भीलवाड़ा राजस्थान में कांग्रेस की सरकार टीचर ने बांटी हिन्दू विरोधी किताबे


राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में हिन्दू धर्म के विरुद्ध पुस्तक बाँटें जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस पुस्तक का नाम “हिन्दुइज़्म, धर्म या कलंक” है। यह किताब एल आर बाली द्वारा लिखी गई है। इसे बाँटने का आरोप स्कूल की टीचर निर्मला कामड़ पर लगा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस पर संज्ञान लेते हुए जाँच बिठा दी है।


जानकारी के मुताबिक मामला भीलवाड़ा के आसींद थाना क्षेत्र का है। यहाँ के गाँव रूपपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल की शिक्षिका निर्मला कावड़ को निलंबित करने की माँग को लेकर प्रदर्शन हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी ‘हिन्दू धर्म विरोधी टीचर निर्मला कामड़ को गिरफ्तार करो’ हैशटैग से ट्रेंड चलाया जा रहा है। धरने पर कई पुरुषों के साथ महिलाएं भी बैठी दिखाई दे रही हैं। मौके पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल तैनात है।


एक अन्य वीडियो में उसी स्कूल के बताए जा रहे एक छात्र का कहना है, “वो किताबें बाँटती थी। वो कहती थीं कि ये किताब लो, जो दिमाग में होगा वो निकल जाएगा। वो क्लास में दूसरे धर्म का प्रचार करती थीं। वो हमें कहती थीं कि ब्रह्मा जी देवता नहीं हैं। ब्रह्मा ने अपनी बेटी के साथ बलात्कार किया है। और राम जी दशरथ की औलाद नहीं हैं।” इसे नागपुर के समता पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित किया गया है।

विवादित किताब को हरे रंग में प्रिंट किया गया है। इसके तीनों भाग एक साथ ही हैं। इसमें सबसे ऊपर जवाहर लाल नेहरू के शब्द बता कर लिखा गया है, “हिन्दू धर्म निश्चित तौर पर उदार व सहनशील नहीं है। हिन्दू से ज्यादा संकीर्ण व्यक्ति दुनिया में कहीं नहीं है।”



ट्विटर हैंडल जीतमल गुर्जर ‘जीतू’ ने इस किताब के कुछ पन्नों के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। इन पन्नों में लिखा है कि विष्णु और कुत्ते में कोई फर्क नहीं। साथ ही उपनिषदों के मंत्रों को भी एन एन राय द्वारा उनके शब्दों में बताया गया है। साथ ही ब्रह्मा और विश्वामित्र के नामों के साथ आपत्तिजनक बातें कही गईं हैं। हिन्दू देवताओं के लिए ‘नायक नहीं खलनायक’ जैसे शब्द लिखे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश कुमार को किताबें बाँटे जाने की शिकायत मिली है। लेकिन ये किताबें किसने बाँटी ये उन्हें अब तक नहीं पता। स्थानीय मनरूप गुर्जर ने आरोपित को सस्पेंड करने की माँग की है। वहीं शिक्षिका निर्मला कामड ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि वो दलित समुदाय से हैं इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होने आगे बताया कि उनके कार से आने, बाल खुले रखने और चश्मा पहनने से कुछ लोगों को बहुत दिक्कत है।


‘हिंदुत्व’ के नाम पर वोट मांगने को लेकर सुप्रीम कोर्ट फिर करेगा सुनवाई

 हिंदुत्व पर अपने फैसले को दोबारा खोलते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी फायदे के लिए धर्म के दुरुपयोग को ‘भ्रष्ट व्यवहार’ के रूप में श्रेणीबद्ध करने वाले चुनाव कानून पर प्रामाणिक फैसले के लिए सात न्यायाधीशों की पीठ द्वारा सुनवाई तेज करने का फैसला किया है।

यह मुद्दा महत्वपूर्ण है क्योंकि शीर्ष अदालत के १९९५ के फैसले पर सवाल उठाए गए थे जिसमें कहा गया था कि ‘हिंदुत्व’ के नाम पर वोट मांगना किसी उम्मीदवार को हानिकारक रूप से प्रभावित नहीं करता और तब से उस विषय पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष तीन चुनाव याचिकाएं लंबित हैं।

शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने १९९५ में कहा था, ‘उपमहाद्वीप में हिंदुत्व लोगों की जीवन शैली है और ‘यह एक मन:स्थिति है।’ यह फैसला मनोहर जोशी बनाम एनबी पाटिल मामले में सुनाया गया था। यह फैसला न्यायमूर्ति जेएस वर्मा ने लिखा था। उन्होंने जोशी के बयान को धर्म के आधार पर अपील नहीं माना था। जोशी ने कहा था कि महाराष्ट्र में पहले हिंदू राज्य की स्थापना की जाएगी।

यह टिप्पणी जन प्रतिनिधित्व अधिनियम १९५१ की धारा १२३ की उपधारा (३) में उल्लिखित ‘भ्रष्ट व्यवहार’ के अभिप्राय के संबंध में सवाल से निपटने के दौरान की थी। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा १२३ की उप धारा (३) की व्याख्या का मुद्दा ३० जनवरी (शुक्रवार) को एक बार फिर न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था। पीठ ने पड़ताल के लिए इसे सात न्यायाधीशों वाली वृहत पीठ के पास भेज दिया। उसका गठन प्रधान न्यायाधीश पी. सदाशिवम करेंगे। पीठ में न्यायमूर्ति ए के पटनायक, न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय, न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एफ आई एम कलीफुल्ला भी शामिल थे। पीठ भाजपा नेता अभिराम सिंह की ओर से १९९२ में दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। सिंह के १९९० में महाराष्ट्र विधानसभा में निर्वाचन को बंबई उच्च न्यायालय ने १९९१ में निरस्त कर दिया था।

तीन न्यायाधीशों की पीठ ने १६ अप्रैल १९९२ को सिंह की अपील को रेफर किया था जिसमें अधिनियम की धारा १२३ की उपधारा (३) के उसी सवाल और व्याख्या को पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ के पास उठाया गया था। पांच न्यायाधीशों वाली पीठ इस मामले पर ३० जनवरी को जब सुनवाई कर रही थी तब उसे सूचित किया गया कि यही मुद्दा नारायण सिंह द्वारा भाजपा नेता सुंदर लाल पटवा के खिलाफ दायर चुनाव याचिका में उठाया गया था और शीर्ष अदालत की पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ ने इसे सात न्यायाधीशों वाली बड़ी पीठ के पास भेज दिया था।

इसके बाद, न्यायमूर्ति लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिंह के मामले को प्रधान न्यायाधीश के पास भेज दिया ताकि वह इसे सात न्यायाधीशों वाली पीठ को सौंपें। पीठ ने ३० जनवरी के अपने आदेश में कहा, ‘चूंकि मौजूदा अपील के सवालों में से एक पहले ही सात न्यायाधीशों की वृहत पीठ को सौंपा जा चुका है इसलिए हम १९५१ के अधिनियम की धारा १२३ की उपधारा (३) की सीमित हद तक व्याख्या के लिए इस अपील को सात न्यायाधीशों की वृहत पीठ को सौंपना उचित मानते हैं।’ आदेश में कहा गया है, ‘रजिस्ट्री सात न्यायाधीशों की पीठ के गठन के लिए मामले को प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखेगी। मामले को प्रधान न्यायाधीश के आदेश के मद्देनजर सूचीबद्ध किया जा सकता है।’

हिंदुत्व का विरोध करने वाले ही सांप्रदायिक हैं - कल्याण सिंह

हिंदुत्व का विरोध करने वाले ही सांप्रदायिक हैं। हिंदू व हिंदुत्व ही सही मायनों में धर्मनिरपेक्ष हैं। सांप्रदायिक तो वे हैं जो तुष्टीकरण करते हैं। हिंदुत्व जो भारत का जीवन दर्शन और प्राणतत्व है, उसमें सबका विकास समाहित है, पर गंदी राजनीति के दौर में तमाम दल अपने पापों पर परदा डालने के लिए कथित धर्मनिरपेक्षता का नकाब पहन ले रहे हैं। अब नकाब उतरने के बाद इनका असली चेहरा जनता के सामने है। मुजफ्फरनगर इसका हालिया सबूत है

ये बातें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कही। वे मंगलवार को गोरखपुर में महाराणा प्रताप (एमपी) इंटर कालेज में एमपी शिक्षा परिषद संस्थापक समारोह के समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।

उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में राम, खेती और शिक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। करोड़ों हिंदुओं की तरह भगवान श्रीराम मेरे भी आराध्य हैं। मेरे जीते जी अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने, यह मेरा सपना है। राम मंदिर भारतीय संस्कृति का श्रेष्ठतम प्रतिमान है। यह हिंदू जीवन दर्शन का स्रोत है। इसका विरोध देश की संस्कृति, दर्शन और राष्ट्रीयता का विरोध है।

उन्होंने कहा कि किसान का बेटा होने के नाते जो किसान मौसम की मार सहकर औरों का पेट भरते हैं, उनकी दुर्दशा भी मुझे सालती है। बचपन से ही मैं शिक्षक बनना चाहता था। बना भी। देश की भावी पीढ़ी के निर्माण का एक मात्र जरिया शिक्षा और उससे मिले संस्कार ही हैं। एमपी शिक्षा परिषद द्वारा इस क्षेत्र में किया जा रहा काम बेहद सराहनीय है।

गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी और सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत के जीवन का एक मात्र लक्ष्य मोक्ष होता है, पर ब्रह्मालीन महंत दिग्विजयनाथ संत होते हुए भी देश और समाज के लिए पूरी तरह समर्पित थे। अपने समय में उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी। शिक्षा के क्षेत्र में बेहद पिछड़े पूर्वाचल में ज्ञान के प्रकाश के लिए उन्होंने 1932 में जिस परिषद की स्थापना की वह वट वृक्ष बन चुका है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण स्थान था। हर साल पूरी भव्यता के साथ संस्थापक समारोह मनाकर हम उन संकल्पों को दोहराते हैं, जिसे ब्रह्मालीन महंत दिग्विजयनाथ ने लिया था। शिक्षा, चिकित्सा और हिंदुत्व के लिए पीठ की परंपरा जारी रहेगी यह मेरा संकल्प है। अध्यक्षता गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ ने की।

आभार पूर्व कुलपति प्रो.यूपी सिंह ने जताया जबकि संचालन डा. श्रीभगवान सिंह ने किया।

हिन्दू भाव को भूलने से देश का विघटन हुआ - मोहन भागवत


संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि ‍हिन्दू भाव को भूलने से देश का विघटन हुआ। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है, जब-जब हमने इस भाव को भुलाया समाज में विपदा आई, धर्म संस्थान नष्ट हुए और हमने जमीन भी खोई।

इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एकत्रीकरण में संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था, उसके प्रति जीवन ‍जीने का प्रयास, मातृभूमि के प्रति अव्यभिचारी भक्ति, इन भावों को मिलकर जो भाव बनता है, उसे कहते हैं हिन्दू भाव। यह दुनिया में हिन्दुत्व भाव के नाम से जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि हिन्दू भाव को भूलने से ही देश की अवनति हुई। इस भाव को भूलने के ‍कारण ही मुट्‍ठी भर बर्बर आक्रामणकारियों ने आकर हमारे गुणवान देश पर आक्रमण किया। हिन्दुओं में हिन्दुत्व को जगाना होगा। हिन्दुत्व के आधार पर समाज को जोड़ना होगा। उसे बल, नीति और वैभव संपन्न बनाना होगा।

भागवत ने कहा कि संघ किसी का विरोध नहीं करता। सार्वजनिक रूप से संघ का विरोध करने वालों के मन में भी संघ अच्छा है। उन्होंने कहा कि नेता, नारा, सरकार, पार्टी, सरकार, अवतार की प्रार्थना करने से काम नहीं होगा। हमें अपने लिए खुद काम करना पड़ेगा। राष्ट्र क्षेत्र के सभी क्षेत्र में स्वयंसेवक गए हैं और अच्छा कार्य किया है। संघ समाज, देश, दुनिया के विकास के लिए कार्य करता है।

भागवत ने कहा कि अपना समाज तो विविधताओं से भरा हुआ समाज है। भाषा अनेक हैं। खान-पान रीति-रिवाज अनेक हैं। देवी-देवता अनेक हैं और बढ़ते चले जा रहे हैं। नए-नए सृजित होते हैं, स्वीकृत हो जाते हैं। प्रांत अनेक हैं। ऊपर से देखने से लगता नहीं कि यह एक देश है, इतनी विवि‍धता है।

इसको जोड़ने का सूत्र क्या है? इसको जोड़ने का एक ही सूत्र हैं कि इन विविधताओं का सम्मान करते हुए एक-दूसरे के विकास में सहभागी बनें। भारत के प्राचीन काल से यह होता आ रहा है। हमारी संस्कृति ने हमें सिखाया कि विविधता में ही एकता है।

उन्होंने कहा कि एक से ही विविध बने हैं। विविधता के मूल में एकता देखो, तुम एकता देख लोगे तो तुम पूर्ण हो जाओगे। भागवत ने कहा कि खुद समर्थ बनो और निर्बलों की सहायता करो, खुद दोनों हाथों से कमाओ और फिर हजारों हाथों से जरूरतमंदों में उसे वितरित भी करो।

उन्होंने कहा कि संघ का काम पैसे से नहीं रुकता। समाज का काम करते हैं तो धन भी समाज ही देता है। संघ संपूर्ण समाज को संगठित करके चलता है। समाज को दोषहीन और व्यंग्यहीन बनाना होगा तभी भारत एक बार फिर विश्वगुरु बनेगा।

हिंदुओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा - योगी आदित्य नाथ

गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी व गोरखपुर के भाजपा सांसद योगी आदित्य नाथ शनिवार को काफी आक्रमक अंदाज में दिखाई दिए। हिंदु हितों पर जमकर बोले तो हिंदुओं का उत्पीड़न करने वालों को कड़ी चेतावनी दी, कहा कि किसी भी स्थिति में हिंदुओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

डुमरियागंज विधान सभा क्षेत्र के सेहरी स्थित मैदान में बीजेपी प्रत्याशी राघवेन्द्र सिंह के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का केवल दो मुद्दा है, एक हिन्दुत्व दूसरा हिन्दुत्व की रक्षा करना। निर्धारित समय से आधा घंटा विलंब से पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने पंद्रह मिनट के संबोधन में करीब पांच हजार भीड़ के मिजाज को भांपते हुए कहा कि हिंदुस्तान में रहकर जो हिंदुओं पर अत्याचार कर रहे हैं उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।

सपा, बसपा और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि इनके पास हिंदू हित का कोई फंडा नहीं है, हर दल मुस्लिमों को आरक्षण देने की होड़ लगाए हुए है।भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि टिकट मांगने वाले कई होते हैं, मगर प्रत्याशी एक होता है। पार्टी ने राघवेन्द्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है, इसलिए सभी लोग एकजुट होकर बीजेपी प्रत्याशी को विजयी बनाने में लग जाएं।

इस अवसर पर बीजेपी उम्मीदवार राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि उन्हें इस क्षेत्र के प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला तो उनके कार्य देख यहां की जनता को गर्व महसूस होगा।

गडकरी व आडवाणी भाजपा को बादल की गुलामी करने से रोकें - शिवसेना पंजाब

शिवसेना (बाल ठाकरे) की बैठक जिलाध्यक्ष मनोज हैप्पी और शहरी अध्यक्ष काला पंडित की अध्यक्षता में हुई। इसमें भाजपा की पंजाब इकाई की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया गया।

शिव सेना (बाल ठाकरे) पंजाब के उपाध्यक्ष जगदीश कटारिया ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी व पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी भाजपा को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की गुलामी करने से रोकें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राज्य में ऐसा कुछ नहीं किया जिससे हिन्दु एकजुट हों, उनकी ताकत व मान-सम्मान बढ़े, हिन्दुत्व की जड़ें मजबूत हों।
उन्होंने कहा कि शहरों में सड़कों, सफाई, सीवरेज, स्ट्रीट लाइटों व पेयजल की बिगड़ी हुई व्यवस्था इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि शहरियों के प्रति भाजपा के इरादे भी नेक नहीं हैं। बैठक में संकल्प लिया गया कि शिव सेना (बाल ठाकरे) निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए देश विशेषकर पंजाब व हिन्दू हितों को दांव पर लगाने वालों के विरुद्ध अपना संघर्ष जारी रखेगी।

इस मौके पर शिव सेना नेता अरविन्द टीटू, दीपक मदान, दीपक छाबड़ा, राजेन्दर वर्मा, कृपाल सिंह झीता, धर्मेन्दर काका, सुनील सहगल, संजीव खन्ना, पं. प्रमोद शास्त्रत्त्ी, पं. राजेश भार्गव, बलवीर डी.सी., संपत अली, आलोक विग आदि उपस्थित थे।

Australian designer designed Swimwear featuring image of the Maa Lakshmi

ऑस्ट्रेलिया में हुए एक फैशन शो में मॉडलों की ड्रेस ने बवाल मचा दिया है। सिडनी में पांच मई को इस फैशन शो में डिजाइनर लीजा ब्लू ने जो कलेक्शन पेश किया उसमें हिंदू देवी-देवताओं के चित्रों को अश्लील तरीके से इस्तेमाल किया गया था।


A model parades swimwear featuring the Hindu goddess Maa Lakshmi by Lisa Blue during the Australian Fashion Week spring/summer collections show in Sydney on May 5, 2011. The annual festival showcases over 50 renowned and up-and-coming designers from across Australia.





Activists of Bharatiya Janata Party (BJP) hold photocopies of a model wearing swimwear featuring Hindu Goddess Lakshmi and the Australian flag, in Hyderabad on May 6, 2011 during a protest against Australian designer Lisa Blue who designed swimwear featuring the image of the Hindu Goddess Lakshmi Devi. The controversy began during Australian Fashion Week held in Sydney when models walked the ramp in the said swimwear which can be considered an insult to members of the Indian community.

The Sad state of a Hindu Sandhvi...


  • Saadhvi Pragya Singh Thakur was only allowed up to 4 narcotics test. In spite of these orders the Indian government and ATS performed more than 17 tests on the poor soul.
  • Today half of her body has been paralyzed and has cancer due to the toxicity of these tests. She needs support to sit … let alone walk.
  • The courts had ordered that the saint be provided free treatment in the government hospital… but the doctors at the hospital are threatened by the ATS…
  • Sadhvi ji’s sister’s husband appealed to the court that they will gladly take care of her but the court rejected the appeal.
This is what wikepedia says about Sadhvi..

Thakur is one of the prime accused in the Malegaon blasts case of September 29, 2008. Mumbai’s Anti Terrorist Squad (ATS) claimed that Sadhvi Pragya Singh Thakur formed a group to take revenge for the Mumbai train bomb blasts and that her motorcycle was used in bomb blast. This motorcycle was a key evidence in the arrest of Sadhvi.[5] She sold the motorcycle in 2004, to a Rashtriya Swayamsevak Sangh volunteer who was later murdered (as some Hindu groups claim) by members ofSIMI.On 19 January 2009, Maharashtra Police filed a 4000 page charge sheet for the Malegaon Blast. According to this charge sheet Lt Col Prasad Purohit is the main conspirator who provided the explosives and Sadhvi Pragya Singh Thakur arranged the persons who planted the explosive. On April 11, 2008, Sadhvi Pragya Singh and Lt Col Prasad Purohit met in Bhopal.

In this meeting both agreed to for cooperation in carrying out the blast.However, the Maharashtra Control of Crime Act was dropped against Thakur in July 2009 due to the fact that Thakur was not proven to be a member of an organized crime syndicate.


”2008,2009,2010,2011.. 3 and a half year , she is in custody of ATS and ATS could not prove the case.. What does that mean ? They have got a motor cycle as an evidence against her, which she has sold it to some other ? They perform narcotic tests and even could not get a confession ? What more proof do we want to believe that she is innocent ?Now even if sheis guilty, she is only involved in a conspiracy of murdering a few, but then what about Binayak Sen who was a terror courier ? His “bail” was celebrated like he has been proved “not guilty”. This Sadhvi does not even get a bail, not even the hindu organisations speak about this lady, fearing they will be targetted !


Wikipedia also saysUma Bharati, Founder president of Bharatiya Jan Shakti (BJS), defended Sadhvi Pragya Singh Thakur and said “The Sadhvi is not a violent-minded person and she was an Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) activist. She cannot be involved in any subversive activity”[9] Uma Bharati also offer party ticket of upcoming election to Sadhvi Pragya Singh Thakur [10]

Baba Ramdev called Sadhvi Pragya Singh Innocent and said he is with her. RSS leader Ram Madhav said that allegations against Sadhvi are baseless and they support Sadhvi.[11]
Vishwa Hindu Parishad (VHP) launched a campaign against the arrest of Sadhvi and others.[12]
Right wing parties, Abhinav Bharat and Hindu Mahasabha, also announced for the full legal support of Malegaon blast accused, including Sadhvi Pragya Singh Thakur.[13]
In a speech Pramod Muthalik, chief of Sri Ram Sena, declared Sadhvi Pragya Singh Thakur as a symbol of revolution, she is revolutionary (Kranti Kari). He compared her with Kittur Chanamma, Jhansi ki Rani and Bhagat Singh. He said that people must not call her a terrorist, as this will hurt the current revolution of country.[14]

Where are all these people and organisations who supported her ? mysteriously silent ?

Let us force the government to Hang her if she is guilty, But what if she is innocent ? The curse of a sadhvi is enough to burn an entire race !! So brothers and sisters let us try hard to bring justice to this woman, in what so ever form she deserves…!

वीर सावरकर एक जन्मजात क्रांतिकारी थे - ज्योत्सना कामत

अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंकने वाले और हिन्दुत्व शब्द के प्रतिपादक स्वातंó वीर सावरकर ने अपने क्रांतिकारी कदमों से युवाओं में आजादी का जज्बा भरने के साथ ही ब्रितानिया हुकूमत की नाक में दम कर दिया था।

नासिक के नजदीक भागपुर गांव में 28 मई 1883 को जन्मे सावरकर के व्यक्तित्व के साथ कई विवाद भी जुड़े हैं ।



एक ओर वह जहां सेल्युलर जेल की दीवारों को देशभक्ति की कविताओं से पाट देने वाले और 1857 की पहली जंग आजादी पर मशहूर किताब लिखने वाले महान शख्स के रूप में नजर आते हैं वहीं महात्मा गांधी की हत्या में उन पर लगे आरोप और रिहाई के लिए ब्रिटिश सरकार के साथ कथित समझौते को लेकर विवादित भी हो जाते हैं

महात्मा गांधी की हत्या में उन पर लगा आरोप हालांकि साबित नहीं हो पाया लेकिन यह आज भी उनके व्यक्तित्व का पीछा छोड़ता नजर नहीं आता ।

सावरकर को लेकर आज जहां राजनीतिक दल आपस में बंटे हैं वहीं इतिहासकार भी उनकी शख्सियत को अपने..अपने ढंग से पेश करते नजर आते हैं ।

डॉ. ज्योत्सना कामत के अनुसार सावरकर एक महान क्रांतिकारी थे जिन्होंने हमेशा देश की आजादी और देश के भले के लिए काम किया ।

कामत ने लिखा है कि सावरकर एक जन्मजात क्रांतिकारी थे । उन्होंने जहां लंदन में भारत की आजादी का बिगुल फूंका वहीं भारत में रहकर भी उन्होंने अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया । स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में उनका अद्वितीय स्थान है ।

विविधताओं के बावजूद हम एक हैं और यही हिंदुत्व है - भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि संघ देश और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और अनेकता में एकता में विश्वास रखता है।

कांग्रेस द्वारा संघ की आलोचना की ओर संकेत करते हुए भागवत ने कहा, ‘‘ हम अनेकता में एकता में विश्वास करते हैं। जाति, संस्कृति, धर्म और क्षेत्र की विविधताओं के बावजूद हम एक हैं और यही हिंदुत्व है । यहां तक कि जिनके पास सोचने समझने की क्षमता नहीं है, चाहे अनचाहे वे भी इस विचारधारा का पालन करते हैं। ’’ भागवत अखिल भारतीय विद्यार्थी पार्टी :एबीवीपी: के विकास के लिए देश में काम करने वाले आरएसएस पदाधिकारी पदमनाभ आचार्य के 80 वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित मुंबई में भाजपा कार्यालय पर जमा भीड़ को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम पर आंतरिक और बाहरी तौर पर प्रहार किया गया है। उनके लिए कठिन समय है, जो इन समस्याओं के बारे में सोचते हैं। हम हमेशा से निदान के बारे में सोचते हैं और अपनी विचारधारा के बारे में प्रतिबद्ध हैं। ’’ भागवत ने कहा है कि आरएसएस कार्यकर्ता किसी अपेक्षा के बिना अनवरत काम करते हैं ।

भगवा आतंकवाद इस्लामी आतंकवाद से ज़्यादा खतरनाक - राहुल गाँधी

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की नज़र में भगवा आतंकवाद इस्लामी आतंकवाद से ज़्यादा खतरनाक है। उन्होंने अमेरिकी राजदूत से बातचीत में अपनी यह राय प्रकट की थी।

विकिलीक्स के ताजा खुलासे से यह बात सामने आई है कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर से कहा था कि देश को सबसे ज्यादा खतरा भगवा आतंकवाद से है। इस बातचीत में राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से कहा था, 'लश्कर-ए-तैयबा जैसे इस्लामी आतंकवादी संगठनों को कुछ मुसलमानों का समर्थन मिला हुआ है,लेकिन देश को उससे बड़ा ख़तरा तेजी से पांव पसार रहे कट्टरपंथी हिंदू संगठनों से है। ये संगठन धार्मिक तनाव और राजनैतिक वैमनस्य पैदा कर रहे हैं।'

तीन अगस्त 2009 को भेजे गए इस गोपनीय अमेरिकी राजनयिक संदेश में रोमर ने 20 जुलाई 2009 को राहुल के साथ दोपहर भोज के दौरान हुई बातचीत का ब्यौरा दिया है। इसके अनुसार राहुल गांधी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे बीजेपी नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे तनाव का जिक्र कर रहे थे। इसमें कहा गया था कि देश के भीतर इस्लामी समूहों की ओर से हो रहे आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया में हिंदू चरमपंथ के उभरने का खतरा एक बड़ी चिंता का विषय है जिस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

बीजेपी ने राहुल गांधी के इस स्टैंड की निंदा की है और कहा है कि इस तरह का बयान नासमझी भरा है।

विकिलीक्स के खुलासे से उत्पन्न विवाद पर कांग्रेस ने आज सफाई दी कि राहुल गांधी का विचार यह है कि हरतरह का आतंकवाद और सांप्रदायिकता भारत के लिए खतरा है और हमें इसके खिलाफ चौकस रहना है।

वरुण गांधी पर मायावती सरकार ने मुकदमा चलाने की इजाजत दी

यूपी सरकार ने बीजेपी के युवा नेता और सांसद वरुण गांधी के खिलाफ भड़काऊ भाषण मामले में केस चलाने की इजाजत दे दी है। यह जानकारी यूपी के होम सेकेट्ररी दीपक कुमार ने दी है।

गौरतलब है कि 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान वरुण गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत में एक समुदाय विशेष के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ भाषण दिया था। इस भाषण के चलते वरुण के खिलाफ 30 नवंबर 2009 के पीलीभीत के कोतवाली पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 295, 505(2) के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में शुक्रवार को यूपी की मायावती की सरकार ने वरुण के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी है।

गौरतलब है कि वरुण के उस भाषण पर संघ नेतृत्व ने उन्हें समर्थन दिया। उस भाषण में वरुण ने कथित तौर पर कहा था कि 'अगर हिंदुओं की तरफ कोई हाथ बढ़ा तो मैं उसे काट डालूंगा।'

इस विवादास्पद भाषण की वजह से वरुण की छवि कट्टर हिंदू नेता की बनी. उनके खिलाफ केस चलाने की इजाजत देने के यूपी सरकार के फैसले पर अभी बीजेपी नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

हिदुत्व और गुजरात दंगो पर अमेरिका का फिर आलाप

अमेरिका ने आठ साल पहले हुए दंगे को लेकर एक बार गुजरात सरकार पर निशाना साधा है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 2002 में गुजरात में हुए साम्‍प्रदायिक दंगों में 1200 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर मुसलमान थे। लेकिन इन दंगों के लिए जिम्‍मेदार लोगों को गिरफ्तार करने में राज्‍य सरकार नाकाम रही है।

रिपोर्ट में धार्मिक आजादी के मामले में केंद्र की सत्‍तारूढ़ संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार को सबसे अधिक अंक दिए हैं और कहा गया है कि भारत के कुछ राज्‍यों में यह आजादी सीमित है।

अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की ओर से अंतरराष्‍ट्रीय धार्मिक आजादी पर जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीए सरकार ने धार्मिक आजादी का सम्‍मान किया, इसके लिए आर्थिक मदद की और इनकी रक्षा के लिए दखल भी दिया। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा हिंदू राष्‍ट्रवाद को नकार दिए जाने के बावजूद कुछ राज्‍यों की सरकारें और स्‍थानीय सरकारों पर हिंदुत्‍व का गहरा असर है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा देश में सांप्रदायिक माहौल बरकरार रखने की कोशिशों के बावजूद कुछ कट्टरपंथी ताकतें धार्मिक अल्‍पसंख्‍यकों पर हमले करती रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 28 में से 6 राज्‍यों- गुजरात, उड़ीसा, छत्‍तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, मध्‍य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में ‘धर्मपरिवर्तन विरोधी’ कानून लागू है। अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा, आरएसएस और इससे जुड़े संगठन सार्वजनिक तौर पर अन्‍य धर्मों का सम्‍मान करने की बात करते हैं लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं करते।

एक जुलाई 2009 से 30 जून 2010 तक की अवधि पर आधारित इस रिपोर्ट में ऑल इंडिया क्रिश्चियन काउंसिल के हवाले से कहा गया है कि उड़ीसा, कर्नाटक, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश और महाराष्‍ट्र में ईसाई समुदाय के लोगों पर हमले हुए हैं।

अमेरिका का कहना है कि इस अवधि के दौरान भाजपा ने सभी राज्‍यों में धर्मपरिवर्तन विरोधी कानून लागू करने, अयोध्‍या में विवादित जमीन पर मंदिर बनाने और समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए जोर नहीं दिया।

अमेरिकी प्रशासन ने इससे पहले भी गुजरात दंगों को लेकर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर निशाना साधा है। दो साल पहले अमेरिका के न्यूजर्सी शहर में विश्व गुजराती सम्मेलन में भाग लेने के लिए मोदी को वीजा देने से इंकार कर दिया गया था।

मध्य प्रदेश सरकार की एक सार्थक पहल

मध्यप्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विद्या भारती के साथ 13.5 करोड़ रुपए का एक करार किया है। इस करार में विद्या भारती की बाल पत्रिकादेवव्रतको मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में मुफ्त बांटने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत पत्रिका मध्यप्रदेश के एक लाख 10 हजार स्कूलों तक पहुंचाई जाएगी।

1977 में जब विद्या भारती की स्थापना की गई थी, तो इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में हिंदुत्व को स्थापित करना था और आज तकरीबन 25 लाख विद्यार्थी इस संस्थान के तहत पंजीकृत हैं और 18 हजार संस्थानों को इसके द्वारा संचालित किया जा रहा है।

यह एक तरह का सांस्कृतिक गठबंधन है, जो स्कूलों में हिंदुत्व की शिक्षा को मजबूत बनाते हुए भविष्य के लिए एक पीढ़ी तैयार करेगा। संघ ने देश में जनसंगठनों की एक ऐसी संरचना तैयार की है, जो जीवन के हर क्षेत्र में हिंदुत्व के मुताबिक व्यक्ति की धार्मिक प्रतिपूर्ति करती है। यह एक स्थिति है जिसमें देश का संविधान भले ही धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों को टंकित करके बंद कर दिया गया हो, पर वृहद पैमाने पर फैले इन संगठनों ने देश की बड़ी आबादी के बच्चों में पैदा होते ही संस्कारों और नैतिकताओं के रूप में हिंदुत्व का बीजारोपण किया है।

मध्यप्रदेश सरकार बाल पत्रिका को राज्य के सभी स्कूलों में वितरित करते हुए संघ के इसी दृष्टिकोण को स्थापित करने का एक सरकारी कार्यक्रम चलाएगी, जो मध्यप्रदेश के बच्चों को धार्मिक आख्यानों व कल्पित कथाओं से लैस एक हिंदू के रूप में निर्मित करेगा।

जहाँ एक और पी. चितंबरम 'भगवा' को आतंकवाद से जोड़कर देख रहें हैं वहीँ दूसरी और मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय एक साहसिक कदम ही कहा जायेगा.

Join our WhatsApp Group

Join our WhatsApp Group
Join our WhatsApp Group

फेसबुक समूह:

फेसबुक पेज:

शीर्षक

भाजपा कांग्रेस मुस्लिम नरेन्द्र मोदी हिन्दू कश्मीर अन्तराष्ट्रीय खबरें पाकिस्तान मंदिर सोनिया गाँधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राहुल गाँधी मोदी सरकार अयोध्या विश्व हिन्दू परिषद् लखनऊ जम्मू उत्तर प्रदेश मुंबई गुजरात दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश श्रीनगर स्वामी रामदेव मनमोहन सिंह अन्ना हजारे लेख बिहार विधानसभा चुनाव बिहार लालकृष्ण आडवाणी मस्जिद स्पेक्ट्रम घोटाला अहमदाबाद अमेरिका नितिन गडकरी सुप्रीम कोर्ट चुनाव पटना भोपाल कर्नाटक सपा सीबीआई आतंकवाद आतंकवादी पी चिदंबरम ईसाई बांग्लादेश हिमाचल प्रदेश उमा भारती बेंगलुरु केरल अरुंधती राय जयपुर पंजाब इस्लामाबाद उमर अब्दुल्ला डा़ प्रवीण भाई तोगड़िया धर्म परिवर्तन महाराष्ट्र सैयद अली शाह गिलानी हिन्दुराष्ट्र अरुण जेटली मोहन भागवत राष्ट्रमंडल खेल वाशिंगटन शिवसेना इंदौर गंगा दवा उद्योग हिंदू कश्मीरी पंडित गोधरा कांड बलात्कार भाजपायूमो मंहगाई यूपीए साध्वी प्रज्ञा सुब्रमण्यम स्वामी चीन बी. एस. येदियुरप्पा भ्रष्टाचार शिवराज सिंह चौहान हिंदुत्व हैदराबाद इलाहाबाद काला धन गौ-हत्या चंडीगढ़ चेन्नई तमिलनाडु नीतीश कुमार शीला दीक्षित सुषमा स्वराज हरियाणा अशोक सिंघल कोलकाता जन लोकपाल विधेयक नई दिल्ली नागपुर मायावती मुजफ्फरनगर मुलायम सिंह रविशंकर प्रसाद स्वामी अग्निवेश अखिल भारतीय हिन्दू महासभा आजम खां उत्तराखंड फिल्म जगत ममता बनर्जी लालू यादव अजमेर प्रणव मुखर्जी बंगाल मालेगांव विस्फोट विकीलीक्स अटल बिहारी वाजपेयी आशाराम बापू ओसामा बिन लादेन नक्सली अरविंद केजरीवाल एबीवीपी कपिल सिब्बल क्रिकेट तरुण विजय तृणमूल कांग्रेस बजरंग दल बसपा बाल ठाकरे राजिस्थान वरुण गांधी वीडियो सोहराबुद्दीन केस हरिद्वार असम गोवा मनीष तिवारी शिमला सिख विरोधी दंगे सिमी इसराइल एनडीए कल्याण सिंह पेट्रोल प्रेम कुमार धूमल सैयद अहमद बुखारी अनुच्छेद 370 जदयू भारत स्वाभिमान मंच हिंदू जनजागृति समिति आम आदमी पार्टी विडियो-Video हिंदू युवा वाहिनी कोयला घोटाला मुस्लिम लीग छत्तीसगढ़ हिंदू जागरण मंच सीवान
registration for Z.com Research India

लोकप्रिय ख़बरें

ख़बरें और भी ...

राष्ट्रवादी समाचार. Powered by Blogger.

नियमित पाठक