वरुण गाँधी ने गयाजी में अपने पूर्वजो का पिंडदान किया
वरुण गाँधी के भाषण में दिखी राहुल गाँधी से ज्यादा देशभक्ति
पढ़िए वरुण का पूरा भाषण... इस आंदोलन ने देश के युवाओं को संगठित कर दिया है। उनकी आवाज को एक कर दिया और यह सुनिश्चित कर दिया है कि जब युवा खड़े होंगे तो देश में बदलाव आएगा। यह भारत के लिए एक नया अनुभव है।
पिछले दो तीन हफ्तों से मैं भी इस बहस को सुन-देख रहा हूं। मुझे लगता है कि संसद और देश के लोगों के बीच एक खाई पैदा की जा रही है। यदि ऐसा है तो फिर यह देश के भविष्य के लिए खतरा है।
जब आप इतिहास को पढ़ते हैं तो यह एहसास होता है कि गुलामी के वक्त सरकार सर्वोपरि थी लेकिन आजादी के बाद देश की जनता सर्वोपरी हो गई। आज बीजेपी और कई अन्य पार्रटियों ने संसद में देश की जनता के प्रति विश्वास जाहिर किया है। यह लोगों की आस्था का सम्मान है। हम यह कह सकते हैं कि यह एक शांत क्रांति थी। लेकिन यह भी सच है कि यह शांत नहीं रही है। इस क्रांति ने देश को जगा दिया है।
आज देश हमारी ओर उम्मीद से देख रहा है। देश को हम पर विश्वास है। पिछले दो हफ्तों में हमने देखा है कि लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि संसद की गरिमा को बचाया जाना चाहिए। लेकिन यहां सवाल यह है कि सांसदों की गरिमा की हम ख्याल रखते हैं तो फिर लोगों की गरिमा का ख्याल कौन रखेगा।
हमे यह स्वीकार करना पड़ेगा की लोग ही सर्वोपरि है। हमारे लोकतंत्र में एक बार चुने जाने के बाद नकारे जाने का प्रवाधान नहीं है। लोग ही हमारी ताकत हैं। हमें जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरा चाहिए। आज हम भ्रष्टाचार पर बहस कर रहे हैं। इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या संसद का यह बहस सत्र बुलाया जाना सही है या नहीं। मैं इस बात पर बहस नहीं करना चाहूंगा।
मैं उत्तर प्रदेश से आता हूं। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। लोगों को ज्यादा से ज्यादा हजार रुपए की राहत मिलती हैं। लेकिन जब हम कॉमनवेल्थ या २जी घोटाले पर नजर डालते हैं तो यह लाखों करोड़ में होता है। यह इतनी रकम होती है जिससे कई हजार गांवों का विकास किया जा सकता है। कई हजार कॉलेज खोले जा सकते हैं।
लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। आप मेरी आवाज को बंद नहीं कर सकते। मैं सवाल करता हूं कि क्या हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो गई है? तथ्य अभी भी वही है।
हमारे सभी व्यवस्थाएं टूट गई हैं। कारण हमारे पास धन नहीं है। कितनी योजनाए हैं जो सही उद्देश्य के साथ शुरु की जाती हैं लेकिन पैसे की कमी के कारण पूरी नहीं हो पाती। क्यों? हम भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं। लेकिन क्या हमारे पास भ्रष्टाचार से लड़ने का कोई सिस्टम है? क्या हम न्यायव्यवस्था, सतर्कता विभाग, सीबीआई पर सवाल नहीं उठा सकते?
देश की सड़कों से आ रही आवाजों से साफ होता है कि हमारे देश में अब कोई व्यवस्था नहीं रह गई है। हम ये क्यों सोच लेते हैं कि एक बार चुने जाने के बाद हम ही सबकुछ हैं। हमें यह समझना होगा कि युवा सड़क पर क्यों हैं।
वो सड़क पर इसलिए हैं कि हमारे देश को भ्रष्टाचार ने ध्वस्त कर दिया है। रिश्वत देकर नौकरी पाने वाले उम्र भर के लिए अपना आत्मसम्मान खो देते हैं। युवा सड़क पर इसलिए हैं क्योंकि वो सम्मान से जीना चाहते हैं। रिश्वत और भ्रष्टाचार सिर्फ एक खास वर्ग को ही प्रभावित नहीं करता है। इससे हमारा पूरा समाज प्रभावित होता है।
इस बात को बार बार कहा जा रहा है कि अन्ना हजारे के आंदोलन के पीछे बीजेपी है। लेकिन तथ्य यही है कि यह आंदोलन लोगों का है। ये वो ज्वालामुखी है जो लंबे वक्त से शांत था। लेकिन आज अन्ना हजारे और लोगों के पीछे खड़े होकर बीजेपी सम्मानित महसूस कर रही है। और अब हम सामने आकर इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।
मेरे जीवन का सबसे अच्छा अनुभव वह था जब मैं रामलीला मैदान में युवाओं के बीच जाकर बैठा। वहां एक व्यक्ति ने मुझसे कहा कि अन्ना हजारे एक व्यक्ति नहीं है एक सोच है। वो हमारे देश को फिर से महान बनाने के लिए इस सोच की जीत आवश्यक है। मैं सिर्फ यह कह रहा हूं कि हम सब लोग, चाहे कांग्रेस हो, हम हो या वामपंथी हो उन्हें हमारे देश के नवनिर्माण के लिए इस सोच को जिताना चाहिए।
कांग्रेस के नेतागण भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं,राहुल गांधी क्या बोलेंगे
भाजपा सांसद मेनका गांधी ने अन्ना हजारे के अनशन पर राहुल गांधी की चुप्पी पर पूरी कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ऐसे में जबकि कांग्रेस के नेतागण भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हो राहुल गांधी क्या बोलेंगे और उनकी बात पर विश्वास कौन करेगा.
मेनका गांधी ने अन्ना के अनशन पर राहुल गांधी की चुप्पी पर कहा कि भ्रष्टाचार के सारे आरोप कांग्रेस नेताओं पर हैं, ऐसे में राहुल गांधी क्या बोलेंगे, उनकी बात पर विश्वास कौन करेगा.
इसी क्रम में उन्होंने कहा कि आज देश में कोई भी मूर्ख नहीं है और वह आपकी जुबान नहीं नीयत देखता है.अन्ना के आंदोलन पर विशेष कवरेजअपने संसदीय क्षेत्र में आने वाले दातागंज तहसील के बाढ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर जाने के लिए पहुंची मेनका ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनके पुत्र वरुण गांधी व्यक्तिगत रुप से अन्ना के आंदोलन में पहुंचे.
भाजपा सहित विपक्षी दलों द्वारा अन्ना के समर्थन में खुलकर आवाज नहीं उठाने के बारे में सवाल पूछे जाने पर मेनका ने कहा कि अन्ना नहीं चाहते कि राजनीतिक दल उनके साथ आयें, इसीलिए विपक्षी दलों ने अपने आप को पीछे कर लिया है.
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री और नौकरशाही के साथ ही न्यायपालिका को भी लोकपाल के दायरे में लाया जाना चाहिए, भाजपा सांसद ने कहा कि भाजपा राष्ट्रहित में अन्ना हजारे का पूरा समर्थन करेगी और उन्हें यकीन है कि अन्ना जो भी रास्ता दिखायेंगे, पार्टी उस पर चलेगी.
बीजेपी के युवा सांसद वरुण गांधी अन्ना का समर्थन करने रामलीला मैदान पहुंचे
बीजेपी के युवा सांसद वरुण गांधी बुधवार की सुबह रामलीला मैदान पहुंच गए हैं और अन्ना समर्थकों के बीच जाकर बैठ गए हैं। वरुण गांधी से जब पूछा गया कि आप के रामलीला मैदान में आने का क्या मतलब है, तो उन्होंने कहा कि मैं यहां देश के एक नागरिक के तौर पर आया हूं। मैं अन्ना का समर्थन करना चाहता हूं। जब वरुण से पूछा गया कि वह मंच पर जाएंगे तो उन्होंने कहा कि वे मंच पर नहीं जाएंगे। अन्ना से मुलाकात की बात पर पीलीभीत से बीजेपी के सांसद ने कहा कि उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है।
वरुण गांधी पहले भी जन लोकपाल बिल को प्राइवेट मेंबर्स बिल के तौर पर पेश करने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। हालांकि उनकी पार्टी ने जन लोकपाल बिल का समर्थन नहीं किया है। बीजेपी ने अन्ना का तो समर्थन किया है, लेकिन उनके बिल पर पार्टी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई राय नहीं दी है।
इस बीच, जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने एक बार फिर अन्ना के आंदोलन पर निशाना साधा है। उनका दावा है कि टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने सोमवार रात उनके घर पर उनसे मिली थीं। बेदी ने उनसे आंदोलन के लिए समर्थन मांगा था। लेकिन बुखारी के मुताबिक वह समर्थन पर तभी विचार करेंगे, जब इस आंदोलन में सांप्रदायिकता को भी शामिल किया जाएगा। शाही इमाम का दावा है कि बेदी ने उनसे रामलीला मैदान के मंच पर आने की अपील की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
बुखारी ने अन्ना के आंदोलन को गैर इस्लामी बताते हुए मुस्लिमों को इससे दूर रहने की हिदायत दी थी। उनका कहना था कि इस आंदोलन में वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाए जा रहे हैं, इसलिए मुसलमानों को इससे दूर रहना चाहिए। हालांकि उनकी अपील को मुस्लिमों ने खारिज कर दिया था।
वरुण गांधी का विवाह कांची शंकराचार्य द्वारा 6 मार्च को वाराणसी मे
बीजेपी सांसद वरुण गांधी 6 मार्च को बंगाली ब्राम्हण यामिनी रायचौधरी के साथ शादी रचाएंगे। शादी वाराणसी के कांची मठ में होगी। विवाह कांची शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती करवाएंगे। कांची मठ के सात पुजारी पहले दिल्ली आएंगे और यहां विवाह के पहले की रस्में अदा करने के बाद, सभी वाराणसी जाएंगे।कांची मठ को दुल्हन यामिनी रायचौधरी की मां ने पसंद किया है, जो वहां लंबे समय से जाती रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए शॉपिंग भी वाराणसी से ही की है। मेनका गांधी ने वाराणसी के मेयर कौशलेंद्र सिंह को शादी की पूरी व्यवस्था देखने को कहा है। करीब सौ साल के अंतराल के बाद गांधी परिवार का कोई सदस्य किसी ब्राह्मण से विवाह रचा रहा है।
इसके पहले ऐसा 1916 में हुआ था, जब देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कमला कौल से शादी की थी। कमला कश्मीरी ब्राह्मण थीं। वरुण की दादी इंदिरा गांधी, पिता संजय, पिता के बड़े भाई राजीव, उनकी बेटी प्रियंका, सभी ने गैर-ब्राह्मण समाज में विवाह किया है। यामिनी फिल्म क्रिटिक अरुणा वासुदेव की बेटी हैं। यामिनी खुद दिल्ली में ग्राफिक्स डिजाइनिंग का काम करती हैं। उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद पेरिस की सोरबोन यूनिवर्सिटी से फाइन आर्ट्स का कोर्स किया।
इंदिरा गांधी द्वारा मेनका को दी साड़ी पहनेंगीं यामिनी
विवाह के अवसर पर यामिनी स्वर्गीय इंदिरा गांधी द्वारा मेनका गांधी को दी गई साड़ी पहनेंगीं। उन्होंने यह साड़ी मेनका को पुत्र संजय से शादी के समय दी थी। गुलाबी रंग की इस बनारसी साड़ी में सुनहरे रंग की बेलें बनी हुई हैं। शादी के बाद 8 मार्च को दिल्ली में रिसेप्शन है। इस दिन यामिनी 100 साल पुरानी नारंगी रंग की बनारसी साड़ी पहनेंगीं, जो स्वर्गीय कमला नेहरू ने इंदिरा गांधी को दी थी। वरुण शादी के दिन खुद सफेद धोती कुर्ते में रहेंगे। शादी के बाद पूरा परिवार एक विशेष विमान से दिल्ली लौट आएगा।
शादी में गांधी परिवार के काफी करीबी लोगों को ही बुलाया गया है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न राजघरानों के कई सदस्य शादी में हिस्सा ले रहे हैं, इनमें काशी, बिजनौर, मनकपुर और अयोध्या के राजघराने शामिल है।
करीब 1200 लोग शामिल होंगे रिसेप्शन में
दिल्ली में होने वाले रिसेप्शन में करीब 1200 लोगों को आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर कश्मीर, बंगाल, अवध, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, केरल, कर्नाटक आदि प्रदेशों का वेजीटेरियन भोजन मीनू में शामिल किया गया है। वरुण अप्रैल में दक्षिण इटली के अमालफी द्वीप पर हनीमून मनाने जाएंगे।
वरुण गांधी पर मायावती सरकार ने मुकदमा चलाने की इजाजत दी
यूपी सरकार ने बीजेपी के युवा नेता और सांसद वरुण गांधी के खिलाफ भड़काऊ भाषण मामले में केस चलाने की इजाजत दे दी है। यह जानकारी यूपी के होम सेकेट्ररी दीपक कुमार ने दी है। गौरतलब है कि 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान वरुण गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत में एक समुदाय विशेष के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ भाषण दिया था। इस भाषण के चलते वरुण के खिलाफ 30 नवंबर 2009 के पीलीभीत के कोतवाली पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 505(2) के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में शुक्रवार को यूपी की मायावती की सरकार ने वरुण के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी है।
गौरतलब है कि वरुण के उस भाषण पर संघ नेतृत्व ने उन्हें समर्थन दिया। उस भाषण में वरुण ने कथित तौर पर कहा था कि 'अगर हिंदुओं की तरफ कोई हाथ बढ़ा तो मैं उसे काट डालूंगा।'
इस विवादास्पद भाषण की वजह से वरुण की छवि कट्टर हिंदू नेता की बनी. उनके खिलाफ केस चलाने की इजाजत देने के यूपी सरकार के फैसले पर अभी बीजेपी नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
राहुल मुझसे 10 साल बड़े, वो मेरी पीढ़ी के नहीं - वरुण गाँधी
भारतीय जनता पार्टी के युवा सांसद और राष्ट्रीय सचिव वरुण गांधी खुद को उम्र में 10 साल बड़े चचेरे भाई एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी की पीढ़ी का नहीं मानते.राहुल जहां एक ओर गरीबों को देश की असली शक्ति बता कर मुर्ख बना रहे हैं, वहीं वरुण आम जनता से संवाद और सम्पर्क बढ़ा कर ‘‘गरीब केन्द्रित’’ राजनीति की राह पर चलने पर जोर दे रहे हैं।
वरुण गांधी ने आज यहां कहा कि ‘‘मेरी एक सोच है वह सोच यह है कि राजनीति चुनाव केन्द्रित नहीं होनी चाहिए बल्कि गरीब केन्द्रित होनी चाहिए।’’ वरुण लखनउ से सटे हरदोई जिले के कुछ बाढ़ पीड़ित लोगों से मिलने के लिए आज यहां अमौसी हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ‘‘राजनीति गरीब केन्द्रित होनी चाहिए..हालांकि आज कोई गरीब भी अपने को गरीब नहीं कहलाना चाहता कारण कि लोगों में आत्मगौरव और सम्मान की भावना बढ़ी है, जो कि अच्छी बात है।’’ वरुण ने कहा कि पार्टी के सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को चाहिये कि वे जमीनी राजनीति करें और समाज के हर तबके का विश्वास जीतें..सभी को चाहिए कि वे दीवाली के दिन किसी बाढ़ पीड़ित गांव में जाकर वहां दिया जलायें।
यह पूछे जाने पर कि कहीं आप भी वही तो नहीं कर रहे जो राहुल गांधी कर रहे है, वरुण ने कहा, ‘‘जितने लोग घूम रहे हैं --सभी सीख रहे हैं --राहुल जी मुझसे उम्र में 10 साल बड़े हैं --मैं उन्हें अपनी पीढ़ी का नहीं मानता।’’
शत्रुघ्न सिन्हा ने नरेन्द्र मोदी और वरुण गांधी से बिहार में चुनाव प्रचार की मांग की

बिहार विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी और वरुण गांधी प्रचार करेंगे या नहीं, इस सवाल पर बीजेपी नेतृत्व खुलकर कुछ बोल नहीं पा रहा है। दूसरी तरफ, पार्टी के कई दिग्गज इन दोनों नेताओं से चुनाव प्रचार करवाने की मांग कर आलाकमान के सामने आए दिन मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। इस कड़ी में बिहार के सांसद और ऐक्टर शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी जुड़ गया है। सिन्हा ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और सांसद वरुण गांधी को बिहार विधानसभा के लिए चुनाव प्रचार में शामिल किए जाने की वकालत की है।
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि चुनाव में प्रचार करने के लिए कौन आए और कौन नहीं आए यह तो पार्टी के बड़े नेताओं को तय करना है, लेकिन मेरी निजी राय है कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोदी और वरुण, दोनों को आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की यह अपेक्षा है कि प्रचार के दौरान उनके आने से पार्टी को फायदा होगा। इस कारण उनको चुनाव प्रचार में बुलाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी शॉटगन के नाम से मशहूर सांसद ने इन दोनों नेताओं को प्रचार में शामिल करने की बात कही थी। गौरतलब है कि बिहार के कई मंत्री भी कई मौकों पर खुले तौर पर दोनों नेताओं को चुनाव प्रचार के दौरान बिहार आने की आवश्यकता जताई है।

