पटना में गंगा नदी पर चार लेन वाले महात्‍मा गांधी सेतु के पुनर्निर्माण को मंजूरी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज बिहार के पटना में एनएच-19 पर गंगा नदी के उपर 5.575 किलोमीटर लम्‍बे चार लेन वाले महात्‍मा गांधी सेतु के पुनर्निर्माण संबंधी परियोजना को मंजूरी दे दी। नये निर्माण के लिए पुल के इस क्षतिग्रस्‍त ढांचे को ढहाया जाएगा और उसके बाद स्‍टील ट्रस के साथ इसकी री-डैकिंग की जाएगी। यह परियोजना इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) मोड में होगी। इस पर 1742.01 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। 

यह परियोजना पटना-हाजीपुर क्षेत्र को कवर करते हुए उत्‍तर और दक्षिण बिहार को जोड़ेगी। यह परियोजना यातायात, विशेषकर उत्‍तर और दक्षिण बिहार के बीच चलने वाले भारी यातायात के समय और लागत में कमी लाने के अलावा राज्‍य में बुनियादी ढांचे में सुधार की प्रक्रिया में तेजी लाएगी। महात्‍मा गांधी सेतु के पुनर्निर्माण से राज्‍य के इस क्षेत्र की सामाजिक आर्थिक स्थिति के उत्‍थान में भी मदद मिलेगी। 

पृष्‍ठभूमि :

पटना में गंगा नदी के ऊपर चार लेन वाले महात्‍मा गांधी सेतु का निर्माण 1980 के दशक में बिहार की राज्‍य सरकार ने किया था। बदहाल हालत में पहुंच चुका यह पुल उत्‍तर और दक्षिण बिहार के बीच बहुत ही महत्‍वपूर्ण कड़ी है और कई आर्थिक, साथ ही साथ सामाजिक, राजनीतिक गतिविधियों का मार्ग भी है। नेपाल और भूटान का कारोबार भी इसी संपर्क के माध्‍यम से होता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पिछले 15 वर्षों से इस पुल के पुनर्निर्माण के प्रयास कर रहा है, लेकिन उसके प्रयास सफल नहीं हो सके हैं। राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा काफी अध्‍ययन किए जाने बाद अब यह तय किया गया कि इस पुल की मौजूदा संरचना को ढहाया जाए और उसके बाद स्‍टील ट्रस के साथ इसकी री-डैकिंग की जाए। तदनुसार, पटना में महात्‍मा गांधी सेतु की संरचना के पुनर्निर्माण के लिए विस्‍तृत प्राक्‍कलन तैयार किया गया। 

विश्व का पहला रामायण विश्वविद्यालय बिहार में

पटना से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित बिद्दूपुर, वैशाली में एक विश्वविद्यालय खोला जा रहा है जहां रामायण, गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों की पढ़ाई होगी। साथ ही रामायण आदि हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथों से जुड़े शोध कार्य भी यहां किए जा सकेंगे। 5 साल के इस कोर्स में एस्ट्रोफीजिक्स, एस्ट्रॉनोमी, हिंदू माइथॉलोजी, वेद, उपनिषद संस्कृत, हिंदी, अन्य भारतीय तथा एशियाई भाषाओं में पढ़ाए जाएंगे। हिंदू ट्रस्ट द्वारा 25 एकड़ में 500 करोड़ की धनराशि से बनाए जाने वाले इस विश्वविद्यालय के लिए पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर के सेक्त्रेटरी आचार्य किशोर कुणाल निर्माण कार्यभार संभाल रहे हैं। हालांकि अभी तक इसके बनने की कोई समय सीमा नहीं रखी गई है लेकिन आचार्य कुणाल के अनुसार जितनी जल्दी संभव होगा इसका निर्माण कार्य पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

व्यावहारिक दृष्टिकोण से इसे संभावनाहीन बताने वाले भी इस परियोजना की पूरी जानकारी होने पर इसका विरोध नहीं कर सकेंगे। 2500 विद्यार्थियों के लिए सीटों की व्यवस्था के साथ इस विश्वविद्यालय में सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। साथ ही इसे रोजगारपरक भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों को यहां वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी और विदेशी भाषाओं से भी उनके ज्ञान को जोड़ा जाएगा। आप सोच में पड़ गए कि धार्मिक ग्रंथों का विदेशी भाषाओं से क्या संबंध! चौंकिए मत! यह नालंदा विश्वविद्यालय की धरती है। ह्वेन सांग जैसे चीनी यात्री भी यहां आकर इसकी महिमा का गुणगान कर चुके हैं। इस विश्वविद्यालय में धर्म की इस शिक्षा को वैश्रि्वक स्वरूप देने के लिए रामायण, गीता, ज्योतिष आदि की पढ़ाई हिंदी, संस्कृत के अलावे कई विदेशी भाषाओं में भी कराई जाएगी।

इससे वैश्रि्वक स्तर पर इसके प्रसार के साथ ही तकनीक-सुलभ धर्म ज्ञान प्रशिक्षुओं को मिल सकेगा। साथ ही धर्म से जुड़े इन प्रशिक्षुओं के लिए वैश्रि्वक रोजगार की संभावनाएं भी उपलब्ध होंगी। यहां धार्मिक रीति-रिवाजों, पूजा-पाठ आदि संपन्न कराने के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। तो अगर आप ढोंगी बाबा या अल्पज्ञान पंडितों से तंग आ गए हैं तो कुछ वषरें का इंतजार कीजिए..हो सकता है जैसे लोग हॉवर्ड और ऑक्सफोर्ड की डिग्री दिखाकर अपने ज्ञान का सबूत देते हैं, इससे निकले प्रशिक्षु भी इससे पढ़ा पंडित होने का मार्क लेकर घूमें। 

मोदी का पटना का भाषण इतिहास की द्रष्टि से बिलकुल सही

राजनीति इतिहास के बिना नहीं चलती। एक स्थापित मान्यता है कि आज की राजनीति कल का इतिहास है और बीते हुए कल की राजनीति आज का इतिहास है। इसलिए राजनीति और इतिहास का चोली-दामन का साथ है।

विपिनचंद्र पाल ने तो यहाँ तक कहा था कि यदि कोई देश अपने इतिहास का बार-बार स्मरण नहीं करता तो वो रास्ता भटक जाता है।

कोई राजनेता अपने श्रोताओं के सामने इतिहास का उपयोग करे तो मुझे इसमें कुछ भी अनुचित नहीं लगता।

ध्यान देने की बात यह है कि वो इतिहास के जिन तथ्यों को प्रस्तुत कर रहा है वो सही हैं या ग़लत।

इसलिए नरेंद्र मोदी के पटना भाषण का भी इसी आधार पर मूल्यांकन होना चाहिए।

जहाँ तक नरेंद्र मोदी द्वारा अपने भाषण में ग़लत तथ्यों के इस्तेमाल की बात है तो यह ऐतिहासिक तथ्य है कि सिकन्दर पोरस से युद्ध के बाद वापस नहीं गया था, झेलम नदी के तट पर कई विकट युद्धों और नदियों को पार करने के बाद वो व्यास नदी तक पहुँचा था। यह बात सत्य है कि वो बिहार कभी नहीं गया।

लेकिन जो मोदी का भाषण है उसमें इस प्रसंग को जिस रूप में प्रस्तुत किया गया है उसे इतिहास के तथ्यों के आलोक में समझने की आवश्यकता है। सिकंदर व्यास नदी के पार जाना चाहता था, लेकिन उसके सेनापतियों ने विद्रोह कर दिया था। उसके सैनिकों ने कहा था कि व्यास नदी तक पहुँचने में हमें बहुत संघर्ष करना पड़ा। व्यास नदी के उस पार नंदों का साम्राज्य है।

ग्रीक इतिहासकारों के मुताबिक सिकंदर प्रतिरोध के बाद शिविर में चला गया और उसने खाना-पीना छोड़ दिया। फिर उसे मनाया गया, उससे कहा गया कि विजेता वही होता है जो विजय के क्षणों को पहचानकर पराजय को टालने के लिए वापस लौटे।

नंद का जो साम्राज्य था उसकी राजधानी पाटलिपुत्र थी, बिहार की शक्ति उसके पीछे थी।

इसलिए मोदी का बिहार की जनता के सामने यह कहना कि बिहार के लोगों ने सिकंदर को भगा दिया, एक इतिहासकार की दृष्टि से मुझे इसमें कुछ असत्य नहीं लगता।

भाषणों में निष्कर्ष प्रस्तुत किया जाता है न कि इतिहास की पूरी जानकारी दी जाती है। मोदी ने भी अपने भाषण में यही किया।

इतिहास का सत्य यही है कि नंद वंश की शक्ति से भयभीत होकर सिकंदर भारत से वापस लौटा। इसके बाद वह पिछले रास्ते से न लौटकर दक्षिण यानी सिंध से होकर वापस लौटा।

इतिहास लोकमानस से विच्छिन्न होकर खड़ा नहीं रह सकता। यह निर्णय करना बहुत कठिन है कि कहाँ पर माइथॉलजी है और कहाँ इतिहास है।

डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की ये बात ज़्यादा उचित है कि, ''मुझे इससे संबंध नहीं है कि राम पैदा हुए या नहीं या कृष्ण पैदा हुए या नहीं। मैं ये जानता हूँ कि भारत की वर्तमान चेतना के निर्माण में जितना योगदान राम और कृष्ण का है उतना और किसी का नहीं है। राम ने भारत को उत्तर से दक्षिण को जोड़ा और कृष्ण ने पूर्व से पश्चिम को जोड़ा।'' इतिहास और माइथॉलजी को देखने की ये भी एक दृष्टि है।

मैं समझता हूँ कि कौटिल्य के काल को शोषणकारी राज्य कहना भी गलत है।

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में करनीति के अध्याय-दो, प्रकरण-17 में लिखा है कि मौर्य काल में किसानों को किस प्रकार प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

इस अध्याय में लिखा है, "किसान ने अगर स्वयं मेहनत करके ऊसर या बंजर ज़मीन को खेती योग्य बनाया है तो राजा को चाहिए कि ऐसी जमीन को कभी वापस न ले, ऐसी जमीनों पर किसानों का पूर्ण अधिकार होना चाहिए। यदि कोई किसान खेती योग्य भूमि को बिना जोते परती ही रखता है तो राजा को चाहिए ऐसी भूमि को उस किसान से लेकर किसी ज़रूरतमंद किसान को दे दे और ऐसे किसी ज़रूरतमंद किसान के न मिलने पर उसे उस गाँव के मुखिया या व्यापारी को खेती करने के लिए दे दे।"

मैं नहीं मानता कि कोई शोषक राज्य ऐसा करेगा।

प्रोफ़ेसर डीएन झा ने कौटिल्य के काल को स्वर्णकाल कहे जाने पर एतराज़ जताया है और इसके प्रमाण के तौर पर कहा है कि उस युग में किसानों से उनकी उपज का एक चौथाई हिस्सा कर के रूप में ले लिया जाता था। इसके प्रमाण के तौर पर वो सम्राट अशोक की उस घोषणा का ज़िक्र करते हैं जिसमें किसानों की उपज पर टैक्स एक चौथाई से कम करके एक बटा छह कर दिया गया था।

सम्राट अशोक बौद्ध संघ की दीक्षा लेने के बाद तीर्थयात्रा के लिए लुम्बिनी गए थे और इसी खुशी में उन्होंने ये घोषणा की थी।

तीर्थयात्रा पर जाने पर वहाँ के लोगों को कुछ राहत देना उनकी अध्यात्मिक चेतना की अभिव्यक्ति थी, इसे राज्य की नीति से जोड़ना अन्याय है। अगर ये राज्य की नीति का अंग होता तो पूरे राज्य के अन्दर वो नई नीति की घोषणा करते।

प्रोफ़ेसर झा ये भी कहते हैं कि कौटिल्य ने गाँवों में शूद्रों की बड़ी संख्या को ये कहते हुए अच्छा बताया है कि उनसे काम लेना आसान होता है।

कौटिल्य अर्थशास्त्र के सबसे बड़े जानकार आर.पी. कांगले के अनुसार नए जनपद को बसाने के लिए पर्याप्त संख्या में किसान और शूद्र होने चाहिए। लेकिन इसमें कहीं भी शोषण शब्द या उस भावना का संकेत नहीं मिलता।

देवेन्द्र स्वरूप, इतिहासका के मुताबिक "ऐतिहासिक तथ्यों के साथ जो पक्षपात पूर्ण प्रतिपादन है ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और वामपंथी इतिहासकारों ने इसमें बहुत अनर्थ किया है उन्होंने पुराने पीढ़ी के इतिहासकार जैसे जैसे आर.सी.मजूमदार, के.एन. शास्त्री उन सबको रद्दी की टोकरी में फेंक दिया।"

कौटिल्य ने शूद्र की जो व्याख्या की है उसके अनुसार शिल्प का काम करने वालों को शूद्र कहा जाता था। जो लोग खेती और शिल्प का काम करते थे उन्हें नए जनपद के लिए बसाना ज़रूरी बताया गया था।

जहाँ तक राजनेताओं की ओर से ऐतिहासिक तथ्यों के इस्तेमाल की बात है, ख़ासकर चुनावी परिप्रेक्ष्य में, तो इतिहासकार इसे अलग-अलग दृष्टि से देखते हैं।

अगर नरेंद्र मोदी वामपंथी पार्टी से जुड़े नेता होते तो डीएन झा इन्हीं तथ्यों का समर्थन करते।

ये बात मेरे बारे में भी कही जा सकती है पर मेरे तर्क का आधार ऐतिहासिक तथ्य हैं और कौटिल्य का अर्थशास्त्र है। तथ्यों के आधार पर मैं इस मुद्दे पर डीएन झा से बात करने को तैयार हूँ।

कौटिल्य ने अर्थशास्त्र के नौवें अधिकरण में पूरे भारत, उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में समुद्र तक की एकता की व्याख्या की है।

वास्तव में जो स्वप्न कौटिल्य ने प्रस्तुत किया उसी की पूर्ति चन्द्रगुप्त मौर्य ने की, न कि अशोक ने।

ऐतिहासिक तथ्यों का पक्षपात पूर्ण प्रतिपादन बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और वामपंथी इतिहासकारों ने इसमें बहुत अनर्थ किया है।

वामपंथियों ने आरसी मजूमदार, केएन शास्त्री जैसे पुराने पीढ़ी के इतिहासकारों को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया।

- प्रोफेसर देवेन्द्र स्वरूप

बिहार बजट: सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के करो में भारी वृद्धि


बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए 92,087.93 करोड रुपये का बजट पेश किया जिसमें राजस्व प्राप्ति बढाने के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर करों में भारी वृद्धि की गयी है. मोदी राज्य के उपमुख्यमंत्री के साथ साथ वित्त मंत्री भी हैं. उन्होंने लगातार नौवीं बार राज्य का बजट पेश किया है. मोदी ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिये राजस्व अधिशेष वाला बजट पेश करते हुये कहा कि 92087.93 करोड रुपये की राशि खर्च की जाएगी जबकि कुल प्राप्तियां 91899.16 करोड रुपये रहने का अनुमान है.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के तहत आने वाले समय में यदि केंद्र की ओर से विभिन्न एजेंसियों को 10 हजार करोड रुपये का स्थानांतरण को जोड दिया जाए तो बिहार का बजट एक लाख करोड रुपये के आंकडे को पार कर जायेगा. राज्य सरकार ने राजस्व अर्जित करने के लिए और तंबाकू उत्पाद को हतोत्साहित करने के लिए सिगरेट और तंबाकू से बने उत्पाद पर कर में भारी बढोतरी की है. सिगरेट पर अब 20 प्रतिशत के बजाय 30 प्रतिशत कर यानी वैट लगेगा जबकि बीडी पर अब 13.5 प्रतिशत की दर से वैट लगेगा.

मोदी ने कहा कि ट्रांसमिशन टावर, ट्रांसफारमर और यूपीएस पर इसे पांच प्रतिशत से बढाकर 13.5 कर दिया गया है जबकि फर्नीचर, लिफ्ट, बैटरी और बैटरी चार्जर पर प्रवेश कर लगेगा. हस्तनिर्मित साबुन, नॉन.स्टिक कुकवेयर, मच्छर प्रतिरोधक लिक्विड और क्वायल, दीवार क्लीनर आदि वस्तुओं को एक स्थिर कर स्लैब के तहत लाया गया है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में 91,899.16 करोड रुपये की कुल प्राप्तियों का लक्ष्य है जिसमें से राजस्व प्राप्तियां 80,066.47 करोड रुपये की होगी जबकि इसमें राज्य सरकार के अपने स्नेत से राजस्व संग्रह 20,962.70 करोड रुपये का होगा. वित्तीय वर्ष 2013-14 में विभिन्न वित्तीय संस्थानों से 11,819 करोड रुपये का ऋण लेने का लक्ष्य है. हालांकि, बजट में 6808.85 करोड रुपये का राजस्व अधिशेष है.

मोदी ने कहा कि बजट प्रस्तावों में 8,769 करोड रुपये का राजकोषीय घाटा है. इस स्तर पर यह सकल राज्य घरेलू उत्पाद :जीएसडीपी: के 2.79 प्रतिशत पर होगा. वित्तीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन अधिनियम :एफआरबीएम: के तहत रखे गये लक्ष्यों के भीतर है. इस कानून में राज्यों को उनका राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का तीन प्रतिशत के दायरे में रखने को कहा गया है. राज्य की देनदारियों के रुप में 65,837.99 करोड रुपये का सार्वजनिक कर्ज है जो जीएसडीपी का 20.96 प्रतिशत है. यह इस बात का संकेत है कि राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक है. बिहार के अगले वित्तीय वर्ष के बजट में सबसे अधिक व्यय का प्रावधान शिक्षा, स्वास्थ्य और सडक क्षेत्र के लिये रखा गया है. शिक्षा पर 18,280.78 करोड रुपये, स्वास्थ्य पर 3356.84 करोड रुपये जबकि सडक पर 7208.42 करोड रुपये खर्च का प्रस्ताव है. बीते वर्ष के बजट की तुलना में इन क्षेत्रों में खर्च में बढोतरी की गयी है.

बिहार के अगले वित्तीय वर्ष के बजट में सबसे अधिक व्यय का प्रावधान शिक्षा, स्वास्थ्य और सडक क्षेत्र के लिये किया गया है. शिक्षा पर 18,280.78 करोड रुपये, स्वास्थ्य पर 3356.84 करोड रुपये जबकि सडक पर 7208.42 करोड रुपये व्यय का प्रस्ताव है. बीते वर्ष के बजट की तुलना में इन क्षेत्रों में खर्च में अच्छी बढोतरी की गयी है. राज्य सरकार ने कुल बजट का 16 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जातियों के कल्याण पर खर्च करने का निर्णय किया है जबकि न्याय के साथ विकास के एजेंडा के तहत बजट की एक प्रतिशत राशि अनुसूचित जनजाति के कल्याण कार्य पर खर्च होगी. बजट प्रावधान में अच्छा खासा हिस्सा जेंडर बजट के तहत महिलाओं की कल्याणकारी योजनाओं के लिए खर्च किया जाएगा.

उपभोक्ताओं को मामूली राहत देते हुए अगबत्तियों, नारियल, कुर्थी दाल, मटर और राजमा पर लगने वाले करों में राहत दी है. शराब और अन्य प्रकार के मद्य उत्पादों पर अतिरिक्त अधिभार लगाकर उन्हें और महंगा करने का प्रावधान है. जीविका के लिए महिलाओं की भागीदारी को बढावा और सशक्तिकरण के उद्देश्य से राज्य सरकार ने परिवहन क्षेत्र में महिलाओं को उनके नाम पर व्यावसायिक वाहनों पर रोड टैक्स पर 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया है. महिलाओं द्वारा तिपहिया, टैक्सी, मैक्सी, मोटर कैब आदि खरीदने पर रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी लेकिन ऐसे वाहनों में महिला चालक होना अनिवार्य होगा. इसका उल्लंघन करने पर दोगुना रोड टैक्स वसूला जाएगा.

मोदी ने कहा कि नि:शक्त लोगों के लिए प्रयोग में आने वाले ट्राइसाइकिल और अन्य उपकरणों पर लगने वाले 17.50 रुपये के वार्षिक कर को मुक्त कर दिया गया है. तीस दिनों के अस्थायी परिवहन परमिट के लिए दूसरे राज्यों के व्यावसायिक वाहनों पर लगने वाली राशि को दोगुना करने का निर्णय किया गया है. विभिन्न वर्ग के वाहनों पर 14 से 27 प्रतिशत कर लगाने का निर्णय किया गया है. उपमुख्यमंत्री ने बजट में कृषि, सिंचाई और शिक्षा के क्षेत्र में अन्य कई प्रकार की विकास योजनाओं को शुरु करने की भी घोषणा की है.

पटना में मोदी को बुलाने के लिए नारेबाजी


भाजपा के युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने आगामी हुंकार रैली में केंद्रीय और राज्य नेतृत्व पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बिहार बुलाने के लिए दबाव बनाने की कवायद में आज पार्टी नेताओं के समक्ष जमकर नारेबाजी की.

नरेंद्र मोदी के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ताओं की अबतक की सुगबुगाहट भाजपा युवा मोर्चा के कार्यक्रम में खुलकर प्रकट हुई जहां युवाओं ने केंद्रीय नेता और बिहार मामलों के प्रभारी अनंत कुमार और प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के समक्ष गुजरात के मुख्यमंत्री के समर्थन में करीब 15 मिनट तक नारेबाजी की.

नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारेबाजी का आलम यह था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार सहित प्रदेश के जितने भी नेता आये उनके संबोधन के दौरान बार बार युवा कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे. नारेबाजी में युवक कभी नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाने के समर्थन में तो कभी उन्हें पटना बुलाने की मांग कर रहे थे.

भाजपा ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 111वीं जयंती के अवसर पर प्रांतीय युवा सम्मेलन का आयोजन किया था जिसमें केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अनंत कुमार पहुंचे थे. बार बार अनुरोध के बाद भी युवा कार्यकर्ता पूरे कार्यक्रम के दौरान शांत नहीं हुए.

अनंत कुमार ने भी अपने संबोधन के दौरान कहा कि कांग्रेस को 2013 या 2014 के लोकसभा चुनावों में दिल्ली की सत्ता से हटाने के लिए गुजरात और बिहार के नेतृत्व को साथ साथ काम करना होगा. कुमार संकेत में कुछ कहना चाहते थे जिसका खुलासा उन्होंने नहीं किया और केवल कहा , ‘‘इश्क और जंग में केवल इशारा ही काफी है.’’हालांकि बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा और जदयू मिलकर बिहार में 40 लोकसभा सीटें जीतेंगे.

इससे पहले युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सांसद राधा मोहन सिंह, राज्य के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधायक नीतिन नवीन के संबोधन के दौरान बार बार नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाकर अपना संदेश पार्टी नेतृत्व को दिया. पार्टी नेताओं ने जब पार्टी के समर्थन में नारेबाजी की अपील की तो कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाते रहे.

राहुल गांधी से बेहतर तो दिग्विजय है - गोविंदाचार्य

राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संस्थापक के एन गोविंदाचार्य का मानना है कि राहुल गांधी की तुलना में कांगे्रस में दिग्विजय सिंह बेहतर पीएम सिद्ध होंगे। 

पटना में गोविंदाचार्य ने कहा कि दिग्विजय केंद्र में मंत्री और मप्र के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं तथा उन्हें कांग्रेस के अन्य लोगों की तुलना में प्रशासन का अनुभव ज्यादा है। 

अब पीएम पद के लिए राहुल को प्रस्तुत किया जा रहा है, इस पर गोविंदाचार्य ने कहा, फिलहाल यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है और हमारे यहां पिता से वंश को माना जाता है.   

लालू यादव के रिश्तेदार की गोली मारकर हत्या

पूर्व सांसद सुभाष यादव के साले पंकज कुमार यादव उर्फ पप्पू यादव और उसके नौकर की अज्ञात अपराधियों ने हत्या कर दी। सुभाष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के साले है।

पप्पू पटना में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हुए बताये जाते है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार पंकज का शव मंगलवार की सुबह दीघा थाना के पीछे एक मैदान से बरामद किया गया। इसके बाद जब राजीव नगर थाना क्षेत्र के आकाशवाणी मार्ग स्थित उनके घर पर पुलिस पहुंची तो उनके नौकर बबलू का शव भी घर से बरामद किया गया।

बबलू की हत्या गोली मारकर की गई है। हत्या के कारणों का अब तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार पुलिस के बडे़ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गये हैं तथा मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार पप्पू और नौकर ही वर्तमान समय में घर में रह रहे थे। सुभाष यादव राष्ट्रीय जनता दल से राज्य सभा सांसद रह चुके है।

ई का .. बिहार में गुटखा पर बैन लगा

बिहार में आज आधी रात से तम्बाखू युक्त गुटखे की बिक्री बंद कर दी जायेंगी. और इसकी  खरीद-बिक्री पर तीन लाख का जुर्माना व एक साल का कारावास दिया जाएगा.

राज्य सरकार ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर सूबे में तंबाकूयुक्त पान मसाले (गुटखा) की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया. अब अगर कोई भी व्यक्ति इसकी खरीद-बिक्री करते पाया गया, तो उसे तीन लाख का जुर्माना व एक साल का कारावास हो सकता है.

खाद्य सुरक्षा आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार ने बुधवार की दोपहर इसकी अधिसूचना जारी कर दी. फिलहाल यह प्रतिबंध एक साल के लिए लगाया गया है. केरल और मध्य प्रदेश के बाद तंबाकूयुक्त पान मसाले पर प्रतिबंध लगानेवाला बिहार तीसरा राज्य बन गया है.

श्री कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (प्रोहिबीशन एंड रिस्ट्रिक्शंस ऑन सेल्स) रेगुलेशन, 2011 के तहत प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है. इसके तहत खाद्य सुरक्षा आयुक्त को यह अधिकार है कि वह ऐसे उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा सके.

तंबाकू युक्त पान मसाला खाद्य के अंतर्गत आते हैं. ऐसे उत्पादों से युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य को सबसे बड़ी चुनौती मिल रही है. तंबाकूयुक्त पान मसाले की बिक्री से सरकार को होनेवाले राजस्व की हानि से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि हर चीज को राजस्व से जोड़ कर देखना ठीक नहीं है.

राजस्व से अधिक युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है. खाद्य सुरक्षा आयुक्त को जन स्वास्थ्य को देखते हुए सूबे में एक वर्ष तक प्रतिबंध लगाने का अधिकार है. इससे पहले अप्रैल में मध्यप्रदेश में व इसी माह केरल में इस पर प्रतिबंध लगाया गया था.

मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है. महावीर कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ जीतेंद्र सिंह ने बताया कि बिहार में कुल कैंसर रोगियों की संख्या दो लाख है. इनमें एक लाख 10 हजार महिला कैंसर रोगी हैं, जबकि 90 हजार पुरुष.

सूबे में वर्तमान में 40-45 हजार मुंह के कैंसर के रोगी हैं. वहीं, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ आरके गोस्वामी ने बताया कि सूबे में कैंसर रोगियों का वास्तविक आधिकारिक आंकड़ा नहीं है. एक अनुमान के अनुसार बिहार में मुंह के कैंसर रोगियों की संख्या 80 हजार होगी. मुंह के कैंसर मरीज के इलाज में औसतन 60-70 हजार रुपये खर्च होता है.

डॉ दिवाकर तेजस्वी ने बताया कि तंबाकू के उपयोग का स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है. मुंह व दांत सीधे प्रभावित होते हैं. साथ ही आंख, कान, फेफड़ा, मस्तिष्क व हृदय इससे गहरे रूप से प्रभावित होते हैं. कैंसर की रोकथाम के लिए तंबाकू नियंत्रण जरूरी है.’

* 90 फीसदी उत्पाद यूपी से सप्लाइ होता है, कानपुर है प्रमुख आपूर्ति केंद्र
* बिहार में 2500 करोड़ रुपये के तंबाकू उत्पादों की होती है बिक्री
* मध्य प्रदेश व केरल के बाद गुटखे पर प्रतिबंध लगाने वाला बिहार तीसरा राज्य
* फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई, तंबाकू पर प्रतिबंध नहीं

भारत विश्व को नई राह दिखाएगा - मोहन भागवत

पाकिस्तान ने हमें मोस्ट फेवरेट नेशन का दर्जा दिया है, लेकिन उसका आचरण ठीक उसके विपरीत है। आज देश में घुसपैठ, नकली नोट, उग्रवाद, मादक पदार्थो की तस्करी आदि की समस्या है। पूरा देश इसको लेकर चिंतित है। इससे निजाद पाने की राह हिन्दुत्व दिखाएगा। पटना के राजेन्द्र नगर में प्रात: शाखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने उक्त बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व को नई राह दिखाएगा। हिन्दू विचार कहता है कि एकता का संचार करो। इसके लिए त्याग, संयम, धर्म को अपनाना होगा। भागवत ने कहा कि धर्म का अर्थ कई बार गलत अर्थो में लिया जाता है। शाखा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीपी ठाकुर, युवा एवं कला संस्कृति मंत्री सुखदा पांडे, भाजपा विधायक उषा विद्यार्थी सहित सैकड़ों स्वयंसेवक मौजूद थे।

चारा चोर लालू को सीबीआई से अब भी रहत नहीं

सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाला मामले में आरजेडी अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को राहत नहीं दी है। विशेष अदालत ने लालू यादव सहित 11 अन् की वह याचिक खारिज कर दी है जिसमें उन्होंने खुद को आरोप मुक् करने की अपील की थी। इस मामले में 2004 से बहस चल रही है। इसके अलावा अदालत ने इन सभी आरोपियों को 29 अगस् को अदालत में पेश होने का आदेश भी दिया गया है।

अपना फैसला सुनाते हुए पीठ ने कहा कि याचिका में ऐसा कोई सुबूत नहीं जुटाया गया जिससे यह साफ हो कि ये लोग इसमें आरोपी नहीं हैं। इस मामले में 1996 में कुल मिलाकर 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। इनके खिलाफ 2003 में मामला दर्ज किया था। यह मामला भागलपुर का है। जहां फर्जी कागजों की मदद से कोषागार से लगभग 43 लाख रुपए निकालने का मामला सामने आया था। इस मामले में अभी 34 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। जबकि बाकी कुछ फरार हैं और कुछ की मौत हो चुकी है जबकि 6 लोग सरकारी गवाह बन गए हैं।

कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में सरकारी अफसरों और नेताओं की मिलीभगत के कारण ही यह घोटाला हुआ था। इसमें सप्‍लायर से लेकर नेतागढ़ और नौकरशाह शामिल थे। बंदरबांट के इस खेल में मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी शामिल थे। इस घोटालें में राजनेताओं की ही मुख्‍य भूमिका थी। इस मामले में लालू सहित 11 अन्‍य ने याचिका दायर की थी जिसे खारिज कर दिया गया था।

कांग्रेस महंगाई, भ्रष्टाचार और भुखमरी की पार्टी - गडकरी

भाजपा ने आज कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार और गरीबी का संबंध किसी जाति, धर्म या पंथ से नहीं होता और कांग्रेस जब जब सत्ता में आती है तो ये समस्याएं बढ़ती हैं।

राजधानी पटना में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष नीतिन गडकरी ने कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार और भुखमरी का संबंध का कांग्रेस पार्टी से है।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर हमला बोलते हुए गडकरी ने कहा कि कांग्रेस और लालू प्रसाद ने गरीबों को लूटा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा भारत को आर्थिक संपन्न और युवाओं को रोजगार युक्त बनाना चाहती है और जाति, धर्म तथा पंथ के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहती।

भाजयुमो की हालिया राष्ट्रीय एकता यात्रा में तिरंगा फहराने से रोके जाने पर गडकरी ने कहा कि देश को तोड़ने वाली ताकतें दिल्ली में आकर राष्ट्रविरोधी बयान दे सकती हैं और श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज जला सकती है लेकिन देशभक्तों को कश्मीर में तिरंगा फहराने की कोशिश करने पर पीटा जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘माओवादी पशुपति :नेपाल: से तिरुपति :भारत: तक अपना राज स्थापित करने का सपना देख रहे हैं लेकिन उन्हें रोकने की कोई ठोस कार्रवाई केंद्र सरकार नहीं कर रही है। कंेद्र आतंकवादियों का तुष्टिकरण कर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में विकास की राजनीति ही चलेगी। बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने राज्य की जीडीपी दर को 11 फीसदी पहुंचाया है इससे प्रेरणा लेनी होगी।

बिहार में बदलाव नीतीश कुमार के सक्षम नेतृत्व की बदौलत - गुलाम अली

पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली को नीतीश का बिहार बेहद भाया। उन्होंने राज्य का विकास करने और वहां की कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की।

बिहार की राजधानी पटना में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के सिलसिले में आए गुलाम अली ने रविवार को नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। आधे घंटे की मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री निवास से बाहर निकलते समय गुलाम अली ने पत्रकारों से कहा, बिहार में बदलाव आ रहा है। यह सब नीतीश कुमार के सक्षम नेतृत्व की बदौलत संभव हुआ है।

राज्य की दशा-दिशा में बदलाव यहां हो रहे विकास कार्यो को देखकर ही लग रहा है। पाकिस्तानी गायक के अनुसार, 2005 में जब से नीतीश कुमार ने बिहार की कमान संभाली है, तब से यहां बदलाव की बयार बहनी शुरू हो गई है।

गुलाम अली ने संगीत खासकर गजल में रुचि रखने के लिए बिहार के लोगों की सराहना की।

झंडे के नाम पर दंगे करवाना चाहती है भाजपा - लालू यादव

भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय एकता यात्रा की निंदा करते हुए राजद सुप्रीमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद ने आरोप लगाया कि कश्मीर के लाल चौक पर झंडा फहराने के नाम पर भाजपा देश में दंगा कराना चाहती है.

कर्पूरी ठाकुर की 87वीं जयंती पर पटना में राजद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में लालू ने यह बात कही.लालू ने कहा कि हाल में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा को उम्मीद से अधिक सीट हासिल होने से उनकी पार्टी और आरएसएस का मन बढ़ गया है और अब उनकी नजर केंद्र की सत्ता पर है.

अगले संसदीय चुनाव को ध्यान में रखकर वह इस तरह के कार्यक्रम के जरिए देश का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ रहे हैं.राजद सुप्रीमो ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर वहां की सरकार और वहां की जनता तिरंगा फहराती आ रही है तो ऐसे में भाजपा को झंडा फहराने की आवश्यकता क्यों आ पड़ी.

लालू प्रसाद ने भाजपा पर इस यात्रा के जरिए खतरनाक साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वयं को धर्मनिरपेक्ष बताने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रदेश से उक्त यात्रा में शामिल होने के लिए जाने वालों को रोकना और पकड़ना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मामले में चुप बैठी हुर्ह है.

हिंदूवादी आतंकवाद शब्द का प्रयोग कर आतंकवाद के ध्रुवीकरण की कोशिश - नीतीश

भगवा आतंकवाद शब्द को बार-बार दोहराए जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। मुख्यमंत्री निवास पर संवाददाताओं से बातचीत में एक प्रश्न के उत्तर में नीतीश ने कहा कि हर प्रकार का आतंकवाद खतरनाक होता है। हिंदूवादी आतंकवाद पर कांग्रेस का आरोप ठीक नहीं है।

हिंदूवादी आतंकवाद शब्द का प्रयोग कर आतंकवाद के ध्रुवीकरण की कोशिश हो रही है, जो ठीक नहीं है।

दूरसंचार मंत्रालय में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने से कांग्रेस के इंकार करने पर नीतीश ने कहा कि कांग्रेस जेपीसी से इनकार कर हठधर्मिता कर रही है। इस घोटाले की जांच लोकलेखा समिति नहीं बल्कि जेपीसी कराने की विपक्ष की मांग जायज है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य जुड़े हुए हैं जिसकी जांच केवल संसद की ही समिति उचित तरीके से कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जब भी सत्ता में आती है भ्रष्टाचार एवं महंगाई बढ़ जाती है और संघीय ढांचे पर प्रहार होने के साथ राज्यों का मजाक उड़ाया जाता है।

भ्रष्टाचार पर बिहार की एनडीए सरकार का करार प्रहार : विधायक निधि खत्म

चुनाव के दौरान जनता से किए वादे के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ हमला बोल दिया है। इसके तहत सबसे पहले उन्होंने क्षेत्र में विकास के नाम पर हर साल हर एमएलए और एमएलसी को मिलने वाले 1 करोड़ रुपये के फंड को खत्म करने का फैसला लिया है। हालांकि इस पर अभी तक सैद्धांतिक रूप से ही निर्णय लिया गया है।

बिहार कैबिनेट ने हर एमएलए और एमएलसी को क्षेत्र में विकास के नाम पर हर साल मिलने वाले 1 करोड़ रुपये के फंड को सैद्धांतिक रूप से खत्म करने का फैसला ले लिया है। हालांकि विपक्षी दल आरजेडी ने इस पर कुछ सवाल जरूर उठाए, पर वह भी इसके समर्थन में है। मालूम हो कि यह फंड भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। ऐसी शिकायते हैं कि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्र में इस फंड की 30 फीसदी राशि का कॉन्ट्रेक्ट पसंदीदा लोगों को दिलवाते हैं।

भ्रष्टाचार की नकेल कसने के क्रम में सीएम नीतीश कुमार ने एक और कदम उठाया है। अब अप्रैल 2011 तक बिहार के मुख्यमंत्री, मंत्री, नौकरशाह और थर्ड ग्रेड के कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा पेश करेंगे। इसी तरह से आनेवाले बजट सत्र में विधानसभा में राइट टू सर्विस बिल पास होगा, जिसके तहत निश्चित अवधि के दौरान लोगों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

कुछ दिन पहले बिहार कोर्ट स्पेशल ऐक्ट, 2010 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए सरकार ने एक भ्रष्ट अधिकारी की लगभग 44 लाख रुपये की प्रॉपर्टी जब्त कर ली।

तुलसीदासजी की रचना और कुछ नहीं बल्कि वाल्मीकि रामायण की नकल - प्रो. तुलसीराम

अगर तुलसीदास ने रामचरित मानस आज लिखी होती तो वह साहित्यिक चोरी के मामले में जेल चले गए होते। उनकी रचना और कुछ नहीं बल्कि वाल्मीकि रामायण की नकल है।

यह बात जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के प्रोफ़ेसर तुलसीराम ने दलित साहित्य पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में कही। सेमिनार का आयोजन साहित्य अकादमी और पटना यूनिवर्सिटी हिन्दी विभाग ने संयुक्त रूप से किया है।

तुलसीराम ने कहा कि नकल होने के बावजूद तुलसीदास की रामचरित मानस काफी लोकप्रिय हुई। कट्टर हिंदू समाज ने इसे इसलिए लोकप्रिय बनाया क्योंकि इसे लिखने वाले तुलसीदास ब्राह्मण थे जबकि वाल्मीकि के दलित होने की वजह से उनकी रचना को अनदेखा कर दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राचीन काल की गुरुकुल व्यवस्था में सिर्फ ब्राह्मणों और राजपूतों के बच्चों को शिक्षा दी जाती थी। किसी भी गुरुकुल में दलित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाता था। उन्होंने कहा कि उस समय के समाज ने दलितों वंचितों को शिक्षा से दूर रखने की साजिश के तहत ऐसी व्यवस्था को मंजूरी दी थी

अभी तो मैं जवान हूँ और संघर्ष कर सकता हूं - लालू

हाल में खत्म हुए बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) को मिली करारी हार के बावजूद साहसी तेवर दिखाते हुए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने रविवार को कहा कि मैं अब भी इतना जवान हूं कि गरीबों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के हित की लड़ाई लड़ सकता हूं।

लालू ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि लोग यह न समझें कि मैं बूढ़ा हो गया हूं। मैं अब भी इतना जवान हूं कि गरीब और समाज के अन्य कमजोर तबकों के हित के लिए संघर्ष कर सकता हूं।

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के निवास पर आरजेडी के 22 नवनिर्वाचित विधायकों की रविवार को बैठक हुई, जिसमें वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी को विधानसभा में पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया, जिसकी घोषणा लालू ने की।

लालू ने कहा कि नीतीश कुमार सरकार को व्यापक जनादेश मिला है और एनडीए सरकार को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।

उन्होंने कहा कि हम देखो और इंतजार करो की नीति अपनाएंगे और जरूरत पड़ी तो गड़बड़ी के लिए सरकार को नहीं बख्शेंगे।

बिहार में दो निर्दलीय विधायक और भाजपा में मिले, संख्या बढकर 93

बिहार विधानसभा चुनाव में नवनिर्वाचित दो निर्दलीय विधायक दिलीप वर्मा और दुलाल गोस्वामी गुरुवार को फिर से बीजेपी में शामिल हो गए और इसके साथ ही भाजपा के विधायकों की संख्या 91 से बढकर अब 93 हो गई है।

दिलीप वर्मा सिकटा से और दुलाल गोस्वामी बलरामपुर से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधायक चुने गए हैं। सुशील कुमार मोदी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के लिए पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक बैठक में शामिल होने पहुंचे वर्मा और गोस्वामी ने बताया कि वे बीजेपी से पहले से ही जुडे रहे हैं। मगर बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लडा था और अब विजयी होकर फिर से पार्टी में लौट आए हैं।

इस अवसर पर बीजेपी के प्रदेश प्रभारी अनंत कुमार, उनके सह प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सी. पी. ठाकुर और पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली, कैलाशपति मिश्र और सौदान सिंह भी मौजूद थे।

बिहार चुनावों में सोनिया और राहुल गांधी का कोई फायदा न हुआ - कांग्रेस

बिहार विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त स्वीकार करते हुए कांग्रेस ने इसका ठीकरा आज सांगठनिक शक्ति और प्रदेश स्तर पर योग्य नेता की कमी पर फोड़ा।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमचंद्र मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा कि वोटों के प्रतिशत में सुधार से साफ है कि पार्टी बिहार में एक राजनीतिक शक्ति के रूप में अपने प्रदर्शन को सुधारने के मार्ग पर अग्रसर हुई है।

मिश्रा ने कहा, ‘‘सांगठनिक कमजोरी और स्थानीय स्तर पर एक योग्य नेता की कमी के कारण हमें चुनावों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। ’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी के करिश्माई नेतृत्व का लाभ उठाने में विफल रही क्योंकि इसके अनुरुप पार्टी के पास एक सशक्त सांगठनिक ढांचा नहीं था।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘राजग लालू विरोधी मतो को अपने पक्ष में करने में सफल रहा क्योंकि राजद के नेतृत्व वाले जंगलराज की वापसी के भय से मतदाताओं सहित पार्टी के समर्थकों ने भी अंतिम समय में राजग के साथ जाने का मन बना लिया।’’

भाजपा ने माँगा रतन टाटा से स्पष्टीकरण

भाजपा ने कहा है कि टाटा समूह के मुखिया और देश के प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा का बयान अस्पष्ट है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका समूह अपनी विमानन कंपनी इसलिए शुरू नहीं कर पाया क्योंकि उसने एक मंत्री को 15 करोड़ रुपये की रिश्वत देने से इंकार कर दिया था

भाजपा ने रतन टाटा से इस बयान को स्पष्ट करने के लिए कहा ।

देहरादून में आज एक व्याख्यान के दौरान ने रतन टाटा ने कहा कि समूह की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने 1995, 1997 और 2001 में विमानन सेवा में प्रवेश करने की कोशिश की थी।

अंतिम बार 2001 में तत्कालीन भाजपा सरकार के शासन में टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस ने एयर इंडिया के लिये संयुक्त रूप से एकमात्र बोलीदाता के रूप में अपनी बोली वापस ले ली थी। दोनों ने बिक्री के लिये राजनीतिक विरोध का हवाला देते हुए इसे वापस लिया था ।

भाजपा के प्रवक्ता और सांसद राजीव प्रताप रूडी ने रतन टाटा की उक्त टिप्पणी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि रतन टाटा द्वारा कही गयी बातों को संजीदगी के साथ लिया जाना जरूरी है लेकिन उनकी बातें पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं.

रूडी राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2003 में नागरिक उड्डयन मंत्री थे । उन्होंने कहा कि उन्हें उस समय रतन टाटा द्वारा कही गयी बातों का जवाब देने में अधिक खुशी होगी जब वह अपनी बातों को विस्तारपूर्वक रखें।

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