दिल्ली में हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का घर सीज हुआ


हुर्रियत कॉन्‍फ्रेंस पर कानूनी शिकंजे के साथ अब इनकम टैक्‍स विभाग ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में आज इनकम टैक्‍स विभाग ने हुर्रियत के चेयरमैन और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का दिल्‍ली स्थित आवास को सीज कर दिया है. गिलानी का यह आवास दिल्‍ली के मालवीय नगर स्थित खिड़की एक्‍सटेंशन में स्थित है. इस आवास में गिलानी के साथ ही उसके दामाद की भी हिस्‍सेदारी बताई जा रही है.

आयकर विभाग के अनुसार, अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी पर 1996-97 से लेकर 2001-2002 से लेकर 3.62 करोड़ से अधिक की देनदारी है. इससे पहले भी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. बता दें कि पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और जम्मू-कश्मीर के हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक की फोन पर बातचीत को लेकर उपजे विवाद के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत को उकसाने का काम किया था. अब शाह महमूद ने कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से फोन पर बातचीत की थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से पहले पाकिस्तान ने पिछले 4 दिनों में कश्मीर के मामलों में दोबारा हस्तक्षेप किया था. सूत्रों के मुताबिक शाह कुरैशी ने गिलानी से कश्मीर की स्थिति और मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दों पर बातचीत की थी.

इससे पहले शाह ने कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक से इन्हीं मुद्दों पर बातचीत की थी, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान उच्चायुक्त को बुलाकर कड़ा विरोध जताया था और पाक को कश्मीर के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा था. बता दें कि कश्मीर घाटी में गिलानी एक प्रमुख अलगाववादी नेता हैं और कई दशकों से कश्मीर के अलग होने की आवाज उठाते रहे हैं. पिछले साल केंद्र सरकार की तरफ से भेजे गए वार्ताकार (विशेष प्रतिनिधि) से उन्होंने बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.


हुर्रियत कांफ्रेंस अध्यक्ष का बेटा हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ

मोहम्मद अशरफ सेराय का बेटा जुनैद अशरफ तहरीक-ए-हुर्रियत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ सेराय का बेटा हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है । जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी । एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “सेराय का २६ साल का बेटा जुनैद अशरफ हिजबुल मुजाहिदीन से जुड गया है ।”

सेहराय को १९ मार्च को तहरीक-ए-हुर्रियत (TeH) का अध्यक्ष बनाया गया है । उन्होंने १५ सालों तक अध्यक्ष रहे सय्यद अली शाह गिलानी की जगह ली है । पुलिस ने बताया कि जुनैद अशरफ शुक्रवार की नमाज के बाद से गायब है । उन्होंने बताया, “एके ४७ राइफल के साथ जुनैद अशरफ की एक फोटो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है ।”

इस फोटो के कैप्शन में लिखा है, “कश्मीर यूनिवर्सिटी के बिजनेस में मास्टर की पढाई करनेवाले जुनैद अशरफ का कोड नेम अमार भाई है ।

जुनैद के परिवारवालों ने शनिवार को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में लिखाई थी ।

आतंकवादी बुरहान के नाम पर रख दिया सडक का नाम


अलगाववादियों ने दक्षिण कश्मीर में एक सड़क मार्ग का नाम हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान के नाम पर रखा है। सडक पर बुरहान का पोस्टर भी लगाया गया है। संबंधित सुरक्षा एजेंसियां और कश्मीर विशेषज्ञ इसे कश्मीर में सुधरते हालात को फिर बिगाडने और स्थानीय युवकों को आतंकवाद की तरफ ले जाने की नई साजिश बता रहे हैं।

बुरहान के नाम पर रखी गई सडक त्राल को नवादल के रास्ते अवंतीपोर से जोडती है। बुरहान त्राल का ही रहने वाला था। आप को बता दे की, सुरक्षाबलों ने आठ जुलाई को बुरहान वानी को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। १९९० से लेकर २००५ तक त्राल को आतंकी गतिविधियों के चलते कश्मीर का कंधार भी कहा जाता रहा है।

कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों और अलगाववादियों के साथ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने बुरहान की मौत पर कश्मीर में अलगाववादी भावनाओं को खूब भडकाया। हालांकि बुरहान के नाम पर सडक का नामकरण किए जाने की यह पहली घटना है।

हुर्रियत नेता इम्तियाज अहमद रेशी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सडक का नाम बदलने का फैसला स्थानीय लोगों ने बैठक में लिया था। एक समारोह में मैं खुद उसमें सम्मिलित था।

कश्मीरी पंडितों को सात दिन के अंदर वादी छोड़ने का फरमान

उमर अब्दुल्ला सरकार पंडितों की वापसी लायक माहौल बनने के लाख दावे करे, लेकिन आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने कश्मीरी पंडितों को सात दिन के अंदर वादी छोड़ने का फरमान सुनाया है।

इस धमकी के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर संदिग्ध तत्वों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। इस बीच, आल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों गुटों ने कश्मीरी विस्थापितों को सुरक्षा का यकीन दिलाते हुए कहा कि वह इस धमकी को गंभीरता से न लें। 

यह किसी सुरक्षा एजेंसी की कश्मीरी पंडितों और कश्मीरी मुस्लिमों के बीच मतभेद पैदा करने की साजिश है। विभिन्न आतंकी संगठनों के साझा मंच यूनाइटेड जेहाद काउंसिल और हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीमो सल्लाहुदीन ने भी कश्मीरी पंडितों को मिली इस धमकी की निंदा करते हुए इसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की साजिश करार दिया है।

आतंकी संगठन ने यह धमकी पोस्टर लगाकर नहीं बल्कि डाक के जरिये एक खत भेजकर दी है। यह खत बडगाम जिले के शेखपोरा इलाके में कश्मीरी पंडितों के लिए बनाई गई आवासीय कॉलोनी के अध्यक्ष के नाम भेजा गया है। जैश कमांडर जुबैर ने इस खत में कश्मीरी पंडितों को सात दिन के अंदर कश्मीर छोड़ने का फरमान सुनाया है। 

खत में कश्मीर में गैर इस्लामिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जेहाद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इस धमकी के बाद न सिर्फ शेखपोरा में बल्कि वादी के अन्य हिस्सों में रह रहे कश्मीरी पंडितों में भी भय पैदा हो गया है।

दूसरे राज्य के झुग्गीवालों से धारा 370 का उल्लंघन - गिलानी

ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी गुट के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने जम्मू-कश्मीर सरकार को 20 अक्टूबर तक झुग्गी-झोपडि़यों में रहने वाले अन्य राज्यों के वाशिंदों को बाहर करने का अल्टीमेटम दिया है।

गिलानी
ने झुग्गियों में रहने वालों को संपत्ति का अधिकार देने के फैसले को बदलने के लिए भी कहा है।कट्टरपंथी नेता ने कहा कि अगर सरकार से झुग्गियों में रहने वालों को संपत्ति का अधिकार देने का फैसला नहीं बदला तो राज्य में उसके खिलाफ उग्र आंदोलन चलाया जाएगा।

गौरतलब
है कि राज्य सरकार ने बीते दिनों झुग्गियों में रहने वाले राज्य के स्थायी नागरिकों को इंदिरा आवास योजना के तहत संपत्ति का अधिकार देने का फैसला किया है।

गिलानी
ने हुर्रियत की मजलिस-ए-शूरा की बैठक में इस फैसले को पूरी तरह कश्मीरियों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इससे धारा 370 का उल्लंघन होगा और मुस्लिमों के अल्पसंख्यक होने का खतरा पैदा हो जाएगा।

लड़के-लड़कियों को एक साथ नहीं पढाया जाना चाहिए - गिलानी

स्कूलों और कॉलेजों में सह शिक्षा की आलोचना करते हुए हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता और भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने वाले सैयद अली शाह गिलानी ने गुरुवार को कहा कि लड़के-लड़कियों को एक साथ पढ़ाकर जम्मू कश्मीर सरकारअनैतिक गतिविधियोंको बढ़ावा दे रही है.

गिलानी
में अपने आवास पर कहा कि सह शिक्षा प्रणाली में युवा लड़के और लड़कियां साथ रहते हैं. आप आग और सूखी घास को एक साथ रख रहे हैं तब घास को जलने से कोई नहीं बचा सकता.उसने कहा कि स्कूलों में युवा लड़के-लड़कियों को नैतिक और धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा रही, इस तरह सरकार ‘अनैतिक गतिविधियों’ को बढ़ावा दे रही है.

गिलानी
ने कहा कि मात-पिता और बड़े लोगों को युवा लड़के-लड़कियों पर नजर रखनी चाहिए.

मुझ पर हमले पूर्व नियोजित थे - मीरवाईज

हुर्रियत कंफ्रेंस के उदारवादी धड़े ने आज कहा कि विभिन्न शहरों में यात्रा के दौरान इसके नेताओं पर हमला पूर्व नियोजित थे और केंद्र सरकार इस जिम्मेदारी से नहीं बच सकती

उदारवादी हुर्रियत के अध्यक्ष मीरवाईज उमर फारुक ने कहा, ‘‘कश्मीर की वास्तविकता से लोगों को अवगत कराने के लिए विभिन्न शहरों की हमारी यात्रा के दौरान हम पर हुए हमले की जिम्मेदारी से सरकार नहीं बच सकती ।’’ दिल्ली से लौटने के बाद यहां संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी, चंडीगढ़ और कोलकाता में दक्षिण पंथी कार्यकर्ताओं ने पूर्व नियोजित तरीके से हमले किए ।

अलगाववादी नेता ने कहा, ‘‘यहां तक कि सुरक्षा में तैनात पुलिस ने भी देर से कार्रवाई की ।’’

अरुंधती राय व गिलानी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज

राजधानी में एक सेमिनार के दौरान राष्ट्रविरोधी बयानबाजी के आरोप में अरुंधती राय हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया है।

दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई बीते शनिवार को अदालत से मिले आदेश के बाद अंजाम दी है। दिल्ली पुलिस के एक आलाधिकारी ने बताया कि अरुंधती राय व गिलानी पर दर्ज की गई प्राथमिकी गत 21 अक्तूबर को राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशविरोधी बयानबाजी के कारण दर्ज किया गया है।

दोनों ही आरोपियों पर आईपीसी की धारा 124-ए (देशद्रोह), 153-ए (वर्गो के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 153-बी (राष्ट्रीय एकता के लिए प्रतिकूल कथन), 504 (शांति भंग करने और लोगांे को भड़काने का प्रयास) और 505 (झूठे बयान, सार्वजनिक शांति के खिलाफ बगावत का अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ये सभी धाराएं गैरकानूनी गतिविधियां निरोधक कानून 1967 की धारा 13 के साथ जोड़कर दर्ज की गई है। अब जब मामला दर्ज कर लिया गया है तो दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तारी का सामना करना होगा।

गौरतलब है कि जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है वे पूरी तरह गैरजमानती हैं। इतना ही नहीं, अगर आरोप सही साबित होते हैं तो इन धाराओं के तहत उम्र कैद तक की सजा हो सकती है।

गिलानी को मुंहतोड़ जबाब - घाटी में हड़ताल में भी खुली दुकाने

हुर्रियत पार्टी के कट्टरपंथी धड़े के नेता अली शाह गिलानी की तरफ से रविवार को आहूत नागरिक कर्फ्यू का कश्मीर के दुकानदारों ने बहिष्कार किया। कर्फ्यू के आह्वान के बाद भी दुकानदारों ने पूरे सामान के साथ अपनी दुकानें खोली। गौरतलब है कि ओबामा की भारत यात्रा को देखते हुए गिलानी ने तीन दिवसीय नागरिक कर्फ्यू का आह्वान किया था लेकिन सड़क के किनारे स्थित दुकानदारों ने इस कर्फ्यू का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था।

एक विक्रेता खालिद ने बताया कि पिछले चार महीनों में हम बहुत ज्यादा कर्फ्यू और बंद देख चुके हैं। अब हम अपने परिवार वालों का पेट भरना चाहते हैं। हम अब इस तरह के कामों में हमेशा व्यस्त नहीं रह सकते। विक्रेताओं के द्वारा बहिष्कार की यह घटना तब हो रही है जब कुछ हफ्तों पहले एक अज्ञात समूह जम्मू एंड कश्मीर इत्तेहादी इस्लामी ने हुर्रियत पार्टी से मांग की थी कि वह कर्फ्यू और बंद के अपने कैलेंडर में सुधार लाए क्योंकि इससे घाटी में सिर्फ आर्थिक नुकसान ही हो रहा है।

दूसरी तरफ हड़ताल के कारण घाटी में रविवार को भी आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। ज्यादातर दुकानें, निजी दफ्तर और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहें। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण है और कहीं भी कर्फ्यू या किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

स्वतंत्रता के नाम पर देशद्रोह का प्रसार करने की छूट नहीं दी जा सकती : भाजपा

कश्मीर कीआज़ादीके विषय पर कल राष्ट्रीय राजधानी में हुई विचार गोष्ठी की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा ने आज कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर ऐसी हरकतें अस्वीकार्य हैं और केन्द्र आंख मूंदने की बजाय दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करे।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने कहा, ‘‘सरकार की नाक के नीचे दिल्ली में कल अलगाववादी समूहों का एकत्र होकर देशद्रोह का प्रसार करने से राष्ट्र सकते में है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश से अलग होने के अधिकार को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा संविधान में दिए भाषण की स्वतंत्रता के अधिकार को देश के खिलाफ प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

ऐसा करने वालो के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए संप्रग सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह देशद्रोह का प्रसार करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करके उन्हें दंडित करे।

यहां कल ‘‘आज़ादी--एकमात्र रास्ता’’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी सहित कई अलगाववादियों के अलावा नक्सलवाद और खालिस्तान के समर्थक मौजूद थे।

देशद्रोही सैयद अली शाह गिलानी पर दिल्ली में जूता पड़ा

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी गुट के नेता सैयद अली शाह गिलानी की मौजूदगी से दिल्ली में एक कार्यक्रम में अच्छा-खासा बवाल हो गया। कुछ कश्मीरी पंडितों ने वहां जमा होकर नारेबाजी करते हुए गिलानी को वहां से बाहर निकालने की मांग की। भीड़ में से किसी ने गिलानी की तरफ जूता भी उछाला।

दिल्ली के एलटीजी ऑडिटोरियम में 'आजादी- एक मात्र रास्ता ' पर सेमिनार का आयोजन किया गया था। इसमें कई कट्टरपंथी और कश्मीर को भारत से अलग करने के विचार का समर्थन करने वाले कई जाने-माने लोग भाग ले रहे थे। जैसे ही गिलानी बोलने के लिए खड़े हुए करीब 70-75 कश्मीरी पंडित वहां जमा होकर 'भारत माता की जय ' और ' वंदे मातरम् ' के नारे लगाने लगे। वे लोग गिलानी को वहां से हटाने की मांग कर रहे थे।

इस समूह में फेसबुक पर सक्रिय कुछ राष्ट्रवादी देशभक्तों, लोवी भरद्वाज , अमित आर्य , देवेंदर शर्मा , अग्रवाल जी आदि भी थे, जिन्हें इस हंगामे के कारण गिरफ्तार भी कर लिया गया था और देश शाम उनकी रिहाई हुई.

इसी शोर-शराबे में किसी ने मंच पर बैठे गिलानी की तरफ जूता उछाल दिया लेकिन जूता उन्हें नहीं लगा। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और आयोजकों ने मंच पर बैठे नेताओं की हिफाजत के लिए मंच को घेर लिया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाला।

विरोध प्रदर्शन के वक्त इस मुद्दे पर एसएआर गिलानी बोल रहे थे जिन्हें पहले संसद पर हमले का आरोपी बनाया गया था और बाद में छोड़ दिया गया था

सोपोर शहर को छोड़ पूरे कश्मीर घाटी से कफ्र्यू हटा

सोपोर शहर को छोड़ आज लगभग समूचे कश्मीर घाटी से कफ्र्यू हटा लिया गया लेकिन हुर्रियत कांफ्रेंस के हड़ताल के आह्वान के कारण यहां सामान्य जन जीवन प्रभावित रहा।

पुलिस प्रवक्ता ने यहां कहा, ‘‘ सोपोर जिले के कुछ इलाकों को छोड़कर समूचे कश्मीर घाटी से आज सुबह कफ्र्यू हटा लिया गया।’’ उन्होंने कहा कि सेबों के शहर के रूप में प्रसिद्ध इस इलाके में शालीपुरा, अशपीर, इकबाल कालोनी, चानखान और नेहारपुरा जैसे इलाकों में कफ्र्यू जारी है।

हुर्रियत कार्यकर्ताओं की ओर से कट्टरपंथी गुट के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के हैदरपुरा स्थित आवास तक मार्च निकालने की योजना को विफल बनाने के लिए सोमवार को कफ्र्यू लगा दिया गया था।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि हुर्रियत के कट्टरपंथी गुट के विरोध प्रदर्शन के कैलेंडर के कारण आज यहां आम जनजीवन प्रभावित रहा। दुकानें, बैंक, निजी कार्यालय और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे और सार्वजनिक वाहन सड़कों पर नहीं आए। हालांकि निजी वाहनों को सड़कों पर देखा गया। वाषिर्क परीक्षा होने की वजह से शैक्षणिक संस्थान भी खुले रहे।

सूत्रों ने कहा कि कुछ इलाकों में कुछ तत्वों की ओर से शांति में बाधा डालने का प्रयास किये जाने की सूचना के बाद शहर के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है।

कश्मीर में खुले 100 दिन बाद स्कूल, हुर्रियत ने किया विरोध

कश्मीर घाटी में स्कूल अशांति के कारण करीब 100 दिन तक बंद रहने के बाद, आज फिर खुल गए और कई इलाकों में कर्फ्यू तथा निषेधाज्ञा के बावजूद सुरक्षा बलों ने विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को रोके बिना जाने दिया।

बहरहाल, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने अभिभावकों से बच्चों को स्कूल, कॉलेज न भेजने का आह्वान किया है जिसकी वजह से स्कूलों में उपस्थिति क्षीण रही।

घाटी में जारी अशांति के कारण शिक्षा प्रणाली को नुकसान हुआ है। यहाँ 11 जून को पुलिस द्वारा आँसू गैस के गोले छोड़ने के कारण 17 वर्षीय एक छात्र के मारे जाने के बाद हिंसा शुरू हुई थी।

छात्रों और स्कूलों के कर्मचारियों को जाने आने में सुविधा मिले और शिक्षण संस्थाओं का कामकाज निर्बाध हो सके, यह सुनिश्चित करने के लिए उमर अब्दुल्ला की सरकार ने राज्य परिवहन निगम की 170 से अधिक बसें शहर के 11 मार्गों पर चलाई हैं।

स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति करीब 20 फीसदी ही रही लेकिन प्रशासन को उम्मीद है कि कल से स्कूल जाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ेगी।

राज्य के शिक्षा मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद ने कल घाटी में अध्ययन प्रक्रिया फिर से शुरू करने और सालाना परीक्षाएँ आयोजित करने की व्यायक योजना का ऐलान किया था।

बातचीत करके समय बर्बाद न करे मनमोहन : मीरवाइज

अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि किसी रोजगार पैकेज से कश्मीर का मसला सुलझ जाएगा। मीरवाइज ने कहा कि यह कोई बेरोजगारी की समस्या नहीं है, बल्कि एक अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा है।

जम्मू एवं कश्मीर के अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस के नरमपंथी धड़े के प्रमुख मीरवाइज ने बोला कि "मनमोहन सिंह को यह नहीं समझना चाहिए कि किसी रोजगार पैकेज की घोषणा कर देने से कश्मीर की समस्या सुलझ जाएगी। यह कोई बेरोजगारी की समस्या नहीं है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा है।"

मीरवाइज ने कहा कि भारत सरकार को समस्या के समाधान के प्रति गंभीरता दिखानी चाहिए और बातचीत के बहाने समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।

बुधवार को कश्मीर पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक पर चर्चा करते हुए मीरवाइज ने कहा, "भारतीय नेताओं को कश्मीर की वास्तविकता को ईमानदारी के साथ स्वीकार करनी चाहिए और इसे एक अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा मानना चाहिए। उन्हें चिकनी-चुपड़ी घोषणाओं, पैकेज और प्रतीकात्मक सहानुभूति की योजना नहीं बनानी चाहिए।"

हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली गिलानी और जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक से सहमति जताते हुए मीरवाइज ने कहा, "कश्मीर के ताजा हालात पर और उसके समाधान के बुनियादी दृष्टिकोण को लेकर हम सभी, यानी मैं, गिलानी साहेब और मलिक का एक संयुक्त दृष्टिकोण है।"

मीरवाइज ने कहा, "81 वर्षीय गिलानी से लेकर पथराव करने वाले किशोर तक, कश्मीर की चार पीढ़ियां 63 वर्ष पुराने इस मुद्दे के समाधान के लिए उत्सुक हैं।"

श्रीनगर में ईद की नमाज के बाद मीरवाइज उमर फारुख ने कराया हिंसक प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में शनिवार कोईद-उल-फितर की नमाज के बाद जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।अलगाववादियों ने जहां लाल चौक तक जुलूस निकाला वहीं भीड़ ने पुलिस कीबैरक और राज्य बिजली बोर्ड की इमारत को आग लगा दी।

हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी गुट के प्रमुख मीरवाइज उमर फारुख ने ईदगाह मैदान में ईद की नमाज के बाद शहर के लाल चौक तक एक विशाल जुलूस कीअगुवाई की। इससे पहले यह कार्यक्रम था कि नमाज अदा करने के बाद सभी लोग शांतिपूर्वक वहां से चले जाएंगेऔर त्योहार की खुशियां मनाएंगे।

हजारों लोगों से सादगीपूर्वक ईद मनाने का अनुरोध करते हुए मीरवाइज ने कहा, आजादी हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और कश्मीर की युवा पीढ़ी ने तयकिया है कि वह इसे किसी भी कीमत पर हासिल करके रहेगी। मीरवाइज ने कहा कि भारत को स्वीकार करना ही होगा कि एक कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय विवादहै।

उसने कहा, ‘कश्मीर के मसले के अर्थपूर्ण समाधान के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के वास्ते विसैन्यीकरण, राजनीतिज्ञों और युवकों की रिहाई, कठोर कानून हटाने और आजादी चाहने वालों के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए।

मीरवाइज ने कहा कि कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन के इतिहास के इस अहम मोड़ पर अलगाववादी नेताओं के बीच एकता महत्वपूर्ण है। उनके साथ जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक भी था एक खुफिया अधिकारी ने बताया, ‘शहर के लाल चौक तक जुलूस निकालने का मीरवाइज का फैसला यकीनन राष्ट्रविरोधी भावनाएं भड़काने वाला है।

लाल चौक से लौट रही भारी भीड़ ने राज्य बिजली विभाग के एक कार्यालय की इमारत को आग लगा दी। लाल चौक में मोटर साइकिल पर सवार सैकड़ों युवकों ने आजादी की मांग के समर्थन में नारेबाजी की। लाल चौक के क्लॉक टॉवर पर नारेबाजी कर रहे युवकों ने हरे झंडे फहराए।

इससे पहले हजरतबल में ईद की नमाज के बाद बड़ी संख्या में जमा लोगों ने वहां तैनात स्थानीय पुलिसकर्मियों की बैरके फूंक डालीं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोगों को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईगईं। इस गोलीबारी में किसी के घायल होने का समाचार नहीं है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी विभिन्न संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और भीड़ द्वारा उकसावे वाले नारे लगाए जाने के बावजूद श्रीनगर में कहीं भी सुरक्षाबलों ने बल प्रयोग नहीं किया।

अधिकारी ने बताया, ‘हालात तनावपूर्ण हैं और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों को संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि असामाजिक तत्वों के हिंसा भड़काने के नापाक इरादे पूरे होनेपाएं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के गुपकार में अपने निवास के समीप एक मस्जिद में ईद की नमाज अदा की।लोगों को ईद की नमाज अदा करने और खुशियां मनाने का अवसर देने के लिए प्रशासन ने घाटी के किसी भी हिस्सेमें कर्फ्यू या प्रतिबंध नहीं लगाए।

घाटी के अन्य मुख्य शहरों से मिली जानकारी के अनुसार लोगों ने ईद की नमाज के बाद भारत विरोधी रैलियांनिकालीं और आजादी की मांग के समर्थन में नारेबाजी की।

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