी समूह के साथ ऐसा कोई समझौता किया है लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने कानूनी पचड़े में पड़ने के बजाय किताब वापस लेने का फैसला सही समझा। हालांकि प्रकाशक ने यह कहते हुए मामले पर सफाई दी है, 'हम दुनियाभर में सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।'

शिक्षा बचाओं आंदोलन नाम के एक संगठन ने 2011 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। संगठन का कहना है कि डोनिजेर की किताब भारतीयों , खासकर हिंदूओं का मजाक उड़ाती है और यह तथ्यात्मक गलतियों से भरपूर है। 

लेखिका वेंडी डोनिजेर
पेंगुइन और डोनिजेर को भेजे गए लीगल नोटिस में संगठन ने कहा था किताब को 'ईसाई मिशनिरियों के अंदाज ' में लिखा गया है। 

इसमें हिंदू परंपराओं के बारे में कई भ्रामक विचार दिए हैं। इसके चलते उन्होंने हिन्दुओं की मान्यताओं, परंपराओं और व्याख्याओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। यह पुस्तक वर्ष 2009 में प्रकाशित हुई थी। 

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