The Sad state of a Hindu Sandhvi...


  • Saadhvi Pragya Singh Thakur was only allowed up to 4 narcotics test. In spite of these orders the Indian government and ATS performed more than 17 tests on the poor soul.
  • Today half of her body has been paralyzed and has cancer due to the toxicity of these tests. She needs support to sit … let alone walk.
  • The courts had ordered that the saint be provided free treatment in the government hospital… but the doctors at the hospital are threatened by the ATS…
  • Sadhvi ji’s sister’s husband appealed to the court that they will gladly take care of her but the court rejected the appeal.
This is what wikepedia says about Sadhvi..

Thakur is one of the prime accused in the Malegaon blasts case of September 29, 2008. Mumbai’s Anti Terrorist Squad (ATS) claimed that Sadhvi Pragya Singh Thakur formed a group to take revenge for the Mumbai train bomb blasts and that her motorcycle was used in bomb blast. This motorcycle was a key evidence in the arrest of Sadhvi.[5] She sold the motorcycle in 2004, to a Rashtriya Swayamsevak Sangh volunteer who was later murdered (as some Hindu groups claim) by members ofSIMI.On 19 January 2009, Maharashtra Police filed a 4000 page charge sheet for the Malegaon Blast. According to this charge sheet Lt Col Prasad Purohit is the main conspirator who provided the explosives and Sadhvi Pragya Singh Thakur arranged the persons who planted the explosive. On April 11, 2008, Sadhvi Pragya Singh and Lt Col Prasad Purohit met in Bhopal.

In this meeting both agreed to for cooperation in carrying out the blast.However, the Maharashtra Control of Crime Act was dropped against Thakur in July 2009 due to the fact that Thakur was not proven to be a member of an organized crime syndicate.


”2008,2009,2010,2011.. 3 and a half year , she is in custody of ATS and ATS could not prove the case.. What does that mean ? They have got a motor cycle as an evidence against her, which she has sold it to some other ? They perform narcotic tests and even could not get a confession ? What more proof do we want to believe that she is innocent ?Now even if sheis guilty, she is only involved in a conspiracy of murdering a few, but then what about Binayak Sen who was a terror courier ? His “bail” was celebrated like he has been proved “not guilty”. This Sadhvi does not even get a bail, not even the hindu organisations speak about this lady, fearing they will be targetted !


Wikipedia also saysUma Bharati, Founder president of Bharatiya Jan Shakti (BJS), defended Sadhvi Pragya Singh Thakur and said “The Sadhvi is not a violent-minded person and she was an Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) activist. She cannot be involved in any subversive activity”[9] Uma Bharati also offer party ticket of upcoming election to Sadhvi Pragya Singh Thakur [10]

Baba Ramdev called Sadhvi Pragya Singh Innocent and said he is with her. RSS leader Ram Madhav said that allegations against Sadhvi are baseless and they support Sadhvi.[11]
Vishwa Hindu Parishad (VHP) launched a campaign against the arrest of Sadhvi and others.[12]
Right wing parties, Abhinav Bharat and Hindu Mahasabha, also announced for the full legal support of Malegaon blast accused, including Sadhvi Pragya Singh Thakur.[13]
In a speech Pramod Muthalik, chief of Sri Ram Sena, declared Sadhvi Pragya Singh Thakur as a symbol of revolution, she is revolutionary (Kranti Kari). He compared her with Kittur Chanamma, Jhansi ki Rani and Bhagat Singh. He said that people must not call her a terrorist, as this will hurt the current revolution of country.[14]

Where are all these people and organisations who supported her ? mysteriously silent ?

Let us force the government to Hang her if she is guilty, But what if she is innocent ? The curse of a sadhvi is enough to burn an entire race !! So brothers and sisters let us try hard to bring justice to this woman, in what so ever form she deserves…!

विद्यार्थी परिषद ने एमटीवी रोडीज़ के ऐंकरों के मुंह पर कालिख पोती

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पुणे में एमटीवी के शो रोडीज़ के ऐंकरों पर हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक रिऐलिटी शो रोडीज के तीन एंकरों के मुंह काले करके उन्हें पुणे से बाहर कर दिया गया।

एबीवीपी का आरोप है कि ये लोग नैशनल टीवी पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। इस मुद्दे पर चैनल ने कोई टिप्पणी नहीं की है।

एबीवीपी पुणे के सेक्रेटरी शैलेंद्र दलवी ने कहा, हमने रघु राम, राजीव लक्ष्मण और रनविजय सिंह का मुंह काला कर दिया और चेतावनी दी कि वे पुणे की जमीन पर फिर कदम न रखें। वे अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। इसलिए हमें यह कदम उठाना पड़ा।

अब इम्पोर्टेड कीड़ों से होगा कांग्रेस का सफाया ..

'कांग्रेस घास' देश के एक लाख 60 हजार 516 करोड़ रुपए अब तक चट कर चुकी है। अब कृषि वैज्ञानिक इसके खिलाफ नए सिरे से कमर कस रहे हैं।

गाजर घास के 'कांग्रेस घास' नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम 'पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस' है। यह एक खरपतवार है। यह 1950 के दशक में अमेरिका से मिले पीएल-480 किस्म के गेहूं के साथ भारत आई थी। यह फसलों और पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचाती ही है, इंसानी सेहत के लिए भी खतरनाक है।

इसके एक पौधे में 25-30 हजार बीज पैदा होते हैं और हवा के साथ उड़कर ये दूर-दूर तक पहुंच जाते हैं। त्वचा से इन बीजों का संपर्क होने पर ऐसी एलर्जी हो जाती है, जिसका इलाज वैज्ञानिक अब तक नहीं ढूंढ पाए हैं। इसके कारण स्किन काली पड़ जाती है और उस पर फुंसियां निकल आती हैं। इसके बीजों के संपर्क में आने पर अस्थमा भी हो सकता है। दिल्ली जैसे महानगरों में भी इस घास की चपेट में आने वाले लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है। जानवरों के लिए भी यह घास खतरनाक है। इसका प्रसार अनाज उत्पादन में कमी के लिए भी जिम्मेदार है।

'कांग्रेस घास' पिछले 55 सालों में देश की करीब 350 लाख हेक्टेयर जमीन पर पैर फैला चुकी है। इसमें से लगभग 20 लाख हेक्टेयर जमीन खेती की है। करगिल से लेकर अंडमान निकोबार और दिल्ली तक इसने पैर पसार लिए हैं।

जबलपुर स्थित डायरेक्टरेट ऑफ वीड साइंस रिसर्च के निदेशक डॉ. जे. जी. वार्ष्णेय बताते हैं कि पूरे देश से इसका नामोनिशान मिटाने के लिए मेक्सिको से जायगोग्रैम्मा बाइकोलोराटा नाम के एक कीट के आयात का फैसला किया गया है। यह 'कांग्रेस घास' को चट कर जाता है। इसके ट्रायल के नतीजे खासे अच्छे रहे हैं। केमिकल्स की मदद से भी इसे खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। लोगों को इस घास और इसके दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया जा रहा है।

उनका कहना है कि जायगोग्रैम्मा बाइकोलोराटा को देश के हर इलाके में भेजा जाएगा। दूरदराज के इलाकों में इसे डाक से भेजने के लिए पैकेजिंग की सुरक्षित तकनीक का विकास कर लिया गया है। ऐसी तकनीक का विकास भी कर लिया गया है , जिससे इस कीट की पूरे साल ब्रीडिंग होती रहे। जाड़ों और गर्मियों में आमतौर पर इसकी ब्रीडिंग नहीं होती। यह फसलों और अन्य वनस्पतियों को नुकसान नहीं पहुंचाता।

शांति भूषण को बिना लॉट्री के ही मिल गए प्लाट

जन लोकपाल बिल ड्राफ्ट करने के लिए बनी समिति के सह अध्यक्ष शांति भूषण के पाक-साफ होने पर उठ रहे सवाल और गहरा गए हैं। शांति और उनके बेटे जयंत भूषण ने उत्तर प्रदेश सरकार से 7 करोड़ रुपये के दो फार्महाउस बाजार दर से करीब चौथाई कीमत में ही हासिल कर लिए हैं। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने विवेकाधीन कोटे से दोनों पिता-पुत्र के नाम ये फार्महाउस अलॉट किए हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण से मांग की है कि वे जन लोकपाल बिल का मसौदा तैयार कर रही कमेटी से इस्तीफा दें।

शांति भूषण ने पिछले सप्‍ताह अपनी संपत्ति की घोषणा करते हुए बताया कि नोएडा में 10 हजार वर्ग मीटर का खेती लायक एक प्‍लॉट उनके पास है। लेकिन अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्‍सप्रेस' के मुताबिक उन्‍होंने यह नहीं बताया कि यह जमीन उत्‍तर प्रदेश की मायावती सरकार ने विवेकाधीन कोटे से यह जमीन उन्‍हें अलॉट की थी। यही नहीं, सरकार ने उनके वकील बेटे जयंत भूषण को 10 हजार वर्गमीटर का एक और फार्महाउस अलॉट किया। जयंत ने नोएडा पार्क मामले में अदालत में मायावती सरकार की पैरवी भी की थी।

यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि सरकार द्वारा विवेकाधीन कोटे से किसी को जमीन का आवंटन करने का मसला भ्रष्‍टाचार पर बने मंत्रियों के समूह (जीओएम) के एजेंडे में अहम मुद्दा है। हालांकि जयंत भूषण ने एक टीवी चैनल से बातचीत में मीडिया में आ रही इन खबरों को पूरी तक 'बकवास' करार दिया है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।

दरअसल नोएडा में इस जमीन के आवंटन का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मुकदमे की विषय वस्‍तु है। यह मुकदमा एक अन्‍य आवंटी पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह की ओर से दायर किया गया है। इन्‍होंने इन आवंटनों को रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उन्‍हें बतौर 'सजा' इस फार्महाउस का 'खराब' हिस्‍सा आवंटित किया गया। इसके बाद उन्‍होंने इस फार्महाउस के आवंटन के तरीके को लेकर कई बार शिकायतें की हैं।

विकास सिंह के मुताबिक हर फार्महाउस की कीमत साढ़े तीन करोड़ रुपये है और आवंटियों को आवंटन के समय इसका महज 10 फीसदी यानी 35 लाख रुपये देने थे। बाकी रकम 16 किश्‍तों में देनी थी।

लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने वाली संयुक्‍त समि‍ल में शामिल सिविल सोसायटी के नुमाइंदों ने हाल में अपनी संपत्ति का ब्‍यौरा सार्वजनिक किया था। समिति की पहली बैठक से पहले ही शांति भूषण विवादों में आ गए जब उनकी एक कथित सीडी सामने आई। सिविल सोसायटी के सदस्‍यों का आरोप है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।

इधर कांग्रेस उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा ने कहा है कि इस विवाद के बाद शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण को जन लोकपाल बिल बनाने वाली कमेटी से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांति भूषण को पूरे मामले की जानकारी का खुलासा करना चाहिए।

सत्य साई बाबा की हालत लगातार गंभीर

शरीर के कई अंगों के सुचारू रूप से काम नहीं करने के कारण उपचाराधीन सत्य साई बाबा की हालत लगातार गंभीर बनी हुयी है।

सत्य साई इंस्टीच्युट ऑफ हायर मेडिकल साइंसेस द्वारा आज सुबह में जारी बुलेटीन में कहा गया है ‘‘इलाज के दौरान शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों सहित उनके जिगर में न्यूनतम प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जिसको लेकर उनका इलाज कर रहे डॉक्टर चिंतित हैं।’’

इसमें बताया गया है कि वह अभी भी जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। उनका उच्च रक्त चाप लगातार उपर-नीचे हो रहा है जिसे दवाओं के जरिए काबू में रखा गया है।

इस बीच, श्री सत्य साईबाबा सेन्ट्रल ट्रस्ट :एसएसएससीटी: ने कोष की हेराफेरी या किसी तरह की अवैध खर्च संबंधी मीडिया में आयी खबरों का खंडन किया है।

बौखलाई कांग्रेस का अन्ना पर पलटवार

लोकपाल बिल को पटरी से उतारने की कोशिश की तोहमत जड़ते हुए संप्रग नेतृत्व को कठघरे में खड़ा करने को लेकर कांग्रेस ने समाजसेवी अन्ना हजारे पर जवाबी आक्रामक वार किया है।

सोनिया
गांधी को लिखे गए खत से बौखलाई कांग्रेस ने साफ कहा है कि अन्ना और उनकी टीम राजनीतिक नेताओं की जुबान पर जिस तरह की तालाबंदी चाहती है वह तो लोकतंत्र को मौत की राह पर ले जाएगा।

इस बयान के जरिए वस्तुतः कांग्रेस ने पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह और संचार मंत्री कपिल सिब्बल की शिकायत वाले सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उठाए गए सवालों को दरकिनार कर दिया है। इतना ही नहीं परोक्ष रूप से कांग्रेस ने यह संदेश भी अन्ना और उनकी टीम को दे दिया है कि पार्टी दिग्विजय के बयानों से पूरी तरह इत्तफाक रखती है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने दिग्विजय की अन्ना के अनशन से लेकर लोकपाल बिल मसौदा समिति के सिविल सोसाइटी के सदस्यों पर उठाए सवालों को दुष्प्रचार अभियान मानने से इनकार करते हुए कहा कि निजी विचार जाहिर करना कोई अपराध नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार पर जब बहस छिड़ी है तो कई तरह के सवाल उठेंगे ही, ऐसे में भारत सरीखे मुखर लोकतंत्र में विचारों की अभिव्यक्ति को कैसे रोका जा सकता है। मनीष ने कहा कि बहस में दूसरे पक्ष के विचारों पर तालाबंदी की शर्त रखना तो लोकतंत्र को मौत की ओर ले जाने सरीखा होगा। वहीं संप्रग सरकार के सियासी गलियारे में भी अन्ना के बयान को लेकर असहजता की स्थिति है।

सरकार
से जुड़े शीर्ष सूत्रों का साफ कहना है कि जब भ्रष्टाचार पर अन्ना की इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने उच्च नैतिक मानदंड की लक्ष्मण रेखा देश के सामने तय कर दी है तो उनके सदस्यों को भी इसकी कसौटी पर कसने के लिए तैयार होना चाहिए। दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल के कार्यालय ने भी बयान जारी कर पलटवार करते हुए अन्ना के पत्र पर ही सवाल उठाए। सिब्बल ने कहा कि मसौदा समिति की बातें लीक कराने का उनके आरोप तथ्यों से परे है।

Download DDA Draw Results List

DDA Housing Scheme 2010

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मेरे कहने पर अन्ना मोदी की तारीफ वाला बयान वापिस लेंगे - अग्निवेश

स्वामी अग्निवेश ने कहा कि गुजरात से जुटायी गयी सूचनाएं मिल जाने के बाद अन्ना हजारे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करने वाला अपना बयान वापस ले लेंगे.

अग्निवेश
ने यहां कहा, ‘(मोदी के बारे में) हजारे के बयान पर मैं और अन्य कार्यकर्ता महसूस करते हैं कि उनका गुजरात के बारे में स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है और उनकी जानकारियां मीडिया की खबरों पर आधारित है.’उन्होंने कहा कि वह यहां जानकारियां जुटाने और देश के सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं को यह संतुष्टि दिलाने आए हैं कि हजारे का बयान उनके कुछ झुकाव के कारण नहीं बल्कि उनके पास मौजूद सूचनाओं पर आधारित है.

अग्निवेश
ने कहा, ‘हजारे ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा था कि यदि उन्हें पूरी जानकारी मिलती है तो वह उसे सचाई के रूप में स्वीकारेंगे और उसके आधार पर वह मोदी की सराहना करने वाला अपना बयान वापस भी ले सकते हैं.’उन्होंने कहा, ‘आज मैंने जानकारियां इकट्ठी की हैं जिसे मैं कल अन्ना के साथ साझा करूंगा. मेरा मत है कि अन्ना मोदी की प्रशंसा करने वाला अपना बयान वापस ले लेंगे.’

झूठे आरोप लगाने पर दिग्गी को नोटिस

लोकपाल विधेयक का स्वरूप तय करने के लिए गठित संयुक्त समिति में सिविल सोसायटी के प्रतिनिधि प्रशांत भूषण ने कहा है कि वह कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह को एक कानूनी नोटिस भेजेंगे। सिंह ने उन्हें और उनके पिता शांति भूषण पर इलाहाबाद की एक सम्पत्ति पर स्टांप शुल्क अदा न करने का आरोप लगाया है।

पेशे से वकील भूषण ने एक टेलीविजन चैनल पर कहा, ' दिग्विजय सिंह आरोप लगाने के लिए लोगों को चुनते हैं...अब कांग्रेस की जवाब देने की बारी है कि उनके महासचिव ने संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल किए बगैर कैसे आरोप लगा दिए। ' भूषण ने कहा कि वह सिंह को कानूनी नोटिस भेजेंगे।

आरोपों को खारिज करते हुए भूषण ने पत्रकारों को पहले बताया था कि उस मकान को उनके पिता ने खरीदा जो एक किराएदार की सम्पत्ति थी। उन्होंने कहा, ' मकान का स्टांप शुल्क करीब 666,000 रुपए था जिसका भुगतान किया गया और इस संबंध में एक आवेदन स्टांप शुल्क कलेक्टर को भेजा गया। ' भूषण ने कहा, ' आवेदन में यह भी कहा गया कि यदि इसके बाद भी शुल्क बनता है तो उसका भुगतान कर दिया जाएगा। ' उन्होंने कहा कि इस बारे में वह शीघ्र ही पूरे विवरण जारी करेंगे।

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