क्या हिन्दूराष्ट्र की स्थापना 6 दिसम्बर 1992 में हो चुकी है


गुलामी का प्रतीक कहा जाने वाला अयोध्या का श्रीराम मंदिर का पुराना ढांचा 06 दिसम्बर 1996 को गिर गया। इसलिए हिन्दू देवता के मंदिर की मुक्ति के बाद अब हिन्दू राष्ट्र के लिए कोई संघर्ष बाकी नहीं है।

उक्त विचार महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जय शिव सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओंकारनाथ त्रिपाठी ने अखाड़ा गुरु पंथ त्रिशूल भगवान यात्रा के दौरान व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा कि अब केवल हिन्दू राष्ट्र के ढांचे को मजबूत करते हुए भारत के नियम, विधान और संविधान में केवल कुछ संशोधन करना बाकी रह गया है। जो अब धीरे धीरे हो रहा है। जय शिव सेना भारत की पूज्य पाद वेद रक्षित धर्मगुरु त्रिशूल भगवान की शोभा यात्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओंकारनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में भव्य रूप से निकाली गई।

केंद्रीय यात्रा संयोजक विशाल साहनी ने बताया कि पूज्य पाद वेद रक्षित धर्मगुरु त्रिशूल भगवान (अखाड़ा गुरु पंथ) की यात्राएं करेली, सदियापुर, हर्षवर्धन नगर, मीरापुर, अतरसुइया, लाल डिग्गी होते हुए बाबा दर्वेश्वरनाथ मंदिर से त्रिशूल भगवान और बाबा दरवेश्वरनाथ की पूजा भोग आरती के पश्चात नकाशकोना पहुंची। जहां मुट्ठीगंज एवं गढ़ीकला की यात्राएं एकत्रित हुई। इसके उपरांत सभी यात्राएं हिम्मतगंज होते हुए खुल्दाबाद गुरुद्वारा, गाड़ीवान टोला, स्टेशन रोड होते हुए जानसेनगंज, घंटाघर, लोकनाथ, रामभवन, मुट्ठीगंज, आर्य कन्या कॉलेज, चंद्रलोक चौराहा, जीरो रोड, घंटाघर, कोतवाली स्थित कोतवालेश्वर बाबा मंदिर में पूजा आरती की गई।

तत्पश्चात् सम्पूर्ण यात्रा यहां से चल कर माता कल्याणी देवी मंदिर पहुंची। मंदिर में सभी यात्रा संयोजकों द्वारा माताजी की आरती एवं मंदिर के पीठाधीश्वर द्वारा त्रिशूल भगवान की पूजा आरती एवं प्रसाद वितरण कर यात्रा का समापन हुआ। यात्रा में दर्जनों रथ, झांकियां, बैंड बाजा, घोड़े एवं ध्वज पताकाएं यात्रा को सुशोभित कर रही थीं।

यात्रा में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष ओंकारनाथ त्रिपाठी, महामंत्री राजेश केसरवानी, प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अभिषेक सिंह, विशाल साहनी, बब्बन सिंह, सुधीर गेठे, दुर्गेश नंदिनी, बिरजू सोनकर, बादल केसरवानी, मोनू सेठ, अभिलाष केसरवानी तथा अनुज अग्रवाल ने यात्रा व्यवस्था का दायित्व संभाला। दिगंबर त्रिपाठी, राजीव बंटी, अवनीश शुक्ला, राजेश केसरवानी, संतोष अग्रहरी, आनंदजी टंडन, अनूप केसरवानी नेयात्रा मार्ग में मंचीय व्यवस्था संभाला।

राम मंदिर हेतु यहाँ चार साल से लगातार हो रहा है हनुमान चालीसा का पाठ

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त करने के लिये वृंदावन के संत कोशिश में हैं। यहां एक कुटी में करीब चार साल से अनवरत सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है।

करीब चार साल पहले का वाकया है। अयोध्या में विवादित भूमि के मसले पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने वाला था। तब विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने संगठन और साधु-संतों से पूरे देश में हनुमान चालीसा का पाठ करने और कराने का फरमान जारी किया था। इसका पालन करते हुए विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय कर्ता-धर्ताओं ने वृंदावन में भी श्री हनुमत शक्ति जागरण परिषद का गठन कर गांव-गांव और हरेक मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कराना शुरू किया। 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद धीरे-धीरे विश्व हिंदू परिषद की यह गतिविधि बंद हो गई लेकिन वृंदावन के बड़े संतों में से एक और विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल के सदस्य महंत फूल डोल बिहारी दास महाराज के आश्रम चैतन्य कुटी पर सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ चार साल से अब भी लगातार हो रहा है। महंत फूल डोल बिहारी दास महाराज ने मंगलवार को बताया कि रोजाना सुबह-शाम साढ़े सात बजे से इसका पाठ शुरू होता है। इसमें अनेक साधु-संत और श्रद्धालु शामिल होते हैं। 

महंत फूल डोल बिहारी दास ने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर निर्माण होने तक लगातार चलता रहेगा। मोदी का प्रधान मंत्रित्व कार्यकाल समाप्त होने तक अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर भी बनेगा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 भी हटेगी और समान नागरिक संहिता भी लागू होगी।

श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए वीएचपी केंद्र पर दबाव बनाएगी

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा और संगठन इस काम को करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। तोगड़िया ने संवाददाताओं से कहा कि विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए वीएचपी केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी।

प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि संगठन की स्थापना के 50 साल पूरे होने के अवसर पर वीएचपी ने 21 से 23 नवंबर के बीच देश भर में पांच हजार स्थानों पर रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। वीएचपी नेता ने कहा कि इन सभी स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे और इस दौरान अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के महत्व के बारे में लोगों को बताया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में लोगों को गौरक्षा, धर्मांतरण और हिंदू धर्म की रक्षा के बारे में भी बताया जाएगा। ‘लव जेहाद’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तोगड़िया ने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ इस तरह के किसी भी षड्यंत्र का जवाब हिंदू समुदाय स्वयं देगा।

कभी भी गिर सकता है रामलला का अस्थाई मंदिर

अयोध्या में रामलला का अस्थाई मंदिर खतरे में है. मंदिर में लगाई गईं 12 बल्लियां सड़ गई हैं और बोझ उठाने के काबिल नहीं हैं.

मंदिर की तिरपाल की छत चार बड़ी व 28 पतली बल्लियों के सहारे टिकी है. सड़ चुकी बल्लियों को बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी है. विशेष परिस्थितियों में ही यहां किसी तरह का बदलाव या सुधार किया जा सकता है. इसकी प्रक्रिया शुरू भी की जा चुकी है, कोर्ट में यह अर्जी पेश भी की गई है. यहां की देखरेख अधिग्रहीत क्षेत्र के रिसीवर द्वारा की जाती है. कमिश्नर यहां के पदेन रिसीवर हैं.

इसके अलावा इलाहाबाद हाइकोर्ट के आदेश पर जिला जज स्तर के दो न्यायिक अधिकारी तथा रामजन्मभूमि स्वामित्व वाद के पक्षकार प्रत्येक सप्ताह में रविवार को यहां जायजा लेकर रिपोर्ट हाइकोर्ट को भेजते हैं.

बल्लियों के सड़ने के बारे में करीब चार माह पूर्व ही इस टीम ने भी रिपोर्ट दी है. बीते रविवार को दो न्यायिक अधिकारियों टीएम खान (जिला जज वाराणसी) और एसके सिंह (जिला जज उन्नाव) ने वाद के पक्षकारों व उनके वकीलों के साथ यहां का निरीक्षण किया था. बल्लियों के सड़ने से जो स्थिति है, उससे मुख्य ढांचे को सीधा खतरा तो नहीं माना जा रहा है, लेकिन तेज आंधी या तूफान आने पर ढांचा ढह सकता है.

मंदिर के लिए आदोंलन करने वाले हिन्दू संगठन कहाँ है ?

भाजपा सत्ता में हो या कोई और, राम मंदिर बनकर रहेगा - तोगड़िया

राम मंदिर का सत्ता से कोई लेना-देना नहीं है। राम मंदिर बनवाना विश्व हिंदू परिषद का संकल्प है। यह बनकर रहेगा। चाहे भाजपा सत्ता में हो या कोई और पार्टी। यह कहना है विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डा. प्रवीण भाई तोगड़िया का।

डा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद सभी राजनैतिक दलों पर दबाव बनाकर हिंदुओं के कल्याण के लिए कार्य करेगी। 

यदि सरकार मुसलमानों के बच्चों को छात्रवृत्ति दे रही है तो हिंदुओं के बच्चों को छात्रवृत्ति दे। इसी प्रकार सरकार यदि रोजगार के लिए मुसलमान युवाओं को फंड मुहैया करवा रही है तो सरकार को हिंदुओें के बच्चों को फंड उपलब्ध करवाना होगा। 

वह मंगलवार को सनातन धर्म मंदिर में विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित धर्म रक्षा निधि कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस मौके पर तोगड़िया ने कहा कि जो व्यक्ति हिंदुओं की चिंता नहीं करेगा, उसे भविष्य में भारत में राजनीति नहीं करने दी जाएगी। 

उन्होंने कहा कि हिंदू एक समाज का नाम है, एक संस्कृति, एक राष्ट्र, एक सभ्यता एवं एक धर्म का नाम है। आज से तीन हजार साल पहले धरती पर केवल हिंदू थे। अमेरिका, अफ्रीका और अरब देशों में भी हिंदू संस्कृति ही थी। महाभारत काल से पहले तक तो हिंदुओं में जातियां भी नहीं थीं। 

बाद में जगह एवं व्यवसाय के नाम पर जातियां बनीं। जिन्होंने हिंदू समाज को मजबूत बनाने का काम किया। उन्होंने कहा कि इस देश पर धर्म शत्रुओं के पांव रखने के बाद बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जाने लगी। कुछेक पाखंडी देश को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

लेकिन भारत अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र है। एक दिन अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र का सपना अवश्य साकार होगा। हिंदूओं ने प्राणों से भी बढ़कर धर्म की रक्षा की है। 

गुरु गोबिंद सिंह के शहजादों ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर मिसाल कायम की। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे गोहत्या, हिंदुओं के धर्मांतरण का विरोध, राममंदिर निर्माण में सहयोग देकर धर्म की रक्षा में सहयोग करें। 

उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा देश भर में 48 हजार गांवों में प्राथमिक स्कूल चलाए जा रहे हैं। जिसमें करीब 45 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। 148 छात्रावासों सहित अस्पताल एवं डिस्पेंसरी चलाई जा रही हैं। इसके अलावा देश भर में हिंदू हेल्पलाइन सेवा चलाई जा रही है। 

जिसके तहत कोई भी हिंदू जरूरत के समय 02066803300 पर फोन करके सहायता मांग सकता है। 

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आरकेएसडी शिक्षण संस्थाओं के महासचिव साकेत मंगल, अध्यक्षता मोहनलाल गुप्ता सहित विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष कांती लाल सैनी, जिला अध्यक्ष प्रो. प्रेम चंद, रविभूषण गर्ग, अशोक गोयल, नरेंद्र गुप्ता, श्याम बंसल, राजपाल तंवर, संजय भारद्वाज, चंद्रभान मित्तल, राजेश सर्राफ, नरेंद्र जिंदल, वीरेंद्र छौत, सतपाल गुप्ता और अन्य लोग मौजूद रहे।

कुर्बानी दे कर भी अयोध्या में श्रीराम का मंदिर बनायेंगे - तोगड़िया

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर हर हाल में बनाकर रहेंगे, चाहे इसके लिए कितनी बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। तोगड़िया भूतनाथ मंदिर सराय मंडी में विहिप द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हिंदू सृष्टि का सबसे प्राचीन समाज है जिसकी परंपरा अखंड रही है। भले ही हिंदू कई जातियों-उपजातियों में बंटे हुए हैं लेकिन पुरखे एक हैं। देश की सभ्यता का नाम हिंदू है। जिनकी सभ्यता है, उन्हीं का राष्ट्र पर अधिकार है। अयोध्या में राम मंदिर बनाने से कोई ताकत हिंदुओं को रोक नहीं सकती है। विहिप देश में एक भी हिंदू का धर्मातरण नहीं होने देगी। विहिप हिंदुओं को धर्मातरण से बचाने, राम सेतू, राम मंदिर व अमरनाथ की लड़ाई लड़ रही है। देश में किसी भी हिंदू को भूखा, शिक्षा रहित व स्वास्थ्य विहीन नहीं रहने देंगे। देश के 100 करोड़ हिंदू दिन में अपने खाने से अगर एक मुट्ठी अनाज भी बचाएंगे तो हर भूखे को भरपेट खाना मिलेगा। विहिप एक हेल्पलाइन सेवा पांच जनवरी से शुरू करेगी। 

इसके माध्यम से हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने चिंता जताई कि हिंदुओं ने धर्म की रक्षा करना छोड़ दिया है। हिंदुओं की इसी कमजोरी का फायदा दूसरे मजहब के लोग उठा रहे हैं। विहिप देश के किसी भी कोने में हिंदुओं की रक्षा के लिए वचनबद्ध है चाहे वह कश्मीर हो, केरल या असम। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में सोशल मीडिया से जुड़ें तथा इसका इस्तेमाल हिंदुत्व के जागरण के लिए करें। विहिप इसके लिए हर कस्बे में हिंदू प्रवक्ता बनाएगी। वहीं, नागरिक अधिकार मंच मंडी के संयोजक सरदार हरमीत सिंह बिट्टू ने तोगड़िया को सिरोपा भेंट किया। कार्यक्रम में पायल वैद्य, खेमचंद शास्त्री, प्रांत संगठन मंत्री मनोज व मीडिया प्रभारी राहुल सोलंकी भी उपस्थित थे।

रामलला मंदिर के टेंट बदलने को लेकर मुस्लिम संघठन सहमत

हिंदू-मुस्लिम संगठनों ने अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर निगरानी के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक हटाने का विरोध किया है। दोनों पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पर्यवेक्षकों के रहने से स्थिति में बदलाव होने की आशंका नहीं रहेगी। 

हालांकि, दोनों पक्ष रामलला का तिरपाल, पन्नी व रस्सियां बदलने पर दोनों पक्ष राजी हैं। ये बातें सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से दाखिल नोट (पत्रक) और भगवान राम विराजमान के निकट मित्र की ओर से दायर हलफनामे में कही गई हैं। मामले की सुनवाई सोमवार को होगी।

मालूम हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्टार जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर पक्षकार बनाए जाने और राम जन्मभूमि स्थान की निगरानी के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों को वापस बुलाए जाने की अनुमति मांगी हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 26 मार्च 2003 को दो सत्र न्यायाधीशों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। पर्यवेक्षक हर 15 दिन पर राम जन्मभूमि का दौरा कर अपनी रिपोर्ट देते हैं।

रजिस्ट्रार की अर्जी में कहा गया है कि हाई कोर्ट का फैसला आ चुका है और अब दोनों न्यायिक अधिकारियों को पर्यवेक्षक के कार्य से मुक्त कर दिया जाए। दूसरी ओर, फैजाबाद के कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट से रामलला की सुरक्षा के लिए लगे तिरपाल, पन्नी और रस्सियों को बदलने की अनुमति मांगी है। कहा गया है कि पहले भी कोर्ट के आदेश पर फटे तिरपाल, पन्नी और रस्सियों को बदला जाता रहा है। 

इस मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस आफताब आलम और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की पीठ के समक्ष सोमवार को सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने एक नोट (पत्रक) पेश किया। उन्होंने कहा कि रामलला का तिरपाल, पन्नी और रस्सियां बदले जाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन ऐसा पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में होना चाहिए ताकि कोर्ट का यथास्थिति कायम रखने का आदेश प्रभावित न हो। बोर्ड ने पर्यवेक्षक हटाने की हाई कोर्ट की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि मामले में यथास्थिति के लिए पर्यवेक्षकों का बना रहना जरूरी है।

हाँ मेरे इशारे पर गिराया गया था बाबरी ढांचा - कल्याण सिंह


उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने यह कहकर सनसनी फैला दी है कि अयोध्या का विवादित ढांचा उन्हीं के इशारे पर गिराया गया था। उत्तर प्रदेश के एटा में उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद गिराए जाने की पूरी जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने कहा कि मैंने ही आदेश दिया था कि कारसेवकों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

करीब 20 साल बाद कल्याण सिंह ने बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा, 'जहां तक 6 दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचे को गिराए जाने का सवाल है, तो यह जिम्मेदारी मैं अपने ऊपर लेता हूं। मैंने ही आदेश दिया था कि कारसेवकों पर गोली नहीं चलेगी। इसीलिए प्रशासन ने गोली नहीं चलाई। मैंने यह आदेश भी दिया था कि अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाए।' कल्याण सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने मामले की जांच कर रहे लिब्रहान कमिशन के सामने भी यही बयान दिया था।

गौरतलब है कि जिस वक्त अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी, उस वक्त कल्याण सिंह यूपी के मुख्यमंत्री थे। इन दिनों कल्याण सिंह की बीजेपी में वापसी की अटकलें चल रही हैं। एटा में कल्याण सिंह ने कहा कि राष्ट्रवादी ताकतों को एकजुट करने के मकसद से वह अपने दल 'जन क्रांति पार्टी' का बीजेपी में विलय कर देंगे। बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी ऐसे संकेत दे चुके हैं कि कल्याण की पार्टी में वापसी हो सकती है।

यूपी की राजनीति के हाशिए पर पहुंच चुके कल्याण सिंह ने एक बार फिर से राम मंदिर मुद्दा उछालने की कोशिश की है। इस वक्त 20 साल पुराने मुद्दे पर बयान देकर वह खोया हुआ जनाधार वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। भले ही 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के साथ ही कल्याण सिंह की सरकार भी गिर गई थी, लेकिन इसी मुद्दे को भुनाकर बीजेपी केंद्र में सरकार बनाने में कामयाब रही थी।

Mosque & Islamic Centre near Sri Rama Janmabhumi won’t be allowed - Singhal


“The word is in the air for some months now that Sri Mulayam Singh Yadav is wanting to acquire a land bang next to the 70-acre acquired land around Sri Rama Janma Bhumi. Sri Mulayam Singh Yadav and Smt. Sonia Gandhi have ganged up towards this end. For this a retired Judge of the Allahabad High Court has been engaged for about two years now to make efforts to evolve a so-called consensus,” said the VHP Patron Sri Ashok Singhal in a media briefing.   

He said: “Regarding the Sri Rama Janma Bhumi it is the view of all the Sants of the country that on the acquired 70-acre land only a huge temple to Sri Ram Lala would be built and the construction of no new mosque would take place within the scriptural and cultural rim and perimeter of Ayodhya. From the labors being put in by the Hon’ble Judge it seems that Sri Mulayam Singh Yadav wants to build a mosque and an Islamic Cultural Centre on the said plot of land (where an Ara/saw machine stands) adjoining the 70-acre acquired land of the Central Government. The Islamic forces are compelling him to do so.”

 “That is why the word is in the air that the acquiring job the SP government of U.P. will do and the UPA Government led by the Sonia-led Congress would siphon off funds for the plan. Regarding Sri Rama Janma Bhumi if a reckless decision is taken that would lead to grave consequences,” warned Sri Singhal.   

“The pressure of Jihadi forces in entire Uttar Pradesh is getting unbearable for the Hindu society. Incidents of pulling up and removal of Murtis (images of divinities) from temples or their amputation are mounting in the State. The ripping up (burglary) of the image of Maa Devkaali recently in Ayodhya is a burning example. Especially the timing of the eve of the Navaratras chosen to break or sever the images to practice iconoclasm is designed to compellingly provoke the society. The Akhilesh Yadav led SP Government has proved to be totally incapable of preventing such incidents,” Sri Singhal alleged.

अयोध्या में रामलला गर्भगृह में ही मंदिर,मस्जिद दोनों का प्रस्ताव


विराजमान रामलला के स्थल अर्थात गर्भगृह में राममंदिर का निर्माण करने व अधिग्रहीत परिसर में युसुफ आरामशीन के पास मस्जिद निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। विवाद के समाधान के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति पलोक बसु के संरक्षकत्व में दो वर्षो से चल रही मुहिम में इस चरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाधान के इस प्रस्ताव में उच्च न्यायालय से मुस्लिम समुदाय को मिली जमीन को उद्यान के रूप में विकसित करने पर सहमति बनती दिख रही है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति पलोक बसु के संयोजन में तुलसी स्मारकभवन सभागार में हुई इस बैठक की समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई। रसिकपीठ जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जनमेजय शरण की अध्यक्षता में इस बैठक के सभी चार प्रस्तावों को बैठक में पारित होने के बाद अयोध्या -फैजाबाद के लोगों की सहमति के बाद मंडलायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार के पास भेजने पर विचार हुआ। तय किया गया कि इन प्रस्तावों पर अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर की सहमति के बाद राज्य सरकार के माध्यम सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचाया जाए।

इस अवसर समाधान समिति के प्रवक्ता ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट ने कहा कि अयोध्या विवाद के निपटारे के लिए अयोध्या-फैजाबाद के लोगों की सहमति व इसमें बाहरी लोगों को प्रवेश न देने, विवादित स्थल का दक्षिणी हिस्सा उद्यान के रूप में विकसित करने, मस्जिद के निर्माण के लिए अधिग्रहीत परिसर स्थित युसूफ आरामशीन के पास जमीन देने, विराजमान रामलला के स्थान पर मंदिर निर्माण का प्रस्ताव कई बैठकों में मौजूद लोगों की राय के आधार पर तैयार किया गया है।

कांग्रेस के घोषणापत्र में बाबरी मस्जिद पर घोर आपत्ति - गडकरी


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा है कि बाबरी मस्जिद को लेकर कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र में कही गयी बातें अदालत की अवमानना हैं और भाजपा इस मुद्दे पर कानूनी सलाह लेकर कार्यवाही करेगी.

गडकरी ने साक्षात्कार में कहा, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनउ पीठ के आदेश से स्पष्ट है कि जिस जगह रामलला विराजमान हैं वह राम जन्मभूमि ही है... इसके बावजूद कांग्रेस उसे बाबरी मस्जिद बता रही है जो अदालत की अवमानना है. उन्होंने कहा कि अदालत ने राम जन्मभूमि के बारे में स्पष्ट मत रखा है और अब यह मामला उच्चतम न्यायालय में लम्बित है.

गडकरी ने कहा, राम जन्मभूमि परिसर को विवादित स्थल का नाम देकर और उसकी सुरक्षा की बात करके कांग्रेस ने न्यायालय का अपमान किया है और यह अदालत की मूल भावना के खिलाफ़ है. उन्होंने कहा, कांग्रेस की यह बात अदालत की अवमानना है और हम इस सिलसिले में कानूनी राय लेकर कार्रवाई करेंगे.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, भगवान राम पूरे देश की अखंडता का प्रतीक हैं, यह किसी हिन्दू या मुस्लिम से जुड़ा मामला नहीं है. भाजपा की दृष्टि में अयोध्या में सभी वर्गो के सहयोग से भव्य राम मंदिर का निर्माण होना चाहिये. यह पूरे देश के लोगों की इच्छा है.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने कल जारी अपने चुनाव घोषणापत्र में कहा, बाबरी मस्जिद विवाद के न्यायसंगत समाधान की पैरवी की जाएगी. सभी दलों को अदालत के फ़ैसले का पालन करना होगा. यदि बातचीत के जरिये समाधान किया जाता है, तो वह विवाद से सम्बन्धित पक्षों के बीच होगा और इसकी कानूनी मंजूरी आवश्यक होगी.

लिब्रहान आयोग की रपट झूठ का पुलिंदा - सीबीआई

लिब्रहान आयोग की रपट को सीबीआई ने एक बार फिर से खारिज कर दिया है। सीबीआइ ने स्पष्ट कर दिया है कि अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराने के लिए किसी साजिश के तहत धन जुटाए जाने की आयोग की आशंका निराधार है। सीबीआइ ने पिछले साल ही आयोग की रपट के आधार पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी समेत कुछ अन्य भाजपा व संघ नेताओं की भूमिका की नए सिरे से जांच से इंकार कर दिया था, पर गृह मंत्री पी. चिदंबरम चाहते थे कि नए सिरे से जांच होनी चाहिए।

सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय के अनुरोध पर ढांचा ध्वंस के लिए जुटाए गए धन के स्रोतों की विस्तृत जांच की गई, लेकिन ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला, जिससे पता चले कि साजिश के तहत बड़ी मात्रा में धन जुटाया गया था। उनके अनुसार, 6 दिसंबर, 1992 को कारसेवा के आयोजन से जुड़ी संस्थाओं एवं ट्रस्टों के सभी खातों की जांच कर ली गई है। कार सेवा के दौरान ट्रस्टों व संस्थाओं के खातों में महज कुछ लाख रुपये ही जमा थे, वो भी लंबे समय में धीरे-धीरे जमा हुए थे। उक्त तिथि को ही विवादित ढांचा गिराया गया था।

विवादित ढांचा गिराए जाने के सभी पहलुओं की जांच कर साजिश में शामिल भाजपा एवं विहिप नेताओं के खिलाफ 1993 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और अदालती कार्रवाई भी चल रही है। लिब्रहान आयोग ने इनके साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अन्य कई भाजपा एवं संघ नेताओं की भूमिका की जांच करने की सिफारिश कर दी थी। अधिकारियों का मानना है कि ऐसा सिर्फ रिपोर्ट को सनसनीखेज बनाने के लिए किया गया है।

लिब्रहान आयोग :

गठन : विवादित ढांचा गिराए जाने के दस दिनों के भीतर 16 दिसंबर, 1992 में लिब्रहान आयोग का गठन किया गया।

सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एम एस लिब्रहान के नेतृत्व में एक सदस्यीय आयोग को 3 माह के भीतर यानि 16 मार्च, 1993 को रिपोर्ट सौंपनी थी। आयोग तय समय सीमा में रिपोर्ट नहीं दे सका। लिहाजा, आयोग को बार-बार विस्तार दिया गया, अंतिम रूप से 30 जून, 2009 को न्यायाधीश लिब्रहान ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को रिपोर्ट सौंपी

वर्ष : 16 साल 7 माह [16 दिसंबर 1992-30 जून 2009]

विस्तार : 48 बार

बैठकें : 399

खर्च : करीब नौ करोड़

बाबरी विध्वंस मामले में आडवाणी पर मामला समाप्त नहीं-सीबीआई

अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के मामले को लेकर सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह आडवाणी के खिलाफ साजिश रचने का मामला समाप्त करने के खिलाफ है। सीबीआई ने कहा कि इस मामले में आडवाणी के साथ साथ अन्य नेताओं और कार सेवकों पर भी मामला चलें। विवादित ढांचा गिराने के मामले को लेकर दो एफआईआर दर्ज की गई है। 

एफआईआर नंबर 197/92 कारसेवकों के खिलाफ दर्ज की गई थी जबकि एफआईआर नंबर 198/92 में आडवाणी,मुरली मनोहर जोशी,उमा भारती,विनय कटियार,अशोक सिंघल,गिरिराज किशोर,विष्णु हरि डालमिया और साध्वी ऋतम्भरा का नाम है। इन सभी पर भड़काऊ भाषण के जरिए कार सेवकों को उकसाने का आरोप है। 

सीबीआई ने हाल ही में दायर शपथ पत्र में कहा कि यह संभव नहीं है कि पहली प्राथमिकी से कुछ को हटा दिया जाए,क्योंकि ढांचा गिराने में उनका सीधा हाथ नहीं था। दोनों एफआईआर अलग नहीं हैं।

भारत माता को देवी और उनके हर पुत्र को भाई मानकर राष्ट्र सेवा करें - भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा बाहर से देखकर संघ को समझ पाना बहुत मुश्किल है। यह संगठन स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुष को आदर्श मानकर परिस्थितियों का डटकर सामना करने में विश्वास करता है।

उन्होंने स्वयंसेवकों को भारत माता को देवी और उनके हर पुत्र को भाई मानते हुए राष्ट्र सेवा करने की नसीहत दी।वह रविवार को यहां अवध प्रांत से जुड़े 22 जिलों के स्वयंसेवकों की सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संघ स्वयंसेवकों के बूते चलता है। उनकी संख्या ही हमारा प्राण है। इसी संख्या बल से हमारा आत्मबल बढ़ता है और हमारी वाणी का प्रभाव पड़ता है।भागवत ने कहा कि संघ के लिए शाखा ही सब कुछ है। शाखा में एक भी सदस्य की अनुपस्थिति का पूरे संघ पर प्रभाव पड़ता है। भागवत ने कहा कि जब परिवेश ठीक रहेगा तभी देश का विकास होगा।

हमारे संतों-महापुरुषों ने परिवेश को ठीक करने के लिए ही जीवन समर्पित कर दिया। इसी कारण वे हमारे आदर्श बने हैं।उन्होंने स्वामी विवेकानंद की अयोध्या यात्रा जिक्र करते हुए बंदरों से उनके संघर्ष व डटकर खड़े होने पर बंदरों के भागने के प्रसंग का उल्लेख किया। कहा कि डटकर खड़े होने अथवा परिस्थितियों का सामने करने से ही विजयश्री मिलती है। भारत माता को देवी व उनके प्रत्येक पुत्र को अपना भाई मानकर कर्म करने की आवश्यकता है। इस कार्य में यदि तरुणाई भी जुट जाय तो देश की तकदीर बदल जाएगी।

सर संघचालक ने कहा कि हमें हिंदू होने का अभिमान करना चाहिए। देश में स्वार्थ के आधार पर राजनीति हो रही है और जातिवाद का जहर घोला जा रहा है। इन परिस्थितियों से उबरते हुए हमें योग्य भारत का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि संकट के समय आपकी सुसुप्त शक्तियां जाग्रत हो जाती हैं।

यदि हम इसी को हमेशा जाग्रत रखें तो हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने इतिहास-संस्कृति से सबक लेकर आगे बढ़ना चाहिए।इस अवसर पर विहिप के संरक्षक अशोक सिंघल, सह संघचालक देवेंद्र प्रताप, प्रांत संघ चालक धीरज अग्रवाल भी मौजूद रहे। संचालन अनिल मिश्र ने किया।

मुझे श्री राम मंदिर निर्माण तक चैन नहीं - आडवाणी

उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार करने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी [भाजपा] के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पहले ही दिन शनिवार को राम मंदिर मुद्दे को हवा देते हुए कहा कि उन्हें तब तक चैन नहीं मिलेगा जब तक अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता।

अयोध्या में एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए आडवाणी ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य है। मुझे तब तक चैन नहीं मिलेगा जब तक जहां रामलला विराजमान हैं, वहां भव्य राम मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता।

आडवाणी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि जहां रामलला विराजमान हैं, उस स्थान को राम का जन्मस्थान मानने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट भी सही ठहराएगा।

अयोध्या सीट से भाजपा उम्मीदवार लल्लू सिंह के पक्ष में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करने के बाद आडवाणी ने रामलला के दर्शन किए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ केंद्र की सत्ता में भी बदलाव की जरूरत है। दोनों सरकारें जनविरोधी हैं और इनके शासन में आम आदमी त्रस्त हो गया है।

कालेधन के मुद्दे को उठाते हुए आडवाणी ने कहा कि अगर सरकार विदेशों में जमा सारा कालाधन वापस लाकर गरीबों में बांट दिया जाए तो देश की गरीबी दूर हो जाएगी।

सोमनाथ से अयोध्या के लिए अपने जीवन की पहली रथयात्रा निकालने वाले आडवाणी ने कहा कि मैंने उस रथयात्रा में यह सीखा कि अगर देश को जागृत करना है तो रथयात्रा से बेहतर कुछ और नहीं हो सकता।

राम मंदिर निर्माण अवश्य होगा, उसे कोई टाल नहीं सकता - महंत नृत्य गोपाल दास

हिन्दू संगठनों को बदनाम करने, विशेष कर आतंकी संगठनों से तुलना किये जाने से अयोध्या के परम संत एवं रामजन्म न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास आहत हैं। कहते हैं कि अंधेरा कितना भी घना क्यों हो उसका अंत निश्चित होता है। रात के बाद प्रभात शाश्वत सत्य है। देश भी इस समय बुरी परिस्थिति से गुजर रहा है। साधु संतो को योजनाबद्ध ढंग से बदनाम किया जा रहा है। न्यायालय से राम जन्म भूमि का निर्णय आने के बावजूद राष्ट्र विरोधी तत्व मंदिर निर्माण की राह में रोड़ा अटका रहे हैं, पर वह सफल नहीं होंगे। जन्मभूमि पर शीघ्र ही भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा।

महंत नृत्य गोपाल दास शनिवार को यहां बस्ती आगमन पर सवांददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यक वोट के लिए हिन्दू समाज को कटघरे में खड़ा कर रही है। भगवा आतंकवाद का शिगूफा इसी साजिश का नतीजा है। हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। राम मंदिर निर्माण अवश्य होगा, उसे कोई टाल नहीं सकता।

योजना का खुलासा करते हुए नृत्य गोपाल दास ने कहा कि हनुमत शक्ति जागरण के माध्यम से देश भर में पांच हजार धर्म सभाएं हो रही हैं। हनुमत शक्ति के जागरण से मंदिर निर्माण में आने वाली हर बाधा स्वत: समाप्त हो जाएगी।

उन्होंने दु:ख व्यक्त किया कि सरकार देश भक्ति के पर्याय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर आतंकवादी संगठन होने का आरोप लगा रही है, जबकि किसी भी जांच में संघ के पदाधिकारी दोषी नहीं पाए गए हैं। सरकार को प्रतिबंध लगाना है तो जेहादी संगठनों पर लगाए जो देश को बर्बाद करने पर तुले हैं।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। अयोध्या की पहचान रामजन्म भूमि से है। मंदिर अपने मूल स्थान पर ही बनेगा, इसे कोई ताकत रोक नहीं सकती। राम जन्म भूमि न्यास इसके लिए संकल्प ले चुका है।

मैंने रामचरित मानस पढ़कर हिन्दी सीखी है - आडवाणी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को हिन्दी नहीं आती थी। आडवाणी ने खुद यह खुलासा किया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सिहोर जिले में स्थित गृहगांव जैत में एक समारोह को संबोधित करते हुए आडवाणी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि "मैं जब भारत आया था, उस समय सिर्फ सिंधी भाषा मुझे आती थी और मैं सिंधी में ही बातचीत करता था।" आडवाणी के अनुसार "मैंने रामचरित मानस पढ़कर हिन्दी सीखी है।"

उल्लेखनीय है कि आडवाणी स्वामी अवधेशानंद के रामायण पाठ में शिरकत कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा भी आडवाणी के साथ मौजूद थे। इस मौके पर आडवाणी ने दोहराया कि सभी लोगों के सहयोग से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जरूर होगा।

रामजन्मभूमि की 67 एकड़ भूमि न मिली तो फिर होगा आन्दोलन - सिंघल

विश्व हिन्दू परिषद ने आज कहा कि रामजन्मभूमि की 67 एकड़ भूमि राममंदिर के निर्माण के लिए नहीं आवंटित की गयी तो वह नए सिरे से आंदोलन शुरू करेगी।

परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंघल ने संवाददाताओं से यहां कहा, ‘‘ भगवान राम के जन्मस्थान पर भव्य मंदिर के लिए हमें पूरी भूमि की जरूरत है। ’’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम एक महीने में शुरू हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ राममंदिर के निर्माण के लिए कोई नया आंदोलन नहीं होगा और विहिप इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा करेगा। ’’ सिंघल ने लेकिन कहा कि अगर केंद्र सरकार द्वारा अधिग्रहीत 67 एकड़ भूमि मंदिर के लिए नहीं दी गयी तो संगठन व्यापक आंदोलन करेगा।

उन्होंने कहा कि वास्तुविदों के अनुमान के अनुसार निर्माण कार्य शुरू होने पर डेढ़ साल में मूर्तियां स्थापित की जा सकेंगी। ‘‘ लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने में ज्यादा समय लगेगा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमने रामभक्तों से दान देने के लिए अपील की है और कार्य जल्दी ही शुरू होगा। ’’

अयोध्या मुद्दे पर हिन्दू महासभा ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी

अखिल भारत हिन्दू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में विवादास्पद जमीन के मालिकाना हक के बारे में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।

हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने सुप्रीम कोर्ट पहुंच कर हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। इससे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड और जमाते उलेमा ए हिन्द ने भी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खटखटाए थे। हाई कोर्ट के फैसले में विवादास्पद भूमि को तीन हिस्सों में बांटते हुए उसके दो हिस्से हिन्दुओं और एक मुसलमानों को दिया गया है।

हिन्दू महासभा ने अपनी याचिका में अनुरोध किया है कि सुप्रीम कोर्ट 30 सितंबर को न्यायमूर्ति धर्मवीर द्वारा दिए गए अल्पमत फैसले का समर्थन करे। इस फैसले में पूरी भूमि हिन्दुओं को सौंपने की बात कही गयी थी।

हिन्दू महासभा की याचिका में कहा गया कि न्यायमूर्ति एस. यू. खान और न्यायमूर्ति सुधीर द्वारा दिए गए फैसले को दर किनार किया जाए, जिसमें एक तिहाई संपत्ति को मुस्लिमों के पक्ष में दिया गया है।

अयोध्या में मस्जिद का निर्माण किसी भी कीमत पर नहीं - तोगडि़या

विहिप ने मंगलवार को चंडीगढ़ में कहा कि अयोध्या में विवादित भूमि पर मस्जिद का निर्माण किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा चाहे इसके लिए कितना भी त्याग क्यों करना पड़े।

विहिप के महासचिव प्रवीण तोगडि़या ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हम नई मस्जिद का निर्माण नहीं होने देंगे, इसके लिए 40 लाख कुर्बानियां भी देनी पड़ी तो देंगे। हम संसद से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उस स्थल पर राम जन्म की बात स्वीकार करके विहिप का समर्थन किया है।

तोगड़िया ने कहा कि रामलला की जमीन का एक इंच भी मस्जिद निर्माण के लिए नहीं दिया जाएगा। हिंदू संगठन जल्द ही सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। तोगड़िया ने कहा कि पूरे 67 एकड़ की जमीन पर राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए विहिप ने देशव्यापी अभियान शुरु किया है।

उन्होंने जम्मू कश्मीर की स्थिति को लेकर सवाल उठाने वाले हुर्रियत के नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारुख की आलोचना करते हुए कहा कि उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

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