अग्निवेश के सिर को कलम करने वाले को 5 लाख रुपए नगद इनाम - हिन्दू महासभा

हिंदू महासभा ने स्वामी ? अग्निवेश के सिर को कलम करके लाने वाले को 5 लाख रुपए नगद इनाम देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि स्वामी अग्निवेश एक देश द्रोही है.
  
यह बातें हिन्दू महासभा के प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल सिवाच ने जींद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही. हिंदू महासभा ने स्वामी अग्निवेश पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्वामी अग्निवेश एक देशद्रोही है.

उन्होंने कहा संत समाज ने तो इस देश द्रोही को निकाल दिया अब आर्य समाज भी इस देश द्रोही को अपने समाज से निकाल दे.  उन्होंने कहा अगर आर्य समाज स्वामी अग्निवेश को नहीं निकालता तो इसका बुरा हश्र करने वाले को यह इनाम दिया जायेगा.

इसके साथ ही महासभा ने एक और एलान करते हुए कहा कि जो मसर्रत का भी सर कलम करेगा उसे भी हिंदू महासभा सम्मानित करेगा.

मुल्ला अग्निवेश को विश्व हिंदू परिषद ने भोपाल में सिखाया सबक (वीडियो देखे )



 स्वामी अग्निवेश के साथ संस्कृति बचाओ मंच के लोगों ने झूमा-झटकी की। इस दौरान स्वामी का भगवा वस्त्र भी खींच लिया गया। घटना शुक्रवार को रवींद्र भवन में राष्ट्रीय गरिमा अभियान कार्यक्रम के बाद की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और अग्निवेश मैला ढोने के विरोध स्वरूप सांकेतिक तौर पर टोकनी जला रहे थे, तभी मंच के चंद्रशेखर तिवारी और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नेता बिहारीलाल तिवारी ने वहां पहुंचकर अग्निवेश के साथ धक्का-मुक्की की।

मंच के कार्यकर्ता इस बात का विरोध कर रहे थे कि पिछले दिनों अग्निवेश ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान शिवलिंग को पाखंड करार दिया था।

बात उस समय बिगड़ी जब मैला मुक्ति यात्रा के शुभारंभ के बाद जयराम व स्वामी अग्निवेश प्रतीक के तौर पर मैला ढोने वाली टोकरियां जला रहे थे। मंच के चंद्रशेखर तिवारी, बीएल तिवारी समेत अन्य नेता वहां पहुंचे और अग्निवेश से धक्का-मुक्की करते हुए उनका भगवा वस्त्र खींच लिया। चंद्रशेखर का कहना है कि हिंदू धर्म में भगवा वस्त्र धारण करने वालों को इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए। वे समाज के आदर्श होते हैं।

दूसरो को ज्ञान बांटने वाले अग्निवेश ने २० सालो से नही दिया किराया

विवादित बयानबाजी करने वाले स्वामी अग्निवेश विवादों से अपना पीछा नहीं छुड़ा पा रहे हैं। नई दिल्ली के पॉश लुटियंस जोन में मौजूद 7, जंतर मंतर रोड बंगले में वह पिछले 20 सालों से रह रहे हैं, लेकिन आज तक किराया नहीं चुकाया है।

बंगले
का मालिकाना हक रखने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल ट्रस्ट (एसवीबीपीटी) के प्रबंध ट्रस्टी वीरेश प्रताप चौधरी का कहना है कि उन्होंने एनडीएमसी समेत कई दफ्तरों में इस बाबत शिकायत की है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।

अग्निवेश
के फेसबुक अकाउंट और उनकी वेबसाइट पर भी पते के तौर पर 7, जंतर मंतर रोड दर्ज है। एसवीबीपीटी ने बंगले के अलग-अलग हिस्सों को किराया पर दिया हुआ है।

एक
अंग्रेजी अखबार में छपी खबर में दावा किया गया है कि चौधरी से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने कहा था कि वह स्वामी अग्निवेश को कुछ दिनों तक 7, जंतर मंतर रोड बंगले में रहने दें। लेकिन चौधरी का कहना है कि स्वामी अग्निवेश ने कभी भी बंगला छोड़ा ही नहीं। चौधरी ने जब चंद्रशेखर से इस बाबत बात की तो उन्होंने कहा, 'साधु लोग जहां जाते हैं, वहीं बस जाते हैं।'

कई दशकों से स्वामी अग्निवेश के सहयोगी रहे स्वामी आर्यवेश ने भी किराया न चुकाए जाने की पुष्टि की है, लेकिन उनका दावा है कि बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम से बिजली, पानी और रखरखाव के बिल का भुगतान किया जा रहा है।

स्वामी
अग्निवेश से जुड़े गैर सरकारी संगठनों-बंधुआ मुक्ति मोर्चा और सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के भी दफ्तर इस बंगले के पीछे के हिस्से में मौजूद हैं।

गेरुए वस्त्र उतार दें अग्निवेश - आर्यसमाज

अन्ना हजारे से दोगलेबाजी के बाद चर्चित स्वामी अग्निवेश के ख़िलाफ़ लोगों का ग़ुस्सा बढ़ता जा रहा है। अब विवादास्पद टीवी रियलिटी शो बिग बॉस के घर में जाने के बाद आर्य समाज ने अग्निवेश से गेरुए कपड़े उतार देने की मांग कर डाली है।

बाबा रामदेव के गुरु और हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा के आचार्य बलदेव का कहना है कि इस तरह के अश्लील शो में अग्निवेश का जाना शोभा नहीं देता है। अगर उन्हें इस शो में जाना है, तो उन्हें आर्य समाज का चोला यानी गेरुए वस्त्रों को त्याग देना चाहिए।

बंधुआ मजदूरों के सर्वे का 18 लाख डकार गया अग्निवेश

अग्निवेश को कांग्रेस का एजेंट और दलाल यूँ ही नहीं कहा जा रहा है कांग्रेस ने उन्हें सरकारी खजाने से उपकृत भी कर रखा है। दिल्ली सरकार ने बंधुआ मजदूरों के सर्वे के लिए नियम-शर्तो को दरकिनार कर अग्निवेश के बंधुआ मुक्ति मोर्चा को 18 लाख रुपये जारी कर दिए।

जैसे
आनन-फानन में रुपये जारी हुए, एनजीओ ने वैसी ही बिना मतलब की 60 पेज की रिपोर्ट भी जारी कर दी।सर्वे में गेहूं, चावल जैसे किराने के साथ-साथ आफिस के टेलीफोन का बिल तक शामिल है। बंधुआ मजदूर कहां थे, कौन नियोजक था, इसका कोई ब्यौरा नहीं है। हां खर्च का पूरा हिसाब 160 पन्नों में दर्ज है।

दिल्ली
सरकार की इस अंधेरगर्दी भरी दरियादिली के पांच वर्ष बाद अब महालेखा परीक्षक इस साठगांठ की जांच करने की तैयारी में है।बात है 2006 की। उस समय दिल्ली सरकार ने यकायक सभी नौ जिलों में बंधुआ मजदूरों के सर्वे के लिए अग्निवेश के जंतर-मंतर स्थित संगठन को 18 लाख की एकमुश्त राशि दे दी।

इसके
लिए न तो कोई समझौता पत्र तैयार हुआ न ही नियम व शर्ते तय की गईं।आरटीआइ के तहत मांगी गई जानकारी में डिवीजनल मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि संस्था से सर्वे कराने का फैसला किसी आवेदन के आधार पर नहीं,बल्कि सरकार के स्तर पर हुआ था।

शायद
यही कारण था कि पूरी राशि एकमुश्त अग्रिम मिल गई। संगठन ने 2007 में 60 पेज की रिपोर्ट तो दी लेकिन ऐसी जिसे पहली नजर में ही खारिज किया जा सकता है।दरअसल, दिल्ली में 90 फीसदी बंधुआ मजदूर बताने वाली इस रिपोर्ट के खर्च का लेखा-जोखा लगभग 160 पन्नों में है। इसमें न सिर्फ जंतर मंतर स्थित संगठन के टेलीफोन बिल का 38 हजार का भुगतान बताया गया है, बल्कि मजदूरों के भोजन के नाम पर गेहूं, चावल, आलू, सब्जी, टेंट आदि के भी हजारों रुपये जोड़े गए हैं। हवाई चप्पल तक की रसीद चस्पां है।

अधिकतर
खर्च मुक्ति मोर्चा के अपने वाउचर पर किए गए, जिसमें लाभार्थियों के नाम अधिकतर अस्पष्ट हैं। पांच हजार से ज्यादा के भुगतान पर भी कहीं रसीदी टिकट नहीं है।सर्वे रिपोर्ट में एक भी नियोजक का नाम-पता नहीं है। लिहाजा किसी के खिलाफ कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता।

सर्वे
के लिए दिशा निर्देश तय करने वालों में प्रमुख रहे पूर्व श्रम सचिव लक्ष्मीधर मिश्रा का कहना है कि 'ऐसी रिपोर्ट को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है, मगर दिल्ली सरकार इस मामले पर कुंडली मारे बैठी है। वहीं स्वामी अग्निवेश ने काफी कोशिशों के बाद भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उलटे आरोप मढ़ा कि 'मुझे कुछ लोग बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

अग्निवेश को 19 सितंबर तक गिरफ्तार करने के आदेश

स्वामी अग्निवेश के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। हिसार में उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अश्वनी कुमार मेहता की कोर्ट ने डीएसपी अमरीक सिंह को निर्देश दिए हैं कि वह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में नामजद स्वामी अग्निवेश को 19 सितंबर तक गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें।

कोर्ट ने शुक्रवार को ही मामले की सुनवाई के दौरान अग्निवेश को पेश करने के लिए कहा था। सोमवार को कोर्ट में मामले के इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर दलबीर ने कहा कि वह दो बार अग्निवेश के जंतर-मंतर (दिल्‍ली) स्थित कार्यालय पर जाने के बावजूद वह वहां नहीं मिले। इस पर कोर्ट ने कहा कि डीएसपी खुद अग्निवेश को गिरफ्तार कर 19 सितंबर तक कोर्ट में पेश करें।

सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीन तायल ने 23 मई, 2011 को कोर्ट में इस्तगासा दायर कर स्वामी अग्निवेश के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज करने की अपील की थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर सिटी पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने कई बार अग्निवेश को नोटिस भेजा लेकिन वह न तो पुलिस तफ्तीश में शामिल हुए और न ही कोर्ट में पेश हुए। अग्निवेश की तरफ से उनके वकील ने जरूर पुलिस को बयान दिया था कि वह अन्ना हजारे के साथ हैं इसलिए जांच में शामिल नहीं हो सकते। इस बयान को काफी नहीं माना गया। इसके बाद कोर्ट ने अग्निवेश के वारंट जारी किए लेकिन वह शुक्रवार को भी पेशी पर नहीं पहुंचे।

उधर, कपिल सिब्बल से टीम अन्‍ना के खिलाफ बातें करते अग्निवेश का वीडियो सामने आने के बाद जनता भी उनसे नाराज हो गई है। सोमवार को उत्‍तर प्रदेश के गाजियाबाद सहित देश के कई शहरों में अग्निवेश के पुतले फूंके गए और उनके विरोध में नारे लगाए गए।

इस बीच, टीम अन्‍ना के सदस्‍य अरविंद केजरीवाल ने सार्वजनिक रूप से यह साफ कर दिया है कि अग्निवेश अब टीम के सदस्‍य नहीं रह गए हैं। वह टीम अन्‍ना की कोर कमेटी में शामिल थे, लेकिन वीडियो के जरिए उनकी 'दगाबाजी' सामने आने के बाद केजरीवाल ने उनके टीम का सदस्‍य नहीं रहने की बात सार्वजनिक रूप से बता दी है।

स्वामी रामदेव के सत्याग्रह में साध्वी ऋतंभरा पर मुल्ला अग्निवेश को ऐतराज

अब तक सत्याग्रह को समर्थन दे रही अन्ना हजारे की टीम ने शनिवार को सत्याग्रह में साध्वी ऋतंभरा के शामिल होने पर ऐतराज जताया है।

अन्ना
हजारे के सहयोगी अग्निवेश ने शनिवार को कहा, 'साध्वी ऋतंभरा का इतिहास सांप्रदायिक रहा है और वे भीड़ को भड़काने वाली हैं। इसलिए अन्ना हजारे सत्याग्रह में शामिल होने के फैसले पर नए सिरे से विचार कर सकते हैं।'

अन्ना पहले हिन्दू विरोधी अग्निवेश से दूरी बनायें फिर करे आन्दोलन-हिन्दू महासभा

अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तथाकथित संघर्ष कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे पर आज निशाना साधा और कहा कि वह पहले अलगाववादियों के साथ सुर मिलाने वाले तथा हिन्दू भावनाओं के साथ खिलवाड करने वाले स्वामी अग्निवेश से दूरी बनाये एवं उसके बाद ही भ्रष्टाचारियों को उम्र कैद दिलाने की बात करें।

हिन्दू
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने यहां जारी बयान में कहा कि अमरनाथ यात्रा को ढोंग बताने वाले स्वामी अग्निवेश अलगाववादियों का समर्थन कर रहे हैं। श्री हजारे ने स्वामी अग्निवेश को अपने साथ रखा है जो पूरे देश में हिन्दू भावनाओं को आहत करने वाला बयान दे रहे हैं।

उन्होंनें कहा कि श्री हजारे भ्रष्टाचारियों को उम्र कैद और जितना बडा अधिकारी उतनी बडी सजा की बात कर रहे हैं लेकिन पहले वह यह बतायें कि अलगाववादियों के साथ सुर मिलाने और हिन्दूओं की भावनाओं को आहत करने वाले स्वामी अग्निवेश के लिये क्या सजा होनी चाहिये।

उन्होंनें
कहा कि हिन्दू महासभा मानती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ और विदेशों में जमा काले धन को देश की संपत्ति धोषित करने को योग गुरू रामदेव के मिशन को दबाने के लिये केन्द्र सरकार श्री हजारे और स्वामी अग्निवेश के साथ खडी हुई है और देश को तोडने वाला बयान देने वाले स्वामी पर कार्रवाई से कतरा रही है।

स्वामी
अग्निवेश ने अपने पिछले कश्मीर दौरे में अमरनाथ यात्रा को ढोंग बताया था और कहा कि कश्मीर की आजादी की मांग करने वालों की आवाज दिल्ली में दबा दी जाती है।

मुल्ला अग्निवेश पर थप्पड़ पड़ा, पगड़ी उतारी [वीडिओ देखें]




अहमदाबाद में अन्ना की सभा के दौरान एक शख्स ने लोगों को संबोधित कर रहे मुल्ला अग्निवेश पर हमला कर दिया। उन्होंने पहले अग्निवेश की पगड़ी खींची और उन्हें थप्पड़ मारा। पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार शख्स का नाम महंत नित्यानंद दास है।

जानकारी के मुताबिक यह शख्स अग्निवेश के कुछ दिन पहले दिए गए उस बयान से नाराज था जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरनाथ शिवलिंग को कृत्रिम तरीके से बनाया गया है और इसलिए यह यात्रा धोखा है।

जानकारी के मुताबिक अग्निवेश अहमदाबाद के लाल दरवाजा में सरदार बाग के बाहर सभा कर रहा था । तभी नित्यानंद ने पहले अग्निवेश के गले में कपड़े की माला डाली , इसके बाद उसने उसकी पगड़ी खींच ली और थप्पड़ जड़ दिया।

नित्यानंद ने इससे पहले अग्निवेश पर जूता फेंकने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने का एलान किया था। अहमदाबाद के श्री काड़ी मंदिर के महंत नित्यानंद ने अपनी इस हरकत का समर्थन किया। उसने कहा कि आप भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़िए , लेकिन आपकी बाबा अमरनाथ के खिलाफ बोलने की हिम्मत कैसे हुई ?

उसने कहा कि जब अग्निवेश कश्मीर में था और गिलानी के साथ बिरयानी खा रहा था तो उसने कहा था कि अमरनाथ यात्रा ढोंग है। हालांकि इस घटना के बाद अग्निवेश ने नित्यानंद के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की अपील की।

अमरनाथ यात्रा, धर्म के नाम पर धोखा - मुल्ला अग्निवेश

मुल्ला अग्निवेश ने अमरनाथ यात्रा को धर्म के नाम पर धोखा करार दिया है। उनके अनुसार आजादी की मांग करने वाले कश्मीरियों की आवाज को नई दिल्ली दबा रहा है। मुल्ला अग्निवेश ने हुर्रियत कान्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी से मुलाकात के दौरान यह बात कही।

बुधवार को दोनों के बीच चली एक घंटे की मुलाकात के दौरान कश्मीर की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। 'पीस कान्फ्रेंस' में भाग लेने घाटी पहुंचे मुल्ला अग्निवेश गिलानी से मिलने उनके हैदर पोरा स्थित घर पहुंचे थे। मुल्ला अग्निवेश ने अलगाववादियों के सुर से सुर मिलाते हुए अमरनाथ यात्रा को ‘धार्मिक पाखंड’ करार दिया है।

गिलानी ने घाटी की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि पत्थरबाजों को गिरफ्तार करना गलत निर्णय था। वहीं कान्फ्रेंस में मुल्ला अग्निवेश ने अमरनाथ यात्रा करने वालों को धर्म पर विश्वास नहीं रखने वाला कहा।

अग्निवेश ने कहा, 'अमरनाथ में बनने वाला शिवलिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसे धर्म से जोड़ा जाना सही नहीं है।' उन्‍होंने कहा, ‘मेरी समझ से बाहर है कि लोग अमरनाथ यात्रा के लिए क्‍यों जाते हैं। यह धर्म के नाम पर धोखा है। मैं इस तरह के धर्म पर यकीन नहीं करता। धर्म वह है जो गरीबों व वंचितों को न्‍याय दिलाए।’

मुल्ला ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राज्यपाल एसके सिन्हा को निशाना बनाते हुए कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से शिवलिंग पिघलने के बाद नकली शिवलिंग तैयार करवाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

अग्निवेश ने पिछले साल घाटी में हुए पत्थरबाजी की घटना के आरोपियों (पत्थरबाजों) की रिहाई के साथ राज्य से सशस्त्र बलों के स्पेशल पावर एक्ट को हटाने की भी मांग की। उन्होंने घाटी में प्रदर्शनों के दौरान मारे गए 118 लोगोंकी मौत की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की।

मुल्ला ने इससे पहले नक्‍सलियों और सरकार के बीच मध्‍यस्‍थ की भूमिका निभाई थी। अमरनाथ यात्रा को लेकर स्‍वामी अग्निवेश के बयान को लेकर हिंदूवादी संगठनों में गुस्‍सा है। विहिप, बजरंग दल, भाजपा, क्रांति दल, शिव सेना आदि संगठनों ने अग्निवेश से माफी मांगने को कहा है।

मेरे कहने पर अन्ना मोदी की तारीफ वाला बयान वापिस लेंगे - अग्निवेश

स्वामी अग्निवेश ने कहा कि गुजरात से जुटायी गयी सूचनाएं मिल जाने के बाद अन्ना हजारे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करने वाला अपना बयान वापस ले लेंगे.

अग्निवेश
ने यहां कहा, ‘(मोदी के बारे में) हजारे के बयान पर मैं और अन्य कार्यकर्ता महसूस करते हैं कि उनका गुजरात के बारे में स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है और उनकी जानकारियां मीडिया की खबरों पर आधारित है.’उन्होंने कहा कि वह यहां जानकारियां जुटाने और देश के सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं को यह संतुष्टि दिलाने आए हैं कि हजारे का बयान उनके कुछ झुकाव के कारण नहीं बल्कि उनके पास मौजूद सूचनाओं पर आधारित है.

अग्निवेश
ने कहा, ‘हजारे ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा था कि यदि उन्हें पूरी जानकारी मिलती है तो वह उसे सचाई के रूप में स्वीकारेंगे और उसके आधार पर वह मोदी की सराहना करने वाला अपना बयान वापस भी ले सकते हैं.’उन्होंने कहा, ‘आज मैंने जानकारियां इकट्ठी की हैं जिसे मैं कल अन्ना के साथ साझा करूंगा. मेरा मत है कि अन्ना मोदी की प्रशंसा करने वाला अपना बयान वापस ले लेंगे.’

स्वामी अग्निवेश पर रखी जायेगी निगरानी

छत्तीसगढ़ की सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर निगरानी रखने के आदेश जारी किए हैं.राज्य के ख़ुफ़िया विभाग से कहा गया है कि वह अग्निवेश की हर गतिविधि पर नज़र रखें. इस आशय का आदेश राज्य के गृह मंत्री ननकीराम कँवर ने जारी किया है.

बीबीसी से एक साक्षात्कार में छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ने आरोप लगाया है कि बिनायक सेन के साथ-साथ स्वामी अग्निवेश भी माओवादियों के शहरी नेटवर्क का हिस्सा हैं.

उन्होंने कहा कि डॉक्टर बिनायक सेन सान्याल नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे और उन्हें लगता है कि अग्निवेश भी शहरी नेटवर्क में हैं.कँवर का कहना था कि उन्होंने "व्यक्तिगत रूप से" पुलिस विभाग से स्वामी अग्निवेश पर निगरानी रखने का लिखित आदेश दिया है.

इतना ही नहीं गृहमंत्री का कहना है कि उन संगठनों पर भी नज़र रखी जा रही है जो अपने काय्रक्रमों में स्वामी अग्निवेश को आमंत्रित करते हैं.छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ननकीराम कँवर का कहना है कि सीडी में अग्निवेश को "भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) को लाल सलाम" का नारा लगाते हुए दिखाया गया है.

कँवर कहते हैं, "आप सीडी देखेंगे तब समझ में आएगा. वह नारे लगा रहे हैं भारत की सेना वापस जाओ." कँवर का कहना है कि सरकार मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालना नहीं चाहती है.उन्होंने कहा, "विभाग के लोग और मुख्यमंत्री भी कहते हैं कि मधुमक्खी के छत्ते में हाथ मत डालो.

लेकिन हाथ तो डालना ही है माओवादियों के शहरी नेटवर्क में. अब साधू के वेश में तो मुश्किल है ना."गृह मंत्री का कहना है कि अब आम लोग भी अग्निवेश के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.कँवर आगे कहते हैं, "विभाग को मैंने व्यक्तिगत रूप से बोल दिया है कि उन पर निगरानी रखे, जितने संगठनों में वह जाते हैं उन संगठनों के क्रियाकलापों पर भी नज़र रखें."

उन्होंने बताया कि निगरानी का मतलब ये कि वे किस तरह के लोगों से मिलते हैं, किस तरह उनको बहकाते हैं और किस तरह के लोगों के साथ काम करते हैं

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