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दून क्षेत्र के कांग्रेस विधायक पर कानूनी कार्रवाई हो - धूमल

दून विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक के मामले में भाजपा ने दिल्ली में घटी घटना से जोड़ते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हमीरपुर में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने पत्रकारों से कहा कि बलात्कार की आग में आज पूरा देश झुलस चुका है। 

बेटी किसी की भी हो उसकी सुरक्षा के लिए हर व्यक्ति का फर्ज है तथा दून के विधायक जिस तरह एक युवती की हत्या में संलिप्त बताए जा रहे हैं उससे हिमाचल की देवभूमि शर्मसार हो रही है। ऐसे अपराधियों के प्रति तुरंत आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला एक अनुसूचित जाति के परिवार से जुड़ा है, जिसकी बेटी आज इस दुनिया में नहीं है। 

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया है, लेकिन जो परिणाम या जनादेश विधानसभा चुनावों की मतगणना में मिला है, उससे परिणाम यह स्पष्ट करते हैं कि चुनाव विकास नहीं, किन्हीं और ही कारणों से जीते जा सकते हैं और इस पर भाजपा के आला नेता कार्यकर्ता व बुद्धिजीवी वर्ग मंथन कर रहे हैं। जहां भी कमी रहेगी उसे दूर किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि हार का जिम्मा किसी एक नेता का नहीं है, इसके लिए समस्त पार्टी ही जिम्मेदार है तथा इससे उबरने के लिए समस्त पार्टी को ही एकजुटता से कार्य करना पडे़गा। उन्होंने प्रदेश वासियों को नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि आगामी वर्ष में देश-प्रदेश उन्नति के शिखर पर रहे तथा यहां की जनता हर उस दुख, दर्द से दूर रहे जो अब तक जनता ने सहे हैं। इस मौके पर धूमल से कांगड़ा का एक विशिष्ट मंडल भी मिला। गुप्त रूप से हुई इस मंत्रणा की सुगबुगाहट रही।

दिल्ली में ही हो गई थी रेप पीड़ित की मौत - मेनका गांधी


 बीजेपी की नेता और सांसद मेनका गांधी ने गैंग रेप पीड़ित की मौत को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे शक है कि युवती की मौत दिल्ली में ही हो गई थी। उसके बाद उसके शव को बोरे की तरह प्लेन में डालकर कर सिंगापुर भेज दिया गया। मेनका गांधी ने कहा कि जिस हालात से लड़की गुजर रही थी, वैसे में बेहतर इलाज के नाम पर विदेश भेजना कहीं से भी तार्किक नहीं लगता है।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिल्ली और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस घटना के बाद जिस तरह की प्रतिबद्धता दिखनी चाहिए थी वह अब तक नहीं दिखी। दोनों सरकारें कुछ कड़े कदम उठाकर लोगों में भरोसा और सुरक्षा का माहौल कायम कर सकती थीं लेकिन वे ऐसा करने में नाकाम रहीं। मेनका गांधी ने कहा कि इस पूरे मामले को जिस तरह से हैंडल किया गया उससे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं।

गौरतलब है कि कुछ डॉक्टरों ने भी लड़की को सिंगापुर भेजने पर हैरानी जताई थी। डॉक्टरों का कहना था कि जब लड़की इस हालत में नहीं थी कि उसकी आंत ट्रांसप्लांट किया जा सके तो सिंगापुर क्यों भेजा गया। एक्सपर्ट टीम के कुछ डॉक्टरों ने कहा था कि हमसे पूछा भी नहीं गया कि आखिर क्यों सिंगापुर लड़की को शिफ्ट किया जा रहा है। केवल इतना पूछा गया कि क्या लड़की वहां जाने की स्थिति में है।

डॉक्टरों ने इस मेडिकल के बजाय राजनीतिक फैसला करार दिया था। इसके बावजूद मेनका गांधी द्वारा यह आशंका जताना कि लड़की का निधन दिल्ली में हो गया था, हैरान करने वाला है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उनकी आशंका का आधार क्या है।

कांग्रेस के नेता ने दोस्तों के साथ एक दोस्त की पत्नी का ही गैंगरेप किया


राजस्थान में एक युवक ने अपने आठ दोस्तों के साथ मिलकर पत्नी से ही गैंगरेप किया। मामला करीब तीन साल पुराना है, लेकिन सामने अब आया है। आरोपियों में एक कांग्रेस का नेता भी है। पुलिस ने मंगलवार को महिला थाने में मामला दर्ज कर महिला के पति संदीप बजाज को गिरफ्तार कर लिया है।


राजस्थान के श्रीगंगानगर में जिस युवक पर अपने आठ दोस्तों के साथ मिलकर पत्नी से गैंगरेप का आरोप लगा है, उसके आठ दोस्तों की तलाश जारी है।

मामला श्रीगंगानगर के गांव खाटलबाना का है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने युवती की वीडियो क्लिपिंग बना ली थी। किसी को बताने पर क्लिपिंग सार्वजनिक करने की धमकी देता रहा।

सामूहिक दुष्कर्म की शिकार युवती फतेहपुर शेखावाटी की है। संदीप से उसने प्रेम विवाह किया था। लेकिन उसका अंजाम काफी बुरा रहा।


उधर, कोटा में मंगलवार को हुए दलित समाज के सम्मेलन में राज्यसभा की पूर्व सदस्य जमनादेवी बारुपाल ने लड़कियों को पूरी तरह ढंके रहने की नसीहत दे डाली। उन्होंने यहां तक कहा कि कम कपड़े पहनने से लड़कियों की तरफ पुरुष आकर्षित होते हैं। इसमें पुरुषों का क्या दोष है। 

राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष गोपाराम मेघवाल ने भी जमनादेवी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि माता-पिता को चाहिए कि बच्चों को अच्छे कपड़े पहनाएं। जमनादेवी ने कहा कि मैं नारी हूं, इसलिए नारी की पीड़ा को समझती हूं। दलित लड़कियों को उनके माता-पिता को शिक्षित बनाना होगा। लड़कियों को अपना शरीर ढंककर रखना चाहिए। आधे कपड़े पहनकर निकलेंगी तो इसमें पुरुषों का क्या दोष है। 


21 जनवरी को कल्याण सिंह की जनक्रांति पार्टी का भाजपा में विलय


उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने आज यहां घोषणा की है कि वे राजधानी लखनउ में 21 जनवरी को एक विशाल रैली का आयोजन कर अपनी राष्ट्रीय जनक्रांति पार्टी का भाजपा में विलय कर देंगे।

कभी भाजपा के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे कल्याण सिंह ने आज यहां गुलालाघाट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 88वें जन्मदिन पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वे भाजपा में शामिल हो चुके हैं और इसकी औपचारिक घोषणा 21 जनवरी को की जायेगी।

प्रदेश में भाजपा की दो सरकारों में मुख्यमंत्री रहे सिंह ने वाजपेयी को विश्व का लेाकप्रिय नेता बताते हुए याद दिलाया कि वर्ष 1999 में जब वाजपेयी की राजग सरकार एक मत से गिरी तो वैसे मौके पर भी उन्होंने खरीद-फरोख्त की राजनीति नहीं की।

समारोह में उपस्थित भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पार्टी में कल्याण की वापसी को शुभ बताते हुए कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में सिंह के नेतृत्व में भाजपा शानदार कामयाबी हासिल करेगी। लखनउ से सांसद लालजी टंडन ने कहा कि कल्याण सिंह उनके बड़े भाई हैं और हमेशा रहेंगे। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत ने राष्ट्र निर्माण में वाजपेयी के योगदान का उल्लेख किया और उनके शासनकाल में हुए पोखरन परमाणु विस्फोट का जिक्र कर कहा कि उनके शासनकाल में महंगाई काबू में रही एवं देश ने चौतरफा विकास किया। वाजपेयी के जन्मदिन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया और कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में केन्द्र सरकार के कथित जनविरोधी नीतियों का खुलासा करने के लिये ‘‘अटल सुशासन यात्रा’’ की शुरआत की गयी।

‘‘अटल सुशासन यात्रा’’ को हरी झंडी दिखाते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि पांच दिन तक चलने वाली यह यात्रा रायबरेली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी और जनता को संप्रग सरकार की विफलताओं एवं अटल राज के सुशासन की याद दिलायेगी।

क्रिसमस पर संघ ने हिन्दू से ईसाई बने 2000 हिन्दूओं की धर्मवापसी कराई


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आगरा में हिन्दू से ईसाई बने 2000 हिन्दू परिवारों की वापसी हिन्दू धर्म में कराई। इस संबंध में आर.एस.एस. ने ईसाई मिशनरी के धर्म परिवर्तन अभियान को एक खास रणनीति के तहत जवाब दिया और आर.एस.एस. ने इस कार्यक्रम के लिए क्रिसमस का दिन ही चुना जिसकी ईसाई समुदाय को भनक तक नहीं लगी।

 इस सम्बन्ध में आगरा के कोठी मीना बाजार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ  से एक वृहद स्तर के कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें आगरा ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों के तकरीबन 2000 से ज्यादा हिन्दू से ईसाई बने परिवारों के लोगों ने दुबारा हिन्दू धर्म में वापसी की।

गौरतलब है कि इस सम्बन्ध में धर्म रक्षा समिति काफी समय से हिन्दू से ईसाई बने परिवारों की घर वापसी के प्रयास में जुटी हुई थी। आर.एस.एस. सूत्रों का कहना था कि हिन्दू से ईसाई बने लोग आवल खेडा, अलीगढ़, हाथरस व एटा जिले के हैं, जहां पर धर्मांतरण की गतिविधियां तेजी से चल रही थीं। इस दौरान आयोजकों ने बताया कि हिन्दू धर्म में वापसी करने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी गई हैं। इस मौके पर एक वाल्मीकि सम्मलेन का भी आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता आगरा के महापौर इन्द्रजीत वाल्मीकि ने की।

शीला दीक्षित ने की दिल्ली पुलिस के खिलाफ गृहमंत्री को शिकायत


मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने गृहमंत्री के पास शिकायत भेजी है। दीक्षित का कहना है कि पीड़ित लड़की का बयान दर्ज किए जाते वक़्त पुलिस ने दबाव बनाने की कोशिश की। बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं होने दी। दीक्षित ने गृहमंत्री ने इस पूरे मामले की जांच किए जाने की मांग की है। इस चिट्ठी में यह भी बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने महिला एसडीएम को वीडियो रिकॉर्डिंग न करने के लिए धमकाया भी  है।

शीला दीक्षित को दी शिकायत में पीड़ित लड़की का बयान लेने वाले एसडीएम ने आरोप लगाया कि तीन पुलिसवालों ने उनके साथ बदसलूकी की और साथ ही उन्होंने लड़की के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं होने देने का दबाव बनाया था।

इस शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी सफाई में कहा है कि यह दबाव पुलिस वालों ने नहीं बल्कि पीड़िता की मां ने बनाया था। पुलिस का अपनी सफाई में कहना था कि जब जज ने बयान लिया तब वह तीनों पुलिसवाले वहां पर मौजूद नहीं थे।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तब वह फिर से पीड़ित लड़की का बयान दर्ज करवाने में मदद को तैयार है।

भाजपा के विकास के एजेंडे के कारण मोदी को मिला मुस्लिम वोट: वस्तानवी


गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित तारीफ के कारण दारूल उलूम देवबंद के कुलपति (मोहतमिम) पद से हटाए गए मौलाना गुलाम वस्तानवी ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में मोदी के विकास का एजेंडा काम आया और  इसी कारण मुसलमानों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुसलमानों ने इस बार गुजरात में भाजपा के पक्ष में मतदान किया तो उसकी वजहें हैं। एक बड़ी वजह विकास का एजेंडा भी है। मोदी ने इस बार विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया और इसी वजह से मुसलमानों ने भी भाजपा को वोट दिया। सभी विकास चाहते हैं।’’

महाराष्ट्र और गुजरात में कई शिक्षण संस्थान चला रहे मौलाना वस्तानवी ने कहा, ‘‘मीडिया में मुसलमानों के भाजपा के पक्ष में मतदान करने की खबरें आई हैं। करीब 20 सीटें भाजपा ने जीती हैं जहां मुसलमानों की संख्या अच्छीखासी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘2002 का दंगा और इस बार चुनाव ‘डिफरेंट केस’ हैं।

स्थानीय निकाय के चुनावों में भाजपा की ओर से 100 से अधिक मुसलमानों को टिकट दिए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘नगर निकाय के चुनावों में भाजपा ने 100 से अधिक मुसलमानों को टिकट दिया था। इसका असर भी हुआ। इन लोगों ने भाजपा को जिताने की जरूर कोशिश की होगी।’’

आगे भी मुस्लिम मतदाता और अधिक संख्या में भाजपा को वोट देते रहेंगे ..

कस्टम अधिकारी लड़ रहा पाक से आये हिंदूओ की हक़ की लड़ाई


उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर जिले के कस्बा बुढाना निवासी एक कस्टम अधिकारी पाकिस्तान से भारत आए 150 लोगों को भारत की नागरिकता दिलाने की लड़ाई लड़ रहा है और इसके लिए लगातार पंचायत हो रही है।

अत्याचारों से दुखी होकर पाकिस्तान से भारत में आए हिन्दू परिवारों ने भारत में डेरा डाल दिया है उनकी मांग है कि उनको भारत की नागरिकता दी जाए क्योंकि पाकिस्तान में हिन्दू परिवारों को धर्म के अनुसार कोई भी काम करने की इजाजत नहीं है।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आई जमना का कहना है  कि पाकिस्तान में हिन्दुओं की बहुत ज्यादा बेकद्री है. न तो हिन्दू लडकियों को बाहर निकलने दिया जाता है और न ही मंदिरों में पूजा की जा सकती।

घर में रहकर ही सब काम करने पड़ते हैं। इतना  ही नहीं हिन्दू लडकियों को पकड़कर कलमा भी पढ़ाया जाता है। जमना का कहना है कि हमें अपने देश में मरना मंजूर है।

पाकिस्तान से आए रामचंदर ने कहा कि पहले गाजियाबाद में रुके तो पुलिस ने भगा दिया। दिल्ली के मजनूं का टीला पर भी रहने नहीं दिया गया।

अब सीमा शुल्क अधिकारी नाहर सिंह ने उन्हें अपने घर में  शरण दी है। इस मामले में बुढाना कसबे में सर्व खाप पंचायत हुई।

दिल्ली गैंगरेप, पीड़ित छात्रा की हालत बेहद गंभीर


राजधानी में सामूहिक बलात्कार की 23 साल की पीड़िता की स्थिति सोमवार को काफी बिगड़ गई है तथा चिकित्सकों का कहना है कि उसकी तबीयत रविवार जितनी भी बेहतर नहीं है।

सफरदजंग अस्पताल में उसके उपचार में शामिल एक चिकित्सक के अनुसार, उसकी स्थिति बिगड़ गई है। वह बेहद गंभीर स्थिति में है। बेहद नाजुक। वह अभी खतरे से बाहर नहीं है।

अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डा. बी डी अठानी ने कल रात कहा था कि पीड़िता में आतंरिक रक्तस्राव की प्रवृत्ति विकसित हुई है तथा उसके भीतर रक्त का थक्का बनाने की क्षमता भी घट गयी है।

उन्होंने कहा कि उसका बिलीरूबिन स्तर घटकर 5.5 रह गया है तथा लाइकोलाइट काउंट 6000 पर आ गया है। ये मानक प्लेटलेट्स चढ़ाए जाने के बाद हैं। वह अभी तक वेंटिलेटर पर है। उसकी स्थिति कल से बेहतर नहीं है। उसे 102 से 104 तक बुखार है। उन्होंने कहा कि ऐसा सेपसिस (रक्त में विषाक्तता की प्रवृत्ति) के कारण है और यह गंभीर चिंता का मामला है।

चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि पीड़ित को आज मनोचिकित्सक परामर्श दिया गया। उसके अभिभावकों को भी परामर्श दिया गया। इसमें पाया गया कि पीड़िता अपेक्षाकृत शांत थी तथा उसमें न तो चिंता और न ही हताशा के भाव थे।

पैरामेडिकल छात्रा के साथ 16 दिसंबर की रात को चलती बस में सामूहिक बलात्कार हुआ था। उसे प्लास्मा वाली प्लेटलेट्स की चार बोतलें भी चढ़ाई गई थीं।

बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2012 पर एक नजर

बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2011 को बैंकिंग नियामक कानून, 1949, बैंकिंग कम्‍पनीज़ (अधिग्रहण एवं उपक्रमों का हस्‍तांतरण) कानून 1970/1980 में संशोधन के लिए पेश किया गया था। यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से हाल ही में सम्‍पन्‍न शीतकालीन सत्र में पारित हो गया है। यह विधेयक भारतीय रिजर्व बैंक की नियामक शक्तियों को और मजबूत करेगा। इससे देश के बैंकिंग क्षेत्र का विकास होगा। 

इससे राष्‍ट्रीयकृत बैंक प्रफरेंस शेयर या राइट्स इश्‍यू या बोनस शेयर जारी कर पूंजी जुटाने में सक्षम हो सकेंगे। नये कानून से बैंक सरकार और आरबीआई की अनुमति से 3000 करोड़ रूपये की सीमा के दायरे आये बिना अधिकृत पूंजी को घटाने या बढ़ाने में भी सक्षम होंगे। इसके अलावा, यह विधेयक आरबीआई द्वारा नये बैंकों के लिए लाईसेंस का रास्‍ता भी खोलेगा, जिससे नये बैंक और उनकी शाखाएं खुलने में मदद मिलेगी। 

इससे बैंकिंग सुविधाओं में और बढ़ोत्‍तरी करके न सिर्फ वित्‍तीय समावेश के लक्ष्‍य को हासिल करने में मदद मिलेगी, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार की अतिरिक्‍त संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस विधेयक की कुछ महत्‍वपूर्ण बातें निम्‍नलिखित है - 

• आरबीआई की नियामक दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंकिंग कम्‍पनियां प्रफरेंस शेयर जारी करने में सक्षम    होंगी। 

• मताधिकार पर प्रतिबंधों की अधिकतम सीमा बढ़ेगी। 

• जमाकर्ताओं को शिक्षा एवं जागरूकता फंड का निर्माण हुआ। 

• किसी व्‍यक्ति द्वारा बैंकिंग कम्‍पनी में पांच प्रतिशत या अधिक के शेयरों के अधिग्रहण या मताधिकार के लिए आरबीआई की पूर्व अनुमति उपलब्‍ध होगी। 

• बैंकिंग कम्‍पनियों के बारे में सूचनाएं एकत्र करने और उनके सहयोगी इकाईयों की जांच करने में आरबीआई और सक्षम होगा। 

• बैंकिंग कम्‍पनी के निदेशक मंडल को हटना और अगामी व्‍यवस्‍था तक प्रशासक की नियुक्ति में आरबीआई की शक्ति बढ़ाना। 

• आरबीआई से लाईसेंस प्राप्‍त करने के बाद ही बैंकिंग व्‍यवसाय के संचालन के लिए प्राथमिक कॉ-आप‍रेटिव सोसायटी की सुविधा। 

• आरबीआई की अनुमति पर धारा – 30 को लागू करते हुए कॉ-आपरेटिव बैंकों को विशेष लेखा परीक्षण की सुविधा।

• बोनस और राईट्स इश्‍यू के जरिए राष्‍ट्रीकृत बैंक पूंजी जूटाने में सक्षम होंगे, इससे बैंकिंग कम्‍पनी (अधिग्रहण एवं उपक्रमों का हस्‍तांतरण) कानून, 1970/1980 के तहत सरकार और आरबीआई की अनुमति से बैंक 3000 करोड़ रूपये की अधितम सीमा के दायरें में आए बिना अपनी पूंजी घटाने या बढ़ाने में सक्षम हो सकेंगे। 

वित्‍तीय मामलों पर 13 दिसम्‍बर, 2011 को जारी स्‍थाई समिति की रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर कुछ अतिरिक्‍त संशोधन का प्रस्‍ताव किया गया और इस कानून को निम्‍नलिखित सुधार के साथ पारित किया गया। 

1. बैंकों में मताधिकार 26 प्रतिशत तक प्रतिबंधित किया जा सकता है। 

2. जमाकर्ताओं की शिक्षा एवं जागरूकता फंड का इस्‍तेमाल जमाकर्ताओं के हितों के संवर्धन के उद्देश्‍य में इस्‍तेमाल हो सकता है।

गंगा मैय्या के लिए भूख हडताल कर रहे स्वामी पूर्णानन्द गिरफ्तार

उत्तराखण्ड के हरिद्वार में गंगा तट पर खनन रोकने के लिए पिछले 13 दिन से अनिश्चितकालीन भूख हडताल कर रहे मैत्री सदन के साधु स्वामी पूर्णानन्द को रोशनाबाद जिला जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 

स्वामी पूर्णानन्द भोगपुर तथा बिशनपुर कुण्डी घाट में गंगा तट पर अवैध खनन के खिलाफ दस दिसम्बर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। राज्य सरकार ने इन दोनों घाटों पर खनन करने के लिए 29 नवंबर को अधिसूचना जारी की थी। 

सूत्रों के अनुसार खनन माफियाओं ने इसकी अधिसूचना जारी करने के लिए दबाव बनाया था। पुलिस ने कहा कि स्वामी आत्महत्या का प्रयास कर रहे  हैं और उनके जीवन को खतरा है  इसलिए, इन्हें आज अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया,  वहां से इनहें 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मैत्री सदन के प्रवक्ता ने बताया कि स्वामी जेल में भी अनशन जारी रखेंगे।

कांग्रेस स्थापना दिवस की रैली में हर ब्लॉक से एक बस लाने की शर्त


कांग्रेस स्थापना दिवस पर 28 दिसम्बर को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली कांग्रेस की संकल्प रैली गुजरात चुनाव नतीजों से सुस्त हुए कार्यकर्ताओं में प्राण फूंकने का जरिया बनेगी। रैली एवं जनसभा में भीड़ जुटाने वाला ही हीरो होगा। रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने प्रत्येक ब्लॉक से कम से कम एक बस लाने का टॉरगेट दिया है। 

इसमें जयपुर और आसपास के जिलों पर अधिक ध्यान केन्द्रित किया गया है। रैली की तैयारियों के लिए कल प्रात: 11 बजे सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की बैठक ब्लॉक कांग्रेस मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष करेंगे। 

संकल्प रैली एवं जनसभा में केन्द्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं तथा कांग्रेस पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों एवं कार्यक्रमों पर कांग्रेस के प्रमुख नेता सम्बोधित करेंगे। जिनमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एंव राज्य प्रभारी मुकुल वासनिक, सह प्रभारी अरूण यादव, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान सहित राज्य के सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल होंगे। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान ने रैली की तैयारियों को लेकर जिलों में प्रभारी नियुक्त किए हैं तथा उन्हें निर्देशित किया है कि वह संबंधित जिलों में 25 एवं 26 दिसम्बर को संकल्प रैली एवं विशाल जनसभा के संदर्भ में दौरा करें और कांग्रेसजन से आह्वान करें कि वे रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। संकल्प रैली एवं जनसभा में भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस संकल्प रथ यात्रा निकालेगी। यह रथ शहर में घुमेंगे। 

पार्टी ने तय किया है कि रैली को लेकर जयपुर शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर सजावट की जाएगी तथा जयपुर शहर में पार्टी की ओर से पांच संकल्प रथ तैयार कर घुमाए जाएंगे।

    

राबर्ट वाड्रा भी कॉमनवेल्थ गेम घोटाले में शामिल - आज़म खान


सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की भूमिका की जांच कॉमनवेल्थ गेम घोटाले में भी होना चाहिये, यह कहना है सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान का। आज़म का साफ कहना है कि वाड्रा को महज़ इसलिये बचाया जा रहा है क्योंकि वह कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद हैं, तो साथ में उन्होनें केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को भी निशानें पर लिया।

हरियाणा में जमीन घोटाले में नाम आने के बाद राबर्ट वाड्रा के लिए एक और मुसीबत सामने आ रही है। यूपी के वरिष्ठ मंत्री आजम खान ने कहा है कि कॉमनवेल्थ खेलों में भी राबर्ट वाड्रा की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

यूपी के वरिष्ठ मंत्री आजम खान ने कहा है कि सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट ने विकलांगों से छल किया है। आजम खान ने कहा उनके ट्रस्ट को लेकर जो बातें सामने आ रही हैं उनसे यही लगता है। आजम ने कहा सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट की जांच बीएसपी सरकार के समय से चल रही है, जो इस सरकार में भी जारी है।

साफ है सलमान खुर्शीद और राबर्ट वाड्रा की मुश्किलें खत्म होनें का नाम नही ले रही है। दोनों पर हर रोज़ रोज नये आरोप लगाये जा रहे हैं लेकिन आज़म खां का राबर्ट वाड्रा पर लगाया गया आरोप और भी संगीन है। पहले ही हरियाणा में ज़मीन घोटाले में नाम आनें के बाद अब आज़म नें कामनवेल्थ खेलों में राबर्ट वाड्रा की भूमिका की जांच कह कर वाड्रा की मुसीबतों को और बढ़ा दिया है।

हिमाचल में कांग्रेस का तांडव: नवनियुक्त विधायक पर हत्या का केस

हरियाणा पुलिस ने पंचकूला के बहुचर्चित ज्योति मर्डर केस में दून के नवनिर्वाचित कांग्रेसी विधायक रामकुमार सहित चार लोगों के खिलाफ भादस की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। 

इसी कड़ी में शुक्रवार को पंचकूला पुलिस की विशेष टीम आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट सहित बद्दी में छापामारी की। पुलिस ने दून के नवनिर्वाचित कांग्रेसी विधायक चौधरी रामकुमार, धर्मपाल, राजिंद्र व गुरमीत को ज्योति मर्डर केस में नामजद किया है। 

पंचकूला पुलिस ने  रामकुमार के पैतृक गांव बद्दी के हरिपुर संडोली में उनके घर की तलाशी ली, लेकिन पुलिस को चारों आरोपियों में कोई भी नहीं मिला है। 

उल्लेखनीय है कि ज्योति पंजाब के होशियारपुर की हरने वाली थी और वह चंडीगढ़ में बीएड करती थी। ज्योति की हत्या बीते 22 नवंबर को कर दी गई थी। उसकी लाश पंचकूला में सेक्टर-21 के पास  झाडि़यों में मिली थी। ज्योति का बद्दी कनेक्शन पुलिस जांच के दौरान सामने आया था। ज्योति की मुलाकात कुछ वर्ष पूर्व बद्दी के एक युवक से हुई, जो पंचकूला के नाडा गांव में रहता था, लेकिन बाद में वह बद्दी में शिफ्ट हो गया था। उसने ज्योति को आगे अपने एक कारोबारी पार्टनर से मिलवाया। 

दोनों की कांग्रेसी नेता से अच्छी जान-पहचान थी। उन्होंने ज्योति की मुलाकात कांग्रेसी नेता से करवा दी। ज्योति हत्याकांड में शक के घेरे में आ रहे हिमाचल के कांग्रेसी नेता के खिलाफ पुलिस सबूत होने का दावा कर रही है। सूत्रों के अनुसार हत्या के इस मामले में मोबाइल की लोकेशन अहम कड़ी बन कर सामने आई है। उधर, चौधरी रामकुमार ने कहा था कि ज्योति मर्डर केस से उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह इस मामले में पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वह समय आने पर खुद ही पुलिस के समक्ष पेश हो जाएंगे। बीते गुरुवार को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में एक याचिका की सुनवाई में जल्द पड़ताल के आदेश दिए थे।

आजम खान ने रेलवे कर्मचारियों से जमकर मारपीट की


उत्तरप्रदेश सरकार में दिग्गज मंत्री आजम खान ने कुछ रेलवे कर्मचारियों से जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं उन्होंने इन कर्मचारियों को मुर्गा भी बना दिया। 

मंगलवार की रात जब हावड़ा एक्सप्रेस रामपुर पहुंची, तो मंत्री अपने समर्थकों के साथ एसी डिब्बे में चढ़ गए। मंत्रीजी ने एसी कोच के अटेंडेंट निर्मल मुर्मु को दबंग अंदाज में बुलाया और बिस्तर साफ न होने की बात कहते हुए डांटा।

अटेंडेंट ने जब उन्हें बताया कि उनके पास ऐसे ही बिस्तर हैं तो आजम खां ने थप्पड़ जड़ दिए। बाद में मंत्री के समर्थकों ने बाकी अटेंडेंट्स को भी बुलाकर उन्हें मुर्गा बना दिया। मुर्गा बने हुए अटेंडेंट्स को मंत्री समर्थक तब तक पीटते रहे जब तक उन्होंने माफी नहीं मांग ली। 

हावड़ा एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट ने मंत्री पर मारपीट का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की है।

हज के कारण मक्का में जलवायु पर्यावरण को खतरा


हज के बारे में कहा जाता है कि ये दुनिया में लोगों का सबसे बड़ा सालाना जमावड़ा है। पर्यावरण के जानकार कहते हैं कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों का कई दिनों के लिए एक जगह जमा होना जलवायु परिवर्तन पर भी असर डालता है।

मक्का स्थित उल अल-कोरा यूनिवर्सिटी में पर्यावरणीय भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर अब्दुल अज़ीज़ स्रूजी कहते हैं, 'ज्यातादर लोग पर्यावरण की ज्यादा चिंता नहीं करते हैं। हज के दौरान मक्का दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो जाता है जहां बड़ी संख्या में गाड़ियां दौड़ रही होती हैं, खाना बर्बाद हो रहा होता है और सारी बिजली होटलों में खप रही होती है, इसका पर्यावरण पर भी असर पड़ता है।'

वे खास तौर से इस बात की आलोचना करते हैं कि हज के दौरान लोग पीने के पानी के लिए बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करते हैं। ये बोतले किसी कूड़ेदान में नहीं बल्कि यहां-वहां सड़कों पर ही फेंक दी जाती हैं।

मक्का के अधिकारियों के सामने चुनौती है कि वे तीस लाख हाजियों को 'ग्रीन-हज' के लिए कैसे प्रेरित करें। उन्होंने तय किया है कि वे मक्का को पर्यावरण के हिसाब से बेहतर शहर बनाएंगे।

मक्का के मेयर ओसामा अल-बार कहते हैं कि वो मस्जिदों के आसपास के इलाकों को 'ईको-फ्रैंडली' बनाना चाहते हैं।

वे कहते हैं, 'हमने एक विशाल सौर ऊर्जा स्टेशन बनाने के लिए दुनियाभर से निविदाएं आमंत्रित की हैं जिससे पूरे मक्का की मस्जिदों, होटलों और सड़कों को रौशन किया जाएगा।'

वे बताते हैं कि एक भूमिगत यातायात प्रणाली विकसित करने की योजना है जिसके दायरे में पूरा शहर आ जाएगा जो 120 किलोमीटर लंबा होगी। इसमें 28 स्टेशन होंगे। इससे हज के दौरान मक्का में यातायात बाधित होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी।

पिछले साल एक मोनो रेल का प्रयोग भी किया गया था लेकिन सऊदी अरब में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की संस्कृति अभी तक विकसित नहीं हो पाई है।

पर्यावरण के जानकार कहते हैं कि पेट्रोल सस्ता होने और लोगों के यहां बड़ी कारें पसंद करने से सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को प्रोत्साहन नहीं मिल पा रहा है।

हज और हवाई जहाज : प्रोफेसर अब्दुल अजीज कहते हैं कि ज्यादातर लोग हजयात्रा के लिए हवाई जहाज़ से आते हैं, हवाई यातायात से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

उनका कहना है, 'जरा सोचिए, हवाई जहाजों की वजह से ओजोन परत को कितना नुकसान हो सकता है।'

ओज़ोन परत को नुकसान होने से सूरज से निकलने वाली जानलेवा अल्ट्रा-वॉयलेट किरणें धरती तक पहुंच जाती हैं। वैसे बोस्निया हर्जेगोविना से आए एक मुसलमान ने इस साल अपनी हज यात्रा पूरी तरह से 'ईको-फ्रैंडली' अंदाज में की, वे पैदल चलकर मक्का आए।

इसी तरह साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका से दो युवक नौ महीने की यात्रा साइकल से तय करके हज के लिए मक्का पहुंचे थे।

प्रोफेसर अब्दुल अजीज मक्का के पर्यावरण को बचाने के लिए दो तरीके सुझाते हैं- पहला कुछ खास रास्तों पर कारों पर प्रतिबंध और पूरे शहर में कचरा-पेटी रखना जो कचरे का पुनर्चक्रण कर सकें।

लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि हज पर आने वालों के लिए 'जलवायु परिवर्तन कोई प्राथमिकता' नहीं है।

.. तो हमें देवी की पूजा करनी बंद कर देनी चाहिये? जया बच्‍चन


राजधानी के मुनीरका में चलती बस में हुई बलात्‍कार की वारदात के बाद देश के कई मां-बाप होंगे जिन्‍हें रात को नींद नहीं आयी होगी। उनमें से सांसद जया बच्‍चन भी हैं। जया बच्‍चन की भावनाएं संसद में उस समय उमड़कर बाहर आ गईं, जब इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा के दौरान जया बच्‍चन ने कहा कि अगर हम बलात्‍कार की वारदतें नहीं रोक सकते, तो देवी की पूजा बंद कर देनी चाहिये। जया बच्‍चन भावुक हो उठीं और बोलीं, "सभापति जी, दिल्‍ली में जो घटना हुई है, उससे देश का सिर शर्म से झुक गया है।" 

उन्‍होंने कहा, "सबसे बड़ी शर्म की बात तो यह है कि जो महिला पत्रकार इस वारदात को कवर करने गई उसके साथ भी छेड़छाड़ हुई। मुझे समझ नहीं आ रहा मैं क्‍या बोलूं। मैं हिल गई हूं। हमारे देश में महिला को दुर्गा मां की तरह पूजा जाता है। आज सब बातें किनारे हो गई हैं। हर रोज देश भर में महिलाओं की इज्‍जत लुट रही है। अगर ऐसा ही चलता रहे, तो हमें देवी की पूजा करनी बंद कर देनी चाहिये।" 

जया बच्‍चन ने आगे कहा, "देश में जो आंकड़े हैं वो रजिस्‍टर्ड हैं, न जाने उनके अलावा कितनी वारदातें रोज होती हैं....।" इससे पहले जया अपनी बात पूरी कर पातीं, उपसभापति ने उन्‍हें रोक दिया और कहा कि टाइम पूरा हो गया है। जया बच्‍चन ने कहा, "यह महिलाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, इसमें टाइम नहीं देखना चाहिये।" तब उपसभापति बोले, "बैठ जाइये जया जी दूसरों को मौका दीजिये।" 

जया ने कहा, "जब मुद्दा उठा है तो मुझे बोलने से क्‍यों रोका जा रहा है।" उपसभापति ने कहा, "आपको नोटिस देकर बोलना चाहिये"। यहां पर जया का जो जवाब था वो दिल को झकझोर देने वाला था। जया ने कहा, "बलात्‍कारी नोटिस देकर बलात्‍कार नहीं करता है उपसभापति जी।" देखते ही देखते उपसभापति ने दूसरे वक्‍ता को बोलने को कह दिया। अब देखिये हमारे देश की संसद में जब एक महिला सांसद महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर बोलती है, तो उसे कैसे रोक दिया जाता है। 

सच पूछिए तो यह भी शर्मनाक है। हालांकि इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती और लोकसभा स्‍पीकर मीरा कुमार ने इस मामले में जल्‍द से जल्‍द कार्रवाई करने की बात कही। वहीं नेता विपक्ष सुषमा स्‍वराज ने कहा कि इन बलात्‍कारियों को फांसी की सजा होनी चाहिये।


"मिडनाइट्स चिल्ड्रन" में इंदिरा की आलोचना, पर सेंसर बोर्ड ने की पास


सलमान रुश्दी के उपन्यास "मिडनाइट्स चिल्ड्रन" के आधार पर निर्मित इसी नाम की फ़िल्म पर सेंसर बोर्ड की कोई कैंची नहीं चलेगी। इस फ़िल्म में भारत की भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की नीति की आलोचना की गई है। अगले साल लेखक की मातृभूमि भारत में इस फ़िल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।

उपन्यास "मिडनाइट्स चिल्ड्रन" सन् 1981 में लिखा गया था जिसके लिए सलमान रुश्दी को बुकर पुरस्कार मिलने के साथ साथ दुनिया भर में ख्याति भी मिली थी। उपन्यास में सन् 1910 से लेकर सन् 1976 तक भारत में घटनेवाली घटनाओं का वर्णन किया गया है। इसमें श्रीमती इंदिरा गांधी के शासनकाल का वर्णन भी किया गया है। यही कारण है कि फ़िल्म निर्माता को भारतीय सेंसर बोर्ड की कैंची फिरने का डर था।

हाफिज सईद के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं - मलिक


पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने कहा कि मुंबई हमले की साजिश रचने वाले हाफिज सईद को गिरफ्तार करने के लिए भरोसेमंद सबूत नहीं थे और उसने बाबरी मस्जिद कांड का हवाला देते हुए उसकी तुलना नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले से कर दी । 

भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सरल वीजा समझौते को लागू करने पहुंचे मलिक पाकिस्तानी सेना द्वारा करगिल हीरो कैप्टन सौरभ कालिया को दी गई यातना के मुद्दे को भी खारिज करते नजर आए । 


भारत की ओर से लगातार डाले जा रहे दबाव के बाद भी पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने 26/11 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई का कोई संकेत नहीं दिया है। दिल्ली पहुंचते ही मलिक ने रिपोर्टर्स से कहा, 'हाफिज सईद से हमें कोई 'प्यार' नहीं है। यहां से जाने से पहले यदि मुझे आज भी कोई सूचना मिलती है तो मैं उसकी गिरफ्तारी का आदेश दूंगा।'

मलिक ने कहा कि सईद के खिलाफ भारत के दिए सुबूत पुख्ता नहीं हैं। उनके अनुसार हमले के दौरान एकमात्र जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब का बयान सईद के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं है। यहीं नहीं, भारत विरोधी आतंकियों को पाकिस्तानी सरकार के संरक्षण से इनकार करते हुए उन्होंने इसके लिए सरकार से इतर के कुछ असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। 

मलिक ने सईद पर कहा कि बहुत दुष्प्रचार चल रहा है और पाकिस्तान पर काफी दबाव है। उन्होंने कहा, 'मुझे केवल सूचनाओं वाले डोजियर मिल रहे हैं।' उन्होंने कहा कि सईद तीन बार गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन अदालत ने उसके खिलाफ सुबूतों को खारिज कर दिया।

इससे पहले भारत रवाना होने से पहले मलिक ने कहा कि वह अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पाकिस्तान यात्रा का सरकारी न्योता फिर से सौंपेंगे। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पहले ही सिंह को पाकिस्तान यात्रा का न्योता दे चुके हैं। मलिक ने दिल्ली के लिए रवाना होने से पूर्व मीडिया को यह बात कही। उन्होंने कहा, 'मैं भी प्रधानमंत्री सिंह को हमारे नेतृत्व की ओर से यात्रा का न्योता दूंगा।'

Another Expose of the true color of the Church


Here is yet another expose of the true color of the church. It is one of the innocent church followers who became the victim of this financial fraud of gigantic proportions exposed by this shocking story.

An old lady from Erumeli is the victim in this episode. After finding no support from any quarters, she chose to give advertisements through the print media to tell the world about her experiences. She wants to warn other potential victims who could fall in to similar traps.

In her notifications she says that her land property worth Rs 25 crores was taken away from her. Her husband is bedridden and is unable to speak. And also the couple doesn't have kids. She says that, years ago when she was unwell, she had some visions of Christ and Mother mary. Some priests approached her to make testimonies to this effect in front of a crowd. As she was declaring her testimony, before even she could complete her words, one of the priests declared in front of the frenzied crowd that she has agreed to donate all her wealth for the prayer group. At this moment of mass hysteria and hypnotic atmosphere on the stage, she could not oppose this declaration which was made without her consent.

Later the priests made her believe that, if they, an issue-less couple donates their land to the prayer group, her husband will get back his speech. Thus they could trap this old lady and confiscate her land worth Rs 25 crores. She says that she is planning for a hunger strike in front of the homes of senior church leaders like Cardinals. She compares her experience to that of victims who gets robbed when they are drunk. She says, "My wealth was looted by priests from the prayer center while I was in a drunken state caused by my devotion"

In her advertisements she calls upon the readers to spread the news to make other potential victims aware. You can read the full story in Malayalam in the following link

http://almayasabdam.blogspot.in/2012/11/blog-post_21.html

आचार संहिता उल्लंघन पर केशुभाई को निर्वाचन आयोग ने नोटिस दिया


निर्वाचन आयोग ने आज पूर्व मुख्यमंत्री एवं गुजरात परिवर्तन पार्टी प्रमुख केशुभाई पटेल को चुनाव संबंधी आचार संहिता के उल्लंघन के लिए नोटिस भेजा है। आयोग ने उन्हें सरकारी वाहन से पोलिंग बूथ जाने के कारण यह नोटिस भेजा है।

केशुभाई विसावदार से हेलिकॉप्टर के जरिए आज राजकोट पहुंचे और यहां से सीधे सरस्वती शिशु मंदिर स्थित पोलिंग बूथ जाकर मतदान किया।

आयोग के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पोलिंग बूथ जाने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल करना चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है, इसलिए निर्वाचन आयोग ने केशुभाई को नोटिस जारी किया।’’

उधर अपना मत देने के बाद केशुभाई ने कहा कि, ‘‘राज्य में बदलाव की हवा बह रही है और जीपीपी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ सत्ता के लोभी नेता गलत बयान देकर लोगों को बहका रहे हैं, लेकिन राज्य के लोग बदलाव चाहते हैं और जीपीपी बदलाव की अगुआई करेगी।’’

जिन मतदान केंद्रों पर मतदान हो रहा है उनमें सौराष्ट्र के सात जिलों की 48 सीटें, दक्षिण गुजरात के सात जिलों की 35 सीटें और अहमदाबाद की चार सीटें शामिल हैं।   

प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर नगर में दोपहर एक बजे तक 50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जबकि भावनगर ग्रामीण क्षेत्र में भारी मतदान दर्ज किया गया जहां से विपक्ष के नेता शक्तिसिंह गोहिल राज्य के मत्स्य पालन मंत्री पुर्षोत्तम सोलंकी के खिलाफ खड़े हैं। 

इसके साथ ही नवसारी :48.20 प्रतिशत:, जलालपुर :45.95: और मणवादर :47: में भारी मतदान हुआ। 
केशुभाई पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आर सी फालदू, वित्त मंत्री वजुभाई वाला और कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने अपना वोट सुबह ही डाल दिया था। 

इस चरण में 87 सीटों पर कुल 846 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। इसमें से कांग्रेस 84 और गुजरात परिवर्तन पार्टी ने 83 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किये हैं।

रूपये के चिन्ह चयन में धांधली पर केंद्र सरकार को समन


रुपये का सिंबल तय करने की प्रक्रिया में अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी मुरुगेसन व जस्टिस आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में न्यायालय ने केंद्रीय गृह सचिव और सांस्कृतिक मंत्रालय के सचिव को 9 जनवरी को अदालत में पेश होकर जवाब दाखिल करने के लिए समन जारी किया है।

राकेश कुमार सिंह ने अधिवक्ता कमल कुमार पांडेय के माध्यम से दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है कि रुपये का चिन्ह तय करने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर प्रतियोगिता हुई थी। लोगों में देश प्रेम की भावना जोड़ने के लिए सरकार ने रुपये के प्रतीक चिन्ह का डिजाइन मांगा था। इस प्रतियोगिता में अनियमितताएं बरती गई और सैंकड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए उनके बनाए डिजाइन को दरकिनार किया गया, बल्कि पहले से ही तय डिजाइन को विजेता घोषित करने के लिए सरकार ने तय मापदंडों में भी बदलाव कर दिया। 

यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी आरटीआइ एक्ट का चिन्ह तय करने और राष्ट्रमंडल खेल का चिन्ह तय करने के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं में ऐसा ही किया गया था। लिहाजा, देशहित में हाइकोर्ट द्वारा केंद्र सरकार को निर्देश जारी किए जाएं कि वह इस तरह की सार्वजनिक प्रतियोगिताओं के लिए यूनिफॉर्म गाइडलाइन जारी करे। जिससे भविष्य में देश भावना से जोड़ने वाली इस तरह की प्रतियोगिताओं में धांधलेबाजी न हो।

गौर मतलब है कि इस मामले को बड़े मीडिया हाउस मजबूती से नहीं उठा रहे है, जबकि यह मामला देश के स्वाभिमान से जुड़ा है. लोगो को अभी तक इस बारे में ज्यादा जानकारी ही नहीं है कि इस देश में जहाँ घोटालों के नित नए कीर्तिमान बन रहे है वहाँ देश की मुद्रा के चिन्ह के चयन तक में भी धांधली की गई है. अत: पाठकों से आग्रह है कि इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाएं.

पाक वैज्ञानिक चिश्ती हत्या के आरोप से बरी


पाकिस्तान के सूक्ष्म जीव विज्ञानी मोहम्मद खलील चिश्ती को उच्चतम न्यायालय ने 20 साल पुराने एक आपराधिक मामले में बुधवार को हत्या के आरोप से बरी कर दिया और उन्हें बिना किसी प्रतिबंध के स्वदेश जाने की अनुमति प्रदान कर दी। 

शीर्ष अदालत ने हालांकि, जान बूझकर नुकसान पहुंचाने के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के तहत उनकी दोषसिद्धि में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और उतनी ही सजा सुनाई जितनी कि वह जेल में पहले ही काट चुके हैं।

न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की पीठ ने उल्लेख किया कि चिश्ती भारत में प्रवास के दौरान लगभग एक साल जेल में रहे और न्याय का उद्देश्य उन्हें जेल में बिताई गई अवधि के बराबर ही सजा सुनाकर पूरा हो जाएगा।

पीठ ने चिश्ती को हत्या के आरोप से बरी करते हुए कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 34 लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है जो समान इरादे से किए गए अपराध से संबंधित है।

न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चिश्ती को उनके पासपोर्ट सहित सभी दस्तावेज वापस कर दें। चिश्ती बिना किसी प्रतिबंध के पाकिस्तान लौटने को स्वतंत्र हैं।

पीठ ने चिश्ती की उम्र और योग्यता पर भी विचार किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चिश्ती की बाधा रहित स्वदेश वापसी के लिए हरसंभव कदम उठाएं।

न्यायालय ने 10 मई के अपने आदेश का भी उल्लेख किया और कहा कि चूंकि चिश्ती के खिलाफ आगे किसी कार्यवाही की जरूरत नहीं है, इसलिए पांच लाख रुपए की जमानत राशि उन्हें या उनके द्वारा नामांकित किए गए व्यक्ति को वापस कर दी जानी चाहिए।

Innocent Hindu Tailor ghastly murdered in open day light by fanatic Muslims in Bangladesh Bandh.


Who will wipe out the tears of Mother and Sister of
Biswajit in perpetual sleep?
 HINDUS, DO NOT FORGIVE THE MUSLIM
MURDERERS OF BISWAJIT.
A Hindu young man was beaten to death by a Islamic mob near the district courts in the Old Dhaka amid nationwide Bandh (blockade) today clashes that halted the Dhaka-Aricha Highway.  The Bandh was called by the opposition group of Bangladesh, the Bangladesh Nationalist Party (Nationality means here the Islamic Nationality of BD) and the Jammat-e-Islami Party of Bangladesh. It has been alleged that members of the students union of both parties ‘Jatiyatabadi Chatra (Students) Dal’ and ‘Islami Chhatra Shibir’ were behind the brutal killing of this Hindu Youth named Biswajit Kumar Das (24 yrs) with lethal weapons like Iron rods and sharpened chopper.

It is said that suspecting Biswajit as a member of Chatra League, the student unit of ruling Awami League of Bangladesh, the Islamist in Jamaat and BNP found a easy prey for killing of a Hindu infidel (Kaffir) per chance. Near relations of deceased  said that Biswajit was never connected with any politics or students union so far.

But, a second source had an input that the student union of Awami League, Chatra League killed Biswajit to create a severe tension so that the police and para-military could intervene the blocked programme of the opponents to disperse it. This source says that Biswajit was murdered by a single group beyond the timings of actual clash of two opponent students union. This source is taking the proof of a picture in which some assailant of Biswajit is shown in a leading position of a rally of Chatra League.

This picture shows the involvement of Chatra League with the Murder of Biswajit.
Biswajit was a owner of a  tailoring shop (Amantran Tailors)  at Shankharibazaar  in the area of Old Dhaka.

A police officer said he had no clue who killed him. “We don’t know who beat him,” said Kotwali Police OC Abu Bakar Siddique of the 9am incident near Victoria Park.

Witnesses say BNP-Jamaat lawyers began a procession inside the Judge Court premises in support of the blockade programme in the morning. They alleged that the members of the Chhatra League unit of the Jagannath University were cordoning off the area with counter slogans.

At one point the two groups engaged in chase and counter chase; and made detonations of several hand-bombs were also reported near a petrol pump at Victoria Park.

Witness Ripon, a rickshaw-puller, told  a Bangladesh Media House (bdnews24.com)  that some 25 youths started beating up Biswajit shortly after the detonations.

Biswajit tried to hide into a Dental Clinic, but the fanatic members of  ’Jatiyatabadi Chatra League’ and ‘Islami Chhatra Shibir’ rushed into the clinic to attack Biswajit with iron rods and finally mutilated him with sharpened chopper. From the gory situation Biswajit tried to escape again but fell down unconsciously in an approach lane to Shankhari Bazar. With the help of some Hindu locals a rickshwapuller rushed the injured Biswajit to Sir Salimullah Medical College Hospital; where he was declared brought dead.

The Asst. Registrar of Sir Salimullah Medical College Hospital, Emergency Department said Biswajit was died due to trauma and excessive and unchecked bleeding.

Mohammad Babul, a businessman, said Biswajit was the owner of ‘Amantran Tailors’. “He was on his way to the shop from his home. I never heard he was with any of the political parties”.

From family source it is known that Biswajit was a simple boy who was a youngest amongst their two brothers and one sister. Biswajit used to stay with his brothers family at Hrishikesh Das Lane of Old Dhaka. In a middle class family, Biswajit was also a  bread earner and a big helping hand.

Pro Islamic activists of the BNP-led 18-Party alliance blocked roads with torched tyres in Gabtali area at around 6am halting traffic on the crucial Dhaka-Aricha highway.

The pro-blockade activists swooped on with police when the law enforcers tried to disperse them a little bit later. The groups two chased each other while pickets vandalised about a dozen vehicles creating a violence all around.

It is also reported that at one stage, pro-government activists were seen in action, triggering much bigger clashes. At least five hand-made bombs were reported detonated, two buses were torched and and public life dismantled accordingly .

Pro-BNP Jatiyatabadi Chhatra Dal and Jamaat-e-Islami-backed Islami Chhatra Shibir brought out processions, simultaneously, shouting anti-government slogans in the area on a demand of ensuing parliamentary polls under a non-party caretaker government.

Anyway, while Biswajit was being assaulted with dire consequences or he was being Islamically chopped out by the assailants  nobody in the opponents came to save Biswajit, as Biswajit was a ‘Kaffir’ Hindu under the holy attack by ‘Momin’ Muslim.

Though the Bangladesh Police is now pretending as novice and found nothing about the clue or the perpetrators of cool blooded murder of Biswajit, the published photographs here and Bangladesh media categorically say the motivations of 100% Islamic attack upon a ignorant Hindu young man who succumbed an unfortunate and immature death due to an Islamic treatment to a Hindu Kaffir in Bangladesh.

Whether it is BNP, Jammat or Awami Leage, the murderers of Biswajit is the deadliest evil of Human society and brutality in Islam is increasing day by day under a Constitution of Bangladesh which is superscribed under “ Bismillahir Rahmanir Rahim ”.

किन्नौर में चीन के जासूस, चीन का ट्रांसमीटर मिला

किन्नौर के अकपा में रेडियो ट्रांसमीटर मिलने से हिमाचल पर ड्रैगन का खतरा मंडराने लगा है। भारतीय सेना की अकपा चैकपोस्ट के समीप लगाए गए रेडियो ट्रांसमीटर में चीनी जासूसों के हाथ होने का अंदेशा है। खुफिया एजेंसियों को शक है कि कहीं किन्नौर में चीन के जासूस भी छिपे हो सकते हैं, जिन्होंने गोपनीय ढंग से मुरांग के तितलीधार में एक पेड़ पर खुफिया जानकारी लेने के लिए रेडियो ट्रांसमिटर यानी (वीएचएफ सेट) स्थापित किया है। अकपा में मिले रेडियो ट्रांसमीटर के बाद देश की सुरक्षा एजेसियां जांच में जुट गई हैं। आईटीबीपी, आईबी सेना व प्रदेश पुलिस पता लगा रही है कि आखिर एक ट्रांसमीटर की कितनी फ्रीक्वेंसी है और इसके जरिए कितनी दूरी तक संदेश भेजे जा सकते हैं। 

सीजैड एच-15ए मॉडल वाला बीएचएफ सेट चालू हालत में बताया जा रहा है। सेट के साथ एक बैटरी, एंटीना व सोलर चार्ज भी मिला है, जो कि सेट के साथ पेड़ पर ही लगाया गया था। बताया जा रहा है कि सेना की अकपा चैकपोस्ट के पास मिले इस रेडियो ट्रांसमीटर की 87 से 108 मेगा हर्ट्ज की क्षमता बताई जा रही है, जिसके जरिए कई किलोमीटर दायरे में संदेश पहुंचाया जा सकता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसी को शक है कि कहीं इस सेट के जरिए चीन के लिए खुफिया जानकारी तो नहीं भेजी जाती थी। चूंकि जहां पर यह मुरांग में यह सैट मिला है, वहां से तिब्बत बार्डर भी 10 से 15 किलोमीटर की आकशीय दूरी पर है। 

यह रेडियो ट्रांसमीटर किस मकसद से सोरंग के तितलधार के पेड़ पर लगाया गया था, इसकी कितनी फ्रिकवेंसी है। इसके पीछे किसका हाथ है। कहीं यह सेट सेना के वाकी-टाकी सेट को कैच तो नहीं करता था, जिसकी खुफिया जानकारी लेने के लिए इसे सेना अकपा कैंप के समीप लगाया गया है। तकनीकी जानकारों का मानना है कि रेडियो ट्रांसमीटर मिलना देश व प्रदेश के लिए एक बेहद संवेदनशील है। सीआईडी का मानना है कि यह एक रेडियो ट्रांसमीटर (ट्रैकर) लगता है। अंदेशा है कि किसी विदेशी पर्यटक ने इसे फिट किया है। चार दिसंबर को किन्नौर में भारतीय सेना के अकपा कैंप से एक किलोमीटर की दूरी पर मुरांग क्षेत्र के तितलीधार में एक पेड़ पर फिट किया गया था।

‘सुल्तान’ कहे जाने पर मोदी ने अहमद पटेल को दिया करारा जबाब


गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल द्वारा उन्हें ‘सुल्तान’ कहे जाने के एक दिन बाद पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ही राजवंश है जो सुल्तान पैदा करता है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव पटेल ने जम्बूसर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘मोदी छह करोड लोगों के सुल्तान की तरह गुजरात में शासन करना चाहते हैं. लोगों को इस सुल्तान को रोकना होगा.’’

मोदी ने इस हमले पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने (पटेल ने) मोदी को सुल्तान कहा, लेकिन कांग्रेस राजवंश है जो सुल्तान पैदा करता है और आपने नई दिल्ली में पूरी जिंदगी इन सुल्तानों की सेवा करते हुए गुजार दी. इस तरह आप किसी दूसरे शब्द के बारे में सोच भी नहीं सकते.’’

मोदी ने कहा, ‘‘हम यहां लोगों के समर्थन के बूते हैं और अहमद मियां यदि आपको लोकतंत्र की समझ है तो सुल्तान शब्द की बात ही नहीं होती.’’ 

रमन सिंह ने पिछले दोनों चुनाव नक्सलियों के पैसों से जीते - दिग्गी


कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पिछले दो चुनाव नक्सलियों के पैसों की वजह से जीते थे। सिंह ने कल शाम यहां विमानतल पर कुछ संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि छत्तीसगढ़ में जहां नक्सलियों का प्रभाव है, वहां भाजपा ज्यादा वोटों से जीती है। यहां से वह अपने गृह नगर राघोगढ़ के लिए रवाना हो गए। 

बुंदेलखण्ड पैकेज के बारे में पूछने पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अमल में प्रदेश में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की राज्य सरकार में आरएसएस की दादागिरी है। वह शीघ्र ही उन बिल्डरों के नाम का खुलासा करेंगे, जिनसे भाजपा चंदा वसूलती है। 

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रतन टाटा जैसे वरिष्ठ उद्योगपतियों को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। टाटा ने कहा था कि सरकार उद्योगपतियों को आगे नहीं बढ़ने देती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि शायद टाटा ने चीन के बारे में ऐसी बात कही होगी।

गुवाहाटी छेड़छाड़ मामले में 16 आरोपियों में से 11 दोषी करार


इसी साल 9 जुलाई को एक लड़की से साथ गुवाहाटी के एक पब के बाहर मुस्लिम लडको की भीड़ ने छेड़छाड़ की थी और लोगों की भीड़ यह सब चुपचाप देखती रही। गुवाहाटी में एक लड़की से छेड़छाड़ के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 16 में से 11 आरोपियों को दोषी पाते हुए सज़ा का ऐलान किया है। गुवाहाटी के एक लोकल चैनल के पत्रकार ने इस पूरी घटना को रिकॉर्ड किया था। 

उसे बाद में भीड़ को उकसाने के लिए गिरफ्तार भी किया गया था। हालांकि अब कोर्ट ने उसे बरी कर दिया है। गौरतलब है कि कलिता समेत करीब 30 लोगों की भीड़ ने बार से निकल रही 17 साल की लड़की से छेड़छाड़ की और उसके कपड़े फाड़ डाले। जब इसका वीडियो मीडिया में आया तो पूरे देश में इस घटना की भर्त्सना की हुई।

जाकिर नायक की काली करतूत से हिन्दू समुदाय में रोष


 इस्लामिक रिर्सच फाउंडेशन का संस्थापक जाकिर हुसैन अब्दुल करीम नायक ने दुबई के निजी टी. वी. चैनल पीस टू पर भगवान शिव और गणेश पर भद्दी टिप्पणी की है जिसके बाद हिन्दू समुदाय में रोष पैदा हो गया है। इस नालायक ने  कहा कि भगवान शिव गुस्से में आ कर अपने बेटे को न पहचान कर उनकी गर्दन काट सकते हैं तो मेरे तरफ से उनको भगवान मानने पर क्या गारंटी है कि वह संकट के समय मुझे पहचान सकें।

नायक ने अपने भाषण में कहा कि मुझे साबित करके बताए कि गणेश भगवान हैं। मैं प्रसाद खाऊँगा। इस बात को सुन कर हज़ारों की भीड़ ठहाके लगा कर हँसने लगी। इतना ही नहीं, अब यह वीडियो किसी ने यू-ट्यूब पर डाल कर सनसनी फैला दी है। जाहिर है कि नायक की तरफ से भगवान गणपति पर की गई टिप्पणी के साथ उत्तरी भारत में अब रोष पैदा हो गया है। उत्तरी भारत के पंजाब प्रदेश की हिंदु संगठन में बाबा गणपति सेवा संघ (रजि.) के प्रधान हरीश बेदी, पंडित श्रद्धा राम फिलौरी मेमोरियल ट्रस्ट के प्रधान कृष्ण कुमार ने इस वीडियो खिलाफ विरोध किया है और भारत सरकार से कार्यवाही करने की माँग की है।

हिन्दू देवी-देवताओं के किए गए अपमान को लेकर चक्का जाम


आज हिन्दू संगठनों ने स्थानीय प्रभाकर चौक मे एक निजी चैनल द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं के किए गए अपमान को लेकर चक्का जाम कर शहर में रोष-प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की। प्रदर्शन के पश्चात सभी हिन्दू संगठनों द्वारा निजी चैनल को बंद किए जाने तथा आरोपी के विरुद्ध धार्मिक भावनाएं भड़काए जाने के कानून के अंतर्गत केस दर्ज किए जाने का मांग-पत्र सब-तहसील में दिया।

भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष डा. अजय कुमार छाबड़ा ने बताया कि पुणे से प्रसारित होने वाले एक चैनल में ब्रह्मा, विष्णु, महेश के अस्तित्व पर कीचड़ उछालना तथा उनके अस्तित्व को काल्पनिक बताया जाना हिन्दुओं की भावनाओं से खिलवाड़ करना है। वक्ताओं ने कहा कि केन्द्र की कांग्रेस सरकार की शह पर ही कई संस्थाएं हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करती चली आई हैं।

इस अवसर पर शिवसेना (समाजवादी) जिला प्रधान गुरमीत सिंह जंगी, लोक भलाई संस्था के राजेश अरोड़ा, धर्म जागरण मंच के गुलशन सर्राफ, वाल्मीकि भाईचारे से बिशन दास, मंडल प्रधान गगनदीप सिंह, त्रिलोक चन्द, बिशन दास, नरिन्द्र कुमार शर्मा, नवदीप नोना, सोनू शर्मा, चांदी नाथ, प्रदीप कुमार, शिवसेना (बाल ठाकरे) अध्यक्ष मंडल श्री हरगोबिन्दपुर राकेश शर्मा, नन्दू, काला भाटिया, गोरा भाटिया, रणजीत, दलजीत सिंह, लवप्रीत, हरप्रीत, जसपाल, मंगलदेव भाटिया व लतीफ अहमद आदि उपस्थित थे।    

हिन्दू जागेगा तो देश बचेगा - राजेश तलवाड़


हिन्दू नौजवान सभा के प्रदेश प्रधान राजेश तलवाड़ ने कहा कि हिन्दू जागेगा तो देश बचेगा। हिन्दुओं व हिन्दू मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक जुट होने की जरूरत है। यह बात तलवाड़ ने हिन्दू नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान कही।

तलवाड़ ने कहा कि आज देश में घटिया राजनीति करने वाले नेताओं की ओर से हिन्दू धर्म के खिलाफ की जा रही गलत बयानबाजी का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता राम जेठमलानी को उनके बेतुके बयान पर भाजपा का मौन समझ से परे है, जबकि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए हर भाजपाई अपना सब कुछ न्योछावर करने के लिए तैयार था। 

राम जेठमलानी को इस तरह की बेतुकी बयानबाजी माफ करने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा श्रीराम से विमुख हो गई है, लिहाजा जनता भाजपा को दस साल के लिए बनवास भेज देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकी अजमल कसाब को फांसी देकर आतंकवादियों पर अंकुश लगाने की सफल कोशिश की गई है। सरकार का यह कदम सराहनीय है। तलवाड़ ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों की धमकी की निंदा की है।

मुल्ला अग्निवेश को विश्व हिंदू परिषद ने भोपाल में सिखाया सबक (वीडियो देखे )



 स्वामी अग्निवेश के साथ संस्कृति बचाओ मंच के लोगों ने झूमा-झटकी की। इस दौरान स्वामी का भगवा वस्त्र भी खींच लिया गया। घटना शुक्रवार को रवींद्र भवन में राष्ट्रीय गरिमा अभियान कार्यक्रम के बाद की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और अग्निवेश मैला ढोने के विरोध स्वरूप सांकेतिक तौर पर टोकनी जला रहे थे, तभी मंच के चंद्रशेखर तिवारी और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नेता बिहारीलाल तिवारी ने वहां पहुंचकर अग्निवेश के साथ धक्का-मुक्की की।

मंच के कार्यकर्ता इस बात का विरोध कर रहे थे कि पिछले दिनों अग्निवेश ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान शिवलिंग को पाखंड करार दिया था।

बात उस समय बिगड़ी जब मैला मुक्ति यात्रा के शुभारंभ के बाद जयराम व स्वामी अग्निवेश प्रतीक के तौर पर मैला ढोने वाली टोकरियां जला रहे थे। मंच के चंद्रशेखर तिवारी, बीएल तिवारी समेत अन्य नेता वहां पहुंचे और अग्निवेश से धक्का-मुक्की करते हुए उनका भगवा वस्त्र खींच लिया। चंद्रशेखर का कहना है कि हिंदू धर्म में भगवा वस्त्र धारण करने वालों को इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए। वे समाज के आदर्श होते हैं।

पीएमओ है या ‘आपरेशन सुरक्षा कार्यालय’? : भाजपा


राबर्ट वाड्रा से जुड़े जमीन सौदों में अनियमितताओं के आरोपों में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा क्लीनचिट दिए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने आज कहा कि  ‘पीएमओ क्या लोगों को बचाने का  ‘आपरेशन सुरक्षा कार्यालय’ बन गया है।’ भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय(पीएमआ) ने वाड्रा को क्लीन चिट दी है और इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक हलफनामा भी दाखिल किया गया है।

प्रसाद ने कहा कि  ‘यह प्रधानमंत्री कार्यालय है या आपरेशन सुरक्षा कार्यालय है।’ जो बार बार लोगों का बचाव करता है। उन्होंने कहा कि वाड्रा के संबंध में अनेक आरोप लगे हैं और हरियाणा तथा राजस्थान सरकार द्वारा उनकी मदद की खबरें भी सार्वजनिक हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री से पूछना चाहेंगे कि क्या पीएमओ या कंपनी मामलों के मंत्रालय या आयकर विभाग ने इस संबंध में कोई जांच की है और अगर की है तो उसका ब्योरा क्या है।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री कार्यालय ने 2जी मामले में ए राजा, पी चिदंबरम को और राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को क्लीन चिट दी हैं।

पाक में हिन्दूओं को श्मशान भी नसीब नहीं, शव दफ़न करने को मजबूर


पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू समुदाय के लोगों को अब अपने परंपराओं एवं रीतिरिवाजों के अनुसार मृत शवों का क्रियाक्रम करने की अनुमति नहीं दी जा रही हैं। इतना ही नहीं इसके लिए यहां रहने वाले हिंदू समुदाय के लोगों के लिए श्मशान भूमि तक नहीं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

1947 से अब तक डेरा इस्माइल खान में रहने वाले एक मात्र हिंदू पंडित खडगे लाल के शव को ही हिंदू रीतिरिवाजों के तहत अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी गई। पाकिस्तान में इस मामले पर गठित स्टैडिंग समिति ने एक रिपोर्ट तैयार कर अपनी सिफारिशों को सरकार को सौंप दिया हैं।

डेरा इस्माइल खान स्थित मेडियन कॉलोनी में पहले एक श्मशान रहा था। साथ ही यहां टाउन हॉल में भी एक श्मशान घाट था जिसकी निलामी हो चुकी हैं।

दिग्विजय सिंह पर सीबीआई का शिकंजा कसा


वक्त बेवक्त अपने उलजलूल बयानों को लेकर विवादों मे रहने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह इस बार बड़ी मुश्किल में घिरते दिख रहे हैं। इंदौर के आइलैंड मॉल के निर्माण में अनियमितता के आरोप की जांच अब CBI करेगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने इस मामले में पहले की क्लीन चिट को मानने से इनकार कर दिया।

विपक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लागाने वाले दिग्विजय सिंह को अब आइलैंड मॉल निर्माण मामले में CBI जांच से गुजरना होगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह समेत 6 लोगों को मिली क्लीन चिट को मानने से इनकार कर दिया है साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को इंदौर के आइलैंड मॉल मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

याचिकाकर्ता का आरोप था कि दिग्विजय ने शॉपिंग मॉल संचालकों को करोड़ों रुपए का अवैध फायदा पहुंचाया। इस मामले में 12 फरवरी 2009 को मामला दर्ज किया गया था। हालांकि मध्य प्रदेश के आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच में दिग्विजय सिंह समेत सभी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी।

आपको बता दें कि इंदौर का आइलैंड मॉल प्रदेश का पहला मॉल था जिसके निर्माण को लेकर सवाल उठे थे।

मिडिया सम्पादकों की गिरफ्तारी नें आपात काल की याद दिला दी - माहेश्वरी

देश के सबसे बड़े घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने पर मिडिया सम्पादकों की गिरफ्तारी किए जाने पर भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव एवं राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी और वरीष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं नें काँग्रेस सरकार की कड़ी भर्त्सना की है। किरण माहेश्वरी नें इसे गैर कानूनी एवं अलोकतांत्रिक कार्यवाही बताते हुए कहा कि उक्त गिरफ्तारियों नें आपात काल की याद दिला दी है। 

केन्द्र की काँग्रेस सरकार नें सीबीआई और सरकारी अधिकरणों का दुरपयोग कर देश के चौथे सतम्भ मिडिया की आवाज ही नहीं दबाई है वरन् गला घोंटने जैसा कुकृत्य किया है। यह घौर निंदनीय है। उन्हौंने कहा कि उक्त घटनाक्रम काँग्रेस सरकार का तानाशाही रवैया दर्शाता है। प्रवक्ता किशोर गुर्जर नें बताया कि गिरफ्तार किए गए संपादकों की शीघ्र रिहाई करने और उनके विरुद्ध संधारित सभी मुकदमें वापस लेने हेतु किरण माहेश्वरी नें केन्द्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखा है। 

उक्त घटनाक्रम की राजसमंद प्रधान देउ बाई, पूर्व प्रधान भानु पालीवाल, श्यामलाल चौहान, पूर्व पालिका अध्यक्ष दिनेश पालीवालस दिनेश बड़ाला, सत्यप्रकाश काबरा, महेन्द्र कोठारी, मानसिंह बारहठ, दिग्विजय सिंह भाटी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं नें कड़ी निंदा की है।

बेंगलुरु के कांग्रेस पाषर्द को चार साल की कठोर कैद


लोकायुक्त की विशेष अदालत ने आज एक कांग्रेस पाषर्द को भ्रष्टाचार के एक मामले में चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी। 

लोकायुक्त अदालत के विशेष न्यायाधीश एन के सुधीन्द्र राव ने पाषर्द गोविंद राज को एक व्यक्ति उदय कुमार से एक इमारत में चौथी मंजिल के निर्माण के लिये दो लाख रूपये की रिश्वत लेने का दोषी ठहराते हुए यह सजा दी। 

गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब विवाद और गहराया

हरिद्वार हरकी पौड़ी स्थ्ति ऐतिहासिक गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब विवाद बुधवार को गहरा गया। गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब धर्म युद्ध मोर्चा के मुखिया संत बाबा बलजीत सिंह के नेतृत्व में उत्तराखंड में प्रवेश कर रहे हजारों सिख श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पुलिस ने सीमा पर रोक दिया। श्रद्धालुओं द्वारा पुलिस बैरक तोड़े जाने पर उत्तराखंड पुलिस दर्जन भर सिख नेताओं सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं को गिरफ्तार कर पांच बसों में डालकर अज्ञात स्थान पर ले गई है। 

दो दशकों से चला आ रहा गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब विवाद गुरु नानक देव जी के पावन प्रकाश उत्सव के अवसर पर फिर गहरा गया। हर की पौड़ी (हरिद्वार) स्थित गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब पर कब्जे के लिए दादू साहिब (हरियाणा) के मुखिया संत बलजीत सिंह दादू साहिब बलों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश का प्रयास कर रहे थे। तभी उत्तराखंड सरकार ने भारी पुलिस बल का प्रयोग कर श्रद्धालुओं को सीमा पर ही रोक दिया। सीमा पर रोके जाने से आक्रोशित श्रद्धालुओं ने हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर चक्का जाम लगा दिया। 

लगभग चार घंटे चक्का जाम के कारण दोनों ओर से आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान चक्का जाम पर बैठे श्रद्धालुओं के जलपान की व्यवस्था गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पांवटा साहिब के सहयोग से की गई। बुधवार दोपहर बाद तक आम लोगों की दिक्कतों को देखते हुए हिमाचल पुलिस ने रूट बदल कर खोदरी-माजरी मार्ग आम लोगों के लिए खोल दिया। 

वहीं दोपहर बाद तक उत्तराखंड सरकार की ओर से कोई सकारात्मक संकेत न मिलता देख संत बलजीत सिंह दादू साहिब के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिया। इसके चलते गुरद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब धर्म युद्ध मोर्चा के मुखिया संत बलजीत सिंह दादू साहिब, कुंवर जपिंद्र सिंह, बाबा अवतार सिंह, गुरचरण सिंह बाबा, बाबा प्रदीप सिंह, सुखदेव सिंह, जग्गी सिंह, मलकीत सिंह, गुरदीप सिंह, भूरा सिंह, गुरदेव सिंह, महेंद्र सिंह सहित सैकड़ों सिख श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पुलिस गिरफ्तार कर अज्ञात स्थान पर ले गई। 

डीएसपी पांवटा साहिब निश्चिंत नेगी ने बताया कि हरिद्वार जा रहे सिख श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पुलिस ने प्रदेश की सीमा पर गिरफ्तार किया है। यह सांकेतिक गिरफ्तारी है, उन्हें शीघ्र रिहा कर दिया जाएगा।

शिमला विश्वविधालय में फीस वृद्धि को लेकर एबीवीपी का उग्र प्रदर्शन

फीस वृद्धि को लेकर एबीवीपी उग्र हो गई है। इसके चलते धर्मशाला एबीवीपी इकाई ने पीजी कालेज धर्मशाला में धरना-प्रदर्शन कर रैली निकाली है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविधालय शिमला द्वारा प्रोस्पेक्टस में की गई फीस में वृद्धि को लेकर कालेज में धरना-प्रदर्शन किया। एबीवीपी ने वाइस चांसलर और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

इसके साथ ही वार्षिक परीक्षा फार्मों की फीस वृद्धि के कारण पीजी कालेज में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। जल्द मांगें न जाने पर अंदोलन को तेज़ करते हुए प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों का बहिष्कार करने की चेतावनी एबीवीपी ने दी है। इकाई ने रोष जताते हुए कहा कि विवि प्रशासन छात्र विरोधी फैसले कर रहा है। ऐसे में निर्धन परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना मुश्किल हो जाएगा। फीस में की गई वृद्धि का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों से संबंधित बच्चों के लिए कालेज की फीस देना मुश्किल हो गया है। 

विवि ने फीस में वृद्धि करने से कालेज में पढ़ रहे निर्धन छात्र-छात्राओं का शोषण हो रहा है। उनका कहना है कि विवि प्रशासन इसी तरह अपने निर्णय पर अड़ा रहा तो संगठन इसके विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल बजाने में जरा भी गुरेज नहीं करेगा। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में जहां गरीब परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी पूरी करना मुश्किल हो गया है, वहीं दूसरी तरफ इस फीस वृद्धि के कारण छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

उनका कहना है कि इस फीस वृद्धि को रोका जाना चाहिए। धर्मशाला कालेज के एससीए अध्यक्ष अंशुल शर्मा, उपाध्यक्ष ओसीन शर्मा व इकाई अध्यक्ष मुनीष अवस्थी, ममता, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य आतिष गुलेरिया, शिवाजी हंस, आदित्य पंडित, अमन, शुशांत, अलपा, नेहा राणा, चंदन, राहुल, अमन, सोरभ, कर्णेश्वर, व अर्चना सभी कार्यकर्ता रैली में मौजूद रहे। उनका कहना है कि अगर फीस वृद्धि पर विश्वविधालय ने रोक नहीं  लगाई तो कालेज मंे हड़तालें की जाएंगी।

Vishwa Bandhu Gupta exposing Sonia Gandhi Corruption and Black money

अब आर.पी सिंह ने यू टर्न लेते हुए जोशी का बचाव किया


टेलिकॉम घोटाले और सीएजी रिपोर्ट पर चल रहे घटनाक्रम ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब पूर्व सीएजी अधिकारी आर. पी. सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया था कि पब्लिक अकाउंट कमिटी (पीएसी) के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी ने कैग की रिपोर्ट को प्रभावित किया। 

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के आकलन को गलत बताने वाले सिंह ने कहा कि उनके बयान को एक अखबार ने गलत तरीके से प्रचारित किया।

23 नवंबर को एक अखबार ने सिंह के हवाले से लिखा था कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में नुकसान का फॉर्म्युला जोशी ने सुझाया था। इसके बाद ही नुकसान का आकलन बढ़ाकर कैग ने 1.76 लाख करोड़ रुपये कर दिया। सिंह के इस कथित खुलासे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पहली बार पूरे मामल में हमला बोलते हुए 2जी स्कैम के आंकड़े को बीजेपी की साजिश करार दिया था। परोक्ष रूप से सोनिया ने कैग पर भी निशाना साधा था। सिंह के ताजा बयान से 2जी स्कैम को बीजेपी की साजिश साबित करने में जुटी कांग्रेस और सरकार की मुहिम को थोड़ा झटका लगा है।

सिंह ने रविवार को साफ किया कि उन्होंने रिपोर्ट को लेकर पीएसी चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी पर कभी सवाल नहीं खड़े किए। जोशी पर आरोप लगाने से इनकार करते हुए कैग के पूर्व अधिकारी ने कहा, ‘वह ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि उनके पास इस बात का कोई दस्तावेजी सुबूत नहीं है।’

पूर्व सीएजी अधिकारी ने अपने ऊपर कांग्रेस का मोहरा होने के आरोप का भी खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनका यूपीए के साथ न तो कोई रिश्ता है और न ही नेताओं से कोई बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि मैंने राजनीति से प्रेरित होकर कुछ भी नहीं कहा है।

गौरतलब है कि सिंह ने कैग और पीएसी के बीच मिलीभगत का अप्रत्यक्ष आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि कैग ने नवंबर 2010 में 2जी घोटाले पर संसद को रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन इसके पहले से ही कैग और पीएसी के अधिकारियों के बीच बहुत अच्छे संबंध थे। उन्होंने यह भी कहा था कि कैग के अधिकारी 22 अप्रैल 2011 को मुरली मनोहर जोशी से मिलने उनके घर गए थे। हालांकि, जोश ने इस बारे में कहा था कि बतौर पीएसी चेयरमैन उन्होंने कैग को बुलाया था, उसके अधिकारियों को नहीं।

पिछले साल सितंबर में सीएजी के डीजी (पोस्ट ऐंड टेलिकम्युनिकेशन्स) पद से रिटायर होने वाले सिंह ने कहा था कि उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने लिखित आदेश दिया था जिसकी वजह से उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम में 1.76 लाख करोड़ के अनुमानित घाटे वाली रिपोर्ट में दस्तखत करने पड़े। आरपी सिंह कैग की उस टीम की अगुआई कर रहे थे जिसने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन का ऑडिट किया था।

लश्कर-ए-तैयबा ने माता वैष्णो देवी मंदिर पर हमले की धमकी दी


आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा ने माता वैष्णो देवी के भवन व कटड़ा के आधार शिविर पर हमले की धमकी दी है। कटड़ा स्थित एक निजी होटल के मैनेजर को भेजी ई-मेल में लश्कर ने लिखा है कि वह अजमल कसाब की फांसी का हिसाब लेगा, अगर इस हमले को रोक सकते हो तो रोक लो। 26/11 की बरसी से ठीक पहले लश्कर की इस धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर सभी संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। कसाब को फांसी दिए जाने के बाद लश्कर और तालिबान पहले ही भारतीयों पर हमले की धमकी दे चुके हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुट गई है कि वाकई ई-मेल लश्कर ने ही भेजा है या किसी की शरारत है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात कटड़ा-रियासी मार्ग पर स्थित एक निजी होटल के मैनेजर को उसके लैपटॉप पर लश्कर के नाम से धमकी भरा ई-मेल आया। इसमें कसाब की मौत का बदला लेने के लिए वैष्णो देवी भवन व आधार शिविर को उड़ाने की बात कही गई है। होटल मैनेजर ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। देर रात ही कटड़ा से भवन तक सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई।

ऊधमपुर-रियासी रेंज के डीआइजी जगजीत कुमार सहित पुलिस व सुरक्षा एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी कटड़ा पहुंच गए। रविवार लैपटॉप को जब्त कर सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल की जांच में जुटी हैं। जम्मू से आइबी की एक टीम भी कटड़ा पहुंच गई है। आइजी दिलबाग सिंह ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल बेंगलूर से आया है। आगे की जांच के लिए टीम जल्द बेंगलूर रवाना होगी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

डीआइजी जगजीत कुमार ने कहा कि जल्द ही पता लगा लिया जाएगा कि ई-मेल किसने भेजा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भवन, यात्रा मार्ग व आधार शिविर कटड़ा में चौकसी बेहद मजबूत कर दी गई है। गौरतलब है कि 2003 में हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी मुहम्मद यूसुफ ने बाण गंगा के समीप गुलशन कुमार के लंगर पर ग्रेनेड से हमला किया था। इसमें सात श्रद्धालु मारे गए थे और 50 घायल हुए थे।

'गुजरात गो दर्शन' गौ माता पर एक अद्भुत पुस्तक


देवनार मजबाह (स्लाटर हाउस) में दो लाख 11 हजार 109 बकरे बेचे गए। दसवीं और ग्यारहवीं जिलहज्जा को 8 हजार 550 बैलों की कुर्बानी दी गई। इस वर्ष पशुओं के अभाव में मुम्बई वासियों को निराशा का सामना करना पड़ा। संयोग से उसी दिन यह समाचार भी मिला कि 28 अक्तूबर को प्रख्यात जैन संत विमलकुमार सागर जी महाराज ने भिवंडी में श्री घनश्याम गोपालन ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक का विमोचन किया जिसका शीर्षक है 'गुजरात गो दर्शन।' भारत में हर-मत पंथ के लोग मानते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए यहां पशुओं की सुरक्षा अत्यंत अनिवार्य है। इन पशुओं में गाय का अपना महत्व है। भारत में केवल हिन्दू ही नहीं गाय को पालने और चराने में महत्वपूर्ण भूमिका यहां के अनेक मुस्लिम बंधु भी निभाते रहे हैं। इसलिए गाय इस देश की सांस्कृतिक और आर्थिक बुनियाद में नींव का पहला पत्थर है।

इस बात को ध्यान में रखकर 'गुजरात गो दर्शन' को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए विद्यालयी पाठ्यक्रम में इसे स्थान मिले इसका प्रयास किया जा रहा है। भारतीय गो विज्ञान परीक्षा समिति ने 2011 में गुजरात सहित देश के 17 राज्यों में परीक्षाओं का आयोजन किया ताकि विद्यार्थी गो की महत्ता को समझ सकें। उक्त योजना के संचालकों का यह कार्यक्रम है कि तीसरी कक्षा से माध्यमिक स्तर तक उक्त परीक्षाओं का आयोजन किया जाए जिससे गो का महत्व और उसके भीतर छिपी शक्तियों से नई पीढ़ी अवगत हो सके। नरेन्द्र मोदी सहित देश के अन्य मुख्यमंत्रियों ने भी इस योजना का स्वागत किया है। 

जानकारी के अनुसार अनेक स्थानों पर इस प्रकार की परीक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। इस योजना के आयोजकों का मत है कि इससे विद्यार्थियों में गाय के प्रति समझ तो बढ़ेगी ही देश की सांस्कृतिक एकता का भी प्रचार-प्रसार होगा। उक्त पुस्तक में महर्षि दयानंद सरस्वती को उद्धृत करते हुए लिखा गया है कि भारत की एकता तभी संभव है जब यहां का बहुसंख्यक समाज संगठित हो। उक्त कार्य असंभव तो नहीं, लेकिन कठिन अवश्य लगता है। लेकिन गो एक ऐसा आधार है जो यहां के विभिन्न मत-पंथों, विचारकों और सांस्कृतिक प्रवाहों को एक सूत्र में बांध सकती है। हमारा राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय ध्वज जिस प्रकार से भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक है वही स्थान भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था में गाय का है।

विश्व पर एक दृष्टि डालें तो कृषि प्रधान देशों में वहां पाए जाने वाले पशु ने महत्व की भूमिका निभाई है। न्यूजीलैंड की राजधानी का नाम ओकलैंड है। वहां के निवासी मावरी कहे जाते हैं। मावरी भाषा में ओक का अर्थ होता है गाय। आज भी न्यूजीलैंड का मुख्य व्यवसाय कृषि और डेरी ही है। वहां दूध बहुत बड़े प्रमाण में उपलब्ध है। इसलिए उसका पाउडर सारी दुनिया में निर्यात किया जाता है। दुनिया की डेरी कहा जाने वाला देश डेनमार्क है। उसकी राजधानी का नाम कोपनहेगन है। 

पुराने मानचित्रों में आज भी कोपनहेगन की 'स्पेलिंग' सी ओ डब्ल्यू से ही लिखी गई है जो 'काऊ' शब्द को उसके साथ जोड़ती है। कोपनहेगन अपने दुग्ध व्यवसाय के लिए आज भी विश्व में प्रसिद्ध है। यूरोप में जब तक ट्रैक्टर की खोज नहीं हुई थी उस समय तक बैलों के द्वारा ही खेती की जाती थी। इंग्लैंड का प्रसिद्ध घराना फोर्ड बैलों के व्यवसाय के लिए जाना माना था इसलिए उस नगर का नाम ही आक्सफोर्ड पड़ गया। कहने की आवश्यकता नहीं कि गाय और बैल हर देश में कृषि के लिए प्रासंगिक रहे हैं। पुराने मिस्र में भी गाय को इसीलिए पवित्र माना गया है। 

मध्य पूर्व के देशों में आकाश से उतरी पहली आसमानी पुस्तक जबूर में गाय का विवरण है। इसी प्रकार पवित्र कुरान में अलबकर सूरा है। अरबी में गाय को बकर कहा जाता है। तिब्बत का याक वहां की गाय का सूचक है। पाठकों को बता दें कि तिब्बत और नेपाल में याक की हत्या प्रतिबंधित है। भारतीय इसलिए अपनी गाय को कामधेनु की संज्ञा देते हैं। भारत में जितने भी महान देवी देवता हुए हैं उनका संबंध गाय से रहा है। आदर्श राम राज्य की कल्पना को साकार करने के लिए महर्षि वशिष्ठ ने राजा को गो सेवा करने का निर्देश दिया। नंदिनी गाय की रक्षा के लिए ही उन्हें राम का अवतार मिला। गाय के दूध से भगवान श्री नाथ जी प्रकट हुए। इस प्रकार उक्त छोटी सी पुस्तक अनेक जानकारी प्रदान करके लोगों को रोमांचित कर देती है। सारा देश जानता है कि गो की चर्बी वाले कारतूस ही तो मंगल पांडे के लिए 1857 की क्रांति का कारण बने थे।

भारतीय पाठशालाओं में बालकों को गाय के संबंध में ज्ञान देने वाली 'गुजरात गो दर्शन' एक ऐसी अद्भुत पुस्तक है, जो संस्कृति से लेकर धर्म, व्यापार, विज्ञान और जीवन के लिए आवश्यक कलाओं के साथ लाभप्रद वाणिज्य के दर्शन करवाती है। हजरत अली के शब्दों में गाय का दूध दुनिया की असंख्य बीमारियों के इलाज के रूप में शिफा है। पुस्तक कहती है कि इंसान का बच्चा भी जन्म लेते ही अपनी मां को नहीं पुकारता। लेकिन गाय का जाया (बछड़ा) पैदा होते ही जो आवाज लगाता है उसमें मां शब्द सुनाई पड़ता है। गाय जब रंभाती है तो लगता है कोई मां अपनी ममता से ओतप्रोत होकर उसे वात्सल्य प्रदान कर रही है। इसलिए उसे माता शब्द से विभूषित किया गया है। पुस्तक को जब पढ़ते हैं तो लगता है गाय तो माता के साथ-साथ एक चलता-फिरता दवाखाना है। उसका कौन सा अंग है जो इंसान की सेवा नहीं करता। 

जीवित रहने तक उसे अपने दूध की धारा पिलाती है, जिसे हम गोबर कहते हैं वह तो अपने आपमें गो वर है। उसके मूत्र में आयुर्वेद के नुस्खे भरे पड़े हैं। जीवित है तब तक तो गाय जीवनदायी है ही, लेकिन मर जाने के बाद भी न जाने अपने बेटे-बेटियों के लिए क्या-क्या छोड़ जाती है। सऊदी अरब की अलखिराज गोशाला में 1800 गायें हैं जिन्हें मर जाने के बाद दफना दिया जाता है। विदेशी होने के बाद भी वे गाय के वरदान से परिचित हैं लेकिन हम भारतीय होने के बाद भी उसके गुणों से परिचित नहीं हैं। यदि हैं तो उससे लापरवाह हैं।

इस पुस्तक में एक दिलचस्प प्रश्नावली प्रकाशित की गई है जिसे पढ़कर हम इस नतीजे पर पहुंच सकते हैं कि गाय हमारे लिए कहीं माता है तो कहीं डाक्टर, कहीं भरापूरा औषधालय, कहीं स्वादिष्ट मिठाई का खानपान भंडार और कहीं मनोविज्ञान सिखाने वाला चलता-फिरता प्राध्यापक। गाय के दूध से क्या क्या बनता है, और वह किस रोग में कितना लाभदायी है? घनश्याम गोपालन ट्रस्ट के इस अभियान में अब योगदान देने का संकल्प जागरण नामक संगठन भी कर चुका है।

यूपी का शासन इमाम बुखारी व आजम खां चला रहे हैं - तोगड़िया


विश्व हिंदू परिषद के पूर्वकालिक अभ्यास वर्ग का शुभारंभ करने आए संगठन के अंतरराष्ट्रीय कार्यवाहक प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि यूपी का शासन इमाम बुखारी व आजम खां चला रहे हैं। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों के वोट के लिए पाकिस्तान की तारीफ करते हैं।

तोगड़िया ने पत्रकारों से कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और हिंदुओं की स्थिति बिगड़ रही है। सपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में नौ दंगे हुए हैं लेकिन शासन के रवैये को देख कर लगता है कि अल्पसंख्यकों का पोषण किया जा रहा है। आतंकवादियों के मुकदमे वापस लिए जा रहे हैं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पर भी नितीश कुमार पर अल्पसंख्यक वोटों की राजनीति करने का आरोप लगाया। 

उन्होंने यूपी की सरकार मुसलमान की बेटी को तीस हजार रुपए और कब्रिस्तान के लिए पैसा दे रहे हैं तो बिहार सरकार के मुखिया पाकिस्तान की तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को तो महंगाई, भ्रष्टाचार और मुस्लिम आरक्षण को लेकर कटघरे में खड़ा किया पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के मामले पर चुप्पी साधे रहे। 

गडकरी को लेकर सिर्फ इतना कहा कि व्यक्ति महत्व नहीं रखता विषय महत्व रखता है। बाला साहब ठाकरे के बारे में कहा कि उन्होंने हिंदुत्व के लिए जो काम किया है उनके मिशन को आगे बढ़ाने को और बाला साहब पैदा होने चाहिए। विहिप नेता ने कहा कि महाकुंभ मेला में 17 फरवरी को विराट संत सम्मेलन होगा। इसमें राम मंदिर सहित असम, उत्तर प्रदेश में हिंदुओं की स्थिति और देश में हो रही बांग्लादेशी घुसपैठ पर चर्चा होगी।

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