नेपाल के साथ हमारी गहरी मैत्री और सदियों पुराने संबंध: सुषमा स्वराज
Press statement issued by Smt Sushma Sawaraj
Smt Sushma Sawaraj
It is a matter of honour for the country. It is question of the morale of our armed forces. The Government has to act. And the Government has to act tough.
Headquarter Incharge
अन्ना दो कौड़ी का आदमी है - कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव हरिप्रसाद

रिकॉर्ड से साबित हुआ सुषमा स्वराज का सच
गृह मंत्रालय में मौजूद राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक कारिकॉर्ड साबित करता है कि बीजेपी नेता सुषमा स्वराज केबयान के बाद पीडीपी नेता महबूबा ने जो कहा , वह सचनहीं है। परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री और सभी दलों केप्रमुख नेताओं व प्रतिष्ठित हस्तियों के बीच महबूबा खुलकरबोली थीं।उन्होंने कश्मीर को लेकर यूपीए सरकार कीखुलकर आलोचना भी की थी। गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड केमुताबिक , महबूबा ने कहा था , ' मैं पिछले दिनों चेन्नै गईथी। वहां एक मुस्लिम व्यवसायी से मेरी मुलाकात हुई।उसने बताया कि वह हाल ही में गुजरात के मुख्यमंत्री (नरेन्द्र मोदी ) से मिला तो बहुत प्रभावित हुआ। '
उन्होंनेआगे कहा , ' आज हमें किसी तरह के कदम उठाने कीजरूरत है। किसी तरह की पहल होनी चाहिए। लेकिन हमइस दिशा में ऐसी पहल की कमी महसूस कर रहे हैं। ' बातआगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा , ' बिना कश्मीर के भारत की आत्मा अधूरी है। साथ ही भारतीय राष्ट्रवाद भी अधूराहै। '
वाजपेयी की तारीफ करते हुए पीडीपी नेता ने कहा था , ' आज भी लोग वाजपेयी की प्रशंसा करते हैं क्योंकिउन्होंने कश्मीरियों से संवाद कायम किया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब यह पहल नहीं की जा रही है। वाजपेयीने न तो कश्मीर को पाकिस्तान को दे दिया और न ही कश्मीरियों को आजादी दी थी। ' उन्होंने कश्मीर के भारतसे रिश्तों पर कहा था , ' सुरक्षाबलों के कारण कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है। वास्तविकता यह है कि भारत (मेनलैंड ) के साथ कश्मीर का आध्यात्मिक रिश्ता है। '
सेना की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ' भारत की फौज दुनिया की सबसे अनुशासित फौज है। ' लेकिन थलसेनाध्यक्ष की उम्र के विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि सेना में कुछ ऐसे लोग भी हैं , जो उसकी साख पर बट्टालगा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिन्होंने फर्जी मुठभेड़ों में लोगों को मारा है , उन्हें सजा मिले।
उत्तरी कश्मीर में मिली सामूहिक कब्रों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मांग की थी , ' इन कब्रों की जांच के लिएन्यायिक आयोग गठित किया जाए। अगर आप कश्मीर के निर्दोष मुसलमानों के हत्यारों को कानून की जद में लेआते हैं और फिर आप चाहे अफजल गुरु को फांसी दो या राजीव गांधी के हत्यारों को , आप पर कोई उंगली नहींउठेगी। '
प्रधानमंत्री ने जनता के साथ विश्वासघात किया - सुषमा स्वराज
मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि जब तक पाकिस्तान मुंबई हमलों के संबंध में ठोस और पर्याप्त कार्रवाई नहीं करता, तब तक उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी.लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री पर विदेश सचिव स्तरीय वार्ता आगे बढ़ाकर देश की जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया.भाजपा की वरिष्ठ नेता ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि इस देश के मतदाताओं से प्रधानमंत्री ने वादा किया था. चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि जब तक पाकिस्तान इस मुद्दे पर ठोस और पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर लेता तब तक हम बातचीत नहीं करेंगे. लेकिन उन्होंने बातचीत कर जनता के साथ विश्वासघात किया है.
उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रधानमंत्री से बेहद सीधे शब्दों में कहा था कि जब तक सीमा पार आतंकवाद नहीं रूकता, तब तक बातचीत करने का कोई अर्थ नहीं है. उन्होंने कहा कि लेकिन वे फिर भी बातचीत कर रहे हैं.भारत और पाकिस्तान के बीच दो दिवसीय विदेश सचिव स्तरीय वार्ता गुरुवार से इस्लामाबाद में शुरू हो गयी.
पार्टी में कोई अनबन या मतभेद नहीं - भाजपा
रेड्डी बंधुओं के मुद्दे पर सुषमा स्वराज के बयान से उपजे विवाद को देखते हुए भाजपा ने रविवार को कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी में कोई अनबन नहीं है।सुषमा और पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच कथित मतभेद के बारे में पूछने पर भाजपा की प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, 'पार्टी में कोई अनबन या मतभेद भी नहीं है।'भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शनिवार को बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था कि कर्नाटक में मंत्रियों के चुनाव पर मीडिया में चल रहा विवाद बिल्कुल अनावश्यक है।भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येद्दयुरप्पा ने विवादास्पद रेड्डी बंधुओं को प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल करने की अपनी जिम्मेदारी लेने का दावा किया।
जबकि लोकसभा में भाजपा की नेता सुषमा स्वराज इस प्रकरण से खुद को अलग कर रखा है।माना जाता है कि सुषमा रेड्डी बंधुओं की करीबी हैं। पिछले हफ्ते उन्होंने कहा कि खनन उद्योगपति जनार्दन रेड्डी और करुणाकर रेड्डी को मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला अरुण जेटली, येद्दयुरप्पा, एम. वेंकैया नायडु और अनंत कुमार का था।
उनकी इस टिप्पणी से भाजपा की दूसरी पीढ़ी के नेताओं में मतभेद बढ़ गए थे। जिसके बाद राजनाथ सिंह और येद्दयुरप्पा को रेड्डी बंधुओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने की जिम्मेदारी लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
विकीलीक्स के खुलासे पर भाजपा ने मांगा मनमोहन से इस्तीफा
विश्वासमत के दौरान सांसदों की खरीद-फरोख्त को लेकर विकीलीक्स के ताजा खुलासे से देश की सियासत में भूचाल आ गया है. संसद की कार्यवाही के दौरान विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस्तीफे की मांग की है.लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि विकीलीक्स के खुलासे के मद्देनजर मनमोहन सिंह को इस्तीफा देना चाहिए. बीजेपी नेता मेनका गांधी ने भी प्रधानमंत्री से ऐसी ही मांगी की.राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली ने सरकार से मांग की कि वह इस मसले पर बयान देकर स्थिति स्पष्ट करे. संसद के दोनों सदनों में हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई.
गौरतलब है कि विकिलीक्स के एक खुलासे से सियासत में हड़कंप मच गया है. विकीलीक्स के मुताबिक परमाणु डील पर विश्वास प्रस्ताव जीतने के लिए मनमोहन सरकार ने वोट खरीदे थे. खबर है कि अजीत सिंह के राष्ट्रीय लोकदल को कांग्रेस की तरफ से पैसे दिए गए थे.
हालांकि अजित सिंह ने इस खुलासे को यह कहते हुए खारिज का दिया है कि उनकी पार्टी के पास तो उस वक्त सिर्फ 3 सदस्य थे. खुलासे में 4 का जिक्र है. बहरहाल, विकीलीक्स के खुलासे के बाद आया सियासी भूचाल फिलहाल थमने के आसर नहीं हैं..
दुष्कर्म, अपहरण और हत्या पर मौत की सजा मिले - सुषमा स्वराज
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने केरल में एक लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना पर दुख जताया है तथा ऐसे मामलों को दुर्लभतम अपराध की श्रेणी में लाने तथा अपराधियों को मौत की सजा दिए जाने की माग की है।वरिष्ठ भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा कि केरल में एक लड़की को ट्रेन से बाहर ढकेलने तथा उसके साथ दुष्कर्म के बाद रेल पटरी पर फेंक देने की घटना चौंकाने वाली है। सुषमा ने कहा कि दुष्कर्म और हत्या की घटनाएं प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं।
इस संबंध में मेरा मानना है कि कानून में सशोधन किया जाना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया कि सुप्रीम कोर्ट केवल उन्हीं मामलों में मौत की सजा देता है जो दुर्लभतम होते हैं। इसलिए कानून को दुष्कर्म और हत्या, अपहरण और हत्या की घटना को दुर्लभतम घोषित करना चाहिए और मौत की सजा को अनिवार्य बनाया जाए। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि दुष्कर्म और हत्या, अपहरण और हत्या के दोषियों को सिर्फ मौत की सजा दी जाए।
केरल का मामला मौत की सजा दिए जाने योग्य है। उन्होंने कहा कि दिल्ली अपराध की राजधानी है लेकिन यह देश के सबसे ज्यादा शिक्षित राज्य केरल में हुआ।
हमारी माओं ने कायर नहीं जने,हम झंडा फहरा कर रहेंगे -सुषमा स्वराज
...हमें कहा जा रहा है 'देखते हैं कौन झंडा फहराता है और किसका झंडा फहराता हैं..अरे हमारी माओं ने कायर जने हैं क्या? ... .... हम जम्मू पहुंच चुके हैं... ऐसा लगता है कि टर्मिनल के गेट बंद कर दिए गए हैं... किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने हम पर crpc की धारा 144 लगाई है...वे चाहते हैं कि हम वापस चले जाएं...
अब हम बाहर आ गए हैं...हम धरने पर बैठ गए हैं...वह हमसे प्लेन में बैठकर वापस जाने को कह रहे हैं..हमने मना कर दिया है..
उन्हें हमें गिरफ्तार करने की पावर है...वे हमें वापस कैसे भेज सकते हैं...हम लाल चौक पर झंडा फहराना चाहते हैं...सरकार हमें अपने रिस्क पर वहां जाने दे।
(बीजेपी लीडर सुषमा स्वराज ने से ट्वीट जम्मू एयरपोर्ट से किए। तिरंगा यात्रा पर निगले बीजेपी नेताओं को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया था।)
भाजपा ने हंसराज भारद्वाज को वापस बुलाने की मांग की
सोमवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वाराज की अगुआई में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ कर्नाटक के भाजपा सांसदों का एक दल राष्ट्रपति से मिलने पहुंचा. वहां उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने के बाद उन्हें ज्ञापन सौंपा और कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को वापस बुलाने की मांग की. भाजपा नेताओं ने राष्ट्रपति से राज्यपाल हंसराज भारद्वाज के खिलाफ शिकायत की.
वहीं बैंगलोर की अदालत मे येदयुरप्पा और उनके परिवार के खिलाफ तीन मामले दर्ज किये गये हैं.
दूसरी तरफ मुख्यमंत्री येदयुरप्पा ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को खुली चुनौती दी है और परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा.
येदयुरप्पा भ्रष्टाचार के आरोपों में अपने खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति देने के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज के फैसले पर रोक लगाने की मांग को लेकर आज हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं.
मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने बताया कि कई वकीलों और विधि विशेषज्ञों ने रविवार को करीब 93 दस्तावेजों का अवलोकन किया जिसके आधार पर राज्यपाल ने गत 21 जनवरी को येदयुरप्पा के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति दी.
सूत्रों ने बताया कि येदियुरप्पा का प्रसिद्ध विधि विशेषज्ञ राम जेठमलानी भी मार्गदर्शन कर रहे हैं. उनके कोर्ट में मुख्यमंत्री की ओर से पेश होने की भी उम्मीद है.अधिवक्ता सिरजिन बाशा और के एन बलराज ने शहर की एक अदालत में दो फौजदारी याचिकाएं दायर की थीं.
इन्हीं दो वकीलों की याचिकाओं पर राज्यपाल ने येदयुरप्पा के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति दी थी.सूत्रों ने हालांकि यह नहीं कहा कि क्या येदयुरप्पा इन शिकायतों पर कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए भी प्रार्थना करेंगे. राज्यपाल के अनुमति देने से येदयुरप्पा भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अभियोग का सामना करने वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे.राज्य मंत्रिमंडल के 19 जनवरी के प्रस्ताव को खारिज करते हुए भारद्वाज ने येदियुरप्पा के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति दे दी थी.
राज्यपाल के इस कदम को भाजपा ने संवैधानिक तौर पर ‘अनुचित’ और ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया था.येदयुरप्पा ने अपने इस्तीफे की संभावना से इंकार किया था. वह अपनी सरकार पर मंडरा रहे राजनैतिक संकट और इस हालात से निपटने के लिए भावी रणनीति पर पार्टी के शीर्ष नेताओं से विचार-विमर्श करने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं.
दोनों अधिवक्ता सोमवार को अतिरिक्त नगर दीवानी न्यायाधीश सी बी हिप्परागी के समक्ष येदयुरप्पा के खिलाफ 12 अतिरिक्त आरोपों को लेकर चार और शिकायतें दायर कर सकते हैं.मालूम हो कि भूमि हथियाने और उसे सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने सम्बंधी दो मामलों में मुख्यमंत्री के खिलाफ सोमवार को न्यायाधीश सी बी हिप्परागी की विशेष अदालत में सुनवाई होगी.
इन आरोपों में येदयुरप्पा के अलावा उनके दो बेटों सिमोगा से सांसद बी वाई राघवेंद्र और बीवाई विजेंद्र, दामाद आर एन सोहन कुमार, पूर्व भाजपा मंत्री एस एन कृष्णानैया सेट्टी और 'दावलगिरी प्रोपर्टी डेवलेपर्स लिमिटेड' के मालिक सहित अन्य करीबी सहयोगियों के नाम शामिल हैं.येदियुरप्पा ने वरिष्ठ नेताओं से ली सलाहबी एस येदयुरप्पा ने रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की.
उन्होंने अपने ऊपर दर्ज मामलों का सामना करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर उनसे सलाह ली. कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर दो वकीलों ने उन पर आपराधिक मामले दाखिल कराए हैं.पार्टी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद येदयुरप्पा ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज द्वारा उनके खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति को चुनौती देने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से राजनीतिक और कानूनी रणनीति पर चर्चा की.
येदयुरप्पा सोमवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से भी मुलाकात करने वाले हैं. गडकरी अपनी पांच दिनों की चीन यात्रा से रविवार रात यहां पहुंचेंगे.नई दिल्ली रवाना होने से पहले येदयुरप्पा ने बेंगलुरू में पत्रकारों से कहा, 'राज्य में लोकतांत्रित रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने के लिए मैं पार्टी के शीर्ष नेताओं से अनुरोध करता हूं कि वह राज्यपाल को वापस बुलाने की राष्ट्रपति से मांग करें.
'मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने पद से हटने से इंकार किया और जोर देकर कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है इसके लिए वह अंत तक संघर्ष करेंगे और अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे.बेंगलुरू में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल हंसराज भारद्वाज द्वारा कार्रवाई की मंजूरी दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री राज्य में राजनीतिक हालात की जानकारी देने और उठाए जाने वाले अगले कदम के सम्बंध में पार्टी नेतृत्व से मशविरा करने के लिए रविवार दोपहर बाद दिल्ली रवाना हुए.
भाजपा का ओबामा से उदारवादी रुख अपनाने का आग्रह
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे से पहले मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने उनसे उदारवादी रुख अपनाने का आग्रह किया है। भाजपा के इस आग्रह को आउटसोर्सिंग के मुद्दे से जोड़ कर देखा जा रहा है। भाजपा महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे का भाजपा स्वागत करती है।उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनियां का सबसे बड़ा अर्थतंत्र है और इस संदर्भ में उम्मीद है कि ओबामा उदारवादी सोच अपनाएंगे। भाजपा के इस आग्रह को आउटसोर्सिंग विवाद से जोड़ कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका की तरफ से आउटसोर्सिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है जिससे भारतीय आईटी उद्योग पर बुरा असर पड़ा है।
भारत चाह रहा है कि अमेरिका इस प्रतिबंध को समाप्त करे। भाजपा ने साफ किया है कि ओबामा से मुलाकात के दौरान पार्टी के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रुप से भी उनसे आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। उम्मीद है कि भाजपा की तरफ से सुषमा स्वराज बतौर नेता प्रतिपक्ष, ओबामा से भेंट कर चर्चा करेंगी। इस मुलाकात में आउटसोर्सिंग के अलावा कश्मीर, परमाणु क्षतिपूर्ति विधेयक में आपूर्तिकर्ता की जिम्मेदारी और अमेरिका की अफगान नीति पर भी ओबामा के सामने भाजपा अपने विचार रखेगी।
मोदी ने सांप्रदायिकता और वोट बैंक की राजनीति से लड़ाई लड़ी - नजमा हेपतुल्ला
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का जादू हर जगह नहीं चलने की भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज की टिप्पणी से उपजे विवाद पर सफाई देते हुए पार्टी ने बुधवार को कहा कि मोदी राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं और दादरा नगर हवेली में हुई जीत का सेहरा उन्हीं के सिर जाता है।भाजपा की उपाध्यक्ष नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि दादरा और नगर हवेली के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के पक्ष में लहर नरेन्द्र भाई के प्रभाव से बही। इस केन्द्रीय शासित क्षेत्र की प्रभावी नजमा ने वहाँ पहली बार भाजपा की जीत का श्रेय मोदी के व्यक्तित्व और उनके द्वारा गुजरात में किए गए विकास कार्यों को दिया।
कट्टर हिन्दुत्व चेहरे के रूप में जाने जाने वाले और गोधरा कांड के बाद गुजरात में फैले दंगों के लिए जिम्मेदार बताए जाने वाले मोदी का बचाव करते हुए हेपतुल्ला ने कहा कि मोदी ने तो सांप्रदायिक और वोट बैंक की राजनीति से लड़ाई लड़ी है।
दादरा नगर हवेली में भाजपा की जीत का पूरा श्रेय मोदी को देते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात से सटा होने के कारण इस केन्द्रीय शासित क्षेत्र में उनका प्रभाव है।
वहाँ मौजूद पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने इसका जवाब देते हुए कहा कि निस्संदेह, मोदी राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं, लेकिन वे बिहार में की गई सुषमा की इस टिप्पणी पर चुप्पी साध गए कि मोदी का जादू हर जगह नहीं चल सकता।
अलगाववादियों से मिलना उचित नहीं था - सुषमा स्वराज
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों की कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से मुलाकात पर अपनी आपत्ति जताते हुए भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने आज कहा कि अलगाववादियों से मुलाकात दल के कार्यक्रम में शामिल नहीं थी और न ही यह सामूहिक फैसला था।सुषमा ने कहा ‘‘यह उनका स्वयं का फैसला था, पूरे प्रतिनिधिमंडल का नहीं। अगर कोई जाना चाहता था, तो हम उन्हें कैसे रोक सकते थे? वे लोग गए, पर हमारा फैसला वहां नहीं जाने का था, इसलिए हम नहीं गए।’’ सुषमा से संवाददाताओं ने पूछा था कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों ने अलगाववादी नेताओं से बातचीत की और कुछ नेता कल उनके घर जाकर उनसे मिले, इस बारे में उनकी क्या प्रतिक्रिया है।
प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों ने हुर्रियत के कट्टरपंथी और उदारवादी धड़े के प्रमुखों सय्यद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारुक से उनके घरों पर और जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक से उनके कार्यालय में मुलाकात की थी।
सुषमा ने कहा कि अलगाववादियों से मिलने के मुद्दे पर प्रतिनिधिमंडल में विभाजन का कोई प्रश्न नहीं था।


