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बिग बॉस 4 में श्वेता तिवारी ने मारी बाज़ी..

रिऐलिटी शो 'बिग बॉस' का खिताब श्वेता तिवारी ने जीत लिया है। बिग बॉस के घर में बाहरी दुनिया से अलग-थलग 14 हफ्ते गुजारने वाले अश्मित पटेल, डॉली बिंद्रा और खली को पीछे छोड़ श्वेता बाजी मारने में सफल रहीं। खली दूसरे नंबर पर रहे।

विजेता की ट्रॉफी के लिए श्वेता तिवारी, अश्मित पटेल, डॉली बिंद्रा और द ग्रेट खली के बीच कड़ी टक्कर थी। कलर्स पर प्रसारित 'बिग बॉस 4' के फिनाले में चारों जगह बना पाने में कामयाब रहे थे।

श्वेता को दर्शकों के सबसे ज्यादा वोट मिले। उन्हें बिग बॉस की ट्रॉफी के साथ 1 करोड़ रुपये की रकम भी दी जाएगी। बिग बॉस में पहली बार कोई महिला विजयी रही हैं। पिछले साल बिग बॉस सीजन 3 में बिंदु दारा सिंह विजयी रहे थे।

जहां देशभक्ति अपराध है...

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर फारूख का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर भाजपा श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराए क्योंकि इससे हिंसा भडक़ सकती है। आखिर एक मुख्यमंत्री के मुंह से क्या ऐसे बयान शोभा देते हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर लालचौक में तिरंगा फहराने से किसे दर्द होता है।

उमर की चेतावनी है कि इस घटना से कश्मीर के हालात बिगड़ते हैं तो इसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार होगी। निश्चित ही एक कमजोर शासक ही ऐसे बयान दे सकता है। हालांकि अपने विवादित बयानों को लेकर उमर की काफी आलोचना हो चुकी है किंतु लगता है कि इससे उन्होंने कोई सबक नहीं सीखा है। वे लगातार जो कह और कर रहे हैं उससे साफ लगता है कि न तो उनमें राजनीतिक समझ है न ही प्रशासनिक काबलियत। कश्मीर के शासक को कितना जिम्मेदार होना चाहिए इसका अंदाजा भी उन्हें नहीं है।

आखिर मुख्यमंत्री ही अगर ऐसे भडक़ाउ बयान देगा तो आगे क्या बचता है। सही मायने में उमर अब अलगाववादियों की ही भाषा बोलने लगे हैं। एक आजाद देश में कोई भी नागरिक या समूह अगर तिरंगा फहराना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाना चाहिए। देश के भीतर अगर इस तरह की प्रतिक्रियाएं एक संवैधानिक पद पर बैठे लोग कर रहे है तो हालात को समझा जा सकता है। इसके पूर्व भी उमर, भारत में कश्मीर के विलय को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं ऐसे व्यक्ति से क्या उम्मीद की जा सकती है।

पाकिस्तान के झंडे और "गो इंडियंस" का बैनर लेकर प्रर्दशन करने वालों को खुश करने के लिए हमारी सरकार सेनाध्यक्षों के विरोध के बावजूद आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट में बदलाव करने का विचार करने लगती है। सेनाध्यक्षों के विरोध के बावजूद आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट में बदलाव की गंदी राजनीति से हमारे सुरक्षाबलों के हाथ बंध जाएंगें। हमारी सरकार इस माध्यम से जो करने जा रही है वह देश की एकता-अखंडता को छिन्न-भिन्न करने की एक गहरी साजिश है।

जिस देश की राजनीति के हाथ अफजल गुरू की फांसी की फाइलों को छूते हाथ कांपते हों वह न जाने किस दबाव में देश की सुरक्षा से समझौता करने जा रही है। यह बदलाव होगा हमारे जवानों की लाशों पर। इस बदलाव के तहत सीमा पर अथवा अन्य अशांत क्षेत्रों में डटी फौजें किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकेंगीं। दंगों के हालात में उन पर गोली नहीं चला सकेंगीं। जी हां, फौजियों को जनता मारेगी, जैसा कि सोपोर में हम सबने देखा। घाटी में पाकिस्तानी मुद्रा चलाने की कोशिशें भी इसी देशतोडक़ राजनीति का हिस्सा है।

यह गंदा खेल,अपमान और आतंकवाद को इतना खुला संरक्षण देख कर कोई अगर चुप रह सकता है तो वह भारत की महान सरकार ही हो सकती है। आप कश्मीरी हिंदुओं को लौटाने की बात न करें, हां सेना को वापस बुला लें।क्या हम एक ऐसे देश में रह रहे हैं जिसकी घटिया राजनीति ने हम भारत के लोगों को इतना लाचार और बेचारा बना दिया है कि हम वोट की राजनीति से आगे की न सोच पाएं? क्या हमारी सरकारों और वोट के लालची राजनीतिक दलों ने यह तय कर लिया है कि देश और उसकी जनता का कितना भी अपमान होता रहे, हमारे सुरक्षा बल रोज आतंकवादियों-नक्सलवादियों का गोलियां का शिकार होकर तिरंगें में लपेटे जाते रहें और हम उनकी लाशों को सलामी देते रहें-पर इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ेगा।

किंतु अफसोस इस बात का है कि गणतंत्र को चलाने और राजधर्म को निभाने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर है वे वोट बैंक से आगे की सोच नहीं पाते। वे देशद्रोह को भी जायज मानते हैं और उनके लिए अभिव्यक्ति के नाम पर कोई भी कुछ भी कहने और बकने को हर देशद्रोही आजाद है। दुनिया का कौन सा देश होगा जहां उसके देश के खिलाफ ऐसी बकवास करने की आजादी होगी। भारत ही है जहां आप भारत मां को डायन और राष्ट्रपिता को शैतान की औलाद कहने के बाद भी भारतीय राजनीति में झंडे गाड़ सकते हैं।

राजनीति में आज लोकप्रिय हुए तमाम चेहरे अपने गंदे और धटिया बयानों के आधार पर ही आगे बढ़े हैं। अभिव्यक्ति की आजादी का ऐसा दुरूपयोग निश्चय ही दुखद है। कश्मीर का संकट दरअसल उसी देशतोडक़ द्विराष्ट्रवाद की मानसिकता से उपजा है जिसके चलते भारत का विभाजन हुआ। पाकिस्तान और द्विराष्ट्रवाद की समर्थक ताकतें यह कैसे सह सकती हैं कि कोई भी मुस्लिम बहुल इलाका हिंदुस्तान के साथ रहे। किंतु भारत को यह मानना होगा कि कश्मीर में उसकी पराजय आखिरी पराजय नहीं होगी।

इससे हिदुस्तान में रहने वाले हिंदु-मुस्लिम रिश्तों की नींव हिल जाएगी और सामाजिक एकता का ताना-बाना खंड- खंड हो जाएगा। इसलिए भारत को किसी भी तरह यह लड़ाई जीतनी है। उन लोगों को जो देश के संविधान को नहीं मानते, देश के कानून को नहीं मानते उनके खिलाफ हमें किसी भी सीमा तक जाना पड़े तो जाना चाहिए।

जयराम रमेश खतरे में ...

पर्यावरण के मुद्दे पर अपने आक्रामक रवैये के कारण अक्सर विवादों में रहने वाले पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने आज खुद को उन लोगों की श्रेणी में बताया जो खतरे में रहते हैं।

रमेश ने दिल्ली में एक व्याख्यान में कहा, ‘‘आप जानते हैं कि विद्वान लोग वर्ष में समय की गणना करते हैं। नेता और मंत्री महीनों में वक्त की गणना करते हैं। ..और जो खतरे में होते हैं वे वक्त की गणना दिनों में करते हैं।’’ उनके यह कहने पर व्याख्यान में मौजूद श्रोताओं में ठहाका लग गया।

रमेश ने यह टिप्पणी यह कहते हुए की कि वह अब तक यह सुनिश्चित कराने में सफल नहीं हो पाये हैं कि पर्यावरणविद् हरिणी नागेंद्र उनके साथ काम करें।

उन्होंने कहा कि कई कोशिशें करने के बावजूद पर्यावरणविद् उनकी बात से राजी नहीं हो पायी हैं।

इस व्याख्यान में नागेंद्र ने भी व्याख्यान दिया। उन्होंने नोबेल पुरस्कार सम्मानित प्रोफेसर इलिनोर ओस्ट्रॉम के साथ मिलकर एक पुस्तक लिखी है।

रमेश ने कहा कि पर्यावरण मंत्री बनने के बाद ऑस्ट्रॉम की पुस्तक पढ़कर उन्हें काफी लाभ हुआ है।

भाजपा ने उमर अब्दुल्ला से कहा - मुख्यमंत्री गद्दी छोड़ो

भाजपा ने आज कहा कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के त्यागपत्र के लिए दबाव बनाने के लिए वह रैलियां निकालने के साथ सचिवालय का घेराव करेगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह मनहास ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा अब्दुल्ला के खिलाफ मध्य जनवरी से जम्मू के तीन स्थानों से यात्राएं निकालेगी। ये यात्राएं जम्मू में होंगी और उसके बाद पार्टी कार्यकर्ता ‘मुख्यमंत्री गद्दी छोड़ो’ के नारे के साथ सचिवालय का घेराव करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा मध्य जनवरी में दो चरणों में बानी, पुंछ और पड्डेर से यात्राएं निकालेगी।

यासिन मलिक की चुनौती की बावजूद, कश्‍मीर में तिरंगा फहराने पर अड़ी भाजपा

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से पहले जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अलगाववादी जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख मोहम्मद यासिन मलिक ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा है कि उसे श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा नहीं फहराने दिया जाएगा। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने पिछले दिनों जम्मू में हुई रैली के दौरान 26 जनवरी को श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराने का ऐलान किया था।

मलिक की चुनौती के बाद पार्टी झंडा फहराने पर अड़ गई है, लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चेतावनी दी है कि बीजेपी के इस कदम के परिणाम की जिम्‍मेदार भी वह खुद होगी। उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी झंडा फहराती है तो घाटी में एक बार फिर आग लग जाएगी। लंबी अशांति के बाद फिलहाल घाटी शांत है। उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी के लाल चौक पर झंडा फहराने के बाद घाटी में अशांति फैलती है तो इसके लिए वे ही जिम्मेदार होंगे।

उन्होंने कहा कि श्रीनगर में सरकारी कार्यक्रम में झंडा फहराया जाएगा फिर अलग से तिरंगा फहराने की क्या जरुरत है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों, सेना और पुलिस के दफ्तरों पर ध्वजारोहण होगा, फिर बीजेपी अलग से क्यों कार्यक्रम करना चाहती है। क्या वे हमसे ज्यादा देशभक्त हैं?

भाजपा के इसी ऐलान को यासिन मलिक ने चुनौती दी है। मलिक ने कहा कि मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि यहां आकर झंडा फहराकर दिखाएं। नहीं तो हम बताएंगे कि झंडा कैसे फहराया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को लाल चौक में झंडा फहराने की बजाए कश्मीर मसले का हल ढूंढने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यासिन मलिक हुर्रियत कांफ्रेंस की 61वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक सेमिनार में बोल रहे थे।

सेमिनार में उपद्रव के दौरान हुई मौत की एफआईआर दर्ज करने को लेकर अलगाववादी नेताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की बात पर भी जोर दिया।
संयुक्त राष्ट्र से अपेक्षा बेकार : मीरवाइज

संयुक्त राष्ट्र को असफल करार देते हुए हुर्रियत नेता मीरवाइज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र कश्मीर में अपने ही नियम लागू नहीं कर पाया है। अत: संयुक्त राष्ट्र से ज्यादा अपेक्षा रखना व्यर्थ है। मीरवाइज ने इस बात पर जोर दिया की कश्मीर के हल हेतु भारत-पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में कश्मीरियों से बात करनी चाहिए। इसी बीच अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह कराने का आग्रह किया है।

1990 में हुई तिरंगा फहराने की शुरुआत

१९८९ में कश्मीर में आतंकवाद शुरू होने के बाद लालचौक में तिरंगा फहराने की शुरूआत २६ जनवरी १९९क् को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने की थी। उसके बाद २६ जनवरी १९९२ को भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने लालचौक पर तिरंगा फहराया था

साध्वी प्रज्ञा के भाई ने जांच एजेंसियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए खुदकुशी की कोशिश की

मालेगांव विस्फोट में फंसाई गईं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के भाई ने जांच एजेंसियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि अनंत ब्रह्मचारी जहर खाने के बाद दक्षिण दिल्ली के जंगपुरा इलाके में अचेत अवस्था मिले।

बताया जा रहा है कि अनंत को एनआईए ने पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था। उसी के बाद उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की। ब्रह्मचारी अनंत के परिजन ने बताया कि एनआईए ने ब्रह्मचारी अनंत को पूछताछ के लिए बुलाया था और उन्हें प्रताड़ित किया। अनंत ने आत्महत्या का प्रयास इसी प्रताड़ना के बाद किया।

पुलिस ने कहा कि उन्हें एम्स पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि उसके पास से एक नोट मिला है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि बहन साध्वी प्रज्ञा सिंह पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों की जांच कर एजेंसियों की पूछताछ से वह डिप्रेशन में आ गए थे।

भाजपा श्रीनगर में तिरंगा न फहराए, हो सकती है हिंसक प्रतिक्रिया - उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से श्रीनगर में तिरंगा फहराने की योजना छोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे घाटी में हिंसक प्रतिक्रिया हो सकती है और इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार होगी।

उमर ने कहा, कश्मीर शांत है तो वे (बीजेपी) फिर से आग भड़काना चाहते हैं। वह बीजेपी की युवा शाखा के 'श्रीनगर चलो' अभियान के सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। बीजेपी 26 जनवरी के दिन श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की योजना बना रही है।

उमर ने कहा, उनका लक्ष्य कश्मीर में फिर से आग भड़काना है, तो कृपया उनसे यह सब बंद करने के लिए कहिए। यदि इसकी कोई प्रतिक्रिया हुई तो मैं उन्हें निजी रूप से उत्तरदायी ठहराऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर में यदि इसकी कोई प्रतिक्रिया हुई तो उन्हें मुझे जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए।

पूर्व चीफ जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन के खिलाफ जनहित याचिका, दामाद ने कांग्रेस छोड़ी

सु्प्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई। याचिकाकर्ता ने उनके खिलाफ न्यायायिक जांच और नैशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है।

इस बीच के.जी. बालाकृष्णन के दामाद पी. वी. श्रीनिजिन ने युवक कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। गौरतलब है कि पी. वी. श्रीनिजिन राज्य युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था।

गौरतलब है कि पूर्व चीफ जस्टिस के दूसरे दामाद एम.जे. बेनी भी आय से ज्यादा संपत्ति बनाने के आरोपों के घेरे में आ गए हैं। स्थानीय मीडिया के कुछ हिस्सों में आईं खबरों के मुताबिक, बेनी ने भी दो साल के भीतर बेशकीमती जमीनें खरीदीं।

रेवेन्यू रेकॉर्ड्स के मुताबिक बेनी ने पांच सौदों में एर्नाकुलम में जमीन खरीदी। 2008-10 के दौरान लगभग एक एकड़ जमीन 81.50 लाख रुपए में खरीदी गई। अधिकारियों के मुताबिक 2008-09 में बेनी की आय 6 लाख रुपए से ज्यादा नहीं थी

आखिर पाटिल किस बात के लिए दिग्विजय से माफी मांगे - एनसीपी

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के हेमंत करकरे पर दिए गए बयान में महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर.आर पाटिल से माफी की मांग को लेकर कांग्रेस और एनसीपी के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है। एनसीपी ने दिग्विजय सिंह के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दो टूक शब्दों में पूछा है कि आखिर पाटिल किस बात के लिए माफी मांगे।

एनसीपी के महासचिव डी. पी. त्रिपाठी ने कहा है कि 'यह न्यायसंगत नहीं है। माफी किस बात के लिए मांगी जाए। यदि आर. आर. पाटिल ने कहा था कि उनके पास 26/11 हमलों में शहीद हुए हेमंत करकरे के दिग्विजय सिंह को फोन करने के संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं है, तो इसमें गलत क्या था।' उल्लेखनीय है कि दिग्विजय सिंह मंगलवार को कहा था कि 'यह साबित हो जाने के बाद कि मेरी करकरे से फोन पर बात हुई थी उन सभी लोगों को मुझसे माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने कहा था कि दिग्विजय झूठ बोल रहे हैं, देशद्रोही हैं।'

दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर. आर. पाटिल के उस बयान पर भी दुख प्रकट किया था, जिसमें पाटील ने दिग्विजय सिंह के दावे पर संदेह प्रकट किया था और कहा था कि कांग्रेस नेता और करकरे के बीच किसी भी तरह की बातचीत होने के सबूत उपलब्ध नहीं हैं।

तेहरान में धर्म परिवर्तन करवाने पर ईसाई मिशनरी गिरफ्तार

ईरान के तेहरान प्रांत में कई ईसाई मिशनरियों को गिरफ्तार किया गया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक तेहरान प्रांत के गवर्नर मोर्तजिया तमादान ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर ईरान पर धार्मिक और सांस्कृतिक हमला करने के ईसाई मिशनरियों के अभियान से जुड़े होने का संदेह है।

गवर्नर ने इस अभियान के संबंध में और गिरफ्तार किए गए लोगों के सम्बंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी लेकिन उन्होंने कहा कि भविष्य में और ज्यादा मिशनरियों को गिरफ्तार किया जा सकता है।

ईसाइयों को ईरान में सेवा कार्य करने की इजाजत है लेकिन किसी भी ईरानी मुस्लिम का धर्म परिवर्तित कराने पर उन्हें मौत की सजा का प्रावधान है।

पूर्णिया से बीजेपी विधायक की एक महिला ने चाक़ू मारकर हत्या की

बिहार के पूर्णिया से बीजेपी विधायक राजकुमार केसरी की एक महिला ने चाकू मारकर हत्या कर दी। विधायक की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने महिला को पीट-पीटकर बुरी तरह जख्मी कर दिया। गौरतलब है कि महिला ने विधायक पर रेप की कोशिश का आरोप लगाया था।

बिहार के पुर्णिया में बीजेपी विधायक राजकुमार केसरी की मंगलवार सुबह हत्या कर दी गई। उनकी हत्या रूपन पाठक नामक महिला ने चाकू मार कर की। महिला ने विधायक पर 3 बार चाकू से हमला किया। इसके बाद विधायक समर्थकों ने महिला की जमकर पिटाई की। महिला बुरी तरह घायल है।

गौरतलब है कि महिला ने कुछ दिन पहले विधायक पर रेप की कोशिश का आरोप लगाया था।

क्वात्रोकी और चड्ढा को बोफोर्स सौदे में मिली थी रिश्वत-इनकम टैक्स ट्राइब्यूनल

बोफोर्स का भूत एक बार फिर कांग्रेस के पीछे है। इनकम टैक्स अपीलीय ट्राइब्यूनल के मुताबिक इटली के बिजनेसमैन ओत्तावियो क्वात्रोकी और विन चड्ढा को बोफोर्स के होवित्जर तोप सौदे में 41 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली थी। यह भुगतान सौदे की शर्तों में नहीं शामिल था। उन्हें इस आय पर भारत में टैक्स देना होगा।

बोफोर्स
को भी सौदे की कीमत में से कमिशन की रकम घटानी चाहिए थी। ट्राइब्यूनल ने विन चड्ढा के बेटे की अपील को खारिज करते हुए यह आदेश दिया।


इनकम टैक्स अपीलीय ट्राइब्यूनल के आदेश के मुताबिक, क्वात्रोकी के कहने पर बोफोर्स का एई सर्विसेज (यूके) से कंसल्टंसी अग्रीमेंट हुआ। 50,463,966 स्वीडिश क्रोनर की रकम ठीक उस अडवांस का 3 पर्सेंट है, जिसे भारत सरकार ने बोफोर्स को दिया था। यह एई सर्विसेज और बोफोर्स के 15 नवंबर 1985 के अग्रीमेंट के मुताबिक था।

ट्राब्यूनल ने कहा है कि बोफोर्स ने स्वेंस्का, एई सर्विसेज और क्वात्रोकी से टीडीएस जैसा टैक्स नहीं काटा। हमारे विचार के मुताबिक, ये कदम जरूरी हैं, ताकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सभी टैक्स उल्लंघनों को अंजाम तक पहुंचा सके। इस मामले में कदम नहीं उठाया गया तो भारत की नरम राष्ट्र की छवि बनेगी, जो बेजा और नुकसानदायक होगी।

मेसर्स स्वेंस्का इनकॉरपोरेटेड, पनामा को 32.66 करोड़ रुपये दिए गए, जिसके तार चड्ढा (अब इस दुनिया में नहीं) से जुड़े हैं। भुगतान स्विस बैंक कॉरपोरेशन जिनेवा में हुआ। 8.57 करोड़ रुपये एई सविर्सेज लिमिटेड, केयर ऑफ मेयो असोसिएट्स, जिनीवा को हुआ। यह कंपनी एक पखवाड़े पहले 20 अगस्त 1986 को शुरू हुई थी।

इस मामले में क्वात्रोकी को छोड़ अन्य आरोपी सुनवाई के दौरान परलोक सिधार गए। क्वात्रोकी भारत छोड़ चुका है। सीबीआई ने अदालत में उसके खिलाफ मुकदमा वापस लेने की अर्जी दाखिल की थी। सीबीआई की अजीर् पर मंगलवार को अदालत का फैसला आ सकता है। क्वात्रोकी को सोनिया गांधी के परिवार का करीबी माना जाता है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बोफोर्स केस के आरोपी विन चड्ढा पर 1987-88 और 1988-89 के लिए 52 करोड़ और 85 लाख रुपये का क्लेम किया था। चड्ढा के बेटे ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के दावे के खिलाफ अपील दाखिल की थी। इनकम टैक्स अपीलीय ट्राइब्यूनल ने इस अपील को खारिज करते हुए कहा कि विन चड्ढा और जिन भी संस्थाओं के जरिये क्वात्रोकी को कमिशन के तौर पर रकम का ट्रांसफर किया था, उन्हें भारत में टैक्स देना होगा। इसी आदेश के दौरान ट्राइब्यूनल ने कहा कि होवित्जर गन सौदे में सरकार को 41 करोड़ रुपये ज्यादा देने पड़े, जो क्वात्रोकी और विन चड्ढा को मिले।

बोफोर्स सौदा 1986 में हुआ था और यह 1437 करोड़ रुपये का आंका गया था। सौदे में दलाली के आरोपों पर सीबीआई ने 1990 में केस दर्ज किया था। लंबी छानबीन के बाद इस मामले में एस.के. भटनागर, विन चड्ढा, क्वात्रोकी, मार्टिन आरड्बो, एबी बोफोर्स और हिंदुजा बंधुओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। हिंदुजा बंधुओं को अदालत ने आरोप मुक्त कर दिया, जबकि क्वात्रोकी को छोड़ अन्य आरोपी सुनवाई के दौरान परलोक सिधार गए। लेकिन सुनवाई के दौरान क्वात्रोकी कभी अदालत के सामने पेश नहीं हुआ। वह 1993 में भारत छोड़ गया। उसके नाम अदालत ने गैर-जमानती वॉरंट जारी किया, जिसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल की मदद से उसके नाम रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया। क्वात्रोकी की विदेश में दो बार गिरफ्तारी भी हुई लेकिन सीबीआई उसका प्रत्यर्पण नहीं करवा पाई।

कांग्रेस ने बोफोर्स सौदे में दलाली को लेकर इनकम टैक्स अपीलीय ट्राइब्यूनल की टिप्पणी पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया है। ट्राइब्यूनल ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि बोफोर्स तोप सौदे में दिवंगत विन चड्ढा और ओत्तावियो क्वात्रोकी को 41 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी।

पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा, ' हमने सिर्फ एक घंटा पहले ही इस बारे में सुना है। हम सिर्फ इस आधार पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त कर सकते कि यह खबर मीडिया में आ चुकी है या विपक्ष ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हम पहले आदेश को देखेंगे और तब हम प्रतिक्रिया देंगे। कांग्रेस जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने के लिए नहीं जानी जाती। '

नितिन गडकरी को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने आमंत्रित किया

चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी को बीजिंग आने का निमंत्रण दिया है ताकि दोनों दलों के बीच संबंधों को मजबूत बनाया जा सके।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के सूत्रों ने बताया कि गडकरी की ओर से निमंत्रण स्वीकार कर लिया गया है। सीपीसी की केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग की ओर से गडकरी को को यह निमंत्रण भेजा गया था।

सीपीसी ने गडकरी को भेजे पत्र में कहा है, ‘‘भाजपा के अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी का पहला प्रतिनिधिमंडल चीन का दौरा करेगा। आपके इस दौरे से सीपीसी और भाजपा के परस्पर संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।’’ सीपीसी की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ हैं।

सूत्रों का कहना है कि गडकरी ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और वह इस महीने के आखिर तक चीन पहुंच सकते हैं।

हिंदु कभी आतंकवादी बन ही नहीं सकते - भागवत

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने आज आरोप लगाया कि हिंदुओं के खिलाफ आतंकवाद का आरोप लगने का कारण, केंद्र सरकार के अपने ही किए धरे की वजह से उत्पन्न असुरक्षा की स्थिति है और यही कारण है कि हिंदुओं को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

बालेवाड़ी में आरएसएस के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे भागवत ने कहा कि हिंदु कभी आतंकवादी बन ही नहीं सकते। उन्होंने कहा ‘‘अपने ही किए धरे के कारण सरकार अस्थिर हुई है और इसीलिए हिंदुओं को आतंकवाद का आरोप लगा कर बलि का बकरा बनाया जा रहा है।’’ भागवत ने कहा कि सरकार अपने ही लोगों को और देश को ऐसे आरोपों से बदनाम कर रही है।

उन्होंने संघ की तुलना पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से किए जाने के प्रयासों की भी आलोचना की।

भोपाल में हूजी के दो आतंकवादी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और पुलिस ने दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। यह दोनों संदिग्ध आतंकी हूजी के बताए जा रहे हैं। कल रात को भोपाल से दो संदिग्ध आतंकवादियों को पकड़ा गया है। यह दोनों पिछले काफी दिनों से भोपाल में रह रहे थे।

संदिग्ध लोगों के संबंध में ज्यादा जानकारी का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस दोनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। प्रदेश के गृहमंत्री उमा शंकर गुप्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पुलिस ने दो संदिग्ध आतंकवादियों को पकड़ा है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

नए साल पर मनमोहन ने मान ली अपनी विफलता - भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि नए साल पर उनका संदेश एक तरह से स्वीकरोक्ति है कि महंगाई, आतंकवाद और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार विफल रही है. पीएम के संदेश को रस्म अदायगी बताया.

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "अधिकतर मौकों पर प्रधानमंत्री का नए साल का संदेश सिर्फ औपचारिकता ही होता है. एक तरह से उन्होंने मान लिया है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण करने में, गरीब लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में, आतंकवाद से मुकाबले में और भ्रष्टाचार पर काबू पाने में विफल रही है."

नए साल की पूर्व संध्या पर देश के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार महंगाई पर काबू पाने के अपने प्रयासों को दोगुना करेगी, सरकारी प्रक्रियाओं में फैले भ्रष्टाचार को दूर करेगी, राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा. इसके अलावा आम आदमी तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आश्वासन भी दिया गया. लेकिन प्रकाश जावड़ेकर प्रधानमंत्री के इस भरोसे पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने आश्वासन दिया की महंगाई पर 100 दिनों में काबू पा लिया जाएगा. इस बात को 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि सरकार ने सीएनजी गैस के दाम बढ़ा दिए. बीजेपी ने कहा है कि अगर सरकार वाकई भ्रष्टाचार से लड़ने के प्रति गंभीर है तो 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के लिए उसे संयुक्त संसदीय समिति की मांग को स्वीकार कर लेना चाहिए.

जावडेकर कहते हैं, "आतंकवाद और नक्सली समस्या पर सरकार राजनीति कर रही है और दो आवाजों में बोल रही है. दिग्विजय सिंह और उनके साथी कुछ कह रहे हैं जबकि पी चिदंबरम और उनके सहयोगी दूसरी भाषा में बात कर रहे हैं." बीजेपी ने आरोप लगाया कि सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रधानमंत्री सिर्फ मूकदर्शक बने रहे जबकि उस पर काबू पाना उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है.

मध्यप्रदेश में पहली खुली जेल का शुभारंभ

कैदियों को वर्ष 2011 का तोहफा देते हुए मध्य प्रदेश की पहली खुली जेल का अब से कुछ समय पहले यहां पर शुभारंभ हुआ।

17 एकड़ में निर्मित और करीब तीन करोड़ 26 लाख रुपये के खर्च से तैयार इस खुली जेल में न सिर्फ 25 बंदी रह रहे हैं बल्कि वह अपने परिवार के सदस्यों के भरण..पोषण के लिए खेती और अन्य कार्य भी कर रहे हैं।

प्रदेश की विभिन्न जेलों से आए इन बंदियों तथा इन परिवारों के लिए पुनर्वास और बच्चों के लिए शिक्षा तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

जेल अधीक्षक उषा राज ने बताया कि कैदियों को रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम के जरिए हुनरमंद बनाया जा रहा है ताकि यहां से निकलने के बाद वे स्वरोजगार से जुड़कर अपने परिवार के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें ।

उन्होंने बताया कि सरकार ने बंदियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर बैतूल तथा धार जिले में आईटीआई खोलने की स्वीकृति दी जिससे बंदियों को हुनर सिखाया जा सकेगा।

रामजन्मभूमि की 67 एकड़ भूमि न मिली तो फिर होगा आन्दोलन - सिंघल

विश्व हिन्दू परिषद ने आज कहा कि रामजन्मभूमि की 67 एकड़ भूमि राममंदिर के निर्माण के लिए नहीं आवंटित की गयी तो वह नए सिरे से आंदोलन शुरू करेगी।

परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंघल ने संवाददाताओं से यहां कहा, ‘‘ भगवान राम के जन्मस्थान पर भव्य मंदिर के लिए हमें पूरी भूमि की जरूरत है। ’’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थर तराशने का काम एक महीने में शुरू हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ राममंदिर के निर्माण के लिए कोई नया आंदोलन नहीं होगा और विहिप इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा करेगा। ’’ सिंघल ने लेकिन कहा कि अगर केंद्र सरकार द्वारा अधिग्रहीत 67 एकड़ भूमि मंदिर के लिए नहीं दी गयी तो संगठन व्यापक आंदोलन करेगा।

उन्होंने कहा कि वास्तुविदों के अनुमान के अनुसार निर्माण कार्य शुरू होने पर डेढ़ साल में मूर्तियां स्थापित की जा सकेंगी। ‘‘ लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने में ज्यादा समय लगेगा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमने रामभक्तों से दान देने के लिए अपील की है और कार्य जल्दी ही शुरू होगा। ’’

शिवसेना नेताओं की फोन टैपिंग राजनीतिक नहीं थी - पाटिल

महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने इस सप्ताह पुणे बंद से पहले शिवसेना के दो नेताओं के बीच टेलीफोन बातचीत को टैप करने वाले पुलिस अधिकारियों का शुक्रवार को बचाव किया।

पाटिल ने कहा, ‘‘फोन टैपिंग राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं थी। फोन टैपिंग का निर्णय स्थानीय पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए किया गया था। पुलिस ने इस मामले में तटस्थ रहते हुए काम किया।’’ सेना की पार्षद नीलम गोख्रे और शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के व्यक्तिगत सलाहकार मिलिंद नार्वेकर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 और 120 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने दोनों के ऊपर यह धाराएं लगाने के लिए दोनों के बीच हुई उस बातचीत को आधार बनाया जिसमें दोनों कथित रूप से बंद के दौरान शहर की बसों को क्षतिग्रस्त करने और सामान्य जनजीवन को बाधित करने की योजना बना रहे थे।

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