पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने को लेकर अमेरिका में विधेयक पेश
प्रधानमंत्री मोदी ने नीस, फ्रांस में हुए भीषण हमले की कड़ी निंदा की
भारत और चीन के बीच हैंड इन हैंड की शानदार शुरूआत
प्रधानमंत्री मोदी ने शरीफ के सामने सख्ती के साथ आतंकवाद का मुद्दा उठाया
दिग्विजय ने भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी को `हाफिज सईद साहब` कहा
Ground-work for Islamization of India in meager $ 1 Trillion
जेहादियों के जुल्म का शिकार मंदिर 22 साल बाद फिर बनाया गया
संघ को आतंकवाद से जोड़ने की साजिश का भंडाफोड़ करेंगे -राम माधव
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर ‘उत्प्रेरक’ की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता राम माधव ने कहा कि संघ का नाम आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ना साजिश है और संगठन इस षड्यंत्र का भंडाफोड़ करेगा.माधव ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘संघ के साथ आतंकवादी गतिविधियों को जोड़ना और इन मामलों की जो भी जांच की जा रही है. वह संगठन को बदनाम करने की साजिश के सिवा कुछ नहीं है.’ उन्होंने आरोप लगाया कि संघ की प्रतिबंधित संगठन सिमी से तुलना करने वाले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी संगठन को बदनाम करने वाले उत्प्रेरक की तरह काम कर रहे हैं.
माधव ने आरोप लगाया, ‘इस बात की जांच होनी चाहिये कि आखिर राहुल के बयान के मुताबिक मामले की जांच आगे क्यों बढ़ रही है. ऐसा लग रहा है कि प्रकरण की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी है.’ उन्होंने कहा कि संगठन को बदनाम करने की साजिश के प्रति जनता को आगाह करने के लिये संघ कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे. इसके अलावा आगामी छह फरवरी से जनजागरण अभियान भी शुरू किया जाएगा.
संघ के नेता ने कहा कि जांच एजेंसियों ने शुरुआती तफ्तीश के बाद कहा था कि कर्नल पुरोहित और दयानंद पाण्डेय संघ के नेताओं की हत्या की साजिश रच रहे थे. बाद में उन्हीं दोनों को संघ से जुड़ा हुआ बता दिया गया.
उन्होंने कहा, ‘एक ही समय पर ये दोनों बातें कैसे हो सकती हैं. लिहाजा, इसकी जांच की जानी चाहिये.’
‘खद्दर’ और ‘चोला’ से देश को अधिक खतरा - बिट्टा
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में करमापा के आवास परिसर में छापेमारी के बाद अखिल भारतीय आतंकवाद निरोधक मोर्चे ने आज कहा कि ‘खद्दर’ और ‘चोला’ से देश को अधिक खतरा है । इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक गुरूओं और गैर सरकारी संगठनों को विदेशों से मिलने वाले धन की जांच कराने की मांग की ।मोर्चा के प्रमुख मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने आज भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘देश को खद्दर और चोला..दोनों से खतरा है । सरकार को इस बारे में गंभीरतापूर्वक सोचना होगा। हमारे देश में कई ऐसे लोग हैं जो खद्दर पहन कर और चोला ओढ़ कर सरकारी तंत्र को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं ।’’
करमापा का नाम लिये बिना बिट्टा ने कहा, ‘‘धार्मिक चोला ओढ़ कर देश में काम कर रहे लोगों के धन बल की जांच की जानी चाहिए । जो संत हैं उन्हें धन की क्या जरूरत है । इन लोगों के आय का स्रोत क्या है इसकी भी जांच सरकार को कराने की जरूरत है ।’’
कोई हिन्दू आतंकवाद नही है ये सब झूठी कहानियां है - राम माधव
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी राम माधव ने कहा है कि देश में राष्ट्रीयता की बजाय अब सत्ता प्राप्ति सर्वोपरि हो गई है । इसके लिए सब जायज है ।राममाधव ने आज यहां कहा कि यदि कोई देशभक्ति की बात करे तो उसे सांप्रदायिक या आतंकवादी करार दिया जाता है । जबकि देश को तोडने वाले महान नेता बन गए है।
उन्होंने किसी राजनैतिक दल का नाम लिये बगैर कहा कि राष्ट्र के सम्मानपर हमला करने वाले अफजल गुरू को फांसी पर लटकाने की बजाय आरएसएस को हिन्दू आतंकवाद से जोडने को प्रयास किया जा रहा है ।
जबकि कोई हिन्दू आतंकवाद नही है ये सब झूठी कहानियां है । राजनीतिक स्वार्थ के लिए कुचक्र चल रहा है।
भगवा और आतंकवाद शब्द का एकसाथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता : गोविंदाचार्य
भाजपा के पूर्व विचारक के एन गोविंदाचार्य ने कहा कि भगवा और आतंकवाद दोनों अलग-अलग शब्द हैं और उनका एकसाथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.उन्होंने कहा कि बम विस्फोटों में संघ परिवार के सदस्यों की संलिप्तता के बारे में फैसला देना जल्दबाजी होगी.भगवा आतंकवाद शब्द पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने यहां कहा, ‘दोनों परस्पर विपरीत शब्द हैं और उनका एकसाथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
यह दूध को काले रंग का बताने के समान है. यह उन लोगों द्वारा गढ़ा गया शब्द है जो भारत को यूरोप के नजरिए से देखते हैं.
भगवा आतंक का नहीं, राष्ट्र का रंग - शेषाद्री चारी
विवेकानंद केंद्र एवं भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शेषाद्री चारी ने कहा कि भगवा आतंकवाद नहीं है, बल्कि राष्ट्र का रंग है। आतंकवाद से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का लेना-देना नहीं है।शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भगवा आतंकवाद के नाम को प्रचलित करने वाली कांग्रेस को स्वयं अपनी बात से पीछे हटना पड़ा है।
आतंकवाद को लेकर भारत का पक्ष कमजोर पड़ सकता है - भाजपा
फरवरी 2007 में हुए समझौता एक्सप्रेस धमाके के आरोपी स्वामी असीमानंद का मामला जिस तरह से उछाला जा रहा है वो भारत को उल्टा पड़ सकता है।ये चेतावनी बीजेपी की ओर से है। बीजेपी ने कहा है कि इससे आतंकवाद को लेकर भारत का पक्ष कमजोर पड़ सकता है और यहां तक कि पाकिस्तान मुंबई हमले में भी तथाकथित भगवा आतंक की आड़ लेकर अपना बचाव कर सकता है।
उधर आरएसएस भी ये कह चुका है कि उनके यहां चरमपंथियों के लिए कोई जगह नहीं है।
पाक से दोस्ती के लिए आतंकवाद की अनदेखी नहीं - कृष्णा
भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान से उसकी जमीन पर मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करने के वादे को पूरा करने की अपील करते हुए कहा कि भारत शांति वार्ता के लिए काफी आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन इसके लिए आतंकवाद की अनदेखी नहीं की जा सकती है।पूर्वी यूरोप से आए पत्रकारों से विदेश मंत्र एस. एम. कृष्णा ने कहा कि भारत की उम्मीद है पाकिस्तान आतंकवाद को लेकर उसकी चिंताएं दूर करेगा और आतंकवादियों से सख्ती से निपटेगा।
कृष्णा ने अपने कार्यालय में लगभग एक घंटे तक चली वार्ता में कहा कि यदि पाकिस्तान भारत की चिंता को दूर करे, तो भारत आधी से अधिक दूरी तय करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हम पड़ोसी के रूप में स्थिर, समृद्ध और मित्र पाकिस्तान चाहते है, लेकिन आतंकवाद की अनदेखी नहीं की जा सकती है।
संघ में कट्टरपंथियों के लिए कोई जगह नहीं - भागवत
बम धमाकों में संगठन के कार्यकर्ताओं पर झूठे आरोप लगने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि कहा है कि संघ में कट्टरपंथियों के लिए कोई जगह नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस मूल मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए आतंकवाद को संघ से जोड़ रही है। इसलिए उन्होंने हिंदू आतंकवाद जैसा शब्द गढ़ा है।सूरत में एक रैली में भागवत ने कहा कि संघ ने हमेशा ही उन कार्यकर्ताओं को संगठन छोड़ने के लिए कहा है जिनके विचार कट्टर रहे हैं। संघ प्रमुख ने कहा कि कट्टर विचारों वाले कुछ लोगों ने खुद ही संघ का साथ छोड़ दिया था और कुछ को हमने संगठन से अलग कर दिया।
भागवत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के मुद्दे से देशवासियों का ध्यान हटाने के लिए संघ के खिलाफ साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हाल में चुनावों में मिली असफलता हजम नहीं हो रही है और वह अपनी असफलताओं को छुपाने की कोशिश कर रही है। भागवत ने कहा, ‘ उसका वोटबैंक ख़त्म हो रहा है। कांग्रेस चुनावों में हार रही है और अपनी हताशा में लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। ’
हिंदु कभी आतंकवादी बन ही नहीं सकते - भागवत
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने आज आरोप लगाया कि हिंदुओं के खिलाफ आतंकवाद का आरोप लगने का कारण, केंद्र सरकार के अपने ही किए धरे की वजह से उत्पन्न असुरक्षा की स्थिति है और यही कारण है कि हिंदुओं को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।बालेवाड़ी में आरएसएस के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे भागवत ने कहा कि हिंदु कभी आतंकवादी बन ही नहीं सकते। उन्होंने कहा ‘‘अपने ही किए धरे के कारण सरकार अस्थिर हुई है और इसीलिए हिंदुओं को आतंकवाद का आरोप लगा कर बलि का बकरा बनाया जा रहा है।’’ भागवत ने कहा कि सरकार अपने ही लोगों को और देश को ऐसे आरोपों से बदनाम कर रही है।
उन्होंने संघ की तुलना पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से किए जाने के प्रयासों की भी आलोचना की।
हिंदूवादी आतंकवाद शब्द का प्रयोग कर आतंकवाद के ध्रुवीकरण की कोशिश - नीतीश
भगवा आतंकवाद शब्द को बार-बार दोहराए जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। मुख्यमंत्री निवास पर संवाददाताओं से बातचीत में एक प्रश्न के उत्तर में नीतीश ने कहा कि हर प्रकार का आतंकवाद खतरनाक होता है। हिंदूवादी आतंकवाद पर कांग्रेस का आरोप ठीक नहीं है।हिंदूवादी आतंकवाद शब्द का प्रयोग कर आतंकवाद के ध्रुवीकरण की कोशिश हो रही है, जो ठीक नहीं है।
दूरसंचार मंत्रालय में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने से कांग्रेस के इंकार करने पर नीतीश ने कहा कि कांग्रेस जेपीसी से इनकार कर हठधर्मिता कर रही है। इस घोटाले की जांच लोकलेखा समिति नहीं बल्कि जेपीसी कराने की विपक्ष की मांग जायज है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य जुड़े हुए हैं जिसकी जांच केवल संसद की ही समिति उचित तरीके से कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जब भी सत्ता में आती है भ्रष्टाचार एवं महंगाई बढ़ जाती है और संघीय ढांचे पर प्रहार होने के साथ राज्यों का मजाक उड़ाया जाता है।
भगवा आतंकवाद इस्लामी आतंकवाद से ज़्यादा खतरनाक - राहुल गाँधी
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की नज़र में भगवा आतंकवाद इस्लामी आतंकवाद से ज़्यादा खतरनाक है। उन्होंने अमेरिकी राजदूत से बातचीत में अपनी यह राय प्रकट की थी। विकिलीक्स के ताजा खुलासे से यह बात सामने आई है कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर से कहा था कि देश को सबसे ज्यादा खतरा भगवा आतंकवाद से है। इस बातचीत में राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से कहा था, 'लश्कर-ए-तैयबा जैसे इस्लामी आतंकवादी संगठनों को कुछ मुसलमानों का समर्थन मिला हुआ है,लेकिन देश को उससे बड़ा ख़तरा तेजी से पांव पसार रहे कट्टरपंथी हिंदू संगठनों से है। ये संगठन धार्मिक तनाव और राजनैतिक वैमनस्य पैदा कर रहे हैं।'
तीन अगस्त 2009 को भेजे गए इस गोपनीय अमेरिकी राजनयिक संदेश में रोमर ने 20 जुलाई 2009 को राहुल के साथ दोपहर भोज के दौरान हुई बातचीत का ब्यौरा दिया है। इसके अनुसार राहुल गांधी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे बीजेपी नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे तनाव का जिक्र कर रहे थे। इसमें कहा गया था कि देश के भीतर इस्लामी समूहों की ओर से हो रहे आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया में हिंदू चरमपंथ के उभरने का खतरा एक बड़ी चिंता का विषय है जिस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
बीजेपी ने राहुल गांधी के इस स्टैंड की निंदा की है और कहा है कि इस तरह का बयान नासमझी भरा है।
विकिलीक्स के खुलासे से उत्पन्न विवाद पर कांग्रेस ने आज सफाई दी कि राहुल गांधी का विचार यह है कि हरतरह का आतंकवाद और सांप्रदायिकता भारत के लिए खतरा है और हमें इसके खिलाफ चौकस रहना है।
दिग्विजय सिंह ने अपने विवादास्पद बयान पर माफी मांगने से किया इनकार
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शहीद आईपीएस हेमंत करकरे की मौत पर दिए गए अपने विवादास्पद बयान को वापस लेने या इस पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। इस सवाल पर हमलावर तेवर अपनाते हुए दिग्विजय सिंह ने बीजेपी नेताओं से ही जवाब मांगना शुरू किया है। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने पिछले दिनों कहा कि हेमत करकरे ने 26 /11 की घटना से कुछ घंटे पहले फोन पर उनसे बातचीत करते हुए हिंदू आतंकवादियों से अपनी जान को खतरा बताया था। उनके इस बयान पर शहीद पुलिस अधिकारी की पत्नी कविता करकरे ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति में उनके पति की शहादत का इस्तेमाल न किया जाए। बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद ने तो दिग्विजय सिंह के खिलाफ हमला बोल ही दिया, कांग्रेस ने भी उनके इस बयान से किनारा कर लिया।
मगर, दिग्विजय सिंह पर जैसे इस सबका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ' मैं 26 / 11 के आतंकी हमले पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा। न ही मैंने ऐसा कहा कि मुंबई हमले के पीछे हिंदू आतंकवादियों का हाथ था। मैंने सिर्फ यह तथ्य बताया कि आतंकी हमले की घटना से कुछ घंटे पहले करकरे ने मुझसे फोन पर बात की थी और उन्होंने भगवा आतंकवादियों से अपनी जान को खतरा बताया था। '
बीजेपी नेताओं के बयान का जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरे प्रधानमंत्री से जवाब मांगने से पहले बीजेपी नेताओं को इस सवाल का जवाब देना होगा कि वे साध्वी प्रज्ञा से मिलने जेल क्यों गए थे ?'
गौरतलब है कि करकरे की अगुवाई में महाराष्ट्र एटीएस ने ही मालेगांव धमाकों के पीछे भगवा आतंकवाद का हाथ बताया था। इसी मामले में साध्वी प्रज्ञा गिरफ्तार हुई थीं।
बनारस ब्लास्ट: पाकिस्तान से जुड़े तार, 'कराची प्रोजेक्ट' का हिस्सा!
पर इसका संबंध पाकिस्तानी आतंकियों के 'कराची प्रोजेक्ट' से भी जोड़ा जा रहा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली ने बनारस के घाटों की रेकी की थी। पाकिस्तानी-अमेरिकी मूल के अमेरिकी नागरिक हेडली ने एफबीआई से पूछताछ के दौरान यह कबूल किया था कि उसने भारत दौरे के समय बनारस में गंगा घाटों की रेकी की थी।
खुफिया एजेंसियां बनारस धमाके को हेडली की रेकी के अलावा उसके कराची प्रोजेक्ट से भी जोड़कर देख रही हैं जिसके तहत भारत के जज्बे को एक हजार छोटे-छोटे ‘घाव’ देकर कमजोर करने की बात कही गई थी। हेडली ने एफबीआई के समक्ष कबूल किया था कि पाकिस्तान भारत की सैन्य और आर्थिक क्षमता को तहस नहस करने के इरादे से 1000 ‘छोटे घाव’ देने की तैयारी में है। बनारस धमाके के बारे में भी यही कहा जा रहा है कि यह पाकिस्तान के ‘कराची प्रोजेक्ट’ का हिस्सा हो सकता है। हेडली ने कहा था कि पाकिस्तान हजारों घाव देकर भारत का कतरा-कतरा खून बहते देखना चाहता है।
सूत्रों ने बताया कि हजारों घाव देने का मतलब है कि आतंकी 26 नंबवर जैसा बड़ा हमला करने के बजाय छोटी-छोटी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में हैं। मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों पर विश्व बिरादरी का दबाव काफी बढ़ गया था जिसके बाद ये छोटे-छोटे हमले कर रहे हैं। इससे पहले सितम्बर में दिल्ली के जामा मस्जिद के पास हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी भी इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। इस घटना के बाद इंडियन मुजाहिदीन ने ईमेल भेजकर बाबरी मस्जिद विध्वंस की 18वीं बरसी का बदला लेने की बात कही है। हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकी ईमेल की सत्यता की जांच शुरू कर दी है। पी चिदम्बरम ने आज वाराणसी जाकर घटनास्थल का मुआयना किया। अमेरिका ने भी बनारस धमाका मामले की जांच में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है।
क्या है कराची प्रोजेक्ट ?
कराची प्रोजेक्ट को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और वहां स्थित आतंकी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा और हूजी का एक मिला जुला रूप माना जाता है। इसमें शामिल आतंकियों की ट्रेनिंग पाकिस्तान में होती है इसके बाद भारत में वारदातों को अंजाम देते हैं।
इस प्रोजेक्ट का नाम पाकिस्तान में अरब सागर के तट पर बसे शहर कराची के नाम पर रखा गया है जो दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन जैसे भगोड़े गैंगस्टरों की शरणगाह माना जाता है। 2003 के बाद अस्तित्व में आए कराची प्रोजेक्ट को पाकिस्तानी आतंकियों साजिद मीर और जकीउर रहमान लखवी की दिमाग की उपज माना जाता है।
भारतीय एजेंसियों को मिली सूचना के मुताबिक कराची प्रोजेक्ट अपराधियों के उस गठजोड़ का नूमना है जो बाद में जिसमें आंतकवाद भी शामिल होता है। इस प्रोजेक्ट के तहत ही दाऊद को स्थानीय सरकार का सरंक्षण मिला हुआ है। यह प्रोजेक्ट 2005 से अब तक 10 बम धमाकों में 517 भारतीयों की मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। इंडियन मुजाहिदीन को भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बताया जाता है। बनारस में हुआ धमाका भले ही ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सका है लेकिन इससे आतंक की दहशत तो फैल ही गई है।






