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प्यास लगी है तो पेशाब पी लो - जम्मू कश्मीर पुलिस

अलगाववादी नेता यासिन मलिक जब लाल चौक पर काले झंडे फहरा रहे थे तो जम्मू कश्मीर पुलिस चाय और सिगरेट से उनकी आवभगत में जुटी थी परंतु जब राष्ट्रवादी कार्यकर्ता 'एकता यात्रा' को लेकर तिरंगा लहराने पहुंचे तो उन्हें पानी तक नहीं दिया गया।
यही नहीं पुलिस ने उन्हें यह तक कह दिया कि प्यास लगी है तो पेशाब पी लो यह कहना है एकता यात्रा से लौटे भाजयुमो कार्यकर्ताओं का।

राजधानी में लौटे दर्जनों घायल कार्यकर्ताओं के चेहरे पर तिरंगा फहराने के लिए ऐसे व्यवहार की पीड़ा साफ देखी जा सकती थी। यह वे कार्यकर्ता थे जो युवा मोर्चा अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के बाद छोटे-छोटे गुटों में 26 जनवरी को लालचौक पहुंचे और उनके साथ जम्मूकश्मीर पुलिस द्वारा जानवरों जैसा व्यवहार किया गया।

इन्हीं में एक कार्यकर्ता गुडग़ांव के इंजीनियर के. के. उपाध्याय थे जिन्होंने सबसे पहले तिरंगा फहराने की कोशिश की परंतु पुलिस ने न सिर्फ उनके साथ मारपीट की बल्कि तिरंगा तक फाड दिया। दूसरे गुट की भी कमोबेश यहीं स्थिति हुई और इनमें से अधिकांश के हाथ-पैरों में फे्रेक्चर हो गए। गिरफ्तार भाजपा कार्यकर्ताओं का यह भी कहना था कि अलगाववादियों की तरह ही जम्मूकश्मीर पुलिस ने भी भारतीय कुत्तों वापस जाओ के पोस्टर थामे हुए थे।

भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बताया कि कार्यकर्ताओं के प्रति जम्मूकश्मीर पुलिस का रवैया आतंकियों से भी बदतर था। कार्यकर्ताओं को थर्ड डिग्री की यातनाएं दी गई और जमा देने वाली ठंड में उनके कपड़े फाड दिए गए।

भाजपा पश्चिम बंगाल में करेगी नवजागरण रथयात्रा - चंदन मित्रा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की राज्य मेंरथयात्राशुरू होगी। 30 जनवरी से शुरू होने वाली इस रथयात्रा के दौरान पार्टी कानून व्यवस्था और विकास के मोर्चे पर वाम मोर्चा सरकार की विफलता को उजागर करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार और महँगाई के मुद्दों पर कांग्रेस और तृणमूल को निशाना बनाएगी।

भाजपा के पश्चिम बंगाल के प्रभारी चंदन मित्रा ने बताया कि नवजागरण रथयात्रा 30 जनवरी को कूच बिहार से शुरू होकर 15 फरवरी को कोलकाता में एक रैली के साथ संपन्न होगी। इसमें महँगाई और भ्रष्टाचार के अलावा स्थानीय मुद्दों पर सरकार की विफलता को जनता के बीच उजागर किया जाएगा।

रथयात्रा को पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथसिंह हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जबकि 15 फरवरी को कोलकाता में लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी रैली को संबोधित करेंगें । मित्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल एक गरीब राज्य है और इसके लिए तृणमूल और कांग्रेस दोनों ही जिम्मेदार हैं। पिछले 34 साल में वाम शासन ने भी राज्य पर असर डाला है। इसी तरह भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है। बंगाल की वाम सरकार ने मुस्लिमों को नौकरी में आरक्षण दिया। हमने धार्मिक आधार पर आरक्षण का विरोध किया है और हम वोट बैंक की इस राजनीति का खुलासा करेंगे।

भाजपा का पश्चिम बंगाल में वस्तुत: कुछ दाँव पर नहीं लगा है, लेकिन मित्रा का कहना है कि पार्टी शांति और विकास के मोर्चे पर खुद को एक विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश करेगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने बंगाल में अपने कैडरों के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया और तृणमूल कांग्रेस जैसे तत्कालीन सहयोगी दल पर अधिक निर्भरता दिखाने की गलती की। मित्रा ने कहा कि पार्टी पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर चुनाव लडेगी और स्थानीय पार्टियों के साथ गठजोड़ की संभावना भी तलाशेगी।

मैं गांधी परिवार से हूं इसीलिए ही राजनीति में हूं - राहुल गाँधी

गांधी परिवार से होने के कारण ही राजनीति में होने को स्वीकारते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने आज कहा, संगठन चुनावों के बाद वंशवाद की राजनीति की धारणा खत्म हो जाएगी। हमें इस वंशवाद की राजनीति को समाप्त करना है। इसीलिए संगठन चुनाव कराए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में कोई वंशवादी राजनीति नहीं होगी।

राहुल ने यहां अनुसूचित जाति के करीब 700 विद्यार्थियों से मुखातिब होते हुए यह बात कही। राहुल ने कहा, हां मैं गांधी परिवार से हूं इसीलिए ही राजनीति में हूं। बीड जिले के एक स्टूडेंट ने जिले में एनएसयूआई के चुनावों की ओर राहुल का ध्यान दिलाया और कहा कुछ सदस्य जो स्टूडेंट नहीं थे, उन्होंने नामांकन कराया और चुनाव लडा।

एक आरटीआई प्रश्न में यह जानकारी सामने आई। राहुल ने जवाब दिया, हम ध्यान रखेंगे कि भविष्य में ऎसा फिर न हो। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समितिके अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राजीव सातव भी इस मौके पर उपस्थित थे।

मालेगांव विस्फोट : मुस्लिमों युवकों की ज़मानत का सीबीआई ने किया विरोध

मालेगांव धमाकों में गिरफ्तार हैदराबाद के नौ मुस्लिमों युवकों की ज़मानत का सीबीआई ने विरोध किया है। सीबीआई ने कहा है कि असीमानंद के कबूलनामे की अभी जांच चल रही है।

मालेगांव धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार नौ मुस्लिम युवकों की रिहाई की याचिका का सीबीआई ने विरोध किया है। सीबीआई का कहना है कि धमाकों में अपना गुनाह स्वीकार करने वाले असीमानंद के कबूलनामे की अभी जांच चल रही है लिहाज़ा बाकी आरोपियों को अभी ज़मानत नहीं दी जानी चाहिए।

आतंकवाद लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा की देन है - दिग्गी

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एक बार भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार में आतंकवाद भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा की देन है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में भाजपा और संघ को चर्च पर हमला करने के मामले में बरी कर दिया गया है।

दिग्विजय सिंह की मानें तो आडवाणी की रथयात्रा की वजह से उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र में आतंकवाद पैदा हुआ।

कांग्रेस महासचिव का कहना है कि कई आतंकी वारदातों में हिंदू संगठनों का नाम आया है, जिसे ‘भगवा आतंक’ से तो जोड़कर नहीं देखा जा सकता, लेकिन इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम सीधे तौर पर आया है। सभी आरोपी किसी न किसी रूप से संघ से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि ताजा मामले में संघ प्रचारक सुनील जोशी का आतंकी गतिविधियों में नाम आया था, जिनकी हत्या कर दी गई।

उन्होंने यह भी कहा कि कट्टर हिंदू और मुस्लिम दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

दिग्विजय सिंह का कहना है कि जब-जब भाजपा कमजोर हुई है, उसने संप्रदायिक मुद्दे को उठाया है। जहां विवाद होता है वहां भाजपा पहुंच जाती है। चाहे मुद्दा राम मंदिर का हो या फिर तिरंगा-यात्रा का।

मालूम हो कि दिग्विजय सिंह ने बाटला मुठभेड़ और 26/11 मुंबई आतंकी हमले पर बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया था। उन्होंने बाटला मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के परिजनों से आजमगढ़ में मुलाकात की थी।

दिग्विजय ने मुठभेड़ के तरीके पर सवाल खड़े किए थे। वहीं 26/11 हमले में शहीद हेमंत करकरे के बारे में कहा था कि मुंबई हमले से कुछ दिन पहले करकरे ने उनसे हिंदू संगठनों से अपनी जान को खतरा होने के बारे में बताया था, जिसके बाद दिग्विजय सिंह की कड़ी आलोचना हुई थी।

दिग्विजय सिंह ने भारत-पाकिस्तान विभाजन पर कहा कि द्विराष्ट्र के जनक मुहम्मद अली जिन्ना नहीं, बल्कि वीर सावरकर थे।

इसकी पुष्टि करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि संघ परिवार की विचारधारा को बदलना होगा। इस मुद्दे को हम संसद में उठाएंगे। डिग्गी ने ठीक ही कहा है कि द्विराष्ट्र सिद्धांत के जनक विनायक दामोदर सावरकर थे।

अदालत और संसद में प्रभावी ढंग से आवाज उठाएंगे - अनुराग ठाकुर

भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने आज कहा कि श्रीनगर के लालचौक पर राष्ट्र ध्वज फहराने से रोकने के केंद्र तथा राज्य सरकार के दमनात्मक कदम के खिलाफ पार्टी अदालत और संसद में प्रभावी ढंग से आवाज उठायेगी।

राष्ट्रीय एकता यात्रा की समाप्ति पर ‘भाषा’ से विशेष बातचीत में अनुराग ने अपने कार्यक्रम को सफल बताने का दावा करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लिये लाल चौक पर गए और राष्ट्रगान गाया। इस दौरान 26 कार्यकर्ताओं को लाल चौक पर गिरफ्तार किया गया। यह तथ्य सामने इसलिए नहीं आया क्योंकि मीडिया को वहां जाने की इजाजत नहीं थी।

यह पूछे जाने पर कि राजनीतिक विरोधी समेत भाजपा गठबंधन के घटक दल तक राष्ट्रीय एकता यात्रा के औचित्य पर प्रश्न खड़ा कर रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘‘ राजनीतिक और गठबंधन धर्म का अपना महत्व है लेकिन राष्ट्र धर्म सर्वोपरि है। हमने राष्ट्र धर्म का पालन किया है और हमें नहीं लगता कि यात्रा का समय गलत था।’’

पिछले कुछ समय में जम्मू कश्मीर में उत्पन्न विषम परिस्थितियों और शांति स्थापना के प्रयासों के मद्देनजर इन प्रयासों के मार्ग में बाधक नहीं बनने के प्रधानमंत्री समेत कई लोगों के आग्रह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ वास्तव में प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर के संदर्भ में कोई सार्थक पहल नहीं की और इस राज्य के बारे में उनकी कोई स्पष्ट नीति भी नहीं है।

प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण विषयों पर चुप रहते हैं और उनकी छवि एक ‘अर्थशास्त्री’ से ‘व्यर्थशास्त्री’ प्रधानमंत्री के रूप में बदल रही है।’’ उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के अलगाववादी दिल्ली में आकर राष्ट्र विरोधी बयान देते हैं, राज्य में पाकिस्तान का झंडा फहराने की खबरें मिलती है, पड़ोसी देश के पैसे से सेना के जवानों पर पत्थर फेंकने की घटना सामने आती है लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठाती है, उल्टे हमें तिरंगा फहराने पर जेल में डाल दिया जाता है।

कर्नाटक दंगो में भाजपा और संघ परिवार को ‘क्लीन चिट’ मिली

कर्नाटक में वर्ष 2008 में हुए श्रृंखलाबद्ध हमलों के मामले की जांच कर रहे न्यायमूर्ति सोमशेखर आयोग ने सत्तारूढ़ भाजपा और संघ परिवार से जुड़े संगठनों कोक्लीन चिटदे दी है.

एक सदस्यीय आयोग ने सरकार को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘ईसाई याचिकाकर्ताओं की इस आशंका का कोई आधार नहीं है कि राजनीतिज्ञ, भाजपा, संघ परिवार और राज्य सरकार हमले में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल हैं.

’मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को सौंपी रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के साथ भड़काने वाले साहित्य का वितरण और धर्मांतरण का मुद्दा हमले के मुख्य कारण थे.सितंबर 2008 में मंगलोर, उडुपी, चिकमंगलूर, कोलार, चिकबल्लारपुर, बेल्लारी और दावणगेरे जिलों में गिरजाघरों पर हमले किए गए थे.

आयोग ने पूजा स्थलों में ताला लगाने और श्रद्धालुओं को प्रार्थना करने से रोकने की प्रशासन की कार्रवाई को ‘प्रशासनिक प्रक्रिया तथा संवैधानिक प्रशासन के इतिहास में अप्रत्याशित’ करार दिया है.जब रिपोर्ट सौंपी गई तब गृह मंत्री आर अशोक और विधि मंत्री एस सुरेश कुमार भी मौजूद थे.

नहीं रुकेगी हज पर सब्सिडी, पूर्व भाजपा सांसद की याचिका ख़ारिज

हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी के खिलाफ दायर याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. पूर्व बीजेपी सांसद प्रफुल्‍ल गोरादिया ने कोर्ट में याचिका दायर कर यह आरोप लगाया था कि सरकार हज तीर्थ यात्रियों पर सालाना करीब 280 करोड़ रुपये खर्च करती है जो आयकर दाताओं के धन का दुरूपयोग है.

हालांकि इससे पहले अल्‍पसंख्‍यक मंत्रालय ने भी सब्सिडी दिए जाने पर अपनी असहमति व्‍यक्‍त की थी लेकिन कैबिनेट ने उसे खारिज कर दिया था. अल्‍पसंख्‍यक मंत्रालय की दलील थी कि हज के लिए किसी भी तरह की सब्सिडी शरिया के खिलाफ है.

अपील में कहा गया था कि मुस्लिमों को विशेष सब्सिडी का प्रावधान संविधान का उल्लंघन है क्योंकि राज्य धर्म, जाति एवं पंथ के आधार पर नागरिकों के साथ भेदभाव नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि हिन्दुओं, ईसाइयों, बौद्धों और सिखों को इस प्रकार की कोई सहायता नहीं मिलती.

याचिका में अनुच्छेद 27 सहित संविधान के विभिन्न प्रावधानों का हवाला दिया गया है. अनुच्छेद 27 के अनुसार किसी भी व्यक्ति को ऐसा कर देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जिसकी राशि का इस्तेमाल किसी विशेष धर्म को बढ़ावा देने या बरकरार रखने के लिए किया जाए.

‘खद्दर’ और ‘चोला’ से देश को अधिक खतरा - बिट्टा

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में करमापा के आवास परिसर में छापेमारी के बाद अखिल भारतीय आतंकवाद निरोधक मोर्चे ने आज कहा किखद्दरऔरचोलासे देश को अधिक खतरा है इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक गुरूओं और गैर सरकारी संगठनों को विदेशों से मिलने वाले धन की जांच कराने की मांग की

मोर्चा के प्रमुख मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने आज भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘देश को खद्दर और चोला..दोनों से खतरा है । सरकार को इस बारे में गंभीरतापूर्वक सोचना होगा। हमारे देश में कई ऐसे लोग हैं जो खद्दर पहन कर और चोला ओढ़ कर सरकारी तंत्र को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं ।’’

करमापा का नाम लिये बिना बिट्टा ने कहा, ‘‘धार्मिक चोला ओढ़ कर देश में काम कर रहे लोगों के धन बल की जांच की जानी चाहिए । जो संत हैं उन्हें धन की क्या जरूरत है । इन लोगों के आय का स्रोत क्या है इसकी भी जांच सरकार को कराने की जरूरत है ।’’

दिल्ली पुलिस के कहने पर अरुंधती और गिलानी के खिलाफ याचिका वापिस

देश विरोधी भाषण देने के आरोप में हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी, अरुंधति राय और चार अन्य लोगों के खिलाफ सुनवाई किए जाने का अनुरोध गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से वापस ले लिया गया। इसके पहले पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि इस संबंध में प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी है।

दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि मामले में प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है। इसके बाद न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि अब याचिका अनुपयोगी हो गई है। अदालत के आदेश के बाद सलेक चंद जैन ने याचिका वापस ले ली।

उन्होंने यह याचिका वकील सुग्रीव दुबे के जरिए दायर की थी। अदालत ने याचिका पर पहले दिल्ली पुलिस और केंद्र को नोटिस जारी करते हुए उनके रुख के बारे में पूछा था। सुशील पंडित की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एक निचली अदालत ने दिल्ली पुलिस को गिलानी, राय तथा चार अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

निमेसुलाइड दर्द निवारक होगा प्रतिबन्घित

शीघ्र ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बच्चों को दिए जाने वाली दर्द निवारक निमेसुलाइड सीरप सहित साइड इफेक्ट वाली चार दवाओं को प्रतिबन्घित कर बाजार से बाहर का रास्ता दिखा सकता है।भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल द्वारा स्वास्थ्य मंत्रालय को जिन चार दवाओं पर तत्काल रोक लगाने की सिफारिश की गई है उनमें निमेसुलाइड सीरप के अलावा एसिडिटी की दवा सिसाप्राइड, सर्दी-जुकाम, खांसी में उपयोग की जाने वाली फेनिलप्रोपेनोलामाइन और चर्म रोग अल्सर के इलाज में दी जाने वाली ह्यूमन प्लेसेंटा एक्सट्रैक्ट शामिल हैं

जनरल ने सिफारिश में मंत्रालय से तत्काल इन चारों दवाओं के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाने की सिफारिश की है। सरकार इस बारे में दो सप्ताह में कोई फैसला कर सकती है।

बताया जाता है कि इस दवा के उपयोग से लीवर पर गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं वहीं सिसाप्राइड भोजन नली और दिल पर गंभीर प्रभाव डालती है। चौंकाने वाली बात यह है कि निमेसुलाइड साल्ट सहित अन्य तीन दवाओं पर अमरीका, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा सहित 168 देशों में बहुत पहले से ही प्रतिबन्ध लगाया हुआ है जबकि भारत में इनका धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है।

निमेसुलाइड का भारत में चिकित्सा क्षेत्र में कितना ज्यादा उपयोग हो रहा है, इसका अंदाजा इसके सालाना कारोबार करीब 300 करोड़ रूपए की जानकारी से लगाया जा सकता है।

विरोध के बावजूद वस्तानवी ने फिर गुजरात के विकास की तारीफ़ की

गुजरात पर अपनी टिप्पणी को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी ने कहा है कि राज्य के लोगों को महसूस हो रहा है कि वहां विकास हो रहा है वह इस्लामिक संस्था दारूल उलूम देवबंद से इस्तीफा देने के निर्णय की घोषणा कर चुके हैं

उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात के लोग इस तथ्य से सहमत हैं कि राज्य में विकास हो रहा है और चाहे हिंदू हो या मुस्लिम हर कोई इसका हिस्सा है ।’’ बहरहाल उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को क्लीनचिट नहीं दिया जाना चाहिए ।

इस बीच संस्था के उपकुलपति मौलाना अब्दुल खालिक मदरसी ने प्रेट्र से कहा कि इस्तीफे के मुद्दे पर 23 फरवरी को संस्था की प्रबंध समिति निर्णय करेगी ।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाता है तो समिति पद के लिए नये नाम पर विचार करेगी ।’’ उत्तरप्रदेश समाजवादी पार्टी के सचिव मावीया अली ने मांग की है कि प्रबंध समिति को वस्तानवी का इस्तीफा स्वीकार नहीं करना चाहिए ।

उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि वस्तानवी को संस्थान में काम नहीं करने दिया गया जो उनके अनुभव का लाभ उठा सकता था ।’’

कोई हिन्दू आतंकवाद नही है ये सब झूठी कहानियां है - राम माधव

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी राम माधव ने कहा है कि देश में राष्ट्रीयता की बजाय अब सत्ता प्राप्ति सर्वोपरि हो गई है इसके लिए सब जायज है

राममाधव ने आज यहां कहा कि यदि कोई देशभक्ति की बात करे तो उसे सांप्रदायिक या आतंकवादी करार दिया जाता है । जबकि देश को तोडने वाले महान नेता बन गए है।
उन्होंने किसी राजनैतिक दल का नाम लिये बगैर कहा कि राष्ट्र के सम्मानपर हमला करने वाले अफजल गुरू को फांसी पर लटकाने की बजाय आरएसएस को हिन्दू आतंकवाद से जोडने को प्रयास किया जा रहा है ।

जबकि कोई हिन्दू आतंकवाद नही है ये सब झूठी कहानियां है । राजनीतिक स्वार्थ के लिए कुचक्र चल रहा है।

राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोकना अवैध, अदालत जायेंगे - आडवाणी

केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा पार्टी नेताओं को श्रीनगर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोकने के लिए उठाए गए कदम कोअपराधकरार देते हुए भाजपा ने कहा कि राज्य प्रशासन केअसंवैधानिक और अवैधकदम के खिलाफ वह अदालत जा सकती है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, ‘लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के भाजपा के अभियान से निबटने के लिए जम्मू-कश्मीर में जो हुआ, वह समर्थन करने योग्य नहीं है। यह अवैध और अपराध है। मैं समझता हूं कि इनमें से कुछ मुद्दों पर हमें अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भाजपा कार्यकर्ताओं को लेकर जम्मू-कश्मीर जा रही विशेष ट्रेनों को रद्द किया गया या उनके मार्ग में परिवर्तन किया गया, वैसा आपातकाल के दौरान भी नहीं हुआ।

आडवाणी पार्टी की युवा इकाई द्वारा आयोजित एकता यात्रा में भाग लेने वाले पार्टी नेताओं को सम्मानित करने के लिए जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। भाग लेने वाले नेताओं में लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और अनंत कुमार थे।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कमजोर और बेअसर हैं - जयललिता

तमिलनाडु के मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसैनिकों की तरफ से हो रहे हमले पर अन्नाद्रमुक पार्टी प्रमुख जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 'कमजोर और बेअसर' होने का आरोप लगाते कहा कि अगर उन्हें यह नहीं पता है कि क्या करना चाहिए, तो वह पद छोड़ दें।

हाल में ही श्रीलंकाई नौसैनिकों के हाथों मारे गए एक मछुआरे के परिजन से मुलाकात के बाद जयललिता ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया, 'भारत सरकार कमजोर है। प्रधानमंत्री कमजोर और बेअसर हैं इसलिए श्रीलांकाई नौसैनिकों की हिम्मत हुई कि उन्होंने भारतीय मछुआरे की हत्या की।'

जयललिता ने कहा, 'भारत विश्व के बड़े देशों में से एक है, लेकिन एक छोटा सा देश हमारे मछुआरों की जिंदगी से खेल रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि केंद्र सरकार कमजोर है।'

राष्ट्र ध्वज फहराकर क्या राजनीति की जा सकती है - नितिन गडकरी

जम्मू में वरिष्ठ भाजपा नेताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए भाजपा ने बुधवार को उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि पार्टी श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने पर राजनीति कर रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि लाल चौक पर तिरंगा फहराने के पीछे राजनीति है। मैं नहीं समझता कि राष्ट्र ध्वज फहराकर क्या राजनीति की जा सकती है। यह राजनीति नहीं बल्कि हमारा कर्तव्य है।

भाजपा मुख्यालय में राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद गडकरी ने संवाददाताओं से यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार अलगाववादियों के दबाव के आगे झुक गई है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और अनंत कुमार को हिरासत में लिए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए गडकरी ने उम्मीद जतायी कि उनके कुछ पार्टी नेता लाल चौक पर तिरंगा फहराने में सफल होंगे।

गौरतलब है कि बुधवार को दो भाजपा कार्यकर्ताओं को लाल चौक में घुसने का प्रयास करते हुए गिरफ्तार किया गया। बहरहाल, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बुधवार सुबह अपनी भूख हड़ताल तोड़ दी, जब गडकरी ने उनसे ऐसा करने का आग्रह किया था।

गडकरी ने कहा कि मैंने उनसे आग्रह किया कि राष्ट्रीय त्योहार के दिन भूख हड़ताल पर नहीं रहे। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा कि पार्टी का हिरासत में लिए गए वरिष्ठ नेताओं के साथ सम्पर्क नहीं है।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अरुण जेटली समेत बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का न्योता दिया। इसके साथ ही उमर ने गिरफ्तार किए गए बीजेपी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को छोड़ देने के आदेश दिए।

उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी नेताओं को राज्य में होने वाले जम्मू या श्रीनगर में होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में से किसी में भी शामिल होने का न्योता दिया। उमर ने यह कदम बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के गिरफ्तार होने के कुछ ही घंटे बाद उठाया। उमर अब्दुल्ला ने गणतंत्र दिवस की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई। उमर ने लोगों से गणतंत्र दिवस के मौके पर अलगाववादियों के मंसूबों को कामयाब न होने देने की अपील भी की।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को बीजेपी की राष्ट्रीय एकता यात्रा कठुआ में रोक दी थी और बीजेपी के शीर्ष नेताओं को पांच सौ कार्यकर्ताओं के साथ जम्मू में घुसने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार कर लिया था। गौरतलब है कि कोलकाता से 13 जनवरी को शुरू हुई पार्टी की यह यात्रा श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर संपन्न होनी थी।

कठुआ के लखनपुर क्षेत्र में गिरफ्तार किए गए ये नेता गणतंत्र दिवस के अवसर पर श्रीनगर के लाल चौक में झंडा फहराने के लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पठानकोट से रावी नदी का पुल पार कर जम्मू के लखनपुर इलाके में घुसे थे। इन्हें श्रीनगर जाने से रोकने के लिए प्रशासन ने राज्य में धारा 144 लागू की थी।

गिरफ्तार नेताओं में संसद के दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, पार्टी के उपाध्यक्ष शांता कुमार, महासचिव अनंत कुमार, बीजेपी युवा मोर्चा के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर भी शामिल थे। इन नेताओं को उसी जगह से गिरफ्तार किया गया जहां से 1953 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था।

उमर की कूटनीति :गणतंत्र दिवस समारोह में आने का न्यौता दिया

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार रात अपना कुटनीतिक कदम उठाते हुए, भाजपा के नेता अरुण जेटली को फोन कर पार्टी नेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह में आने का न्यौता दिया है.

उमर के इस कदम से पहले श्रीनगर की ओर से कूच कर रही भाजपा की तिरंगा यात्रा को पंजाब-जम्मू सीमा पर रोक दिया गया. मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने भाजपा नेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत करने के लिए श्रीनगर या जम्मू आने का निमंत्रण दिया है.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा नेताओं के गणतंत्र दिवस समारोह में आने पर उनका स्वागत किया जाएगा.’

नववर्ष प्रतिप्रदा से शुरू होगी हिन्दू हेल्पलाइन

विश्व हिन्दू परिषद जल्द ही हिन्दू हेल्पलाइन शुरू करेगी। यह नववर्ष प्रतिप्रदा से काम करने लगेगी। देशभर में गौ रक्षा हिन्दू समाज पर किसी भी तरह का संकट आने पर इस हेल्पलाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है। यहां फोन लगाते ही दस मिनट के अंदर सभी संबंधित लोगों तक मैसेज पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद मौके पर बजरंग दल तथा विहिप के कार्यकर्ता पहुंच जाएंगे।

इस टोल फ्री हेल्प लाइन पर देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटक कई सारी सुविधाएं जैसे होटल के कमरे की बुकिंग, रहने का प्रबंध, खान-पान की उचित व्यवस्था एवं सैर सपाटे के लिए वाहनों के साथ-साथ आपातकालीन सुविधा का फायदा उठा सकेंगे।


हेल्पलाइन के जरिये लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वीएचपी ने सभी राज्यों में अस्पतालों, ट्रैवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटरों, होटलों, अतिथि गृहों, धर्मशालाओं, ब्लड बैंक केंद्रों सहित अन्य दूसरी एजेंसियों के साथ हाथ मिलाया है।


आपातकालीन स्थिति में किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को इस टोल फ्री हेल्प लाइन पर संपर्क करना होगा। कुछ ही देर में वीएचपी के कार्यकर्ता वहां चिकित्सक दल के साथ पहुंचकर उपचार कराएंगे। जरूरत पडऩे पर अस्पताल में भर्ती भी कराया जाएगा। इस हेल्पलाइन से विभिन्न धार्मिक या पर्यटन स्थलों पर होटल मालिकों, टूर ऑपरेटरों और टैक्सी चालकों की ठगी पर लगाम लगेगी, जो नए लोगों से निर्धारित से ज्यादा पैसे ले लेते हैं

केरल के लिए यह नंबर है : 9497545511

झंडे के नाम पर दंगे करवाना चाहती है भाजपा - लालू यादव

भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय एकता यात्रा की निंदा करते हुए राजद सुप्रीमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद ने आरोप लगाया कि कश्मीर के लाल चौक पर झंडा फहराने के नाम पर भाजपा देश में दंगा कराना चाहती है.

कर्पूरी ठाकुर की 87वीं जयंती पर पटना में राजद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में लालू ने यह बात कही.लालू ने कहा कि हाल में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा को उम्मीद से अधिक सीट हासिल होने से उनकी पार्टी और आरएसएस का मन बढ़ गया है और अब उनकी नजर केंद्र की सत्ता पर है.

अगले संसदीय चुनाव को ध्यान में रखकर वह इस तरह के कार्यक्रम के जरिए देश का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ रहे हैं.राजद सुप्रीमो ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर वहां की सरकार और वहां की जनता तिरंगा फहराती आ रही है तो ऐसे में भाजपा को झंडा फहराने की आवश्यकता क्यों आ पड़ी.

लालू प्रसाद ने भाजपा पर इस यात्रा के जरिए खतरनाक साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वयं को धर्मनिरपेक्ष बताने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रदेश से उक्त यात्रा में शामिल होने के लिए जाने वालों को रोकना और पकड़ना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मामले में चुप बैठी हुर्ह है.

अरुषि के पिता राजेश तलवार पर अदालत परिसर में हमला

बहुचर्चित आरुषि तलवार हत्याकांड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत परिसर में मंगलवार को राजेश तलवार पर एक अज्ञात व्यक्ति ने हमला कर दिया। हमले में तलवार को चोट लगी और उनके सिर से खून निकलते देखा गया।

हमलावर शख्स की वहां मौजूद भीड़ ने जमकर पिटाई कर दी है, जिसके बाद आरोपी शख्स को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक आरोपी शख्स लखनऊ का रहने वाला है।

12 बजे आरुषि हत्याकांड मामले पर सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत में सुनवाई होगी।

ज्ञात हो कि इससे पहले शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान विशेष अदालत ने इस हत्याकांड से जुड़े दस्तावेज आरुषि के पिता राजेश तलवार को न देने का आदेश दिया था। अदालत ने यह आदेश आदेश तलवार को 'संदिग्ध अभियुक्त' बताने के बाद दिया था।

'आई हेट गांधी' ग्रुप के लिए फेसबुक पर केस दर्ज

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक अन्य के खिलाफ सोमवार को लखनऊ में आपराधिक मामला दर्ज कराया है।

ठाकुर ने फेसबुक पर 'आई हेट गांधी' नाम से चल रहे एक ग्रुप के आपराधिक कृत्य के सम्बन्ध में फेसबुक कंपनी तथा अन्य के खिलाफ यह आपराधिक मामला लखनऊ के गोमतीनगर थाने में दर्ज कराया है।ठाकुर उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल भारतीय प्रबंधन संस्थान(आईआईएम) लखनऊ में शैक्षिक अवकाश पर हैं।

प्राथमिकी में कहा गया कि फेसबुक सोशल नेटवर्किंग साइट इन्टरनेट के माध्यम से हमारे देश में भी सारे कंप्यूटरों पर प्रदर्शित होता है। इसके सदस्य अलग-अलग ग्रुप (समूह) बनाते हैं जिनमें 'आई हेट गांधी' भी है। इसमें कई भद्दे शब्दों और गालियों का खुलेआम प्रयोग किया गया है।

ये अशोभनीय गालियां हमारे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए प्रयुक्त की गई। इन भद्दे शब्दों के जरिए महात्मा गांधी की प्रतिष्ठा तो धूमिल की ही गई है, साथ ही इनके द्वारा समाज में विद्वेष बढ़ाने, लोगों को गलत ढंग से उकसाने, लोगों को विचार-समूहों और अन्य आधारों पर बांटने का प्रयास भी किया गया है।

ठाकुर की तहरीर में इस प्रकरण में मुख्य भूमिका राहुल देवगन निवासी ग्राम-खौली, जिला पटियाला, पंजाब की बताई गई है जबकि अन्य लोगों में गौरब बैनर्जी, रोहन शिंदे, शिक्षित कुमार, गदाधर घोषाल, जसजीत सिंह, देवेन टंडन, अमित आर्य, विग्नेश एन वी तथा अन्य नामित किए गए हैं।

इन व्यक्तियों के अतिरिक्त फेसबुक इंक, मुख्यालय पालो अल्टो, कैलीफोर्निया, अमेरिका को इस प्रकार प्रदान किए जा रहे सेवा के माध्यम से किए जा रहे इस आपराधिक कृत्य के प्रति जानबूझ कर आंखें मूंदे रखने और इस आपराधिक कृत्य के बारे में जानकारी हो जाने के बाद भी उसके प्रति आवश्यक कदम नहीं उठाने के लिए जिम्मेदार बताते हुए आरोपी बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज कराने के पहले ठाकुर ने इनमें से सभी व्यक्तियों से इस बात का अनुरोध किया था कि इस ग्रुप से आपत्तिजनक सामग्री हटा ली जाए पर इन लोगों ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। साथ ही फेसबुक ने भी ठाकुर द्वारा किए गए निवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की थी और यह ग्रुप यथावत जारी रहा।

मुकदमा भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (जान बूझकर जब परिद्वेश से अथवा स्वैरिता से प्रकोपित कोई कार्य, यदि इसके कारण किसी प्रकार का दंगा नहीं हुआ हो), 153-(राष्ट्र की अखंडता तथा राष्ट्रीय एकता को नुकसान करने हेतु गलत ढंग से प्रभावित करने वाले वक्तव्य देना या कृत्य करना) तथा धारा 66 इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट, 2000 सहित विभिन्न धाराओ तहत दर्ज किया गया है।

हमारी माओं ने कायर नहीं जने,हम झंडा फहरा कर रहेंगे -सुषमा स्वराज

...हमें कहा जा रहा है 'देखते हैं कौन झंडा फहराता है और किसका झंडा फहराता हैं..अरे हमारी माओं ने कायर जने हैं क्या? ...

.... हम जम्मू पहुंच चुके हैं... ऐसा लगता है कि टर्मिनल के गेट बंद कर दिए गए हैं... किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने हम पर crpc की धारा 144 लगाई है...वे चाहते हैं कि हम वापस चले जाएं...

अब हम बाहर आ गए हैं...हम धरने पर बैठ गए हैं...वह हमसे प्लेन में बैठकर वापस जाने को कह रहे हैं..हमने मना कर दिया है..

उन्हें हमें गिरफ्तार करने की पावर है...वे हमें वापस कैसे भेज सकते हैं...हम लाल चौक पर झंडा फहराना चाहते हैं...सरकार हमें अपने रिस्क पर वहां जाने दे।

(बीजेपी लीडर सुषमा स्वराज ने से ट्वीट जम्मू एयरपोर्ट से किए। तिरंगा यात्रा पर निगले बीजेपी नेताओं को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया था।)

भाजपा के डर से रणभूमि बनाया गया कश्मीर का प्रवेशद्वार

जम्मू एवं कश्मीर के श्रीनगर के लालचौक पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 26 जनवरी को तिरंगा फहराने की योजना से पहले पंजाब की सीमा से सटे राज्य का प्रवेश द्वार समझे जाने वाले लखनपुर में पुलिस बलों की टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। बख्तरबंद वाहनों की आवाजाही हो रही है तथा यहां आने वाली हरेक बस की तलाशी ली जा रही है।

सरकार ने भाजपा की प्रस्तावित योजना को रोकने का संकल्प लिया है। पंजाब से सटे इस क्षेत्र में पुलिसबल तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस लाठियों, आंसू गैस के गोलों से लैस है और वह रावी नदी के पुल पर पैनी नजर रखे हुए है। इस पुल के मध्य को पंजाब और जम्मू एवं कश्मीर की विभाजक रेखा माना जाता है।

करीब 100 मीटर के पुल पर तैनात पुलिस अधिकारियों में से एक ने बताया, "हमें हिदायत दी गई है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को यहां से हरगिज राज्य में दाखिल होने की इजाजत न दी जाए।"

जम्मू एवं कश्मीर सीमा पर 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं तथा बहुत से अन्य को तैयार रखा गया है। पुलिस अधिकारियों को मोबाइल फोन या वायरलैस सेट्स के माध्यम से हिदायते दी जा रही हैं और उनके शीर्ष अधिकारी ताजा हालात का जानकारी ले रहे हैं।

ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि भाजपा कार्यकर्ता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के वेश में देश के अन्य हिस्सों से राज्य में दाखिल हो सकते हैं और गड़बड़ी फैला सकते हैं।

पंजाब से आने वाली सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग 1-ए के नाम से जाना जाता है और यही इकलौता सड़क मार्ग जम्मू एवं कश्मीर को शेष भारत से जोड़ता है। लखनपुर के बहुत से प्रवेश द्वार हैं।

कठुआ की उपायुक्त जाहिदा खान ने कई बार शहर का दौरा किया और हिदायतें दीं लेकिन उन्होंने संवाददाताओं के प्रश्नों का जवाब देने से इंकार कर दिया। यह क्षेत्र खान के ही अधिकारक्षेत्र में आता है।

एक शीर्ष अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "भाजपा कार्यकर्ताओं को जम्मू एवं कश्मीर में दाखिल होने से रोकने के लिए सभी जरूरी उपाय कर लिए गए हैं।" उन्होंने बताया कि पुलिस को हिदायत दी गई है कि आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग किया जाए।

सामान की आपूर्ति करने वाले ट्रकों तक की तलाशी ली जा रही है। जम्मू एवं कश्मीर को सभी प्रकार की आपूर्ति इसी सड़क मार्ग से की जाती है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस क्षेत्र में ऐसी सख्ती पहले कभी नहीं की गई। इतना ही नहीं 19 साल पहले के भाजपा मार्च के दौरान भी इतनी सख्ती नहीं की गई थी।

भाजपा ने हंसराज भारद्वाज को वापस बुलाने की मांग की

सोमवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वाराज की अगुआई में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ कर्नाटक के भाजपा सांसदों का एक दल राष्ट्रपति से मिलने पहुंचा.

वहां उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने के बाद उन्हें ज्ञापन सौंपा और कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को वापस बुलाने की मांग की. भाजपा नेताओं ने राष्ट्रपति से राज्यपाल हंसराज भारद्वाज के खिलाफ शिकायत की.

वहीं बैंगलोर की अदालत मे येदयुरप्पा और उनके परिवार के खिलाफ तीन मामले दर्ज किये गये हैं.

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री येदयुरप्पा ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को खुली चुनौती दी है और परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा.

येदयुरप्पा भ्रष्टाचार के आरोपों में अपने खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति देने के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज के फैसले पर रोक लगाने की मांग को लेकर आज हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं.

मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने बताया कि कई वकीलों और विधि विशेषज्ञों ने रविवार को करीब 93 दस्तावेजों का अवलोकन किया जिसके आधार पर राज्यपाल ने गत 21 जनवरी को येदयुरप्पा के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति दी.

सूत्रों ने बताया कि येदियुरप्पा का प्रसिद्ध विधि विशेषज्ञ राम जेठमलानी भी मार्गदर्शन कर रहे हैं. उनके कोर्ट में मुख्यमंत्री की ओर से पेश होने की भी उम्मीद है.अधिवक्ता सिरजिन बाशा और के एन बलराज ने शहर की एक अदालत में दो फौजदारी याचिकाएं दायर की थीं.

इन्हीं दो वकीलों की याचिकाओं पर राज्यपाल ने येदयुरप्पा के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति दी थी.सूत्रों ने हालांकि यह नहीं कहा कि क्या येदयुरप्पा इन शिकायतों पर कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए भी प्रार्थना करेंगे. राज्यपाल के अनुमति देने से येदयुरप्पा भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अभियोग का सामना करने वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे.राज्य मंत्रिमंडल के 19 जनवरी के प्रस्ताव को खारिज करते हुए भारद्वाज ने येदियुरप्पा के खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति दे दी थी.

राज्यपाल के इस कदम को भाजपा ने संवैधानिक तौर पर ‘अनुचित’ और ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया था.येदयुरप्पा ने अपने इस्तीफे की संभावना से इंकार किया था. वह अपनी सरकार पर मंडरा रहे राजनैतिक संकट और इस हालात से निपटने के लिए भावी रणनीति पर पार्टी के शीर्ष नेताओं से विचार-विमर्श करने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं.

दोनों अधिवक्ता सोमवार को अतिरिक्त नगर दीवानी न्यायाधीश सी बी हिप्परागी के समक्ष येदयुरप्पा के खिलाफ 12 अतिरिक्त आरोपों को लेकर चार और शिकायतें दायर कर सकते हैं.मालूम हो कि भूमि हथियाने और उसे सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने सम्बंधी दो मामलों में मुख्यमंत्री के खिलाफ सोमवार को न्यायाधीश सी बी हिप्परागी की विशेष अदालत में सुनवाई होगी.

इन आरोपों में येदयुरप्पा के अलावा उनके दो बेटों सिमोगा से सांसद बी वाई राघवेंद्र और बीवाई विजेंद्र, दामाद आर एन सोहन कुमार, पूर्व भाजपा मंत्री एस एन कृष्णानैया सेट्टी और 'दावलगिरी प्रोपर्टी डेवलेपर्स लिमिटेड' के मालिक सहित अन्य करीबी सहयोगियों के नाम शामिल हैं.येदियुरप्पा ने वरिष्ठ नेताओं से ली सलाहबी एस येदयुरप्पा ने रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की.

उन्होंने अपने ऊपर दर्ज मामलों का सामना करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर उनसे सलाह ली. कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर दो वकीलों ने उन पर आपराधिक मामले दाखिल कराए हैं.पार्टी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद येदयुरप्पा ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज द्वारा उनके खिलाफ अभियोग चलाने की अनुमति को चुनौती देने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से राजनीतिक और कानूनी रणनीति पर चर्चा की.

येदयुरप्पा सोमवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से भी मुलाकात करने वाले हैं. गडकरी अपनी पांच दिनों की चीन यात्रा से रविवार रात यहां पहुंचेंगे.नई दिल्ली रवाना होने से पहले येदयुरप्पा ने बेंगलुरू में पत्रकारों से कहा, 'राज्य में लोकतांत्रित रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने के लिए मैं पार्टी के शीर्ष नेताओं से अनुरोध करता हूं कि वह राज्यपाल को वापस बुलाने की राष्ट्रपति से मांग करें.

'मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने पद से हटने से इंकार किया और जोर देकर कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है इसके लिए वह अंत तक संघर्ष करेंगे और अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे.बेंगलुरू में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल हंसराज भारद्वाज द्वारा कार्रवाई की मंजूरी दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री राज्य में राजनीतिक हालात की जानकारी देने और उठाए जाने वाले अगले कदम के सम्बंध में पार्टी नेतृत्व से मशविरा करने के लिए रविवार दोपहर बाद दिल्ली रवाना हुए.

सिख विरोधी दंगे : कमलनाथ को अमेरिकी अदालत से सम्मन

अमेरिका स्थित मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले एक समूह 'सिख्स फॉर जस्टिस' के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत एस. पन्नून के मुताबिक कमलनाथ के खिलाफ सुनवाई शुरू होगी।

उन्होंने बताया कि कमाल नाथ के खिलाफ मानवाधिकारों के लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।

न्यूयार्क के दक्षिणी जिला न्यायालय द्वारा गत 10 दिसम्बर को सम्मन जारी करने के बाद कमलनाथ ने राजनयिक उन्मुक्ति कानूनों का हवाला देकर अपने संरक्षण की मांग की थी। पन्नून ने कहा कि उनके अनुरोध को विदेश मंत्रालय ने ठुकरा दिया है।

मनमोहन सिंह को इस्तीफा दे देना चाहिए - राम जेठमलानी

वरिष्ठ वकील और भारतीय जनता पार्टी के सांसद राम जेठमलानी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों का बचाव कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

जेठमलानी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, ‘‘मनमोहन सिंह कभी ईमानदार हुआ करते थे, लेकिन अब वह नहीं हैं क्योंकि उनकी ओर से भ्रष्ट लोगों का बचाव किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक व्यक्ति घूस लेने से मना करके ही खुद को ईमानदार नहीं कह सकता। एक प्रधानमंत्री के रूप में उन पर और भी जिम्मेदारियां हैं। मनमोहन सिंह को इस्तीफा दे देना चाहिए।’’

सरकार अलगाववादियों के आगे समर्पण कर चुकी है - आडवाणी

श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर जेपीसी मांग को लेकर अड़ी भाजपा ने केंद्र की संप्रग सरकार को आड़े हाथों लिया है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने तिरंगा फहराने के भारतीय जनता युवा मोर्चा [भाजयुमो] के कार्यक्रम के बारे में प्रधानमंत्री की अपील को खारिज करते हुए सरकार पर अलगाववादियों के आगे समर्पण का आरोप लगाया है।

तिरंगा फहराने को राजनीतिक लाभ की राजनीति करार देने के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आडवाणी ने अपने ब्लॉग में इसे अलगाववादियों के खिलाफ चुनौती बताया है। भाजयुमो नेताओं को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर की सीमाएं सील किए जाने का विरोध करते हुए आडवाणी ने राज्य सरकार पर अलगाववादियों के आगे घुटने टेकने का आरोप लगाया।

अरुण जेटली ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा को रोकने के लिए राज्य की सीमाओं को सील करना अलोकतांत्रिक है और इसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।इसके साथ ही विपक्ष को माओवादियों से हाथ मिलाने की सलाह देने वाले प्रणब मुखर्जी के बयान को लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने स्तब्धकारी करार दिया है।

उनके अनुसार, यह बयान बताता है कि सरकार का संसदीय संस्थाओं पर विश्वास नहीं है। बयान पर हैरानी जताते हुए उन्होंने सवाल किया कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी से जांच की मांग करना संसदीय लोकतंत्र या संविधान में आस्था नहीं होने का द्योतक कैसे हो सकता है।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री मुखर्जी ने शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के संसद के बहिष्कार पर टिप्पणी करते हुए पिछले शनिवार को कहा था कि विपक्ष की संसदीय लोकतंत्र में कोई आस्था नहीं है और उन्हें माओवादियों के साथ हाथ मिला लेना चाहिए।

लाल चौक पर तिरंगा नहीं तो जम्मू कश्मीर में केंद्र शासन हो - सुब्रमण्यम स्वामी

जनता पार्टी प्रमुख सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र को श्रीनगर के लालचौक पर तिरंगा फहराने को लेकर दायित्व बाध्य करार देते हुए रविवार को कहा कि यदि राज्य सरकार वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहयोग करने में विफल रहती है तो जम्मू कश्मीर में केंद्र शासन लगा दिया जाना चाहिए।

स्वामी ने यहां जारी एक बयान में कहा कि संविधान में उल्लेखित नियमों के पालना के तहत संप्रग सरकार का यह दायित्व है कि वह लाल चौक पर आधिकारिक रूप से तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मामलों की केबिनेट समिति ने वर्ष 1991 में जनवरी के पहले सप्ताह में इस संबंध में एक प्रस्ताव मंजूर किया था।

उन्होंने कहा कि उस समय चंद्रशेखर प्रधानमंत्री थे और वह केंद्रीय कानून, न्याय एवं वाणिज्य मंत्री थे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ मंत्री एवं सीसीपीए का सदस्य होने के नाते मैं यह मुद्दा सीसीपीए में उठाया था क्योंकि वी पी सिंह सरकार ने इस मामले पर विचार करने के बाद वर्ष 1990 में लाल चौक पर झंडा फहराने की परंपरा पर रोक लगाने का फैसला किया क्योंकि इससे राज्य की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती थी।

स्वामी ने कहा कि चंद्रशेखर सेवा प्रमुख, गुप्तचर प्रमुखों और केबिनेट सचिव से बात करने के बाद मुझसे सहमत हुए और निर्देश दिया कि सरकार झंडा फहराए और यदि कोई समस्या खड़ी होती है तो सेना सुरक्षा मुहैया कराए। उन्होंने कहा कि राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बाद में इससे सहमति जताने के साथ ही 26 जनवरी 1991 को तिरंगा झंडा फहराए जाने के दौरान शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान किया।

उन्होंने कहा कि लाल चौक को कोई बाजार क्षेत्र नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक स्थान है जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री भी स्वीकार कर चुके हैं इसलिए वह मांग करते हैं कि 26 जनवरी को वहां पर तिरंगा फहराया जाए। यदि राज्य सरकार सहयोग नहीं करती है तो राज्य में केंद्र शासन घोषित करके शासन व्यवस्था सेना को सौंप दिया जाए।

'मिले सुर मेरा तुम्हारा' के जनक भीमसेन जोशी ने अंतिम सांस ली

सुप्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक और भारत रत्न से सम्मानित पंडित भीमसेन जोशी का सोमवार सुबह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वे 89 साल के थे. जोशी ने पुणे के सह्याद्रि अस्पताल में सुबह आठ बजकर दो मिनट पर अंतिम सांस ली.

जोशी को 2008 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.शास्त्रीय गायन को नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाले जोशी के निधन से पूरे भारत में शोक की लहर दौड़ गई है. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत अनेक राजनीतिक हस्तियों ने निधन की खबर सुनते ही शोक व्यक्त किया है.

जोशी के जाने से इस देश और शास्त्रीय संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है.भीमसेन जोशी किराना घराने के महत्वपूर्ण गायक थे. उन्होंने 19 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था और लगभग सात दशकों तक शास्त्रीय गायन किया. जोशी को मुख्य रूप से खयाल शैली और भजन के लिए जाना जाता है.

पंडित जोशी को वर्ष 1999 में पद्मविभूषण, 1985 में पद्मभूषण और 1972 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। जोशी का मशहूर "मिले सुर मेरा तुम्हारा" गाना आज भी देशवासियों की जुबां पर है.

भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को गिरफ्तार करने के आदेश

भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को बिहार के बेतिया जिले की पुलिस ने शनिवार देर गिरफ्तार करने का आदेश दिया। सिन्हा को जांच में वर्ष 2010 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद यह आदेश जारी किया गया है।

तिवारी ने गौनाहा थाने के प्रभारी को निर्देश दिया है कि यदि वह इस मामले में फरार रहते हैं तो उनकी सम्पत्ति जब्त की जाए। गौरतलब है कि जिला प्रशासन की अनुमति बिना पिछले साल गौनाहा थाना अंतर्गत बेलवा बहुआरी गांव में हेलीकॉप्टर उतारने के मामले में सिन्हा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार भागीरथी देवी के समर्थन में एक जनसभा को सम्बोधित किया था।

राम मंदिर निर्माण अवश्य होगा, उसे कोई टाल नहीं सकता - महंत नृत्य गोपाल दास

हिन्दू संगठनों को बदनाम करने, विशेष कर आतंकी संगठनों से तुलना किये जाने से अयोध्या के परम संत एवं रामजन्म न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास आहत हैं। कहते हैं कि अंधेरा कितना भी घना क्यों हो उसका अंत निश्चित होता है। रात के बाद प्रभात शाश्वत सत्य है। देश भी इस समय बुरी परिस्थिति से गुजर रहा है। साधु संतो को योजनाबद्ध ढंग से बदनाम किया जा रहा है। न्यायालय से राम जन्म भूमि का निर्णय आने के बावजूद राष्ट्र विरोधी तत्व मंदिर निर्माण की राह में रोड़ा अटका रहे हैं, पर वह सफल नहीं होंगे। जन्मभूमि पर शीघ्र ही भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा।

महंत नृत्य गोपाल दास शनिवार को यहां बस्ती आगमन पर सवांददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यक वोट के लिए हिन्दू समाज को कटघरे में खड़ा कर रही है। भगवा आतंकवाद का शिगूफा इसी साजिश का नतीजा है। हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। राम मंदिर निर्माण अवश्य होगा, उसे कोई टाल नहीं सकता।

योजना का खुलासा करते हुए नृत्य गोपाल दास ने कहा कि हनुमत शक्ति जागरण के माध्यम से देश भर में पांच हजार धर्म सभाएं हो रही हैं। हनुमत शक्ति के जागरण से मंदिर निर्माण में आने वाली हर बाधा स्वत: समाप्त हो जाएगी।

उन्होंने दु:ख व्यक्त किया कि सरकार देश भक्ति के पर्याय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर आतंकवादी संगठन होने का आरोप लगा रही है, जबकि किसी भी जांच में संघ के पदाधिकारी दोषी नहीं पाए गए हैं। सरकार को प्रतिबंध लगाना है तो जेहादी संगठनों पर लगाए जो देश को बर्बाद करने पर तुले हैं।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। अयोध्या की पहचान रामजन्म भूमि से है। मंदिर अपने मूल स्थान पर ही बनेगा, इसे कोई ताकत रोक नहीं सकती। राम जन्म भूमि न्यास इसके लिए संकल्प ले चुका है।

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