ताज़ा समाचार (Fresh News)

सरकार ने इकोनॉमिक टाइम्‍स में छपी खबर का खंडन किया

सरकार का ध्‍यान 8 जुलाई, 2016 के समाचार पत्र इकोनॉमिक टाइम्‍स (नई दिल्‍ली संस्‍करण) के पृष्‍ठ-7 पर ‘न्‍यू एयर लाइन टू कनेक्‍ट कैपिटल्‍स इन नॉर्थ-ईस्‍ट लाईक्ली’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार की ओर आकर्षि‍त किया गया है। 


इस समाचार के संदर्भ में स्‍पष्‍ट किया जाता है कि ऐसे किसी प्रस्‍ताव पर पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉक्‍टर जितेन्‍द्र सिंह द्वारा पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के साथ किसी तरह का विचार-विमर्श नहीं किया गया। 

प्रधानमंत्री मोदी ने नीस, फ्रांस में हुए भीषण हमले की कड़ी निंदा की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के शहर नीस में हुए भीषण हमले की कड़ी निंदा की है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि “मैं नीस में हुए आतंकी हमले से स्तब्ध हूं। मैं इस नासमझी भरी हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। भारत दुख की इस घड़ी में फ्रांस के भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ा है।“

स्‍वच्‍छ भारत मिशन के तहत 10 प्रतिष्ठित स्‍थानों की सफाई होगी


अपनी जड़ों तक वापस लौटने और ग्रामीण भारत से स्‍वच्‍छता के पाठ सीखने की आवश्‍यकता ‘ : पीने का पानी एवं स्‍वच्‍छता मंत्री के रूप में नरेन्‍द्र सिंह तोमर का पहला संबोधन  

पीने का पानी एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय ने 8 एवं 9 जुलाई को नई दिल्‍ली में देश भर में 100 प्रतिष्ठित स्‍थानों की विशेष सफाई के लिए, जिसकी शुरूआत पहले चरण में 10 स्‍थानों के साथ होगी, एक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। संबंधित राज्‍य सरकारों एवं नगर पालिका निकायों के प्रतिनिधियों के साथ साथ इस कार्यशाला में निम्‍नलिखित 10 स्‍थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

1.     वैष्‍णो देवी : जम्‍मू एवं कश्‍मीर
2.     ताज महल : उत्‍तर प्रदेश
3.     तिरूपति मंदिर : आंध्र प्रदेश
4.     स्‍वर्ण मंदिर : पंजाब
5.     अजमेर शरीफ : राजस्‍थान
6.     मीनाक्षी मंदिर : तमिलनाडु 
7.     कामख्‍या मंदिर : असम
8.     जगन्‍नाथ पुरी : ओडिशा
9.     मणिक‍िर्णकाघाट : उत्‍तर प्रदेश
10.  छत्रपति शिवाजी टर्मिनस : महाराष्‍ट्र

कार्यशाला के पहले दिन अर्थात 8 जुलाई, 2016 को कार्यशाला की शुरूआत केंद्रीय पीने का पानी एवं स्‍वच्‍छता मंत्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर एवं पीने का पानी एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय में सचिव श्री परमेश्‍वरन अय्यर द्वारा उद्घाटन भाषण के साथ हुई।

मंत्री महोदय ने अपने उद्घाटन भाषण में (मंत्रालय का पद भार ग्रहण करने के बाद अपने पहले सार्वजनिक समारोह को संबोधित करते हुए) प्राचीन ग्रामीण भारत में व्‍याप्‍त कारगर ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन प्रचलन को रेखांकित किया और कहा कि हमें अपनी जड़ों तक वापस जाना चाहिए एवं  अतीत के अच्‍छे प्रचलनों से ‘स्‍वच्‍छता’ की सीख लेनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि गांधीजी ने एक स्‍वच्‍छ भारत के लिए काम किया और सभी के सामने अनुसरण करने के लिए एक उदाहरण प्रस्‍तुत किया। उन्‍होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व द्वारा सृजित वातावरण के बारे में भी बातें कीं जिन्‍होंने राष्‍ट्र में  ‘स्‍वच्‍छता’ को  समाज में एक मूल्‍य के रूप में फिर से प्रतिस्‍थापित किया है। स्‍वच्‍छ भारत मिशन के तहत देश भर में प्रतिष्ठित स्‍थानों की सफाई के लिए पहल के संबंध में उन्‍होंने कहा कि पहले चरण में 10 प्रतिष्ठित स्‍थानों की सफाई में जो प्रतिमान स्‍थापित किए जाएंगे, उन्‍हें सभी 100 स्‍थानों तक विस्‍तारित किया जाएगा और उम्‍मीद है कि एक वैश्विक उदाहरण स्‍थापित किया जाएगा।

इसके बाद शहरी योजना निर्माण, स्‍वच्‍छता एवं सफाई के क्षेत्र में मैशेच्‍यूट्स इंस्‍टीच्‍श्‍ूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी, विश्व बैंक एवं सिटीज एलायंस जैसे संस्‍थानों के अंतरराष्‍ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा एक प्रस्‍तुतीकरण पेश किया गया। उन्‍होंने सिंगापुर, इक्‍वाडोर एवं पाकिस्‍तान (लाहौर के दिल्‍ली गेट की सफाई) समेत दुनिया भर के इसी प्रकार के एवं सफल अंतरराष्‍ट्रीय सफाई अभियानों के केस अध्‍ययन भी साझा किए।

इसके बाद 10 प्रतिष्ठित स्‍थानों की टीमों द्वारा विस्‍तृत प्रस्‍तुतीकरण पेश किए गए जिनमें शामिल हैं:

क)     भूगोल, कवर किया गया क्षेत्र, आने जाने वाले लोगों की संख्‍या आदि समेत साइट की विशेषताएं
ख)    साइट के भीतर एवं बाहर स्‍वच्‍छता की वर्तमान स्थिति
ग)     भीतर एवं बाहर स्‍वच्‍छता बनाये रखने के लिए वर्तमान में उठाए गए विि‍शष्‍ट कदम एवं
घ)     घटनाक्रमों, प्रमुख कंपनियों, वित्‍तीय बजटों आदि समेत प्रस्‍तावित कार्य योजना 

10 प्रतिष्ठित स्‍थानों की टीमों को अंतरराष्‍ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा फीडबैक दिए गए एवं टीमों के बीच सबसे अच्‍छे प्रचलनों को साझा किया गया।

कार्यशाला के दूसरे दिन अर्थात 9 जुलाई, 2016 को शहरी विकास मंत्रालय ने इस पहल के तहत शुरू किए गए स्‍वच्‍छता कार्यों से संबंधित केंद्र सरकार की महत्‍वपूर्ण योजनाओं पर एक प्रस्‍तुतीकरण पेश किया। उन्‍होंने सभी टीमों को यह आश्‍वासन भी दिया कि मंत्रालय अपनी तरफ से इस स्‍वच्‍छता अभियान को पूरा समर्थन देगा। 

सुदर्शन भगत ने किसान कल्‍याण राज्‍यमंत्री का पदभार ग्रहण किया

श्री सुदर्शन भगत ने नए कृषि एवं किसान कल्‍याण राज्‍यमंत्री के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि उनका फोकस कम लगात से अनाज के अधिक पैदावार के साथ दुग्‍ध उत्‍पादों का उत्‍पादन बढ़ाने पर होगा जिससे किसान दुगनी आय प्राप्‍त कर सकें। 

नए कृषि एवं किसान कल्‍याण राज्‍यमंत्री, झारखंड के लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। श्री भगत 15 वीं लोकसभा (2009-2014) के भी सदस्‍य थे। उन्‍होंने 2000 से 2005 तक झारखंड विधानसभा के सदस्‍य के रूप में काम किया। झारखंड सरकार में श्री भगत मानव संसाधन राज्‍यमंत्री (2000-2003) और मुख्‍यमंत्री सचिवालय में मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) 2003-2004) रह चुके हैं। वे 2004 से 2005 तक झारखंड सरकार में कल्‍याण मंत्री के रूप में भी काम किया है। 

श्री भगत का जन्‍म 20 अक्‍टूबर, 1969 को हुआ। वे स्‍नातक हैं और कई संसदीय समितियों के सदस्‍य रह चुके हैं।

अच्छे दिन: अब DEMU रेलगाडियों में होंगे वातानुकूलित डिब्‍बे


भारतीय रेल ने अपनी डेमू (डीईएमयू) रेलगाडियों के लिए अब तक का पहला वातानुकूलित डिब्‍बा (कार) विकसित किया है। अभी तक डीईएमयू रेलगाडियों में केवल गैर वातानुकूलित डिब्‍बे लगाए जाते थे। अब तक के इन पहले वातानुकूलित डिब्‍बों का विनिर्माण भारतीय रेल के चेन्‍नई आधारित इंटीग्रल कोच फैक्‍टरी (आईसीएफ) में किया गया है। वर्तमान 8 डिब्‍बों की डीईएमयू रेलगाडियों में ऐसे 2 नव विकसित वातानुकूलित डिब्‍बे होंगे। जल्‍द ही ऐसी डीईएमयू रेलगाडियां यात्री सेवाओं के लिए भी प्रारंभ की जाएंगी। इंटीग्रल कोच फैक्‍टरी (आईसीएफ) ने 4 डीईएमयू रेलगाडियां चलाने की योजना बनाई है जिसमें से प्रत्‍येक में दो-दो वातानुकूलित डिब्‍बे होंगे। ऐसी रेलगाडियां भविष्‍य में और बनाई जाएं या नहीं, यह उपयोगकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक पर निर्भर करेगा। 

ऐसे वातानुकूलित डिब्‍बों में 5 आरामदायक शयित कुशन युक्‍त चेयर का प्रावधान होगा जिन्‍हें 73 यात्रियों को बिठाने की कुल क्षमता के साथ प्रत्‍येक पंक्ति ( 2 * 3 की रूपरेखा ) में व्‍यवस्थित किया जाएगा। इन वातानुकूलित डिब्‍बों की आंतरिक रूपसज्‍जा इंटरसिटी एसी एक्‍सप्रेस रेलगाडी के डिब्‍बों की तरह होगी। सभी वातानुकूलित डिब्‍बे पर्यावरण अनुकूल जैव शौचालयों से सुसज्जित होंगे। भारतीय रेल वर्तमान में तीन प्रकार की डीईएमयू रेलगाडियों का संचालन करती है जिनके नाम हैं- 700 अश्‍व शक्ति के साथ 6 डिब्‍बों की डीईएमयू रेलगाडियां, 1400 अश्‍व शक्ति के साथ 8 डिब्‍बों की डीईएमयू रेलगाडियां एवं 1600 अश्‍व शक्ति के साथ 10 डिब्‍बों की डीईएमयू रेलगाडियां। 

कौशल विकास के लिए कादुना (नाईजीरिया) में परिधान प्रशिक्षण केन्‍द्र स्‍थापित

नाईजीरिया के कादुना में एक परिधान परिधान प्रशिक्षण केन्‍द्र की स्‍थापना की गई है। इस केन्‍द्र की स्‍थापना अफ्रीका के लिए कपास प्रौद्योगिकी सहायता कार्यक्रम( कॉटन टीएपी) के तहत की गई है। इसका क्रियान्‍वयन भारत सरकार के वाणिज्‍य विभाग द्वारा द्वितीय भारत- अफ्रीका फोरम के शिखर सम्‍मेलन के अंतर्गत किया जा रहा है। यह नाईजीरिया सरकार के सहयोग से वहां स्‍थापित अपने तरह का पहला केन्‍द्र है। इस केन्‍द्र का उद्घाटन वाणिज्‍य विभाग के संयुक्‍त सचिव श्री एम के द्विवेदी ने 22 जून, 2016 को किया था। 

उन्‍होंने बताया कि इस केन्‍द्र की स्‍थापना का उद्देश्‍य नाईजीरिया सरकार द्वारा की जा रही पहलों को समर्थन देना है ताकि देश में कपास एवं वस्‍त्र मूल्‍य श्रृंखला बनाने के ध्‍येय को फिर से साकार दिया जा सके और साथ ही पश्चिम अफ्रीका में कुशल श्रमिकों और निर्यातोन्‍मुखी परिधान उद्योग की जरूरत को पूरा किया जा सके। 

संस्‍कृति मंत्रालय ने विदेश में भारत महोत्‍सव के लिए आवेदन आमंत्रित किए

अंतरराष्‍ट्रीय सांस्‍कृतिक संबंधों को मजबूत करने और भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाने की ध्‍यान केंद्रित रणनीति के हिस्‍से के रूप में विदेश में भारत महोत्‍सवों (एफओआई) के आयोजन की जिम्‍मेदारी संस्‍कृति मंत्रालय पर ही है। यह योजना मंत्रालय द्वारा वर्ष 2013 में पुन: शुरू की गई थी। भारत महोत्‍सव में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में आमतौर पर नृत्‍य, संगीत, थियेटर, फिल्‍म, खाद्य पदार्थ, साहित्‍य महोत्‍सव, योग प्रदर्शन, लोक कला, कला प्रदर्शन, प्रदर्शनियां व कार्यशालाएं इत्‍यादि शामिल होते हैं। उल्‍लेखनीय है कि भारत महोत्‍सव के तहत मुख्‍य रूप से स्‍थानीय लोगों को जोड़ने और उनके मन में भारत के प्रति धारणा को बेहतर करने पर ध्‍यान केंद्रित किया जाता है।

विदेश में स्थित भारतीय मिशनों के जरिये विभिन्‍न देशों में भारत महोत्‍सव का आयोजन किया जाता है। इस तरह के प्रयासों के तहत स्‍वायत्‍त संगठन, निजी संस्‍थान/एनजीओ/विश्‍वविद्यालय/विभिन्‍न तरह के लोग भारत महोत्‍सव को सफल बनाने में अपनी ओर से अहम योगदान करते हैं।

संस्‍कृति मंत्रालय विदेश में स्थित प्रमुख क्रियान्‍वयनकारी एजेंसी भारतीय मिशनों से संपर्क साध कर भारत महोत्‍सव के लिए उनकी इस दिलचस्‍पी से अवगत होता है कि क्‍या वे अपने देश में इसका आयोजन करना चाहते हैं। मंत्रालय उनके अवलोकन/चयन के लिए उन्‍हें प्रस्‍तावित कार्यक्रमों की सूची भेजता है।

संस्‍कृति मंत्रालय में भारत महोत्‍सव से जुड़ा प्रकोष्‍ठ एक समेकित प्रस्‍ताव पेश करने के लिए सभी संबंधित प्रतिभागी एजेंसियों के साथ समन्‍वय स्‍थापित करता है। इस प्रस्‍ताव में तैयारियों के संभावित पहलुओं के बारे में विस्‍तृत जानकारियां होती हैं, जिनमें समारोह स्‍थल से लेकर कार्गो के संचालन एवं बजटीय आवश्‍यकताएं तक शामिल होती हैं।

विदेश में होने वाले भारत महोत्‍सव में भाग लेने की इच्‍छुक सभी एजेंसियों से यह आग्रह किया जाता है कि वे इस संबंध में संस्‍कृति मंत्रालय की वेबसाइट: http://www.indiaculture.nic.in/  पर अवश्‍य जाएं और विदेश में होने वाले भारत महोत्‍सव में कलाकारों/कार्यक्रमों को शामिल करने के लिए एक निर्धारित प्रारूप में कार्यक्रमों/प्रदर्शन का ब्‍यौरा तय समय में संस्‍कृति मंत्रालय के भारत महोत्‍सव (एफओआई) प्रकोष्‍ठ को निश्चित तौर पर दें। हर कार्यक्रम के लिए लिंक के साथ एक संक्षिप्‍त अवधारणा प्रपत्र को भी शामिल किया जा सकता है। जिन कलाकारों ने पहले से ही आवेदन कर रखा है और जिन्‍हें मंत्रालय की ओर से ग्रेडिंग प्राप्‍त है, उन्‍हें फिर से आवेदन करने की कोई जरूरत नहीं है।

सीडी/डीवीडी के साथ प्रस्‍ताव की हार्ड कॉपी निम्‍नलिखित पते पर भेजी जानी चाहिए: संस्कृति मंत्रालय, भारत महोत्सव प्रकोष्‍ठ - आईसीआर प्रभाग, केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय, प्रथम  तल, शास्त्री भवन, नई दिल्ली -110001। इसके साथ ही एमएस वर्ड डॉक्‍यूमेंट में एक सॉफ्ट कॉपी भी ईमेल के जरिये  foicell-culture@gov.in पर भेजी जानी चाहिए।    

स्‍टार्टअप की स्थिति पर रिपोर्ट #startupindia

पी.पी. चौधरी ने विधि एवं न्याय राज्यमंत्री का कार्यभार संभाला

पी.पी.चौधरी ने नई दिल्ली में नए विधि एवं न्याय राज्यमंत्री का कार्यभार संभाल लिया। इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए श्री चौधरी ने इस चुनौतीपूर्ण काम के लिए उनमें विश्वास जताने और उनके नाम पर विचार करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा आम आदमी को समय पर न्याय दिलाने का उन्हें मौका मिला है। उन्होंने श्री रविशंकर प्रसाद के साथ काम करने और भविष्य में मिलने वाले उनके मार्गदर्शन पर भी खुशी जाहिर की। 

पीयूष गोयल ने नये खान मंत्री का पदभार संभाला

पीयूष गोयल ने कहा, ‘जीडीपी में खनन के योगदान को देखते हुए पारदर्शिता लाने पर गौर करूंगा’ 

श्री पीयूष गोयल ने आज यहां नये ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्री श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर की मौजूदगी में नये खान राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) का कार्यभार संभाल लिया। श्री गोयल को विद्युत, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) के वर्तमान पद के अलावा यह अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया है। 

इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि श्री पीयूष गोयल एक सक्षम मंत्री हैं, जिन्‍होंने पिछले दो वर्षों में विद्युत, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को असाधारण विकास के मार्ग पर अग्रसर करके अपनी काबिलियत साबित कर दी है। श्री तोमर ने उन्‍हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि मुझे भरोसा है कि श्री गोयल के सक्षम नेतृत्‍व में खान क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा। 

ग्रामीण विकास मंत्रालय में बड़ी भूमिका के लिए श्री तोमर को बधाई देते हुए श्री पीयूष गोयल ने कहा कि श्री तोमर ने देश के खनन क्षेत्र में बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को बेहतर करके उल्‍लेखनीय कार्य किया है। श्री गोयल ने यह भी कहा, ‘हम सभी को अब सिर्फ उनके कार्यों को आगे ले जाना है।’ 

खान मंत्रालय के लिए अपनी भावी योजनाओं के बारे में मीडिया से बात करते हुए श्री गोयल ने कहा कि वह अगले एक-दो वर्षों में देश की जीडीपी वृद्धि दर में 1 प्रतिशत योगदान की उम्‍मीद कर रहे हैं। मंत्री महोदय ने कहा कि वह पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र के आर्थिक विकास पर अपना ध्‍यान केंद्रित करेंगे। उन्‍होंने यह भी आश्‍वासन दिया कि इस क्षेत्र में विकास का भावी खाका (रोडमैप) तैयार करने के लिए सभी हितधारकों के साथ उनकी बातचीत शीघ्र ही होगी। 

नरेन्द्र सिंह तोमर ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का पद संभाला

ग्रामीण विकास, पंचायती राज तथा पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत का असली विकास ग्रामीण भारत के विकास से जुड़ा हुआ है। यहाँ नए मंत्रालयों का प्रभार लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री के समावेशी विकास के सपने को मूर्त रूप देने के लिए वे सभी प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले आम बजट में भी सन्निहित ग्रामीण पीढ़ी के दर्शन और ग्रामीण योजनाओं के लिए बजट आवंटन इस दिशा में एक सार्थक कदम है। एक सवाल के जवाब देते हुए कहा कि उन्हें एक हाई प्रोफाइल मंत्रालय आवंटित किया गया था। श्री तोमर ने कहा कि जो भी भूमिका पार्टी उनके लिए तय करेगी वह एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के रूप में उसके साथ न्याय करने की कोशिश करेंगे। वे यहां आने से पहले इस्पात और खान मंत्री थे।

मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाओं के कार्यान्वयन को गति प्रदान करने के लिए निवर्तमान मंत्री श्री बीरेंद्र सिंह की सराहना करते हुए श्री तोमर ने कहा कि "ग्रामोदय से भारत उदय" के प्रचार के दौरान सकारात्मक भावना दिखाई दे रही थी।

12 जून 1957 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मे श्री तोमर 2014 में ग्वालियर संसदीय सीट से दूसरे कार्यकाल के लिए सांसद बने हैं। वे जनवरी 2009 से मई 2009 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं। इससे पहले इन्होंने 2003 से 2007 तक मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया और 1998 से 2008 के दौरान दो बार मध्य प्रदेश विधान सभा के सदस्य भी रहे थे। 

पेशे से किसान श्री तोमर ने जीवाजी विश्वविद्यालय से स्नातक किया है।इन्हें गरीबों की सहायता, रक्तदान शिविरों का आयोजन और वृक्षारोपण करने में विशेष रुचि है।इनका पसंदीदा शगल और मनोरंजन फिल्में देखना है। 

दिव्यांगों को रियायत प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रेलवे ने बदले नियम

रेल मंत्रालय के निवास के परिवर्तन के मामले में तथा और अधिक सुविधा देने सहित कुछ अन्य मामलों में रियायती प्रमाण पत्र के लिए शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों (दिव्यांग) के प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को कारगर बनाने का फैसला किया है। भारतीय रेलवे पहले से ही शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन टिकटिंग सहित रियायती टिकटों की बुकिंग को सुविधाजनक बनाया है। विभिन्न मुद्दों को कारगर बनाने के लिए निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं-----

1. उन मामलों में जहां आवेदक एक नई जगह पर स्थानांतरित कर दिया गया और उसकी/उसके रियायत प्रमाण पत्र उसकी/उसके पिछले निवास के सरकारी अस्पताल द्वारा जारी किया गया है, वैसे लोग वर्तमान निवास के डीआरएम कार्यालय (माना ए) में अनुमति के लिए आवेदन दे सकते हैं। यह मंडल उस सरकारी अस्पताल, जो रियायती प्रमाण पत्र जारी करता है, के इलाके के मंडल/जोन (माना बी) द्वारा सत्यापित करायेगा। उसके बाद यह उस मंडल/ जोन को विवरण भेज देगा जिसने सत्यापन अनुरोध भेजा था। सत्यापन विवरण के आधार पर मंडल ए शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति को या उसकी /उसके प्रतिनिधि को (उचित प्राधिकार पत्र के साथ) आईडी कार्ड जारी करेगी। हालांकि मूल प्रमाण पत्र (पते के सबूत के लिए वर्तमान निवास का पता संबंधित प्रमाण) कार्ड के लेते समय दिखाया जाना आवश्यक है। इस तरह के मामलों में आईडी कार्ड जारी करने के निपटान समय सीमा आवेदन प्राप्त होने की तारीख से दो महीने ही है।

2.  शारीरिक रूप से विकलांगों के लिए जारी फोटो आईजी कार्ड जारी होने की तिथि से 5 साल के लिए अथवा जबतक रियायती प्रमाण पत्र मान्य है तथा इनमें से जो भी पहले हो तक जारी किया जाता है, उसके बाद नवीनीकरण/ पुन जारी करने में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।

आईआरसीए कोचिंग टैरिफ नंबर 26 पैरा (1) खंड (2) नियम के तहत, कुछ मामलों में रियायती प्रमाण पत्र की मान्यता 5 साल से ज्यादा भी होती है---

  • स्थायी विकलांगकता के मामले में, 26 से 35 वर्ष की आयु तक के लोगों का प्रमाण पत्र 10 वर्ष के लिए मान्य होता है।
  • स्थायी विकलांगकता के मामले में, 35 वर्ष अधिक आयु वर्ग के लोगों का प्रमाण पत्र पूरी उम्र के लिए मान्य होता है।


वैसे मामलों में जहां अस्पताल के अधिकारियों द्वारा जारी रियायती प्रमाण पत्र 10 साल या कुछ मामलों में जहां उम्र भर के लिए वैध हो, रियायत प्रमाण पत्र के नवीकरण के लिए फिर से सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती है। बाकी के सारे नियम पहले जैसे ही हैं।

नमामि गंगे योजना के तहत देशभर में 231 परियोजनाओं की शुरूआत

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत देशभर में विभिन्‍न स्‍थानों पर 231 परियोजनाओं की शुरूआत हुई। नई दिल्‍ली में यह जानकारी देते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती ने बताया कि ये परियोजनाएं उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और दिल्‍ली में शुरू की जा रही हैं। सुश्री भारती ने बताया कि इन परियोजनाओं में घाटों का नवीनीकरण, सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्रों का पुनर्वास- विकास, वृक्षारोपण एवं जैव विवि‍धता संरक्षण शामिल है। 

मंत्री महोदया ने बताया कि उत्‍तराखंड के देहरादून, गढ़वाल, टीहरी गढ़वाल, रूद्र प्रयाग, हरिद्वार और चमोली जिलों में 47 परियोजनाएं शुरू की जाएगी। मुख्‍य कार्यक्रम हरिद्वार में आयोजित होगा जिसमें मंत्री महोदया के साथ उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री श्री हरीश रावत और केंद्रीय मंत्री श्री नि‍तिन गडकरी, चौधरी बीरेन्‍दर सिंह और श्री महेश शर्मा मौजूद रहेंगे। 

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 20 परियोजनाएं पश्चिम बंगाल के उत्‍तरी 24 परगना, नदिया, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जिलों में शुरू की जाएंगी। मुख्‍य कार्यक्रम बजबज में आयोजित होगा। बिहार के बक्‍सर, वैशाली, सारण, पटना और भागलपुर जिलों में 26 परियोजनाएं शुरू की जाएगी। मुख्‍य कार्यक्रम पटना में आयोजित होगा। उत्‍तर प्रदेश के अमरोहा, बिजनौर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, मथुरा, इलाहाबाद, वाराणासी, फरूखाबाद और कानपुर जिलों में 112 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। नरोरा, मथुरा, वाराणसी और कानपुर में मुख्‍य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 

गंगा ग्राम योजना का उल्‍लेख करते हुए सुश्री भारती ने कहा कि इस योजना के पहले चरण में गंगा के तट पर बसे 400 गांवों का विकास किया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि देश के 13 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थानों ने ऐसे 5-5 गांवों का विकास करने की जिम्‍मेदारी ली हैं। सुश्री भारती ने कहा कि इन गांवों के 328 सरपंचों को अब तक पंजाब के सींचेवाल गांव ले जाया गया है जहां उन्‍होंने सींचेवाल के विकास की जानकारी ली। मंत्री महोदया ने बताया कि गंगा के किनारे आठ जैव विविधता संरक्षण केंद्रों का विकास किया जाएगा। ये केंद्र ऋषिकेश, देहरादून, नरोरा, इलाहाबाद, वाराणासी, भागलपुर, साहिबगंज और बैरकपुर में स्‍थापित किए जा रहे हैं। 

राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन घाटी आधारित समग्र दृष्टिकोण अपनाते हुए राष्‍ट्रीय गंगा नदी प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले पांच राज्‍यों में प्रदूषण नियंत्रण, जलीय संसाधन संरक्षण और संस्‍थागत विकास परियोजनाओं को लागू करने का निरंतर प्रयास कर रहा है। इन्‍हीं प्रयासों के अंतर्गत ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करने हेतु गंगा के किनारे बसे शहरों एवं 1657 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के साथ जन जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन द्वारा नियमित संवाद किया जा रहा है तथा उन्‍हें नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत क्रियान्वित की जा रही विभिन्‍न गति‍विधियों से अवगत कराया जा रहा है। 

अजय टम्टा ने वस्त्र राज्यमंत्री का कार्यभार संभाला

अजय टम्टा ने नई दिल्ली में नए वस्त्र राज्यमंत्री का कार्यभार संभाल लिया। श्री टम्टा उत्तराखंड के अलमोड़ा निर्वाचन-क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा सांसद हैं।  16 वीं लोकसभा के लिए चुने जाने से पहले 2007 से 2012 और 2012 से 2014 तक उत्तराखंड विधान सभा के सदस्य रहे हैं। श्री टम्टा उत्तराखंड सरकार में 2007-08 में राज्यमंत्री और 2008-09 में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं।

बाद में, स्मृति जुबिन ईरानी ने भी केंद्रीय वस्त्र मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। दोनों मंत्रियों ने कैबिनेट मंत्री के कक्ष में एक दूसरे को बधाई दी और उसके बाद मीडिया से बातचीत की। 

स्मृति जुबिन ईरानी ने केन्द्रीय वस्त्र मंत्री का कार्यभार संभाला

श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने केन्द्रीय वस्त्र मंत्री का कार्यभार संभाल लिया। श्रीमती ईरानी केंद्रीय वस्त्र मंत्री के रूप में पदभार संभालने से पहले मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में कार्य कर रही थीं।

इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए, नये मंत्री श्रीमती ईरानी ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया कि उन्हें ऐसे विभाग का काम दिया गया है जो कृषि के बाद सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि कौशल और रोजगार के मामले में इस विभाग की क्षमता अतुल्यनीय है और जो प्रधानमंत्री के मेक अन इंडिया विजन को आगे बढ़ान में प्रमुख रोल अदा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि वस्त्र क्षेत्र ज्यादा संख्या में महिलाओं को रोजगार देता है और उनका यह प्रयास होगा कि आने वाले समय में क्षेत्र को रोजगार के अवसर के साथ-साथ निर्यात में भी बढ़ोतरी की जाए।

हवाला देते हुए कि बुनकरों को इस क्षेत्र की नींव करार देते हुए श्रीमती ईरानी ने आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार उन्हें अधिकतम मदद देने के लिए प्रयत्नशील है। कौशल विकास के लिए कदम उठाने के क्षेत्र में और इसमें अधिक-से-अधिक युवाओं को लाने का भी बात कही।  होगा। साथ ही क्षीमती ईरानी ने फिर से वैसा मंत्रालय जो देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्व का है आवंटन के लिए माननीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

उन्होंने नये मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर को भी बधाई देते हुए कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पिछले जो सालों में जो काम किया है उसे आगे ले जायेंगे। साथ ही उन्होंने अपने पूर्ववर्ती वस्त्र मंत्री श्री संतोष कुमार गंगवार को वस्त्र मंत्रालय में दिए गए योगदान के लिए बधाई भी दी और उनके सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।

राज्य मंत्री (वस्त्र) श्री अजय टम्टा, जो आज पहले मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल चुके थे,  ने उसके कक्ष में कैबिनेट मंत्री को इस अवसर पर बधाई दी। 

जयंत सिन्‍हा ने नागर विमानन मंत्रालय में राज्‍य मंत्री का पदभार संभाला

जयंत सिन्‍हा ने आज नागर विमानन मंत्रालय में राज्‍य मंत्री का कार्यभार संभाल लिया। श्री सिन्‍हा झारखंड में हजारीबाग निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं। वह मई 2014 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वह 1 सितंबर, 2014 से लेकर 9 नवंबर, 2014 तक वित्‍त पर स्‍थायी समिति और अधीनस्थ विधान संबंधी संसदीय समिति के सदस्‍य थे। उन्‍होंने 9 नवंबर,2014 को केंद्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री का पदभार संभाला था और वह कल अर्थात 5 जुलाई, 2016 तक इस पद पर विराजमान रहे। 

श्री जयंत सिन्‍हा का जन्‍म 21 अप्रैल, 1963 को झारखंड के गिरिडीह में श्री यशवंत सिन्हा और श्रीमती नीलिमा सिन्हा के यहां हुआ। उन्‍होंने आईआईटी दिल्‍ली, पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय एवं हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में पढ़ाई की। उन्‍होंने केमिकल इंजीनियरिंग में विशिष्टता के साथ बीटेक की डिग्री हासिल करने और ऊर्जा प्रबंधन एवं नीति में एमएससी करने के अलावा विशिष्टता के साथ एमबीए भी किया। 

पेशे से श्री सिन्‍हा एक वेंचर कैपिटल प्रबंधन सलाहकार और हेज फंड प्रबंधक हैं। वह उद्यमिता और प्रौद्योगिकी पर एक वैश्विक विशेषज्ञ हैं। उनके लेख प्रमुख पत्रिकाओं (हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू, बिजनेस टुडे, इत्‍यादि) और समाचार पत्रों (फाइनेंशियल टाइम्स, इकोनॉमिक टाइम्स, इत्‍यादि) में प्रकाशित हुए हैं। 

प्रोफेशनल कार्यों के अलावा जयंत सिन्हा की काफी दिलचस्‍पी टेनिस, लेखन (लेख, फिल्म स्क्रिप्ट) और सामाजिक कार्यों में है। पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी उनका पसंदीदा शगल है। वह अमेरिका (फिलाडेल्फिया और बोस्टन) में लगभग 20 साल रहे। 

राजन गोहेन ने नये रेल राज्य मंत्री का पद संभाला

श्री राजन गोहेन ने आज यहां रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री का पद संभाल लिया। वे असम के नौगांव लोकसभा सीट से सांसद हैं। वे इस सीट से मई 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में चौथी बार चुने गये हैं। वे इस सीट का 1999 से लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्यभार ग्रहण करने कि तुंरत बाद उन्होंने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री ए. के. मित्तल के साथ विस्तार से चर्चा की। उसके बाद मीडिया से बात करते हुए श्री राजन गोहेन ने अपनी प्राथमिकताओं में सुरक्षा और उसके उपायों, रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास और विस्तार, यात्री सुविधाएं और यात्री सेवाओं, समय की पाबंदी, लोक शिकायतों का निवारण और उत्तर-पूर्व में रेल परियोजनाओं का शीघ्र निपटारा जैसे क्षेत्रों को रखा है। 

कला और कानून में स्नातक, श्री गोहेन अपने युवा दिनों से ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। वे नौगांव जिला भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में रहे हैं। अपने लंबे संसदीय कार्यकाल के दौरान श्री राजन गोहेन कई समितियों जैसे गृह मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य, सदन के पटल पर रखे जाने वाले दस्तावेजों की समिति के सदस्य, कृषि मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य, जल संसाधन मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य, सांसदों के लिए कंप्यूटर, पार्टियों के लिए कार्यालय, लोकसभा सचिवालय के कार्यालय के सदस्य, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य, अधीनस्थ विधान संबंधी समिति के सदस्य,आवास समिति के सदस्य, याचिका समिति के सदस्य, रेलवे की स्थायी समिति के सदस्य, अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण संबंधी संसदीय समिति के सदस्य और कृषि मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य भी पहले रह चुके हैं। 

श्री राजन गोहेन ने असम आंदोलन में भी भाग लिया है। उन्होंने असम में विभिन्न जनजातियों के कल्याण के लिए काम किया है। वे विभिन्न क्षेत्रों जैसे इतिहास, खेल, संगीत, कृषि, चाय बागान, रबर, मछली पालन, डेयरी फार्मिंग तथा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी रुचि रखते है। इन्होंने लाओस, थाईलैंड और ब्रिटेन जैसे कुछ देशों का भी दौरा किया है।

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