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शिरडी साईंबाबा समाधि के शताब्दी समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन


शिरडी, महाराष्ट्र में श्री साईंबाबा समाधि के शताब्दी समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ 




मंच पर विराजमान महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल श्रीमान विद्यासागर राव जी, महाराष्‍ट्र मुख्‍यमंत्री श्री देवेंद्र जी, विधानसभा के स्‍पीकर हरिबाबू जी, मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी श्री सुभाष धामरे जी, साईबाबा संस्‍थान ट्रस्‍ट के चेयरमैन श्रीमान सुरेश हावरे जी, महाराष्‍ट्र के तमाम मंत्रीगण, सांसद के मेरे साथी, महाराष्‍ट्र के विधायकगण और यहां विशाल संख्‍या में पधारे हुए मेरे प्‍यारे भाईयो और बहनों आप सभी को पूरे महाराष्‍ट्र को, पूरे भारत वर्ष को, देश के जन-जन को दशहरे की विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई।

हम सभी का ये प्रयास रहता है। कि हर वर्ष पर्व को अपनों के साथ मनाएं। मेरी भी ये कोशिश रहती है कि हर त्‍यौहार देशवासियों के बीच जाकर के मनाऊं। इसी भावना के साथ आज आप सभी के बीच उपस्थित होने का मुझे सौभाग्‍य मिला है। जिस प्रकार आप सभी दशहरे के पावन अवसर पर भारी संख्‍या में यहां मुझे आशीर्वाद देने आए हैं। और मैं देख रहा हूं कहीं जगह ही नहीं बची, आधे लोग तो धूप में खड़े हैं। मैं आप सबका और आपका यही अपनत्‍व, यही मेरी सामर्थ्‍य है कि आपके इस प्‍यार के लिए, आपका ये प्‍यार निरंतर नई ऊर्जा का संचार करता है। मुझे शक्ति देता है।

साथियों, दशहरे के साथ-साथ हम आज शिरडी की इस पावन भूमि पर एक और पवित्र अवसर के साक्षी बन रहे हैं। साईंबाबा की समाधि के शताब्‍दी समारोह को भी आज संपन्‍न होने का, पूर्ण होने का, समापन का ये अवसर था। थोड़ी देर पहले ही मुझे साईंबाबा के दर्शन में, उनके आर्शीवाद प्राप्‍त करने का अवसर मिला। मैं जब भी पूज्‍य साईंबाबा का दर्शन करता हूं, उनका स्‍मरण करता हूं तो करोड़ों श्रद्धालुओं की तरह जैसे आप लोगों के दिल में भावना जगती है वैसी ही जनसेवा की भावना, और जनसेवा के लिए खुद को समर्पित करने का एक नया उत्‍साह इस भूमि पर से मिलता है।

भाईयो और बहनों शिरडी के कण-कण में साईं के मंत्र उनकी सीख है। जनसेवा, त्‍याग और तपस्‍या की जब बात आती है तो शिरडी का उदाहरण हर कोई प्रस्‍तुत करता है। ये हमारा शिरडी तात्‍या पाटिल जी की नगरी है, ये दादा कोते पाटिल जी की नगरी है। ये माधवराव देशपांडे, माल्‍सापति जैसे महापुरुष इसी धरती ने दिए हैं। काशीराम शिपि और अप्‍पा जागले साईंबाबा के अंतिम समय तक सेवा करते रहे। कोंडा जी, गवा जी और तुका राम को कौन भूल सकता है। इस पावन धरा के महान सपूतों को मैं नमन करता हूं।    

भाईयो और बहनों साईं का मंत्र है सबका मालिक एक है। सार्इं के चार शब्‍द जैसे समाज को एक करने का सूत्र वाक्‍य बन गए हैं। साईं समाज के थे और समाज साईं का था। साईं ने समाज की सेवा के कुछ रास्‍ते बताए थे और मुझे प्रसन्‍नता है कि साईंबाबा के दिखाए रास्‍ते पर श्री साईंबाबा संस्‍थान, ट्रस्‍ट निरंतर समाज की सेवा कर रहा है।

शिक्षा के माध्‍यम से समाज को सशक्‍त करना हो अध्‍यात्‍म के जरिए सोच में परिवर्तन करना हो। समाज में समरसता और सहभाव का संचार करना हो इसके लिए आपका प्रयास बहुत ही वंदनीय है।

आज भी इस धरती पर आस्‍था, अध्‍यात्‍म और विकास से जुड़े अनेक प्रोजेक्‍ट की शुरुआत हुई है। और मैं महाराष्‍ट्र सरकार को बधाई देता हूं। कि गरीबों के कल्‍याण की इतनी बड़ी योजना के लिए इससे बढ़कर के कोई जगह नहीं हो सकती। साईं के चरणों में बैठकर के गरीबों के लिए काम करना इससे बड़ी धन्‍यता क्‍या हो सकती है। और इसलिए महाराष्‍ट्र सरकार बधाई के पात्र हैं। दर्शनार्थियों के लिए बनने वाले नए परिसर के भूमिपूजन के मौके पर मौजूद होने पर मुझे प्रसन्‍नता हो रही है। आज ही के दिन साईंबाबा इंगलिश मीडियम स्‍कूल कन्‍या विद्यालय और कॉलेज की नींव रखी जा रही है। मुझे पूरा विश्‍वास है कि साईं के जीवन और दर्शन को लेकर शुरु होने वाले साईं नॉलेज पार्क से लोगों को साईं की सीख समझने में और आसानी होगी।

साथियों आज यहां दस मेगावॉट की एक सोलर यूनिट का भी काम शुरु हुआ है। इससे संस्‍थान के संसाधन बढ़ेंगे। और clean एनर्जी में संस्‍थान की बहुत भागीदारी होगी। एक प्रकार से साईं ट्रस्‍ट की तरफ से करोड़ो श्रद्धालुओं के लिए इस दशहरा को विजयादशमी का एक बहुत बड़ा तोहफा है।

साथियो, नवरात्र से लेकर दीपावली तक साल का ये वो समय होता है जब देशवासी घर, गाडी, गहनें जैसे अनेक सामान की खरीद करते हैं। जिसका जितना सामर्थ्‍य होता है वो उस हिसाब से पैसे बचाता है और अपने परिवार को उपहार देता है। मुझे खुशी है कि दशहरे के इस पावन अवसर पर मुझे महाराष्‍ट्र के ढाई लाख भाईयो और बहनों को अपना घर सौंपने का अवसर मिला है।

मेरे वो भाई-बहन जिनके लिए खुद का घर हमेशा ही सपना रहा है। अपने इस विशाल परिवार के सदस्‍यों को एक साथ गृह प्रवास कराने से इससे बड़ी अपने गरीब भाईयो और बहनों की सेवा मैं समझता हूं, दशहरे की पूजा भला मेरे लिए इस सेवा से बड़ी क्‍या हो सकती है। आप सभी जनों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने इस नये घरों की, आपके जीवन में आए इस शुभ अवसर की, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। ये नए घर आपके अपने सपनों के प्रतीक तो है ही। आपकी आकांक्षाओं को नया आयाम देने वाले भी हैं। अब आपका जीवन, आपके बच्‍चों का जीवन सार्थक बदलाव के पथ पर आगे बढ़ चुका है। ये गरीबी पर जीत की तरफ का एक बहुत बड़ा पहला अहम कदम है।

साथियों, अपना घर जीवन को आसान बना देता है। और गरीबी से लड़ने का नया उत्‍साह पैदा करता है। एक सम्‍मान का भाव पैदा होता है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए हमने सोचा है कि 2022, भारत की आजादी के 75 साल होंगे। देश के हर बेघर गरीब परिवार को उसका खुद का घर देने का लक्ष्‍य रखकर के हम काम कर रहे हैं।

मुझे खुशी है कि करीब-करीब आधा रास्‍ता हम इतने कम समय में पार कर चुके हैं। भाईयो और बहनों गरीब हो या मध्‍यम वर्ग का परिवार बीते चार वर्षों में उसे झुग्‍गी से, किराए के मकान से निकाल कर अपना घर देने की तरफ सरकार ने गंभीर प्रयास किए हैं। कोशिशें पहले भी हूईं है लेकिन दुर्भाग्‍य से उनका लक्ष्‍य गरीबों को घर देकर गरीबों को सशक्‍त करने की बजाय एक विशेष परिवार के नाम का प्रचार करना यही उनका मकसद था। वोट बैंक तैयार करना यही उनका मकसद था। घर अच्‍छा हो, उसमें शौचालय हो, बिजली हो, पानी हो, गैस का कनेक्‍शन हो। इस पर पहले कभी सोचा ही नहीं गया। जब किसी योजना के मूल में राजनीतिक स्‍वार्थ वो केंद्र में नहीं होता है। राजनीतिक स्‍वार्थ के बजाय सिर्फ और सिर्फ गरीब का कल्‍याण होता है तो उसके जीवन को आसान बनाने की प्रेरणा मिलती है। तब काम की गति कैसे बढ़ती है। ये आज देश के सामने जीता-जागता उदाहरण है।

साथियों, पहले जो सरकार थी, उस पिछली सरकार ने अपने आखिरी चार साल के वर्षों में पूरे देश में सिर्फ 25 लाख घर बनाए थे। चार साल में 25 लाख......, कितने ..... जरा बोलिए न क्‍या हुआ.....  चार साल में कितने घर बनाए थे? चार साल में कितने घर बनाए थे? 25 लाख, जबकि बीते चार वर्षों में हमारी सरकार बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्‍व वाली सरकार के केंद्र में आने के बाद 1 करोड़ 25 लाख घर बनाए हैं। उनके चार साल के 25 लाख और हमारे चार साल के 1 करोड़़ 25 लाख।

अगर वही सरकार होती तो इतने घर बनाने के लिए 20 साल लग जाते...20 साल और आपको भी 20 साल तक इस घर के लिए इंतजार करना पड़ता। तेज गति से काम करने वाली सरकार गरीबों को तेज गति से कैसे काम देती है इसका ये उदाहरण है। और आप देखिए सब कुछ तो वही है। वहीं साधन, वही संसाधन, वही लोग लेकिन साफ नीयत से, गरीब की सेवा के भाव से जब काम होता है तो ऐसे ही तेज गति से नतीजे भी मिलते हैं।

भाईयो और बहनों पहले की सरकार ने एक मकान बनाने में करीब-करीब 18 महीने लगते थे, डेढ़ साल लगता था इस सरकार में एक साल के अंदर-अंदर 12 महीने से भी कम समय में घर तैयार हो जाता है। समय तो कम हुआ ही है हमनें घर का आकार भी बढ़ाया है। इसके साथ-साथ घर बनाने के लिए सरकारी मदद को भी 70 हजार रुपये से बढ़ाकर के 1 लाख 20 हजार रुपये कर दिया गया है। सबसे अहम बात ये कि पैसे सीधे बैंक खाते में जमा हो रहे हैं। और लाभार्थियों का चयन वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हो रहा है। इतना ही नहीं ये घर टिकाऊ हो, उनमें शौचालय समेत सारी मूलभूत सुविधाएं हों। इसका भी विशेष ध्‍यान रखा जा रहा है।

मैं एक बार फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आज अपना घर प्राप्‍त करने वाले लोगों को ह्दय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। और मुझे जब आज कुछ परिवारों से अलग-अलग जिलों में बात करने का मौका मिला। उन बहनों का आत्‍मविश्‍वास इनके चेहरे की खुशी मुझे कितना आनंद देती थी आप कल्‍पना नहीं कर सकते। जब मेरा कोई गरीब परिवार उसके चेहरे पर खुशी दिखाई देती है तो जीवन काम करने का जैसे धन्‍य हो जाता है। नया काम करने की ऊर्जा मिल जाती है। आज इन सभी बहनों ने जो आर्शीवाद दिए मैं फिर एक बार उस संकल्‍प को दोहराता हूं कि आपकी सेवा के लिए हम पल-पल अपना जीवन आपके लिए खपाते रहेंगे।

भाईयो और बहनों देश के हर घर को शौचालय की सुविधा से जोड़ने का अभियान अब अंतिम पड़ाव पर है। महाराष्‍ट्र ने तो इस मामले में प्रशंसनीय कार्य किया है। आप सभी ने पूरे महाराष्‍ट्र ने खुद को खुले में शौच से मुक्‍त घोषित कर लिया है। इसके लिए राज्‍य के 11 करोड़ नागरिकों को भी मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इससे महाराष्‍ट्र के गांव और गलियां साफ-सुथरी तो रहेंगी ही साथ में डायरिया जैसी अनेक बीमारियों से गरीब किसान परिवारों के बच्‍चों का जीवन सुरक्षित रहेगा।

साथियों, जब गरीबों के जीवन और स्‍वास्‍थ्‍य की बात आती है। जो आजकल पूरी दुनियां में आयुषमान भारत यानी PMJAY प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना की बड़ी चर्चा हो रही है इसके तहत हर वर्ष देश के करीब 50 करोड़ नागरिकों को गंभीर बीमारी के स्थिति में मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया है।

महाराष्‍ट्र के भी लाखों परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंच रहा है। अभी तो इसको शुरु हुए महीना भी नहीं हुआ है। लेकिन देश भर के अस्‍पतालों में करीब-करीब 1 लाख मरीज इसका लाभ ले चुके हैं। इस योजना की वजह से किसी गरीब की पथरी का मुफ्त इलाज हुआ है। तो किसी गरीब के ट्यूमर को हटाया गया है। किसी का 50 हजार का मेडिकल का बिल भरा गया तो किसी का तीन लाख का।

साथियों, इस योजना के तहत अब तक जो क्‍लेम दिया गया है वो औसतन प्रति व्‍यक्ति लगभग 20 हजार रुपये दिया गया है। अब आप सोचिए। हजारों की ये राशि उस गरीब को अपनी जेब से खर्च करनी पड़ रही थी। वो कर भी नहीं पाता था। इसी वजह से वो अस्‍पताल जाने से बचता था। अब सरकार उस गरीब के साथ खड़ी है। कि पैसे कि चिंता मत करिए। पहले अपना इलाज करवाइए।

साथियों, आयुषमान भारत योजना की वजह से देश में आधुनिक मेडिकल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का नया ढांचा तैयार हो रहा है। विशेषकर tier II, tier III शहरों में हजारों नए अस्‍पताल खुलने की संभावना बनी है। ये अस्‍पताल देश के नौजवानों के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी लेकर कर आएंगे।

भाईयो और बहनों समाज का हर वर्ग, हर जन सुखी हों, सबका जीवन सरल और सुलभ हो इसी लक्ष्‍य के साथ सरकार काम कर रही हैं। मेरी जानकारी है कि राज्‍य के हिस्‍से हमारे महाराष्‍ट्र में वरुण देव की कृपा कुछ कम हुई है, बारिश कम हुई है। मैं आपको आशवस्‍त करता हूं कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उसके माध्‍यम से आपको जल्‍द से जल्‍द राहत मिलेगी ही। इसके अतिरिक्‍त महाराष्‍ट्र सरकार जो कदम उठाएगी उसमें केंद्र भी कंधे से कंधा मिलाकर के पूरा सहयोग करेगी।   

भाईयो और बहनों पानी के इसी संकट से देश के किसानों को निकालने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बरसों से अटकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने का काम कर रही है। इसके तहत महाराष्‍ट्र में भी अनेक बड़े प्रोजेक्‍ट पर काम चल रहा है। महाराष्‍ट्र सरकार ने भी अपने जलयुक्‍त शिविर अभियान के माध्‍यम से जलसंकट से निपटने का एक अभुतपूर्व प्रयास किया है। ये बहुत संतोष की बात है कि इस अभियान की वजह से राज्‍य के 16 हजार गांव सूखा मुक्‍त हो चुके हैं और करीब 9 हजार गांव को सूखा मुक्‍त करने का काम तेजी से चल रहा है।

मैं महाराष्‍ट्र के लोगों की इस बात के लिए भी प्रशंसा करुंगा कि उन्‍होंने सिंचाई टैंकों की सफाई Desiltation के अभियान को बहुत सफलता पूर्वक चलाया है। Irrigation टैंकों से 9 करोड़ क्‍यूबिक मीटर की silt निकालने का काम आसान नहीं है। लेकिन आप लोगों ने जन-भागीदारी से एक अभुतपूर्व काम करके पूरे देश को रास्‍ता दिखाया है। मुझे बताया गया है कि यही काम अगर किसी contractor को दे देते तो छ: सौ करोड़ से भी ज्‍यादा खर्च होता। लेकिन यही काम आपने अपने परिश्रम से कर दिखाया है।

साथियों अगर फसल अधिक भी हो और उसका उचित दाम भी मिले इसके लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ये हमारी सरकार है जिसने एमएसपी को लेकर किसानों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया है। सरकार ने गन्‍ने समेत खरीफ और रबी की 21 फसलों को समर्थन मूल्‍य में लागत के ऊपर 50 प्रतिशत का लाभ तय किया है। इस ऐतिहासिक फैसले से इस साल देश के किसानों को हजारों करोड़ रुपयों के अतिरिक्‍त आय सुनिश्चित होगी।

साथियों, खेती के साथ-साथ सरकार टूरिज्‍म को भी बढ़ावा दे रही है। महाराष्‍ट्र में तो शिरडी जैसे आस्‍था से जुड़े बड़े स्‍थान भी, तो दूसरी तरफ अजंता एलोरा जैसे आर्कषक स्‍थान भी हैं। जहां दुनिया भर के टूरिस्‍ट खींचे चले आते हैं। आस्‍था, अध्‍यात्‍म और इतिहास को युवाओं के रोजगार से जोड़ने को एक बहुत बड़ा अभियान हमनें शुरु किया है।     

देश के टूरिस्‍ट सर्किट को आपस में जोड़ा जा रहा है। वहां सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। यहां शिरडी में ही पिछली बार जब ये शताब्‍दी समारोह की शुरुआत करने हमारे मान्‍य राष्‍ट्रपति जी आए थे उन्‍होंने एयरपोर्ट का उपहार दिया था। मुझे कहा गया है कि यहां से अब जो फ्लाइट चल रही है उनमें आने वाले समय में और बढ़ोतरी की जाएगी। ताकि देश और दुनिया का हर साईं भक्‍त आसानी से यहां आकर के दर्शन कर सके।

भाईयो और बहनों महाराष्‍ट्र की धरती ने हमेशा सामाजिक समरसता का पाठ देश को पढ़ाया है। वीर शिवाजी हो, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर हो या फिर पूज्‍य  महात्‍मा ज्‍योतिबा फूले हो सबने उन मूल्‍यों की स्‍थापना की जो समता और एकता को सामाजिक शक्ति मानते हैं। आपने इन महान संत पुरुषों का सबक हमेशा याद रखना और स्‍वार्थ के लिए समाज में भेद करने वाली हर शक्ति, हर बुराई को हमनें पराजित करना है। तोड़ना आसान होता है जोड़ना बहुत मुश्किल होता है। हमें जोड़ने वाली शक्ति को सशक्‍त करना है तोड़ने वाली ताकतों को परास्‍त करना है। सबका साथ, स‍बका विकास और एक भारत श्रेष्‍ठ भारत का यही संकल्‍प इसी विजयदशमी को हमें लेना है। और इसलिए मैं आप सभी से आग्रह करुंगा कि हम सब इस संदेश को लेकर के आगे बढ़ें और इसी संदेश के रास्‍ते हमें आगे चलना है। साईंबाबा ने जो मार्ग दिखाया है उसी मार्ग पर हमें आगे चलना है। मुझे बहुत खुशी हूई।

साथियों, आज मैं इस पवित्र स्‍थान पर हूं शताब्‍दी समारोह का समापन कर रहा हूं। इस 31 अक्‍टूबर को राज्‍य में आप सभी की सरकार चार वर्ष पूरे करने वाली है। मैं देवेंद्र फडणवीस जी और उनकी पूरी टीम को अग्रिम बधाई देता हूं। आप यूं ही पूरी शक्ति से महाराष्‍ट्र वासियों की सेवा करते रहें। और आपको यहां के जन-जन का आशीर्वाद मिलता रहे। मेरी यही कामना है।

इसी विश्‍वास के साथ एक बार फिर उन सभी परिवारों को बहुत-बहुत बधाई जिनको आज दशहरे के दिन खुद का अपने मन का अपने सपनों का आज घर मिला है। ये नए घर आपके सपनों को पूरा करने का माध्‍यम बने, इन घरों में रहते हुए आप और आपका परिवार जीवन में और आगे बढ़़ें, तरक्‍की करे, आपके बच्‍चे सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचें। इसी कामना के साथ मैं अपनी बात समाप्‍त करता हूं और आप सबको इस पावन अवसर पर यहां बुलाने के लिए, इस सेवा का अवसर देने के लिए मैं श्री साईं ट्रस्‍ट का भी आभार व्‍यक्‍त करता हूं। आने वाला हर त्‍यौहार आप सभी के जीवन में खुशियां लेकर के आए। इसी शुभकामना के साथ आप सभी का बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

भारत सरकार राजमाता श्रीमती विजया राजे सिंधिया की जन्मशती मनाएगी

भारत सरकार ने 11 अक्टूबर, 2018 से 11 अक्टूबर, 2019 तक ग्वालियर की राजमाता श्रीमती विजया राजे सिंधिया की जन्मशती मनाने का फैसला किया है। गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति (एनआईसी) सालभर चलने वाले समारोहों के लिए गतिविधियों तथा कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी। समारोह के दौरान 100 रुपये का स्मारक सिक्का और स्मारक डाक टिकट जारी करने का प्रस्ताव है। अन्य गतिविधियों में संगोष्ठियों, व्याख्यानों, प्रकाशनों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो महिला सशक्तिकरण पर आधारित होंगे।

ग्वालियर की राजमाता के रूप में लोकप्रिय श्रीमती विजया राजे सिंधिया का जन्म मध्यप्रदेश के सागर जिले में 11 अक्टूबर, 1919 में हुआ था। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वे स्वतंत्रता आंदोलन से प्रभावित हुईं और आजादी की लड़ाई में शामिल हो गयीं। राजमाता विजया राजे सिंधिया लड़कियों को शिक्षित करने और महिला सशक्तिकरण में विश्वास करती थीं। भारत की स्वतंत्रता के बाद लड़कियों की शिक्षा में एक नये युग का सूत्रपात हुआ। भारतीय मूल्यों, धर्मों और संस्कृति के आधार पर सर्वांगीण शिक्षा की आवश्यकता पूरी करने के लिए उन्होंने लड़कियों और महिलाओं को शिक्षित करने के लिए बहुत काम किया।

श्रीमती विजया राजे सिंधिया 1957 और 1998 के बीच कई वर्षों तक संसद सदस्य रहीं। उन्होंने विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भागीदारी की। उन्होंने विशेषकर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में शिक्षा द्वारा महिलाओं की उन्नति के लिए समर्पित विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर काम किया। वे लेखिका भी थीं और उन्होंने दो पुस्तकें भी लिखी हैं। श्रीमती विजया राजे सिंधिया का निधन 25 जनवरी, 2001 को हुआ।

आशा आंगनवाडी कार्यकर्ताओं की वेतन में हुई वृद्धि और मिला मुफ्त बीमा भी



प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक में उल्‍लेखनीय वृद्धि करने की घोषणा की। यह घोषणा अगले महीने से प्रभावी होगी। आज वीडियो ब्रिज के जरिए लाखों आशा, आंगनवाड़ी और एएनएम कार्यकर्ताओं के साथ हुए संवाद के दौरान यह घोषणा की गई।

प्रधानमंत्री ने केन्‍द्र सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले सामान्‍य प्रोत्‍साहनों को दोगुना करने की घोषणा की। इसके अलावा, सभी आशा कार्यकर्ताओं और उनकी सहायिका को प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत मुफ्त बीमा कवर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले मानदेय में भी उल्‍लेखनीय वृद्धि करने की घोषणा की। अब तक जिन लोगों को 3,000 रुपये दिए जाते थे उन्‍हें अब 4,500 रुपये मिलेंगे। इसी तरह अब तक 2,200 रुपये प्राप्‍त करने वाले लोगों को 3,500 रुपये मिलेंगे। आंगनवाड़ी सहायिका के लिए निर्धारित मानदेय को भी अब 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,250 रुपये कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि विभिन्‍न तकनीकों जैसे कि कॉमन एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर (आईसीडीएस-सीएएस) का उपयोग करने वाले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को अतिरिक्‍त प्रोत्‍साहन प्राप्‍त होंगे। 250 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के प्रोत्‍साहन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका के प्रदर्शन पर आधारित होंगे।

प्रधानमंत्री ने देश भर में फैले तीन ‘ए’ यथा आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम (सहायिका नर्स मिडवाइफ) की टीमों के साथ संवाद किया। उन्‍होंने आपस में मिल-जुल कर काम करने, अभिनव साधनों एवं प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल करने, स्‍वास्‍थ्‍य एवं पोषण सेवाएं बेहतर ढंग से सुलभ कराने और ‘पोषण’ अभियान के लक्ष्‍य की प्राप्ति अर्थात  देश भर में कुपोषण में कमी करने के उद्देश्‍य से अथक प्रयास करने के लिए इन कार्यकर्ताओं की सराहना की।

अटल जी के स्वप्न के अनुसार नदियों को जोड़ने के लिए राज्‍यों के बीच सहमति जरुरी


गडकरी ने नदियों को आपस में जोड़ने पर संबंधित राज्‍यों के बीच सहमति विकसित करने की आवश्‍यकता पर बल दिया 

राज्‍य जल विकास एजेंसी की 32वीं वार्षिक आम सभा और नदियों को जोड़ने के लिए विशेष समिति की 15वीं बैठक आयोजित 

केन्‍द्रीय जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण, शिपिंग, सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज अटल बिहारी वाजपेयी जी के स्वप्न के अनुसार नदियों को आपस में जोड़ने पर संबंधित राज्‍यों के बीच सहमति विकसित करने की आवश्‍यकता पर बल दिया, ताकि समुद्र में गिरने वाले पानी का उपयोग आवश्‍यकता वाले इलाकों में किया जा सके। उन्‍होंने राज्‍यों से कहा कि राज्‍य संबंधी विषयों पर सक्रिय विचार-विमर्श से समाधान निकाले, ताकि प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाएं लागू की जा सकें।

देश की जल और खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना के महत्‍व को दोहराते हुए श्री गडकरी ने कहा कि नदियों को आपस में जोड़ने की पांच परियोजना को शीघ्र लागू करने के लिए कदम उठाए गए हैं और इन परियोजनाओं को लागू करने के लिए सहमति ज्ञापन को संबंधित राज्‍य सरकारों से विचार विमर्श करके अंतिम रूप दिया जा रहा है। पांच परियोजनाओं में - केन-बेतवा संपर्क परियोजना, दमन-गंगा-पिंजाल संपर्क परियोजना, पार-तापी-नर्मदा संपर्क परियोजना, गोदावरी-कावेरी (ग्रैंड एनिकट) परियोजना तथा पार्वती-काली-सिंधु-चंबल परियोजना शामिल हैं। राज्‍य के बाहर से नदियों को जोड़ने के लिए राष्‍ट्रीय जल विकास एजेंसी ने नौ राज्‍यों – महाराष्‍ट्र, गुजरात, झारखंड, ओडिशा, बिहार, राजस्‍थान, तमिलनाडु, कर्नाटक तथा छत्‍तीसगढ़ - से 47 प्रस्‍ताव प्राप्‍त किए हैं। इन परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने से बाढ़ के समय आपदा में कमी आएगी, सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा, ग्रामीण कृषि में रोजगार के अवसर उपलब्‍ध होंगे तथा निर्यात बढ़ेगा और गांव से बाहर जाने वाले लोगों की संख्‍या में कमी आएगी। श्री गडकरी ने यह सुझाव भी दिया कि नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजनाओं की बाधाओं को दूर करने के लिए अंतर-राज्‍य तथा केन्‍द्र-राज्‍य विषयों को हल करने की उचित कानूनी व्‍यवस्‍था बनाने का समय आ गया है। उन्‍होंने कहा कि नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजनाओं में यह व्‍यवस्‍था है कि हिमालय की नदियों में उपलब्‍ध अधिक जल को भारत के उन प्रायद्वीप क्षेत्रों में भेजा जाए, जहां पानी आपूर्ति की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था नहीं है, लेकिन अनेक नदियों का पानी अधिक मात्रा में समुद्र में चला जाता है और इसका कोई उपयोग नहीं होता। नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजनाओं का उद्देश्‍य उन क्षेत्रों में पानी भेजना है, जहां पानी की कमी है।

श्री गडकरी ने विभिन्‍न राज्‍यों के मंत्रियों से ऐसे नदी बेसिनों को चिन्हित करने का अनुरोध किया, जहां सभी मांगे पूरी करने के बाद नदी का अधिक जल उपलब्‍ध है, जहां से पानी उन क्षेत्रों में भेजा जा सकता है, जहां पानी की कमी है, ताकि उन क्षेत्रों में सूखे की स्थिति में कमी की जा सके, कृषि उत्‍पाद बढ़ाया जा सके, जिससे समाज का सामाजिक-आर्थिक उत्‍थान हो सके।

जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण राज्‍य मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हुए क्षेत्रीय सम्‍मेलनों में बातचीत से अनेक स्‍थानीय समस्‍याएं सुलझाई गई हैं। उन्‍होंने कहा कि ऐसे सम्‍मेलनों तथा उसके बाद होने वाली बैठकों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

राज्‍य सरकारों के प्रति‍निधियों ने कहा कि केन्‍द्र नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजनाओं से संबंधित विस्‍तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में राज्‍यों का सहयोग ले, ताकि किसी तरह का अनावश्‍यक विलंबन नहीं हो। बैठक में आंध्र प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री देवीनेनी उमा महेश्‍वर राव, कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री श्री डी.के. शिव कुमार, उत्‍तराखंड के जल संसाधन मंत्री श्री सतपाल महाराज तथा तेलंगाना के सिंचाई मंत्री श्री टी. हरीश राय उपस्थित थे।   

क्रीमी लेयर के कारण पदोन्नति में आरक्षण नहीं रोका जाएगा : केंद्र


केंद्र ने आज उच्चतम न्यायालय को बताया कि क्रीमी लेयर के सिद्धांत को लागू कर अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय (एससी/एसटी) से आने वाले सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि जाति और पिछड़ेपन का ठप्पा अब भी समुदाय के साथ जुड़ा हुआ है।

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पांच न्यायाधीशों वाली और प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ को सूचित किया कि ऐसा कोई फैसला नहीं है जो यह कहता हो कि एससी/एसटी समुदाय के समृद्ध लोगों को क्रीमी लेयर सिद्धांत के आधार पर आरक्षण का लाभ देने से इनकार किया जा सकता है।

वेणुगोपाल से पूछा गया था कि क्या क्रीमी लेयर सिद्धांत को लागू करके उन लोगों को लाभ से वंचित किया जा सकता है जो इससे बाहर आ चुके हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एससी/एसटी समुदाय के पिछड़े लोगों तक आरक्षण का लाभ पहुंच सके।

शीर्ष विधिक अधिकारी ने बताया कि हालांकि समुदाय के कुछ लोग इससे उबर चुके हैं लेकिन फिर भी जाति और पिछड़ेपन का ठप्पा अभी भी उन पर लगा हुआ है।

पीठ में न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ, न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा भी हैं।

पांच न्यायाधीशों की पीठ यह देख रही है कि सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में ‘क्रीमी लेयर’ से जुड़े उसके 12 वर्ष पुराने फैसले को सात सदस्यीय पीठ द्वारा फिर से देखने की जरूरत तो नहीं है।

मालेगांव ब्लास्ट केस में बॉम्बे हाईकोर्ट से साध्वी प्रज्ञा को मिली राहत


आवेदन में साध्वी ने ट्रायल कोर्ट यानि स्पेशल एनआईए कोर्ट द्वारा उसके केस से डिस्चार्ज एप्लीकेशन को रद्द किए जाने वाले आर्डर को चुनौती दी है.

आज 30 जुलाई 2018 को सन 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को स्वीकार कर लिया. साध्वी ने 2008 मालेगांव ब्लास्ट केस से खुद को मुक्त करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी . सोमवार को जस्टिस आरवी मोरे और जस्टिस अनूजा प्रभुदेसाई की बेंच के सामने साध्वी प्रज्ञा सिंह का आवेदन सुनवाई के लिए आया. आवेदन में साध्वी ने ट्रायल कोर्ट यानि स्पेशल एनआईए कोर्ट द्वारा उसके केस से डिस्चार्ज एप्लीकेशन को रद्द किए जाने वाले आर्डर को चुनौती दी है.

कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह के साथ इस मामले में एक दूसरे आरोपी समीर कुलकर्णी की भी याचिका दायर कर ली है. बॉम्बे हाई कोर्ट कर्नल पुरोहित समेत साध्वी प्रज्ञा सिंह और समीर कुलकर्णी की इस याचिका पर अब एक साथ सुनवाई करेगी . इस दौरान कर्नल पुरोहित भी सोमवार को हाईकोर्ट में मौजूद रहे.

कर्नल पुरोहित की पहले से ही मंजूर की गयी डिस्चार्ज ऍप्लिकेशन पर सुनवाई होनी थी लेकिन हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड को ट्रायल कोर्ट में वापस भेज दिया, जिसके चलते सोमवार को कर्नल पुरोहित की एप्लीकेशन पर सुनवाई नहीं हो पायी. अब तीनो आरोपियों की डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर एक साथ सुनवाई होगी जो 13 अगस्त से शुरू हो जायेगी .

साध्वी के वकील प्रशांत मग्गू के मुताबिक चूँकि केस में कर्नल पुरोहित की डिस्चार्ज एप्लीकेशन पहले ही मंजूर की जा चुकी इसलिए अब साध्वी की भी एप्लीकेशन मंजूर की गयी है, हाईकोर्ट द्वारा यह याचिका मंजूर हो जाना काफी राहत की बात है. बता दें 29 सितंबर 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट में छह लोगों की मौत हुई थी और 101 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. जिसके बाद नवंबर 2008 में एटीएस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था.

52 बांग्लादेशियों को भारत से बाहर किया गया


धुब्री (असम) असम के हिरासत शिविर में रखे गए 52 बांग्लादेशी नागरिकों को 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय सरहद पर बांग्लादेश के अधिकारियों के सुपुर्द किया गया।

दक्षिण सलमार-मानकाचर जिले के 52 हिन्दू-मुस्लिमों को 2012 से हिरासत में रखा गया था। इनमें पांच महिलाएं और चार बच्चे भी शामिल हैं।

मानकाचर में सहपरा बीएसएफ सीमा चौकी के जरिए बांग्लादेशियों को उनके वतन भेजा गया। इस दौरान असम पुलिस के पुलिस उप महानिरीक्षक (सीमा) रौनक अली हजारिका, दक्षिण सलमार-मानकाचर जिले की उपायुक्त ए सुल्ताना और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

हिन्दुस्तान को बनाने में उद्योगपतियों की भी भूमिका: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हिन्दुस्तान को बनाने में उद्योगपतियों की भी भूमिका होती है और उन्हें चोर लुटेरा कहना या अपमानित करना पूर्णतया गलत है ।

विपक्षी दलों द्वारा अकसर देश के बडे़ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के आरोपों का सामना कर रहे मोदी ने कहा, 'अगर हिन्दुस्तान को बनाने में एक किसान, एक कारीगर, एक बैंकर फाइनेंसर, सरकारी मुलाजिम, मजदूर की मेहनत काम करती है तो इसमे देश के उद्योगपतियों की भी भूमिका होती है ... हम उनको अपमानित करेंगे, चोर लुटेरा कहेंगे ... ये कौन सा तरीका है ।' 

उन्होंने यहां विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास के मौके पर कहा, 'पहले पर्दे के पीछे बहुत कुछ होता था। देश में कोई भी ऐसा उद्योगपति नहीं होगा जो सरकार के सामने जाकर दंडवत ना होता हो ।' 

साथ ही हल्के फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा, 'अमर सिंह बैठे हुए हैं । सारी हिस्ट्री निकाल देंगे ।' 

कार्यक्रम में पूर्व सपा नेता अमर सिंह भी मौजूद थे ।

प्रधानमंत्री ने कहा, 'लेकिन जब नीयत साफ हो, इरादे नेक हों तो किसी के साथ खडे होने से दाग नहीं लगते । महात्मा गांधी का जीवन जितना पवित्र था, उनको बिड़ला के परिवार में जाकर रहने में कभी संकोच नहीं हुआ क्योंकि उनकी नीयत साफ थी ।' 

उन्होंने कहा कि पहले ये नहीं होता था क्योंकि परदे के पीछे बहुत कुछ होता था ।

मोदी ने साथ ही चेताया, 'हां जो गलत करेगा, उसे जेल में जिन्दगी बितानी होगी ।' 

उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ने के लिए हर किसी के साथ सहयोग की आवश्यकता है ।

प्रधानमंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 60 हजार करोड रूपये की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया । उन्होंने इतने बड़े निवेश की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम के साथ साथ अधिकारियों को बधाई दी ।

मोदी ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना बहुत संकोच से कह रहे थे कि 60 हजार करोड़ रूपये का निवेश हुआ है । 'यह ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी नहीं रिकॉर्ड ब्रेकिंग सेरेमनी है ।' 

उन्होंने कहा कि इतने कम समय में प्रक्रिया को सरल कर इतना बड़ा निवेश बड़ी बात है । 'मैं भी बहुत लंबे अरसे तक मुख्यमंत्री रहा हूं । औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा रहा हूं । यह निवेश कम नहीं है । यूपी इन्वेस्टर्स समिट के पांच महीने बाद ही इतना बड़ा निवेश होना बड़ा काम है । 60 हजार करोड रूपये को कम ना समझें । हम एक ऐसी व्यवस्था खड़ी करना चाहते हैं जहां किसी भेदभाव की गुंजाइश ना हो ।’’ 

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रक्रियाओं में गति भी दिखे और संवेदनशीलता भी, ना अपना, ना पराया, ना छोटा, ना बड़ा, सबके साथ समान व्यवहार ... 'सबका साथ, सबका विकास'। 

उन्होंने कहा, 'मैंने उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता को वचन दिया था कि उनके प्यार को ब्याज़ समेत लौटाउंगा । यहां जो परियोजनाएं शुरु हो रही हैं वो उसी वचनबद्धता का हिस्सा हैं । ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में आर्थिक और औद्योगिक असंतुलन को दूर करने में भी सहायक होंगी ।

कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह तथा गौतम अडानी, कुमार मंगलम बिडला, सुभाष चंद्रा, संजय पुरी, यूसुफ अली, बी आर शेट्टी जैसे देश के बडे़ उद्योगपतियों ने भी संबोधित किया ।

सरकार ने यूरिया डीलर्स का लाभ मार्जन बढाया


सरकार ने प्राइवेट एजेंसियों और संस्थागत एजेंसियों, दोनों के लिए 1 अप्रैल, 2018 से यूरिया का डीलर मार्जन (व्यापारी लाभ) 354 रुपये प्रति टन संशोधित किया। इस कदम से देशभर में करीब 23,000 व्यापारियों को लाभ होगा, जिससे डीबीटी लागू होने के बाद से उनकी वित्तीय व्यवहार्यता बढ़ेगी। 

सरकार ने यूरिया की बिक्री के लिए सभी व्यापारियों/वितरकों को एक समान लाभ भुगतान के लिए डीलर मार्जन में संशोधन का अनुमोदन कर दिया है। नई दर के अनुसार 354 रुपये प्रति टन डीलर मार्जन निर्धारित किया गया है। संशोधित दर 1 अप्रैल 2018 से लागू होगी। डीलर मार्जन का भुगतान केवल उन्हीं व्यापारियों को दिया जाएगा, जो पीओएस उपकरण के जरिए यूरिया की बिक्री करेंगे।

वर्तमान में यूरिया की बिक्री पर प्राइवेट एजेंसियों और सहकारी संस्थाओं को वितरण/डीलर मार्जन दिया जा रहा है, जो 18 जून, 1999 की अधिसूचना के अनुसार प्राइवेट व्यापार के जरिए बिक्री पर 180 रुपये प्रति टन और संस्थागत एजेंसियों के जरिए बिक्री पर 200 रुपये प्रति टन की दर से दिया जाता है। उर्वरक क्षेत्र में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) लागू करने के सरकार के निर्णय के उपरांत व्यापारियों और उर्वरक कम्पनियों द्वारा वितरण/डीलर मार्जन में बढ़ोतरी की मांग निरंतर की जा रही थी, ताकि डीबीटी कार्यान्वयन के बाद व्यापारियों की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित की जा सके।

आईटी प्रोफेशनल्स के लिए स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का आयोजन


सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तत्वावधान में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2018 में शिरकत कर रहा है । सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के लिए हैकेथन के ग्राण्ड फिनाले का सॉफ्टवेयर संस्करण 30 एवं 31 मार्च 2018 को कर्नाटक के हुबली के जीवी भूमारद्दी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित किया जाएगा । मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी युवा छात्रों को प्रेरित करने के लिए एसआईएच-2018 के दो दिवसीय आयोजन के दौरान उपस्थित रहेंगे ।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आधिकारिक आंकड़ों के विभिन्न क्षेत्रों में निम्न 10 समस्याओं की पहचान की है जिन पर 304 छात्रों एवं परामर्शदाताओं से बनी 38 टीमें अभिनव डिजिटल समाधान देंगी:

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए मोबाइल आधारित एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर [CPIAPP(R) & CPIAPP (U)] के माध्यम से उपभोक्ता मूल्य डेटा संग्रहण । मोबाइल आधारित एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर [(CPAPP)] के ज़रिये अंतर्राष्ट्रीय तुलना कार्यक्रम डेटा संग्रहण । मोबाइल आधारित एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर [(SNPPPAPP)] के ज़रिये उप राष्ट्रीय पीपीपी डेटा संग्रहण । वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन डेटा प्रसार एवं गतिशील लागत । मोबाइल फोन एवं डेस्कटॉप दोनों के लिए एक एप्लीकेशन के ज़रिये एंगेजमेंट मैनेजमेंट सिस्टम । ट्रेड मार्जिन्स का प्राक्कलन । भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की अनुसूचियों का स्वचालित संकलन (औद्योगिक) । (RUPICOM) एप के ज़रिये ग्रामीण मूल्य संग्रहण । मोबाइल एप्लीकेशन (DIGIFRAME) के उपयोग से एरियल फ्रेम का डिजिटलकरण । आईसीएस योजना (LAKSHYA) में भूमि उपयोग सर्वेक्षण को उन्नत बनाने के लिए जीपीएस आधारित तकनीक ।

स्मार्ट इण्डिया हैकेथन- 2018 विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं अनुभव को तराशती है, 'स्टार्टअप इण्डिया स्टैण्डअप इण्डिया' अभियानों के लिए आधारभूमि तैयार करती है, जीवन स्तर एवं शासन प्रणाली के सुधार हेतु इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के विभिन्न समूहों से समाधान मुहैया कराती है, एवं विद्यार्थियों को भारत की चुनौतीपूर्ण समस्याओं के अभिनव समाधान का अवसर प्रदान करती है ।

स्मार्ट इण्डिया हैकेथन- 2017 के बाद स्मार्ट इण्डिया हैकेथन- 2018 भारत में दूसरी सबसे बड़े स्तर की हैकाथॉन पहल होगी । 27 केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों और 17 राज्य सरकारों के इस बड़ी पहल में शामिल होने के बाद  स्मार्ट इण्डिया हैकेथन- 2018 अपने पिछले संस्करण की तुलना में कहीं बड़ी है । इसके दो उप संस्करण हैं- सॉफ्टवेयर संस्करण, जो कि मार्च 30 एवं 31, 2018 को होने वाली 36 घंटे की अविराम सॉफ्टवेयर उत्पाद विकास प्रतिस्पर्धा है । 

हार्डवेयर संस्करण- हार्डवेयर समाधानों से निर्मित है जिसको इस वर्ष बाद में आयोजित किया जाना है । सॉफ्टवेयर संस्करण ग्राण्ड फिनाले के दौरान हज़ारों छात्रों की प्रौद्यौगिकी टीमें विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/ विभागों द्वारा खड़ी की जा रही समस्याओं के अभिनव डिजिटल समाधान प्रस्तुत करेंगी । स्मार्ट इण्डिया हैकेथन- 2018 के लिए कुल मिलाकर 340 सॉफ्टवेयर समस्याओं के विवरण प्रस्तावित हैं । विजेताओं के पास नकद पुरस्कार जीतने एवं नैसकॉम के 10,000 स्टार्टअप कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर होगा ।

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग अबट ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की

अमरीका के टेक्सास प्रांत के गवर्नर ग्रेग अबट ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इन दिनों वे एक व्यापार मिशन के साथ भारत की यात्रा पर हैं।

बैठक के दौरान भारत-अमरीकी कार्यनीतिक भागीदारी में बढ़ोतरी की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापार और वाणिज्य, ऊर्जा, उद्योग, शिक्षा और लोगों के बीच परस्पर सम्पर्कों के क्षेत्र में टेक्सास के साथ बढ़ते संबंधों के महत्व को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने परस्पर संबंध और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

गवर्नर अबट ने अपने प्रांत टेक्सास और समूचे अमरीका में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के योगदान की सराहना की।

जानिये क्या है चुनावी बॉण्‍ड योजना, आप कैसे खरीद सकतें हैं


चुनावी बॉण्‍ड योजना-2018 

भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) की अधिकृत शाखाओं पर चुनावी बॉण्‍डों की बिक्री 

भारत सरकार ने राजपत्र अधिसूचना संख्‍या 20 दिनांक 02 जनवरी, 2018 द्वारा चुनावी बॉण्ड योजना-2018 को अधिसूचित किया है। योजना के प्रावधानों के अनुसार चुनावी बॉण्‍ड की खरीद ऐसे व्‍यक्ति द्वारा की जा सकती है, जो भारत का नागरिक हो या भारत में निगमित या स्‍थापित हो। व्‍यक्ति विशेष के रूप में कोई भी एक व्‍यक्ति एकल रूप से या अन्‍य व्‍यक्तियों के साथ संयुक्‍त रूप से चुनावी बॉण्‍डों की खरीद कर सकता है। 

केवल वैसी राजनीतिक पार्टियां, जो जन प्रतिनिधित्‍व अधिनियम, 1951 (1951 का 43)  के अनुच्‍छेद 29ए के तहत पंजीकृत हों और जिसने आम लोकसभा चुनावों या राज्‍य विधानसभा चुनावों में डाले गये मतों के एक प्रतिशत से कम मत प्राप्‍त नहीं किये हों, चुनावी बॉण्‍ड प्राप्‍त करने की पात्र होंगी।  चुनावी बॉण्‍डों को किसी योग्‍य राजनीतिक पार्टी द्वारा केवल अधिकृत बैंक के किसी बैंक खाते के माध्‍यम से ही भुनाया जा सकेगा।

भारतीय स्‍टेट बैंक को बिक्री के दूसरे चरण में अपनी 11 अधिकृत शाखाओं (सूची संलग्‍न) के माध्‍यम से 02-10 अप्रैल, 2018 तक चुनावी बॉण्‍डों को जारी करने तथा भुनाने के लिए अधिकृत किया गया है।  
  
चुनावी बॉण्‍ड योजना-2018

चरण-II : 02-10 अप्रैल, 2018

प्रस्‍तावित अधिकृत शाखाएं

क्र. संख्‍या
राज्‍य
शाखा का नाम तथा पता
शाखा कोड नम्‍बर
वर्तमान/ नया
1
दिल्‍ली
नई दिल्‍ली, मुख्‍य शाखा, 11 संसद मार्ग,
नई दिल्‍ली – 110001
00691
वर्तमान
2
गुजरात
गांधीनगर शाखा, प्रथम तल, क्षेत्रीय कार्यालय सेक्‍टर-10बी, गांधी नगर, जिला-‍गांधीनगर, गुजरात
पिन :382010.
01355
नया
3
हरियाणा और पंजाब
चंडीगढ़, मुख्‍य शाखा, एससीओ 43-48, बैंकिंग स्‍कवॉयर, सेक्‍टर-17बी, चंडीगढ़, जिला-चंडीगढ़, राज्‍य-चंडीगढ़, पिन - 160017
00628
नया
4
कर्नाटक
बेंगलूरू मुख्‍य शाखा, पोस्‍ट बैग न. 5310, सेंट मार्क्स रोड, बेंगलूरू, जिला-बेंगलूरू शहरी, राज्‍य कर्नाटक, पिन : 560001
00813
नया
5
मध्‍य प्रदेश  
भोपाल मुख्‍य शाखा, टी.टी.नगर, भोपाल-462003, भोपाल, मध्‍य प्रदेश, जिला भोपाल, राज्‍य मध्‍य प्रदेश, पिन : 462003
01308
नया
6
महाराष्‍ट्र
मुम्‍बई मुख्‍य शाखा, मुम्‍बई समाचार मार्ग, हॉर्निमन सर्कल, फोर्ट, मुम्‍बई, महाराष्‍ट्र, पिन: 400001
00300

वर्तमान
7
राजस्‍थान
जयपुर मुख्‍य शाखा,पोस्‍ट बॉक्‍स न.72, सांगानेरी गेट, जयपुर, राजस्‍थान, जिला-जयपुर, राज्‍य राजस्थान, पिन : 302003
00656
नया

8
तमिलनाडु
चेन्‍नई मुख्‍य शाखा, 336/166, थम्‍बुचेट्टी स्‍ट्रीट, पेरिज, चेन्‍नई, राज्‍यतमिलनाडु, पिन : 600001
00800
वर्तमान
9
उत्‍तर प्रदेश
लखनऊ मुख्‍य शाखा, तारावाली कोठी, मोतीमहल मार्ग, हजरतगंज, लखनऊ, उत्‍तर प्रदेश, जिला लखनऊ, राज्‍य-उत्‍तर प्रदेश, पिन : 226001
00125
नया
10
पश्चिम बंगाल
कोलकाता मुख्‍य शाखा, समृद्धि भवन-1, स्‍ट्रांड रोड़, कोलकाता, पश्चिम बंगाल, जिला कोलकाता, राज्‍य- पश्चिम बंगाल, जिला कोलकाता, राज्‍य - पश्चिम बंगाल, पिन : 700001
00001
वर्तमान
11
असम, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम,
त्रिपुरा
गुवाहाटी शाखा,
पान बाजार,
एम.जी.रोड़,
कामरूप, गुवाहाटी
पिन : 781001
00078
नया

सरकार ने फेसबुक को भेजा नोटिस, 7 अप्रैल तक देना होगा जवाब


फेसबुक से डेटा की गोपनीयता के उल्‍लंघन के बारे में विस्‍तार से बताने को कहा गया है   

फेसबुक से इस बारे में 7 अप्रैल, 2018 तक जवाब देने को कहा गया है

23 मार्च, 2018 को फेसबुक से डेटा की गोपनीयता के उल्‍लंघन का विवरण देने के लिए मेसर्स कैम्ब्रिज एनालिटिका को नोटिस भेजा गया था। विशेषकर चुनावों को प्रभावित करने के प्रयासों के तहत मेसर्स कैम्ब्रिज एनालिटिका द्वारा अपनाये जाने वाले संशययुक्‍त तौर-तरीकों के बारे में मीडिया में छपी रिपोर्टों को ध्‍यान में रखते हुए इस कंपनी को नोटिस भेजा गया है।

यह माना जा रहा है कि फेसबुक से डेटा की गोपनीयता के उल्‍लंघन के बारे में अभी और भी अधिक सूचनाओं की जरूरत है। तदनुसार,  इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 28 मार्च, 2018 को फेसबुक को एक पत्र भेजकर निम्‍नलिखित प्रश्‍नों का समुचित उत्‍तर देने के लिए उससे कहा है :

क्‍या भारतीय मतदाताओं और उपयोगकर्ताओं (यूजर) के निजी डेटा का दुरुपयोग कैम्ब्रिज एनालिटिका अथवा किसी अन्‍य डाउनस्‍ट्रीम निकाय द्वारा किसी भी रूप में किया गया है और यदि ऐसा हुआ है तो यह दुरुपयोग किस तरह किया गया?

क्‍या भारतीय चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए फेसबुक अथवा उसके डेटा का उपयोग करने वाली उसकी संबंधित अथवा डाउनस्‍ट्रीम एजेंसियों की सेवाएं इससे पहले किसी निकाय द्वारा ली गई हैं?
यदि इस तरह के किसी भी डाउनस्‍ट्रीम निकाय ने फेसबुक से प्राप्‍त डेटा का दुरुपयोग किया है, तो डेटा जैसे अहम विषय के लिए क्‍या संरक्षण उपलब्‍ध है?

भारतीय चुनावी प्रक्रिया में संभावित दखलंदाजी अथवा इसे प्रभावित करने के लिए निजी डेटा के किसी भी दुरुपयोग को रोकने के लिए फेसबुक की ओर से क्‍या-क्‍या विशिष्‍ट कदम प्रस्‍तावित हैं?

यूजरों की संख्‍या की दृष्टि से फेसबुक के सर्वाधिक यूजर भारत में ही हैं, अत: इतने विशाल यूजर डेटा की सुरक्षा एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने और किसी भी अन्‍य निकाय द्वारा इसके दुरुपयोग की रोकथाम के लिए क्‍या–क्‍या सक्रिय कदम उठाये जा रहे हैं?

फेसबुक से इन प्रश्‍नों का उत्‍तर 7 अप्रैल, 2018 तक देने को कहा गया है।

हुर्रियत कांफ्रेंस अध्यक्ष का बेटा हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ

मोहम्मद अशरफ सेराय का बेटा जुनैद अशरफ तहरीक-ए-हुर्रियत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ सेराय का बेटा हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है । जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी । एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “सेराय का २६ साल का बेटा जुनैद अशरफ हिजबुल मुजाहिदीन से जुड गया है ।”

सेहराय को १९ मार्च को तहरीक-ए-हुर्रियत (TeH) का अध्यक्ष बनाया गया है । उन्होंने १५ सालों तक अध्यक्ष रहे सय्यद अली शाह गिलानी की जगह ली है । पुलिस ने बताया कि जुनैद अशरफ शुक्रवार की नमाज के बाद से गायब है । उन्होंने बताया, “एके ४७ राइफल के साथ जुनैद अशरफ की एक फोटो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है ।”

इस फोटो के कैप्शन में लिखा है, “कश्मीर यूनिवर्सिटी के बिजनेस में मास्टर की पढाई करनेवाले जुनैद अशरफ का कोड नेम अमार भाई है ।

जुनैद के परिवारवालों ने शनिवार को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में लिखाई थी ।

पढ़िए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का पूरा लेखा जोखा


प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के शुभारंभ के बाद से लेकर अब तक स्‍वीकृत 40.65 लाख मकानों में से 21.97 लाख मकानों की नींव डाली गई है/निर्माण कार्य पूरा हुआ है 

22 मार्च, 2018 को ‘द टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ समाचार-पत्र में ‘पीएम आवास योजना: शहरी आवास योजना के तहत सिर्फ 8 फीसदी लक्ष्‍य पूरा’ शीर्षक से प्रकाशित खबर भ्रामक है। ‘8 फीसदी लक्ष्‍य पूरा होने’ का डेटा केवल ‘निर्मित मकानों के आंकड़े’ से प्राप्‍त किया गया है, जो आंकड़ों के उपयोग में खामी को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति को इस तथ्‍य के आधार पर मापा जा सकता है कि अब तक स्‍वीकृत 40.65 लाख मकानों में से 18.47 लाख मकानों की नींव डाली जा चुकी है और 3.5 लाख घरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा मार्च, 2014 तक अधूरे पड़े मकानों और जेएनएनयूआरएम के तहत स्‍वीकृत मकानों में से 1.7 लाख घरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस तरह निर्मित घरों की कुल संख्‍या 5.2 लाख के आंकड़े को छू चुकी है।

इसके अलावा, पिछले एक वर्ष में सरकार द्वारा स्‍वीकृत मकानों की संख्‍या 21.65 लाख है। आवासीय परियोजनाएं अपने निर्माण की प्रक्रिया पूरी करने में आम तौर पर 18 से 24 महीने लेती हैं। इसलिए मकान निर्माण के लिए नींव डाले जाने को जमीनी स्‍तर पर योजनाओं की वास्‍तविक और भौतिक प्रगति का सही संकेत माना जाता है। निर्माण के लिए जिन मकानों की प्रक्रि‍या शुरू की जा चुकी है उनमें से 55 प्रतिशत मकानों का काम शुरुआती स्‍तर पर, 12 प्रतिशत मकानों का काम नींव डाले जाने के स्‍तर पर और बाकी मकानों का निर्माण कार्य पूर्णता के विभिन्‍न चरणों में है। इस योजना ने वास्‍तविक गति अक्‍टूबर, 2016 में पकड़ी थी और हितधारकों के साथ साझेदारी एवं निविदा संबंधी गतिविधियों के बाद निर्माण कार्य वर्ष 2017 से जारी है।

इस योजना के कार्यान्वयन की गति‍ पर विशेष जोर देने के उद्देश्‍य से किफायती आवास के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र (जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा पीएमएवाई (यू) है) पर ध्‍यान केंद्रित किया जा रहा है, जिसमें ढांचागत दर्जा प्रदान करना, एफडीआई प्रक्रिया का सरलीकरण, पीपीपी मॉडल की शुरुआत, नई आधुनिक एवं अभिनव निर्माण प्रौद्योगिकियों पर अमल करना, एमआईजी के लिए ‘सीएलएसएस’ के तहत ब्याज सब्सिडी हेतु पात्र माने जाने वाले मकानों का कारपेट एरिया बढ़ाना और पीएमएई (यू) के तहत क्षेत्रों की कवरेज में वृद्धि करना भी शामिल हैं। ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी I और एमआईजी II को कवर करने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अर्थात पीएमएवाई-यू केसीएलएसएस खंड के तहत निर्मित या अधिग्रहीत मकानों के लिए जीएसटी दर को भी 12 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया और यह 25 जनवरी, 2018 से प्रभावी है।

इन उपायों की बदौलत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सही दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रत्येक महीने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 3 लाख से भी अधिक मकानों को मंजूरी दी जा रही है और पूर्ववर्ती योजनाओं की तुलना में इसका काम ज्‍यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है।
  1. जेएनएनयूआरएम की 7-वर्षीय मिशन अवधि के दौरान 12.41 लाख आवास इकाइयों को मंजूरी दी गईजबकि 3 साल से भी कम समय में पीएमएवाई (यू) के तहत स्‍वीकृत मकानों की संख्या पहले ही 3 गुना से भी अधिक हो गई है (40.65 लाख मकान)
  2.  पीएमएवाई (यू) के तहत मकानों का निर्माण कार्य पूरा करने की दर लगभग 14,252 मकान प्रति माह हैजबकि यह आंकड़ा इससे पहले की योजना के तहत केवल 8,333 मकान प्रति माह था।  
  3. पूर्ववर्ती ब्‍याज सब्सिडी योजना (आईएसएचयूपी/आरआरवाई) में 18,166 लाभार्थी ऋण खातों को केवल 22.50 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जबकि पीएमएवाई (यू) के तहत लाभार्थियों की संख्‍या 5 गुना (91,694) और ब्याज सब्सिडी 82 गुना से भी अधिक (1859 करोड़ रुपये) है।
केंद्र ने इस योजना के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता के रूप में 13,582 करोड़ रुपये जारी किए हैं।पीएमएवाई (यू) के त्‍वरित कार्यान्वयन के उद्देश्‍य से विभिन्‍न चरणों में बजटेतर संसाधन (ईबीआर) जुटाने हेतु मंत्रालय में 60,000 करोड़ रुपये के लिए एक राष्ट्रीय शहरी आवास कोष बनाने हेतु पिछले महीने केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदन करने के साथ ही राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निरंतर वित्त पोषण सुनिश्चित करने के लिए एक उपयुक्‍त व्‍यवस्‍था बनाई गई है।

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