मुलायम ने मुस्लिम वोट बैंक के लिए कारसेवकों पर गोली चलवाई थी - मोहसीन रजा

उत्तर प्रदेश के मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी और अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मोहसीन रजा ने कहा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने मुसलमानों की नजर में मसीहा बनने के लिए कारसेवकों पर गोली चलवाई थी। वह आज तक मुसलमानों की बेहतरी के लिए कुछ नहीं कर पाए। मोहसीन ने दावे के साथ कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार पैदा करने का काम वर्ष 1990 में मुलायम सिंह ने किया था।

उप्र की ओर से रणजी ट्रॉफी के कई मैच खेल चुके मोहसीन रजा ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत के दौरान मुलायम और कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। मोहसीन ने सवाल किया कि मुलायम ने आज तक मुसलमानों की बेहतरी के लिए क्या किया है?

उन्होंने कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच नफरत की बड़ी लकीर खींचने का काम सबसे पहले मुलायम ने ही वर्ष 1990 में किया था। वर्ष 1990 में कारसेवकों पर गोली चलवाकर मुसलमानों का रहनुमा बनने का दावा करने वाले मुलायम ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए मुसलमानों का हमेशा ही इस्तेमाल किया। मुसलमानों के विकास से उनका कोई लेनादेना नहीं है।

मोहसीन कहते हैं, "यदि उन्हें मुसलमानों से लगाव होता तो आज सपा में सिर्फ चंद मुस्लिम नेता ही नजर नहीं आते। वर्ष 1990 में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी की वजह से ही उसकी प्रतिक्रिया वर्ष 1992 में एक बड़े आंदोलन के रूप में हुई।"

मोहसीन ने कहा कि यदि देश का विकास होता है, तो उसका फायदा हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी लोग उठा रहे हैं। गुजरात के विकास का फायदा मुसलमानों को मिल रहा है, इसलिए वहां का मुसलमान भी नरेंद्र मोदी के पक्ष में खड़ा है।

उन्होंने कहा, "देश का विकास नरेंद्र मोदी के माध्यम से होगा तो क्या उसका लाभ देश के अल्पसंख्यकों को नहीं मिलेगा? और उनका विकास नहीं होगा? मुसलमानों के भीतर सिर्फ मोदी के नाम का खौफ  पैदा किया जा रहा है।"

मुसलमानों के बीच मोदी को लेकर डर पैदा किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "यह वही लोग कह रहे हैं जो मुस्लिम समुदाय को सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए यूज करते हैं। सही बात यह है कि मोदी को लेकर मुसलमानों के भीतर कोई डर नहीं है।"

मोहसीन ने कहा कि मोदी के डर को लेकर कई मुस्लिम धर्मावलंबी अपना मत दे चुके हैं। शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुसलमानों के भीतर ही मोदी का डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि ऐसा करने वालों को पता है कि पढ़े-लिखे मुसलमान इस बात को समझते हैं और वे उनके बहकावे में नहीं आएंगे।

मोहसीन ने कहा कि यदि कोई हिंदू राष्ट्रवादी हो सकता है तो मुसलमान भी राष्ट्रवादी हो सकता है। देशभक्ति का जज्बा सभी समुदायों के भीतर है लेकिन कुछ लोग इसका गलत मतलब निकाल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मोहसीन रजा ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत वर्ष 1981-82 में की थी। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार 20 वर्षो तक खेलते रहे। मोहसीन उप्र किक्रेट टीम के कोच भी रह चुके हैं और अपने दिशा-निर्देशन में पीयूष चावला, सुदीप त्यागी, सुरेश रैना, आरपी सिंह और तन्मय श्रीवास्तव जैसे खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखार चुके हैं।

Mosque & Islamic Centre near Sri Rama Janmabhumi won’t be allowed - Singhal


“The word is in the air for some months now that Sri Mulayam Singh Yadav is wanting to acquire a land bang next to the 70-acre acquired land around Sri Rama Janma Bhumi. Sri Mulayam Singh Yadav and Smt. Sonia Gandhi have ganged up towards this end. For this a retired Judge of the Allahabad High Court has been engaged for about two years now to make efforts to evolve a so-called consensus,” said the VHP Patron Sri Ashok Singhal in a media briefing.   

He said: “Regarding the Sri Rama Janma Bhumi it is the view of all the Sants of the country that on the acquired 70-acre land only a huge temple to Sri Ram Lala would be built and the construction of no new mosque would take place within the scriptural and cultural rim and perimeter of Ayodhya. From the labors being put in by the Hon’ble Judge it seems that Sri Mulayam Singh Yadav wants to build a mosque and an Islamic Cultural Centre on the said plot of land (where an Ara/saw machine stands) adjoining the 70-acre acquired land of the Central Government. The Islamic forces are compelling him to do so.”

 “That is why the word is in the air that the acquiring job the SP government of U.P. will do and the UPA Government led by the Sonia-led Congress would siphon off funds for the plan. Regarding Sri Rama Janma Bhumi if a reckless decision is taken that would lead to grave consequences,” warned Sri Singhal.   

“The pressure of Jihadi forces in entire Uttar Pradesh is getting unbearable for the Hindu society. Incidents of pulling up and removal of Murtis (images of divinities) from temples or their amputation are mounting in the State. The ripping up (burglary) of the image of Maa Devkaali recently in Ayodhya is a burning example. Especially the timing of the eve of the Navaratras chosen to break or sever the images to practice iconoclasm is designed to compellingly provoke the society. The Akhilesh Yadav led SP Government has proved to be totally incapable of preventing such incidents,” Sri Singhal alleged.

मुल्ला मुलायम भाजपा एजेंट : राशिद अल्वी, कांग्रेस प्रवक्ता

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव बीजेपी के एजेंट हैं. बीजेपी के इशारों पर नाचते हैं मुलायम सिंह. ये आरोप लगाया है कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने. अल्वी बुधवार को मुरादाबाद में कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने गए थे.

कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने मुरादाबाद की एक सभा में कहा, ' समाजवादी पार्टी का बहुत बोलबाला मुसलमानों के अंदर बहुत रहा. मुल्ला मुलायम सिंह कहलाते थे. मैं पिछले दस साल से ये बात कहता था. मुझे नहीं मालूम कि मेरी बात आपको अच्छी लगेगी कि बुरी लगेगी. लेकिन पिछले दस साल से ये बात कह रहा हूं कि देश के अन्दर अगर भारतीय जनता पार्टी का कोई सबसे बड़ा एजेंट कोई है तो वो मुलायम सिंह यादव है. अगर भारतीय जनता पार्टी के इशारों पर इस देश में कोई नाचता है तो वो मुलायम सिंह यादव नाचता है. क्या तारीख के किसी पन्ने में आपने पढ़ा कि दो अलग-अलग मूवमेंट चलाने वाले लोग एक साथ खड़े हो गए.

अपनी बातों को और साफ करते हुए राशिद अल्वी ने मुलायम के उस दौर को याद किया जब उन्होंने कल्याण सिंह से हाथ मिलाया था. अल्‍वी ने कहा, 'बाबरी मस्जिद की लड़ाई लड़ने वाले समाजवादी पार्टी के नेता राम मंदिर की लड़ाई लड़ने वाले कल्याण सिंह जी एक साथ एक झंडे के नीचे सिर्फ सियासी फायदा लेने के लिए आए और उत्तर प्रदेश के अकलियतों को ये बात समझ नहीं आई, मैंने तब भी कहा था की ये सिर्फ इन लोगों की सियासत है.

राशिद अल्वी मुरादाबाद में कांग्रेस पार्टी से मेयर पद के उम्मीदवार डॉक्टर मोहम्मद सादिक के लिए चुनाव प्रचार में आए थे. ऐसे में हो सकता है स्थानीय चुनाव में पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए वो एसपी सुप्रीमो पर बरस पड़े. लेकिन, क्या मुलायम पर वार करते वक्त कांग्रेस के ओजस्वी प्रवक्ता ये भूल गए कि राष्ट्रपति चुनाव में मुलायम इस वक्त कांग्रेस के संकटमोचक बने हुए हैं. कहीं ऐसा तो नहीं दिग्गी राजा की राह पर चल पड़े हैं राशिद अल्वी भी.


चिदंबरम को भी जेल की हवा खानी होगी - डा. सुब्रहमण्यम स्वामी

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम को घेरने में जुटी जनता पार्टी ने उनसे इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने यूपीए अध्यक्ष को आड़े हाथों लेते हुए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को देश का अगला राष्ट्रपति बनाए जाने की भी मांग की है।

राजधानी में बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुब्रहमण्यम स्वामी ने कहा कि टूजी स्पेक्ट्रम व टेलीकॉम घोटाले में चिदंबरम की भूमिका के बारे में वह कोर्ट को बहुत कुछ बता चुके हैं। चिदंबरम को भी जेल की हवा खानी होगी।

उन्होंने कहा करीब 25 वर्ष पहले मेरठ में हुए नरसंहार की घटना में चिदंबरम की भूमिका रही थी। इससे जुड़े कई सबूत उनके पास हैं वह मामले में चिदंबरम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिमनल कोर्ट जाने को तैयार हैं। इस बारे में प्रधानमंत्री को अवगत करा चुके हैं। पिछली लोकसभा चुनाव में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के जो आरोप चिदंबरम पर लगे थे, आज उस पर मद्रास हाइकोर्ट की मदुरै खंडपीठ ने अपनी मुहर लगा दी है। 

ऐसे में अब यह साबित हो चुका है कि भ्रष्टाचार से गृहमंत्री का गहरा नाता रहा है। अब गृहमंत्री को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री से इसकी मांग करते हैं। अध्यक्ष ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ऐसा नहीं कर सकते तो उन्हें भी अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है लिहाजा उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डा.एपीजे अब्दुल कलाम को देश का अगला राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए। इस मसले पर सभी विपक्षी दलों को एकजुट होने की जरूरत है।

सुब्रहमण्यम स्वामी ने कहा कि अन्ना टीम प्रधानमंत्री व अन्य सहयोगियों के खिलाफ तो खुलकर मैदान में सामने आ गई लेकिन संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी के बारे में कुछ भी नहीं बोलती। आखिर अन्ना टीम का सोनिया के प्रति साफ्ट कार्नर क्यों है।

जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुब्रहमण्यम स्वामी ने बृहस्पतिवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात लगभग दस मिनट की रही। दोनो तरफ से इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया। पत्रकारों के सवाल के जवाब में स्वामी ने कहा कि वह आज लखनऊ आए तो पता चला कि मुलायम सिंह यादव भी लखनऊ में हैं, इसलिए उनसे मुलाकात करने के लिए चले आए।

बुखारी को चढ़ा बुखार कहा -अपना हक्क छीन ले मुसलमान

दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने मुसलमानों से कहा कि वे अपना हक छीनने को तैयार रहें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार ने मुसलमानों को उनका हक देने का वादा किया है। छह माह बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। वह सिविल लाइन स्थित होटल में मीडिया से बात कर रहे थे।

शाही इमाम ने कहा कि हक भीख में मांगने से नहीं मिलता, इसे छीनना पड़ता है। यह तय करना होगा कि हक हासिल करना है। इसके लिए एकजुट होकर कोशिश करें। वह साथ देने को तैयार हैं। छह माह बाद देखा जाएगा कि यूपी सरकार ने मुसलमानों से जो वादे किए थे, उन पर कितना अमल हुआ है।

उन्होंने कहा कि पहले एक मुस्लिम को विधान परिषद की सीट दी जा रही थी, लेकिन उनके हस्तक्षेप के बाद दो सीटें मिलीं। शाही इमाम ने अपने दामाद को एमएलसी बनाए जाने पर भी सफाई दी। बोले, मैने दामाद के लिए सीट नहीं मांगी, लेकिन इस मुद्दे पर गुमराह करने की कोशिश की गई। कैबिनेट मंत्री आजम खां और जौहर यूनिवर्सिटी पर टिप्पणी करने से उन्होंने साफ इंकार कर दिया।

मुलायम सिंह अचानक पड़े बीमार, रातोरात हुआ ऑपरेशन

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की बुधवार देर रात अचानक तबियत बिगड़ गई। अचानक उन्हें पेशाब (यूरीन) आना बंद हो गया और पेट में तीव्र दर्द उठा।

उन्‍हें तुरंत संजय गांधी पोस्‍टग्रेजुएट इंस्‍टीट्यूट (एसजीपीजीआई) ले जाया गया, जहां रात में छोटा सा ऑपरेशन करना पड़ा।सपा अध्‍यक्ष की रात करीब ग्‍यारह बजे अचानक तबियत बिगड़ गई। उनके घर वाले तुरंत उन्‍हें रायबरेली रोड स्थित एसजीपीजीआई ले गये।

वहां
यूरोलॉजी स्‍पेशियलिस्‍ट डा. राकेश कपूर व उनकी चार सदस्‍यीय टीम ने उन्‍हें तत्‍काल भर्ती कर लिया और रात के करीब एक बजे उनका ऑपरेशन करना पड़ा। टीम के एक डॉक्‍टर ने बताया कि ऑपरेशन माइनर था, घबराने वाली बात नहीं है।

रात
भर इंटेन्सिव केयर में रखने के बाद गुरुवार की सुबह मुलायम सिंह को वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। डॉक्‍टर ने बताया कि संभवत: उन्‍हें शाम तक डिस्‍चार्ज कर दिया जायेगा। हालांकि मुलायम सिंह को देखने के लिए अस्‍पताल में समाजवादी कार्यकर्ताओं का तांता लगना शुरू हो गया है।

शीला दीक्षित ने गिराई गई अवैध मस्जिद को दुबारा बनवाने का आदेश दिया

साउथ दिल्ली के जंगपुरा में ढहाई गई मस्जिद को लेकर तनाव कम करने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने शुक्रवार को जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी से मुलाकात की। बुखारी के मुताबिक एक घंटे तक चली बातचीत के दौरान शीला दीक्षित ने आश्वासन दिया है कि उसी इलाके में फिर से मस्जिद बनाई जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि जंगपुरा के इस ढांचे के स्थान पर लोगों को नमाज की इजाजत दी जाएगी।

बुखारी ने जामा मस्जिद में जमा 10 हजार से ज्यादा की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री यहां केंद्रीय गृहमंत्री और शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी का संदेश देने आई थीं कि वहां पर मस्जिद फिर से बनाई जाएगी। लेकिन जब तक मस्जिद बन नहीं जाती हमारा संघर्ष जारी रहेगा।'

परंपरा को तोड़ते हुए जामा मस्जिद के इमाम ने जुमे की नमाज ऐतिहासिक जामा मस्जिद में अदा नहीं की। वह अन्य मौलवियों और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह व चांदनी चौक से आरजेडी के एमएलए शोएब इकबाल के साथ ढहाए गए ढांचे की जगह पर गए और वहीं नमाज अदा की।

कोर्ट के एक आदेश पर कार्रवाई करते हुए डीडीए ने उसकी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई मस्जिद को 12 जनवरी को ढहा दिया था। इसके बाद इस इलाके में तनाव है। प्रदर्शनकारी यहां नमाज पढ़ना चाहते थे, जिन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।

आजम खां निष्कासन रद्द फिर सपा में

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने सपा से निकाले गए पूर्व महासचिव आजम खां का निष्कासन आज रद्द कर दिया।

पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने यहां बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने आजम को पत्र लिखकर उनका निष्कासन रद्द किये जाने की सूचना दी है।

उन्होंने बताया कि आजम को लिखे पत्र में कहा गया है कि पार्टी के मुखिया मुलायम ने उनका निष्कासन रद्द करते हुए उनसे अपेक्षा की है कि वह पहले की ही तरह पार्टी की सेवा करते रहेंगे और उनके जैसे वरिष्ठ तथा अनुभवी नेता के सहयोग से सपा और मजबूत होगी।

लोकसभा चुनाव में पूर्व भाजपा नेता कल्याण सिंह को साथ लेने के विरोध में आजम की पार्टी नेतृत्व से ठन गई थी और उन चुनावों के बाद पार्टी ने उन्हें निकाल दिया था।

उल्लेखनीय है कि सपा में आजम की नाराजगी का कारण रहे अमर सिंह और कल्याण सिंह से पार्टी अपना नाता तोड़ चुकी है जिसके बाद से पार्टी में आजम की वापसी की सम्भावना के बारे में कयास लगने लगे थे।

सपा के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे आजम कभी मुलायम के बेहद करीबी सहयोगी थे और राज्य में पार्टी संगठन तथा सपा सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

मैं क्षत्रिय हूँ और भगवान राम मेरे पूर्वज थे - अमर सिंह

समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता और लोकमंच के संस्थापक अमर सिंह ने आज यहां कहा कि अंतत: उन्हें 14 साल तक की गयी अपनी गलतियों का अहसास हो गया है और अब वह इसका प्रायश्चित करना चाहते हैं

अयोध्या मामले में उच्च न्यायालय के फैसले के बाद पहली बार यहां आये सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा ‘‘14 वर्षों तक सिद्धांतो और मूल्यों की धज्जियां उड़ायी जाती रही..तब मै मुलायम सिंह यादव के बगल में बैठकर सब कुछ चुपचाप बर्दाश्त करता रहा.. मैं भी गलतियां की और अब अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित कर रहा हूं। ’’ सिंह ने कहा कि वह क्षत्रिय हैं और भगवान राम उनके पूर्वज थे।

उन्होंने कहा ‘‘वह राम हम सब के लिए आस्था का केन्द्र है। ’’ सिंह ने तोताश्री मठ में एक धार्मिक अनुष्ठान भी किया और आज उनकी अयोध्या के विवादित स्थल पर स्वामित्व के मुकदमें में सबसे पुराने पक्षकार एवं आपसी बातचीत द्वारा समझौते के पक्षधर हाशिम अंसारी से मुलाकात करने की योजना है ।

सपा नेता चौधरी हरिमोहन सिंह ने जन्मदिन पर तिरंगा बना केक काटा

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता के जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से तिरंगे के अपमान की घटना के संबंध में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोप है कि कानपुर के मर्चेट चैम्बर हाल में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के करीबी एवं पार्टी के स्थानीय नेता चौधरी हरिमोहन सिंह के 91वें जन्मदिन के मौके पर सोमवार को तिरंगा बना केक (केक पर तिरंगे के तीनों रंग और अशोक चक्रबनी आकृति) काटा गया और इस दौरान सपा के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता विपक्ष शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे।

स्थानीय समाचार चैनलों द्वारा मामला प्रकाश में लाए जाने के बाद ग्वालटोली थाने में देर रात मुकदमा दर्ज किया गया। ग्वालटोली थाना-प्रभारी हरिराम वर्मा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया समाचार चैनलों के फुटेज में केक पर तिरंगे के तीनों रंग और अशोक चक्र बनी आकृति प्रतीत हो रही है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर सोमवार देर रात अज्ञात लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम की धारा-2 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुलायम और बुखारी अयोध्या में फिर से बाबरी मस्जिद बनवाने के फ़िराक में

अयोध्या विवाद पर हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट मुसलमानों को लामबंद करने के लिए अल्पसंख्यक राजनीति को गरमाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने बृहस्पितवार को जामा मस्जिद में देश भर के उलेमाओं और मुस्लिम बुद्धिजीवियों की बैठक बुलाई है।

इधर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने बुखारी से बुधवार को जामा मस्जिद में तकरीबन डेढ़ घंटे तक गुफ्तगू की। उलेमाओं की बैठक से ठीक एक दिन पहले मुलायम-बुखारी की इस मुलाकात को बाबरी मस्जिद के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुखारी से बातचीत के बाद मुलायम ने कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि वह इसे संसद के आगामी सत्र में जोरशोर से उठाएंगे।

उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही अयोध्या विवाद का बराबर का जिम्मेदार ठहराया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के जामा मस्जिद में आहूत उलेमाओं और बुद्धिजीवियों की बैठक कल 10 बजे से शुरू होगी। माना जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव की आज शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी से हुई तकरीबन डेढ घंटे की मुलाकात और बातचीत के केंद्र में कल की बैठक और आगे की रणनीति ही रही । नि:संदेह अयोध्या विवाद पर आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुलायम और शाही इमाम की प्रतिक्रिया बिल्कुल एक जैसी ही है, इसलिए यह माना जा रहा है कि इस मामले को लेकर आगे बढ़ने का काम दोनों ही लोगों के विचार-विमर्श से ही तय होगा।

मुलायम ने शाही इमाम से बातचीत के बाद कहा कि जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब भी बाबरी मस्जिद पर कब्जे की कई बार कोशिशें की गई थीं, लेकिन उन्होंने नाकाम कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस दिन विवादित स्थल पर मूर्तियां रखी गईं थी उसी दिन से गत 30 सितम्बर 2010 तक कांग्रेस ने बाबरी मस्जिद को लेकर राजनीति की।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अहसास है कि इस देश में गरीबों, बेरोजगारों में सबसे बड़ी संख्या मुसलमानों की है। उन्होंने दावा किया कि अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में उन्होंने मुसलमानों को रोजगार दिलाने, कौमी एकता तथा साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए मुसलमानों की भर्ती पुलिस में कराई ताकि किसी दंगा फसाद में मुसलमानों के साथ कोई ज्यादती नहीं कर सके।

सभी दलों की सहमति से जाति आधारित जनगणना को मिल जाएगी मंजूरी

जाति आधारित जनगणना की अनेक राजनीतिक दलों की मांग के बीच सरकार ने कहा कि जनगणना में जाति की जानकारी को शामिल करने का फैसला किया गया है और इस संबंध में कैबिनेट की अगली बैठक में औपचारिकता पूर्ण होने की संभावना है.

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने आज लोकसभा में कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया है और इस मुद्दे पर अब किसी तरह की शंका की जरूरत नहीं है.

लोकसभा में भाजपा, जद(यू), सपा और बसपा के नेताओं ने यह मुद्दा उठाते हुए जानना चाहा कि जनगणना में जाति आधारित जानकारी शामिल करने के सरकार के वादे का क्या हुआ. संसद के मानसून सत्र का अंतिम दिन होने का हवाला देते हुए सपा के मुलायम सिंह यादव, जदयू के शरद यादव, भाजपा के गोपीनाथ मुंडे और बसपा के दारासिंह चौहान ने यह बात उठाई.

इस पर सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने कहा कि इस मुद्दे का अध्ययन करने वाले मंत्रीसमूह ने फैसला किया है कि घर-घर जाकर की जा रही जनगणना में जाति आधारित गणना को शामिल किया जाए.

मुखर्जी ने कहा कि यह जाति संबंधी जानकारी एकत्रित करने तक ही सीमित होगा और बायोमेट्रिक प्रणाली साथ-साथ चलेगी.

मुखर्जी ने कहा, ‘सरकार ने करीब करीब इसे शामिल करने का (जनगणना में जाति आधारित जानकारी को) फैसला कर लिया है.’ उन्होंने कहा कि मंत्रीसमूह अधिकारप्राप्त समूह नहीं है इसलिए कैबिनेट द्वारा इस फैसले को मंजूरी जरूरी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि कैबिनेट की अगली बैठक में इसे मंजूरी मिलने की संभावना है.

मुखर्जी ने कहा, ‘अब यह केवल औपचारिकता का मुद्दा है.’ उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना के लिए उन्होंने राजनीतिक दलों से लिखित में सुझाव मांगे थे और सभी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.

इससे पहले जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने राजनीतिक दलों के सुझाव मांगे थे जिन्होंने लिखित में जवाब दिया.

उन्होंने कहा कि लेकिन मुखर्जी के आश्वासन के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई.

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, भाजपा के गोपीनाथ मुंडे और बसपा के दारा सिंह चौहान ने शरद यादव की बात का समर्थन किया.

मुलायम सिंह ने कहा कि कोई भी दल ऐसा नहीं है जिसने जाति आधारित जनगणना का समर्थन नहीं किया हो.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रणव मुखर्जी ने इसे जल्द से जल्द लागू करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ.

मुलायम ने कहा, ‘इसकी क्या वजह है. क्या होना चाहिए. हमें कहां जाना चाहिए. हम चाहते हैं कि सदन की कार्यवाही चले लेकिन सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होती.’

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