जेनरिक दवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र बनाएं : उपराष्ट्रपति

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भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा दें; भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के मानकीकरण के लिए काम करेः उपराष्ट्रपति 70वें भारतीय फॉर्मास्युटिकल कांग्रेस को संबोधित किया सभी प्रमुख दवा कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत की

उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने दवा उद्योग का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारत को जेनरिक दवाओं का एक अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र बनाने की दिशा में कार्य करें।

उपराष्ट्रपति ने आज नोएडा में 70वें भारतीय फॉर्मास्युटिकल कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्वभर में जेनरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। वैश्विक निर्यातों में भारत की जेनरिक दवाओं की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। भारतीय दवा उद्योग गुणवत्ता और कीमत के मामले में बेहतर है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जेनरिक दवाओं के मामले में वैश्विक तौर पर अग्रणी होने के साथ-साथ भारत को भारतीय चिकित्सा प्रणाली को भी बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने युवा अनुसंधानकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारतीय चिकित्सा प्रणाली के मानकीकरण की दिशा में कार्य करें और वैश्विक तौर पर स्थापित प्रयौगिक तौर-तरीके का इस्तेमाल करते हुए इन पारम्परिक चिकित्सा प्रणालियों को गुणात्मकता, वैधता और प्रभावोत्पादकता स्थापित करें।

उपराष्ट्रपति ने दवा कम्पनियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे कॉरपोरेट-सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) से जुड़े नियमों से आगे जाकर लोगों की जान बचाएं और उन लोगों को अन्य अनिवार्य दवाएं उपलब्ध कराएं, जो उन्हें खरीद नहीं सकते। उन्होंने कहा कि भारत जैसे एक देश के लिए सस्ती दरों पर स्वास्थ्य सुविधाएं और दवाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत विकासशील देशों में सस्ती दरों पर जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध करा रहा है।

इससे पहले, श्री नायडू ने सभी प्रमुख फॉर्मास्युटिकल कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत की। इस सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर देशभर से आए 5000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उत्पाद और मद्य निषेध मंत्री श्री जय प्रताप सिंह और दवा उद्योग के अन्य अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


#CRPF जवानों की हत्या पर मानवाधिकार कार्यकर्ता खामोश क्यों ? : वेंकैया नायडू

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सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री वेंकैया नायडू का बयान – सुकमा में सीआरपीएफ जवानों की कायरतापूर्ण हत्या पर मानवाधिकार कार्यकर्ता खामोश क्यों ?

24 अप्रैल, 2017 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में विकास कार्यों के लिए सड़कों को सुरक्षित बनाने के काम में लगे सीआरपीएफ जवानों की कायरतापूर्ण हत्या से राष्ट्र सदमे में है। अन्य कई घायल हुए हैं। भूमिगत उग्रवादी तत्वों द्वारा की जाने वाली इस तरह की कायरतापूर्ण कार्रवाई अत्यंत निंदनीय है।

सीआरपीएफ के जो जवान मारे गए और घायल हुए हैं वे देश की जनता की सेवा कर रहे थे और उन्होंने अपने जीवन को न्यौछावर कर दिया। राष्ट्र के लिए यह सर्वोच्च बलिदान है। वर्दी पहने हुए जो समर्पित जवान मारे गए और घालय हुए हैं उनके परिवारों के प्रति केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह से समर्पित हैं। केंद्र और राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ काम करती रहेंगी और इस तरह की हिंसात्मक कार्रवाइयों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पूरा राष्ट्र इस हत्या और हिंसा से सदमे में है, लेकिन कल से ही मानवाधिकार के तथाकथित हितैषी और आवाज उठाने वाले लोग चुप्पी साधे हुए हैं। अगर पुलिस द्वारा किसी आंतकवादी या उग्रवादी को मारा जाता तो ये कार्यकर्ता आवाज उठाते और हिंसात्मक प्रतिक्रिया करते। लेकिन, बड़ी संख्या में जवानों और निर्दोष लोगों को जब ऐसे लोग मारते हैं तब मानवाधिकार के कार्यकर्ता चुप्पी ओढ़ लेते हैं।

क्या मानवाधिकार केवल उन लोगों के लिए है जो अपनी अप्रासंगिक विचार धाराओं को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा का सहारा लेते हैं? क्या मानवाधिकार सुरक्षाकर्मियों और साधारण लोगों के लिए नहीं है?

जब गैर कानूनी तत्व इस तरह की अमानवीय हरकत करते हैं, तो मानवाधिकार कार्यकर्ता क्यों खामोश हो जाते हैं?

मैं यह कहना चाहता हूं कि इस तरह की हिंसात्मक गतिविधियों को मानवाधिकार की वकालत करने वाले तथाकथित कार्यकर्ताओं का मौन समर्थन प्राप्त है। ऐसी कार्रवाई हताशा में की जाती है ताकि केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों का सकारात्मक प्रभाव रोका जा सके और तेज आर्थिक विकास का लाभ गरीबों तक न पहुंच पाए।

इस बात की अत्यंत आवश्यकता है कि प्रतिबंधित तत्वों और तथाकथित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की हिंसात्मक गतिविधियों के विरूद्ध मजबूत जनभावना बनायी जाए। ऐसे तत्व दोहरे मानदंड वाले हैं और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का शिकार होने वाले सुरक्षाकर्मियों, उनके परिजनों और निर्दोष व्यक्तियों के लिए यह मानवाधिकार की बात नहीं करते। 

राष्ट्रपति और मंत्रियों का हिंदी में भाषण देना अनिवार्य नहीं : वेंकैया नायडू


सूचना और प्रसारण मंत्री श्री वेंकैया नायडू का वक्तव्य – हिंदी थोपने के आरोप निराधार 

‘मुझे कुछ समाचार पत्रों में छपी कुछ रिपोर्टों को पढ़कर दुख हुआ है। इन खबरों में डीएमके नेता श्री एन. के. स्टालिन का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार हिंदी थोप रही है।

श्री स्टालिन का हवाला देते इन खबरों में कहा गया कि संसदीय समिति (राजभाषा) ने हिंदी जानने वाले संसद सदस्यों और केंद्रीय मंत्रियों के लिए भाषणों और लेखों में हिंदी के उपयोग को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव किया। खबरों में आगे आरोप लगाया गया है कि इस संबंध में अध्यादेश जारी किया गया है यानी सरकार हिंदी थोप रही है।

मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि पूर्व गृह मंत्री श्री पी. चिदम्बरम के नेतृत्व में राजभाषा पर संसदीय समिति ने निम्नलिखित सिफारिश की और सिफारिश को 2 जून, 2011 को माननीय राष्ट्रपति को भेजा गया : - 

‘यह समिति हिंदी बोलने और पढ़ने वाले उच्च राजनीतिक पदों पर आसीन व्यक्तियों से अपने भाषण/ वक्तव्य हिंदी में देने का अनुरोध करती है। इस श्रेणी में माननीय राष्ट्रपति और सभी मंत्री आते हैं।

वर्तमान सरकार ने 31 मार्च, 2017 को इस सिफारिश को अधिसूचित किया।

यह दिखाता है कि राजभाषा पर संसदीय समिति के सुझाव का स्वभाव सिफारिशी है और अनिवार्य नहीं है। इस संबंध में अध्यादेश जारी करने का आरोप पूरी तरह निराधार और शरारतपूर्ण है।

याद रहे कि 2011 में डीएमके पार्टी भारत सरकार की सदस्य थी। उसी समय यह सिफारिश की गई और माननीय राष्ट्रपति को संसदीय समिति द्वारा सिफारिश भेजी गयी।

भारत सरकार का किसी भी व्यक्ति पर कोई भाषा थोपने की मंशा नहीं है’

#AAIMS के कायाकल्प के लिए 7670 करोड़ रुपये के तीन #MOU साइन हुए



पि‍छले दो वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे एवं अन्‍य सुविधाओं के रूप में ऐतिहासिक प्रगति देखने को मिली है : जे पी नड्डा 

देश के हर राज्य में इस तरह का प्रमुख संस्थान होना चाहिए: वेंकैया नायडू 

नई दिल्‍ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बुनियादी ढांचे एवं अन्‍य सुविधाओं का विस्‍तार करने के लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड, एचएससीसी (इंडिया) लिमिटेड और हाइट्स एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड के साथ तीन सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किये। इन सहमति पत्रों पर हस्‍ताक्षर के लिए आयोजित समारोह की अ‍ध्‍यक्षता माननीय केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री जे पी नड्डा और माननीय केंद्रीय शहरी विकास, शहरी गरीबी उन्‍मूलन एवं सूचना व प्रसारण मंत्री श्री वेंकैया नायडू ने की। एम्‍स ने एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ 4441 करोड़ रुपये, एचएससीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ 2500 करोड़ रुपये और हाइट्स एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड के साथ 729 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्‍ताक्षर किये। ये एमओयू कुल मिलाकर 7670 करोड़ रुपये के हैं।

इस अवसर पर श्री जे पी नड्डा ने कहा कि यह एम्‍स के सर्वाधिक ऐतिहासिक दिवसों में से एक है क्‍योंकि आज सरकार ने एक कार्यक्रम में किसी सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य परियोजना के तहत स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में अब तक के सर्वाधिक निवेश की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की है। श्री नड्डा ने कहा, ‘पि‍छले दो वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे एवं अन्‍य सुविधाओं के रूप में ऐतिहासिक प्रगति देखने को मिली है।’

इस अवसर पर श्री वेंकैया नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप हमें सुधार, प्रदर्शन एवं बदलाव सुनिश्चित करना चाहिए और यह पहल इसी सोच को दर्शाती है। श्री नायडू ने यह भी कहा कि इस कदम से एम्‍स का कायाकल्प हो जायेगा।

पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी के साथ हुए समझौते के तहत अयूर विज्ञान नगर परिसर में 3060 आवासीय अपार्टमेंट और पश्चिम अंसारी नगर परिसर में 868 अपार्टमेंट बनाये जायेंगे।

एचएलएल इन्‍फ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड (हाइट्स) के साथ हुए समझौते के तहत राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, एम्स, झज्जर, हरियाणा के लिए सभी प्रकार के मेडिकल उपकरण और सेवाएं हासिल की जायेंगी जिनमें मेडिकल गैस वितरण प्रणाली, सीएसएसडी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर्स भी शामिल हैं। इसी तरह झज्जर में एम्स के दूसरे परिसर में प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्डियोवैस्कुलर (हृदय) संस्थान (एनसीवीआई) में डिजाइन एवं उपकरण खरीद सहित विभिन्‍न कार्यों के लिए एचएससीसी का चयन एक परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में किया गया है।

रेडियो स्‍टेशनों खोलने के लिए उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों को 90% एवं अन्‍य राज्‍यों को 75% सब्सिडी


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय समुदाय रेडियो स्‍टेशनों की स्‍थापना के लिए उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों को 90 फीसदी सब्सिडी एवं अन्‍य राज्‍यों को 75 फीसदी सब्सिडी उपलब्‍ध कराएगा : वेंकैया नायडू 

सुशासन के लिए केंद्र एवं राज्‍यों के बीच सहयोग अपरिहार्य : कर्नल राठौर 


दूरदर्शन उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों के लिए अरुण प्रभा चैनल आरंभ करेगा

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री वेंकैया नायडू ने अपनी समापन टिप्‍पणियों में घोषणा की कि समुदाय रेडियो स्‍टेशनों की स्‍थापना के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों को 90 फीसदी सब्सिडी एवं अन्‍य राज्‍यों को 75 फीसदी सब्सिडी उपलब्‍ध कराएगा। समुदाय रेडियो स्‍टेशन एक असाधारण माध्‍यम है जो स्‍थानीयकृत भाषाओं (कंटेंट) में सूचनाओं का प्रसार करता है। उन्‍होंने इसका जिक्र भी किया कि जनवरी के पहले पखवाड़े में दूरदर्शन उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों के लिए अरुण प्रभा चैनल आरंभ करेगा। यह चैनल स्‍थानीय संस्‍कृति की समृद्धि, विविधता एवं अनेकता को प्रदर्शित करेगा तथा उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों को समस्‍त भारत से एकीकृत करने का समेकित प्रयास करेगा।

श्री वेंकैया नायडू ने आगे बताया कि भारत सरकार सूचना एवं संप्रेषण के प्रसार प्रचार की दिशा में एक व्‍यापक एवं समेकित दृष्टिकोण के लिए राज्‍यों के परामर्श से एक राष्‍ट्रीय सूचना एवं संचार नीति का निर्माण करेगी। राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कारों में सर्वाधिक फिल्‍म अनुकूल राज्‍य का पुरस्‍कार समावेशित किए जाने के बारे में बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि राज्‍यों को इस पहल पर फोकस करना चाहिए क्‍योंकि इससे न केवल राजस्‍व में बढोतरी होगी बल्कि यह राज्‍य में पर्यटन को भी बढावा देगा। इस परिप्रेक्ष्‍य में आज पहले उन्‍होंने सर्वाधिक फिल्‍म अनुकूल राज्‍य के पुरस्‍कार के लिए एक करोड़ रुपये के नकद पुरस्‍कार की भी की ।

इससे पहले, इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्‍य मंत्री कर्नल राज्‍यवर्द्धन राठौर ने कहा कि सुशासन के लिए केंद्र एवं राज्‍यों के बीच सहयोग अपरिहार्य है और देश के विकास की गाथा लिखने के लिए टीम इंडिया के रुप में आगे बढ़ने की जरुरत है। सूचना का प्रसार एवं फीडबैक का विश्‍लेषण संचार परिदृश्‍य की समग्र प्रक्रिया का एक महत्‍वपूर्ण तत्‍व है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्‍य मंत्री कर्नल राज्‍यवर्द्धन राठौर आज नई दिल्‍ली के विज्ञान भवन में 28वें राज्‍य सूचना मंत्रियों के सम्‍मेलन को संबोधित कर रहे थे।

इसे और अधिक स्‍पष्‍ट करते हुए उन्‍होंने कहा कि सूचना का संग्रह एवं उसका प्रसार एक अनवरत प्रक्रिया है और केंद्र तथा राज्‍यों को एक ऐसी पारिस्थितिकी प्रणाली के सृजन के लिए एकजुट होने की आवश्‍यकता है जो नागरिकों को प्रबुद्ध बनाने में सक्षम हो।

सूचना के प्रसार की प्रक्रिया में सरकारी प्रसारणकर्ता की भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए कर्नल राठौर ने कहा कि दूरदर्शन एवं आकाशवाणी को न केवल भौगोलिक रूप से लोगों से जुड़ने की आवश्‍यकता है बल्कि उन्‍हें सामग्रियों एवं कार्यक्रमों पर भी फोकस करने की जरुरत है। उन्‍होंने मीडिया इकाइयों तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत प्रशिक्षण संस्‍थानों द्वारा किए जा रहे कार्यकलापों का भी जिक्र किया।    

4,041 शहरों/कस्बों को नकदी रहित लेनदेन व्‍यवस्‍था में परिवर्तित करने को कहा गया


सभी 4,041 शहरों/कस्बों को नकदी रहित लेनदेन व्‍यवस्‍था में परिवर्तित करने को कहा गया, मध्‍यप्रदेश अगले वर्ष मार्च तक इसे पूरा करेगा 

 इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान और पीएफएम को  अपनाया जाएगा

श्री एम. वैंकेया नायडू ने विशाखापत्तनम निगम की नकदी रहित लेनदेन सुविधा का शुभारंभ किया

सभी तरह की व्‍यवस्‍था को नकदी रहित लेन-देन में परिवर्तित करने के लिए जारी प्रयासों के तहत, शहरी विकास मंत्रालय ने सभी वैधानिक 4041 शहरी स्थानीय निकायों को जल्द से जल्द ई-भुगतान में परिवर्तित करने को कहा है। देश के इन शहरों और कस्बों की 40 करोड़ शहरी आबादी का यह लगभग 75% है।

केन्द्र सरकार के इस संदेश से 4041 शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों को परस्‍पर संवादात्‍मक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहरी विकास सचिव श्री राजीव गाबा ने अवगत कराया। नकदी रहित लेनदेन को सुनिश्चित करने के विभिन्न पहलुओं पर आधे दिन हुए इस वार्तालाप में संबंधित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

राज्य और शहर स्तर के अधिकारियों को वित्त मंत्रालय द्वारा विकसित लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएम) का उपयोग करने के अलावा शहरों और कस्बों के स्तर पर नकदी रहित लेनेदेन के लिए इंटरनेट बैंकिंग, क्रेडिट और डेबिट कार्ड का उपयोग करते हुए ऑनलाइन बैंकिंग(आरटीजीएस/ एनईएफटी) को बढ़ावा देने के लिए कहा गया था।

श्री गाबा ने जोर दिया कि शहरी स्थानीय निकायों के आय और व्यय दोनों से संबंधित सभी लेन-देन को ई-पेमेंट मोड में स्थानांतरित किए जाने की आवश्‍यकता है। इनमें संपत्ति कर का भुगतान, व्‍यावसायिक कर, पानी और बिजली के बिल के सभी उपयोगकर्ता शुल्क, सभी प्रकार के शुल्क और लाइसेंस शुल्क, सामुदायिक हॉलों की ऑनलाइन बुकिंग, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को जारी करना, दुकानों का पंजीकरण और अन्य प्रतिष्ठानों के नवीकरण, पुस्तकालय सदस्यता का नामांकन आदि शामिल हैं।
इसके अलावा सभी नियमित और अनुबंध कर्मचारियों को वेतन का भुगतान, सभी अनुबंध और कार्य भुगतान, खरीद, सामाजिक सुरक्षा, लाभार्थी भुगतान आदि के लिए व्‍यय को नकदीरहित बनाया जाना भी शामिल है।

शहरी प्रशासनों को सभी श्रेणियों के कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों हेतु खाते खोलने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण एवं जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।

राज्यों को शहर स्‍तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत धन के हस्तांतरण, लेखा और निगरानी को सक्षम बनाने के लिए लोक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएम) अपनाने के लिए कहा गया है।

लेनदेन की मात्रा को स्पष्ट करने के लिए, नवंबर के दौरान अब तक बकाया राशि देय सहित 59 शहरों ने 1,722 करोड़ रूपए का राजस्व एकत्र किया है। इसमें शामिल है: 

अहमदाबाद- 187 करोड़ रूपए, 
भोपाल-27 करोड़ रूपए, 
चेन्नई की 80 करोड़ रूपए, 
फरीदाबाद- 17 करोड़ रूपए, 
गुवाहाटी 14 करोड़ रूपए,  
हैदराबाद- 208 करोड़ रूपए,  
इंदौर-32 करोड़ रूपए, 
काकीनाडा (एपी) 20 करोड़ रूपए,  
कल्याण (महाराष्ट्र) -170 करोड़ रूपए, 
लखनऊ-23 करोड़ रूपए,  
रायपुर-17 करोड़ रूपए, 
विशाखापट्टनम-16 करोड़ रूपए, 
अमृतसर-12 करोड़ रूपए, 
कानपुर-30 करोड़ रूपए, 
मुंबई-167 करोड़ रूप्‍ए और 
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद- 84 करोड़ रुपए।

मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख 7 शहरों में पहले से ही नकदरहित लेनदेन व्‍यवस्‍था सक्षम है और सभी 378 शहरों और कस्बों में अगले वर्ष मार्च तक ये व्‍यवस्‍था पूर्ण हो जाएगी। उत्तर प्रदेश और गोवा ने शहरी स्तर पर पीएफएम का उपयोग करने की जानकारी दी है और इसे बहुत उपयोगी पाया है।

शहरी विकास मंत्री श्री नायडू एम. वैंकेया नायडु ने विशाखापत्तनम नगर निगम और ई-पेमेंट पर नागरिकों को शिक्षित करने के लिए नकदी रहित भुगतान प्रणाली और अनुकूलन शिविरों का उद्घाटन किया।

#JNNURM : केंद्र ने शहरी गरीबों के लिए 13 लाख आवास निर्माण को दी मंजूरी


केंद्र ने शहरी गरीबों के लिए जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत 10 वर्षों में सबसे अधिक आवास निर्माण को मंजूरी दी 

जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत 12.40 लाख मकानों के लक्ष्‍य की तुलना में 12.84 लाख किफायती मकान बनाने की स्‍वीकृति

विमुद्रीकरण से रियल स्‍टेट क्षेत्र पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा : वेकैया नायडू

                                               
केंद्र सरकार ने आज घोषणा की कि उसने शहरी गरीबों के लिए देश के 2329 शहरों में 12,83,616 रियायती मकानों को बनाने की मंजूरी दी है। यह जवाहरलाल नेहरु शहरी नवीकरण मिशन के 10 वर्षों के 1240968 मकानों के लक्ष्‍य की तुलना में अधिक हैं।

संवाददाता सम्‍मेलन में घोषणा करते हुए आवास तथा शहरी गरीबी उपशमन मंत्री श्री वेंकैया नायडू ने बताया कि उनके मंत्रालय ने आज 7 राज्‍यों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गोंके लिए 1,97,402 मकान निर्माण को स्‍वीकृति दी। इससे बहुत कम अवधि में जेएनएनयूआरएम के लक्ष्‍य को पार करने में सफलता मिली है। 

मंत्रालय द्वारा जिन राज्‍यों में किफायती मकानों को मंजूरी दी गइ्र उनमें 

तमिलनाडू 3,714 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 1,13, 327 मकान, 
कर्नाटक 31,880 (1,186 करोड़ रुपये), 
गुजरात 18,248 (1,096 करोड़ रुपये ), 
मध्‍य प्रदेश 16448 (813 करोड़ रुपये), 
पंजाब 16,187 (447 करोड़ रुपये), 
राजस्‍थान 1,280 (50 करोड़ रुपये) तथा 
मेघालय 32 (1.00 करोड़ रुपये) 

शामिल हैं।

उच्‍च मूल के करेंसी नोटों को सरकार द्वारा समाप्‍त करने की घोषण पर श्री वेंकैया नायडू ने कहा कि इस कदम से रियल स्‍टेट क्षेत्र पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा। उन्‍होंने कहा कि इससे कीमतों में स्थिरता आएगी और इस क्षेत्र में नई समान्‍य स्थिति बनेगी। उन्‍होंने कहा कि निर्धारित आय वाले और वेतनभोगी लोग किफायती मकान खरीदते हैं। इससे आवास क्षेत्र को मदद मिलेगी। श्रीनायडू ने कहा कि इस विषय में रियल सेक्‍टर के प्रतिनिधियों की राय जानने के लिए वे जल्‍द बैठक करेंगे।

प्रेस स्व-नियंत्रित होना चाहिए : राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस पर मोदी

राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए प्रधानमंत्री 

मीडिया के लिए स्व-नियंत्रण सबसे बेहतर- वेंकैया नायडू 

सूचना प्रसारण मंत्री ने पत्रकारिता में उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए 

           

प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस पर प्रेस काउंसिल द्वारा आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर प्रेस काउंसिल की स्वर्ण जयंती भी मनाई गई। इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने प्रेस की आजादी के मह्त्व पर जोर दिया और कहा कि प्रेस स्व-नियंत्रित होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रेस पर बाहरी हस्तक्षेप और नियमन नहीं नहीं होना चाहिए।  प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में पत्रकारों की हत्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सच्चाई बताने वाले पत्रकार का अपनी जान गंवाना बेहद ही गंभीर मसला है।

इससे पहले केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि मीडिया में स्व-नियंत्रण ही सबसे बेहतर नीति है। इससे पत्रकारिता की नैतिकता और लोकतांत्रिक आदर्श सुरक्षित रहेंगे। सरकार संचार के किसी भी माध्यम पर किसी तरह की रोक का समर्थन नहीं करती है लेकिन देश की एकता, संप्रभुता, सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए संयम बरतने की जरूरत है।

मीडिया की जिम्मेदारी पर विस्तार से बोलते हुए श्री नायडू ने कहा कि मुंबई आतंकी हमले की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारण को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी एतराज जताया था, जिसमें कहा गया था टीवी चैनल इस तरह की आतंकी वारदात की हालत में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर दिखाकर खुद को पाक साफ नहीं ठहरा सकते। उन्होंने पठानकोट कवरेज पर भी ध्यान दिलाते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की ऐसी कवरेज से आम नागरिकों और सैनिकों की जान खतरे में पड़ सकती है।

इस अवसर पर मंत्री महोदय ने भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में क्षेत्रीय मीडिया की भूमिका के बारे में भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों और स्थानीय भाषा के साथ अपनी निकटता के कारण मीडिया की भूमिका क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण हो जाती है जिससे नागरिकों की भागीदारी क्षमता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों तक पहुँचने के माध्यम से क्षेत्रीय मीडिया स्वस्थ्य लोकतंत्र के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


सरकार की नई प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति के बारे में, श्री नायडू ने कहा कि यह पैनल प्रक्रिया में छूट प्रदान कर क्षेत्रीय भाषाओं / बोलियों, छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को समान रूप से विशेष प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

सोशल मीडिया द्वारा की पेश किए गये अवसरों के बारे में मंत्री महोदय ने कहा कि यह संचार का नया उपकरण है जो सहज और क्रियात्मक है। इस तरह के माध्यम में अवसर और चुनौतिया दोनों होती हैं। संचार की इस विधा को व्यापक राष्ट्रीय हित और व्यक्तिगत भलाई के लिए विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।


इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, और भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सी के. प्रसाद भी उपस्थित थे। इस अवसर पर पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए प्रमुख पत्रकारों और फोटो पत्रकारों को सम्मानित किया गया, जिनमें श्री सुरेन्द्र निहाल सिंह, श्रीमती मृणाल पांडे, श्री रघु राय, श्री रंजीत जॉन, श्री अरविंद कुमार सिंह, श्री जेवियर सेल्वा कुमार शामिल थे।

भारत और बांग्लादेश मिलकर बनायेंगे बांग्लादेश मुक्ति युद्ध पर फिल्म

http://pibphoto.nic.in/documents/rlink/2016/aug/i201681701.jpg

भारत और बांग्लादेश संयुक्त रूप से 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध पर डॉक्युमेंट्री फिल्म बनाएंगे 

ऑल इंडिया रेडियो 23 अगस्त को आकाशवाणी मैत्री का शुभारंभ करेगा 

श्री वैंकेया नायडू ने बांग्लादेश के सूचना मंत्री श्री हसनउल-हक-इनू से चर्चा की 

सूचना और प्रसारण मंत्री श्री एम. वैंकेया नायडू ने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सूचना का प्रसार महत्वपूर्ण है, जो भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए चिंता का विषय है। समय पर सही सूचना के प्रचार प्रसार से अफवाहों और झूठ से बचा जा सकता है तथा लोगों के बीच सहयोग और समझ की भावना भरी जा सकती है। मंत्री महोदय ने यह बात आज यहां बांग्लादेश के सूचना मंत्री श्री हसनउल-हक-इनू और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ विचार-विमर्श के दौरान कही। इस बैठक में सूचना और प्रसारण मंत्रालय में सचिव श्री अजय मित्तल और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

श्री नायडू ने अपने बांग्लादेशी समकक्ष को बताया कि ऑल इंडिया रेडियो 23 अगस्त, 2016 को “आकाशवाणी मैत्री” शीर्षक से बांग्लादेश और बंगाली प्रवासी भारतीयों के लिए विशेष सेवा का शुभारंभ करेगा। महामहिम राष्ट्रपति इस चैनल का उद्घाटन करेंगे जो दोनों देशों के बीच सौहार्द सेतू के रूप में कार्य करेगा। श्री नायडू ने बताया कि दोनों देशों के बीच संबंधों से समान विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

चर्चा के दौरान भारत और बांग्लादेश कई मुद्दों पर सहयोग के लिए राजी हुए। दोनों मंत्री संयुक्त रूप से 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध पर डॉक्युमेंट्री तैयार करने में सहयोग करने पर सहमत हुए। श्री नायडू ने कहा कि इसके लिए फिल्म प्रभाग, दूरदर्शन और अन्य मीडिया इकाईयों के पास उपलब्ध अभिलेखीय सामग्री का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा। इस डॉक्युमेंट्री को 2021 में बांग्लादेश की स्वाधीनता की 50वीं सालगिरह के अवसर पर प्रदर्शित करने का प्रस्ताव है। श्री नायडू ने श्री हसनउल-हक-इनू के 2020 में बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में बांग्लादेश द्वारा निर्मित की जा रही मेगा मूवी के निर्माण में मदद करने के प्रस्ताव पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों देश संयुक्त दृश्य-श्रव्य सह निर्माण के समझौते के प्रस्ताव पर मिलकर कार्य करने पर सहमत हुए। बांग्लादेश में भारतीय फिल्म महोत्सव और भारत में बांग्लादेश फिल्म महोत्सव आयोजित करने पर भी सहमति बनी। बांग्लादेश के मंत्री ने 1935 में बंगाली भाषा में प्रमतेश बरुआ द्वारा निर्देशित देवदास के सेलुलाइड संस्करण प्रदान करने के श्री नायडू के अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया। इससे पहले बांग्लादेश ने एनएफएआई को इस फिल्म का डीवीडी संस्करण प्रदान किया था। दोनों देशों के बीच मुक्त फिल्म व्यापार सुविधा के संबंध में श्री नायडू ने कहा कि बांग्लादेश को उन कानूनी प्रावधानों में छूट देने पर विचार करना चाहिए जिनके तहत वहां कई भारतीय फिल्में प्रतिबंधित है। प्रतिबंध हटाने से स्थानीय फिल्म उद्योग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मंत्री महोदय ने बांग्लादेश के युवा फिल्म निर्माताओं और उद्यमियों को भारतीय फिल्म और प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण देने की भी पेशकश की। उन्होंने कहा कि फिल्मों के संयुक्त निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एनएफडीसी और बांग्लादेश फिल्म विकास निगम तथा डिजिटिकरण और अभिलेख तैयार करने के लिए एनएफएआई और बांग्लादेश फिल्म आरकाइव्स के बीच सहयोगात्मक उपाय शुरू किये जाएंगे।

इस दौरान दोनों मंत्री मीडिया के लोगों, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संबद्ध अधिकारियों तथा दूरदर्शन और बांग्लादेश में उसके समकक्ष के बीच आदान-प्रदान कार्यक्रम के लिए क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने और प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करने पर भी सहमत हुए।

सामाजिक बुराइयों के खिलाफ महाराष्‍ट्र का भारत छोड़ो आंदोलन 2 शुरू


श्री वेंकैया नायडू ने कहा यह समय अपने स्‍वराज को सुराज में बदलने का है

केन्‍द्रीय मंत्री श्री वेंकैया नाडू की उपस्थिति में महाराष्‍ट्र सरकार ने आज भारत छोड़ो आंदोलन की प्‍लेटिनम जुबली समारोह मनाने के दौरान विभिन्‍न तरह की सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन का शुभारंभ किया। इस आंदोलन की शुरुआत ऐतिहासिक अगस्‍त क्रांति मैदान, मुंबई से की गई जहां से राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी ने 1942 में भारत छोड़ो का आह्वान किया था।  

इस अवसर पर श्री नायडू ने कहा ‘ आज आजादी के 68 साल बाद राष्‍ट्र को सामाजिक बुराइयों से छुटकारा दिलाने और देश को नई  ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लोगों को फिर वही जुनून , उत्‍साह और प्रतिबद्धता के साथ जबाव देने की जरूरत है। ‘उन्‍होंने कहा कि देश से गरीबी को पूर्ण रूप से खत्‍म करना है। सभी को शिक्षा मुहैया कराना, रोजगार का सृजन करना, कल्‍याणकारी उपायों के साथ विकास की तलाश करना ‘गरीबी छोड़ो’ अभियान का बड़ा हिस्‍सा है।इस काम में देश के सभी नागरिकों को सरकार को अपना योगदान देना चाहिए। उन्‍होंने बल देकर कहा कि अंत्‍योदय आगे का रास्‍ता है।

 श्री नायडू ने आगे कहा कि सभी मोर्चों पर देश की तेजी से तरक्‍की के लिए समाज के सभी लोगों को विकास क‍हानी का हिस्‍सा होना चाहिए चाहे वे किसी भी जाति, धर्म, क्षेत्र के हों। उन्‍होंने कहा कि संक्षेप में कहें तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नारा ‘ सबका साथ ,सबका विकास ’के पीछे यही दर्शन है। मंत्री महोदय  ने कहा कि हमें स्‍वराज से देश को सुराज में ले जाने के लिए अशिक्षा, भेद भाव, फूट,  आतंकवाद और राष्‍ट्र विरोध को भारत छोड़ो कहने की जरूरत है।

 केन्‍द्रीय मंत्री जिनके पास शहरी विकास एवं सूचना तथा प्रसारण मंत्रालय दोनों का प्रभार  है, ने बताया कि नागरिकों को राष्‍ट्रभक्ति को याद दिलाने खासकर नई पीढ़ी में इस भावना को जगाने के लिए भारत इस साल स्‍वतंत्रता दिवस को  ‘ आजादी 70 साल- जरा याद करो कुर्बानी’ के रूप में मना रहा है। ‘ सभी केंन्‍द्रीय मंत्रियों और राज्‍य के मुख्‍मंत्रियों को कहा गया है कि वे स्‍वतंत्रता संग्राम से जुड़े दो राष्‍ट्रीय प्रतिमानों के जन्‍म स्‍थल का वे दौरा करें। इनमें जालियांवाला बाग, चौरी -चौरा  साबरमति आश्रम दांडी आदि शामिल हैं।

 इसे पहले लोगों को संबोधित करते हुए महारारूट्र के मुख्‍यमंत्री श्री देवेंद्र फडनवीस ने कहा कि स्‍वतंत्रता संग्राम में मुंबई की महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। आज फिर यह शहर दूसरा भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत कर इस दिशा में अग्रणी भूमिका में है। आज की  हमारी लड़ाई अंग्रेजों के साथ नहीं है बल्कि राष्‍ट्र में फैले भ्रष्‍टाचार, किसानों की आत्‍महत्‍या की समस्‍या, कुपोषण जल बर्बादी, आतंकवाद और सामाजिक बुराइयों से है।

 इससे पहले श्री वेंकैया नायडू ,श्री देवेंद्र फडनवीस, श्री सुधीर मुंगातिवर, श्री विनोद तावडे और अन्‍य लोगों ने अगस्‍त क्रांति मैदान में अगस्‍त क्रांति दिवस मेमोरियल पर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।         

देशभक्ति के नाम 15 दिनों का कार्यक्रम:"आजादी 70 साल याद करो कुर्बानी"


युवाओं और बच्‍चों में देश भक्ति भावना भरने के लिए स्‍वतंत्रता समारोह : वेंकैया नायडू 

स्‍वतंत्रता की 70वीं वर्षगांठ पर 15 दिनों का कार्यक्रम ‘आजादी 70 साल याद करो कुर्बानी’ 

9 से 23 अगस्‍त 2016 तक दो सप्‍ताह का उत्‍सव   

सूचना एवं प्रसारण तथा शहरी विकास और गरीबी उपशमन मंत्री श्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि सरकार ने जीवंत और युवा भारत की भावना के साथ स्‍वतंत्रता आनंद उत्‍सव मनाने का प्रस्‍ताव किया है। स्‍वतंत्रता उत्‍सव कार्यक्रम पूरे देश में 9 से 23 अगस्‍त, 2016 तक 15 दिनों के लिए ‘आजादी 70 साल याद करो कुर्बानी’ विषय पर आयोजित किये जाएंगे। दो सप्‍ताह के समारोह में विभिन्‍न तरीकों और मंचों से लोगों की भावनाओं को शामिल करते हुए देश की विविधिता दिखाई जाएगी। समारोह युवाओं और बच्‍चों में देश भक्ति की भावना भरेगी। श्री नायडू आज यहां स्‍वतंत्रता के 70 वर्ष विषय पर संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।

श्री नायडू ने बताया कि दो सप्‍ताह के समारोह में केन्‍द्रीय मंत्री और महत्‍वपूर्ण नेता, राष्‍ट्रीय विभूतियों के जन्‍म स्‍थान पर जाएंगे और भारत की स्‍वतंत्रता से संबंधित जलियांवाला बाग, चौरी चौरा, सेल्‍युलर जेल, साबरमती आश्रम, दांडी जैसे ऐतिहासिक स्‍थलों पर जाएंगे। इसके लिए 150 स्‍थानों का चयन इस तरह किया गया है कि प्रत्‍येक राज्‍य में कम से कम दो केन्‍द्रीय मंत्री जा सकें। इसके अतिरिक्‍त महिला मंत्री सीमावर्ती क्षेत्रों में जाएंगीं और 18 अगस्‍त को रक्षा बंधन के दिन सैनिकों की कलाई पर रखी बांधेंगी। वीरता/बहादुरी पुरस्‍कार प्राप्‍त करने वाले शहीदों, स्‍वतंत्रता सेनानियों, आईएनए के हीरो तथा पूर्व सैनिक के परिजनों का अभिनंदन भी किया जाएगा। भारत छोड़ो दिवस (9 अगस्‍त), हैदराबाद मु‍क्ति दिवस (17 सितंबर) और गोवा मुक्ति दिवस (19 दिसंबर) पर भी कार्यक्रम आयोजन किए जाएंगे।

श्री नायडू ने कहा कि स्‍वतंत्रता की भावना को उत्‍सव रूप में दिखाने के लिए अनेक कार्यक्रम आयेजित किए जाएंगे। देश के सभी महत्‍वपूर्ण स्‍मारकों पर तिरंगे के रूप में रोशनी की जाएगी। 15 दिन के समारोह में खादी को बड़े पैमाने पर प्रोत्‍साहित किया जाएगा। समारोह की पहुंच बढ़ाने के लिए स्‍वतंत्रता दिवस मेले और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें स्‍थानीय शिल्‍पकार हैंडलूम और खादी के अपने उत्‍पाद दिखा सकेंगे। उन्‍होंने कहा कि स्‍वतंत्रता की भावना को पूरे देश में लोकप्रिय बनाने के लिए खेल हस्तियों और सेलिब्रिटिस को शामिल किया जाएगा। पूरे देश में देश की वि‍भूतियों की ऐतिहासिक जीवन यात्रा और स्‍वतंत्रता  संग्राम की कहानियों को सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के माध्‍यम से बताया जाएगा।

देश के विभिन्‍न भागों में केन्‍द्रीय मंत्रियों की यात्रा के दौरान सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में शुरू किये गये महत्‍वपूर्ण कार्यक्रमों को बताया जाएगा।

उन्‍होंने कहा कि दो सप्‍ताह के समारोह के लिए कुछ मंत्रालयों ने विशेष प्रस्‍ताव किये हैं। कपड़ा मंत्रालय ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए स्‍वतंत्रता और भारत छोड़ो का रंग लांच करेगा। युवा तथा खेल मंत्रालय और नेहरू युवा केन्‍द्र को शामिल करते हुए स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर सभी प्रमुख केन्‍द्रों पर कैंडिल लाइट फ्रीडम मार्च निकाला जाएगा। श्री नायडू ने बताया कि राज्‍य सरकारों, पालिका और ग्रामीण क्षेत्रों को आमंत्रित करने की योजना है। 1947 में जन्‍मे हुए वरिष्‍ठ नागरिकों के परिजनों को आमंत्रित किया जाएगा और दादा-दादी-पोता-पोती/बेटी रन आयोजित किया जाएगा।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संबंध में श्री नायडू ने कहा कि आकाशवाणी और दूरदर्शन पर देशभक्ति के गीत, वीडियो तथा राष्‍ट्रीय विभूतियों के ओडियो क्लिप प्रसारित किये जाएंगे। स्‍वतंत्रता की भावना को प्रोत्‍साहित करने के लिए सोशल मीडिया का भी व्‍यापक रूप से इस्‍तेमाल किया जाएगा।          

अब्‍दुल कलाम राष्‍ट्रीय स्‍मारक की आधारशिला रखी गई


तमिलनाडु के रामेश्‍वरम में स्थित पीकारम्‍भु में पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्‍दुल कलाम राष्‍ट्रीय स्‍मारक की आधारशिला रखी गई। केन्‍द्रीय रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर और केन्‍द्रीय शहरी विकास और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री एम वेंकैया नायडू ने संयुक्‍त रूप से इस राष्‍ट्रीय स्‍मारक की आधारशीला रखी। दोनों केन्‍द्रीय मंत्रियों ने पूर्व राष्‍ट्रपति की पहली पुण्‍य तिथि के अवसर पर उन्‍हें श्रद्ध सुमन अर्पित किए। साथ ही मंत्रियों ने डॉ. कलाम की प्रतिमा का अनावरण भी किया। 

इस आधारशिला समारोह में सड़क परिवहन, राजमार्ग और शिपिंग राज्‍य मंत्री श्री पी. राधाकृष्‍णन, रक्षा राज्‍य मंत्री डॉ. सुभाष रामाराव भामरे, तमिलनाडु सरकार में श्रम मंत्री डॉ. नीलोफर कफील, तमिलनाडु के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. एम मनिकंदन तथा रामनाथपुरम के सांसद श्री अनवहार राजहा भी उपस्थित थे। इस समारोह के दौरान डॉ. कलाम के जीवन पर एक विशेष प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया। 

वैंकेया नायडु ने प्रीत विहार,पूर्वी दिल्‍ली में ‘स्‍वच्‍छ शौचालय’ का उद्घाटन किया


दिल्‍ली में 20 स्‍थानों पर आधुनिक, उपयोग सुलभ सार्वजनिक शौचालय; प्रत्‍येक की लागत 13 लाख रुपये

श्री एम. वैंकेया नायडु ने प्रीत विहार, पूर्वी दिल्‍ली में ‘स्‍वच्‍छ शौचालय’ का उद्घाटन किया

राष्‍ट्रीय राजधानी में 4000 सार्वजनिक शौचालयों की कमी

केन्‍द्र ने घरेलू जलापूर्ति, सीवर कनेक्‍शन के लिए 223 करोड़ रुपये मंजूर किए

दिल्‍ली को आज विभिन्‍न स्‍थानों पर विमानों और रेलगा‍ड़ी के उच्‍चस्‍तरीय डिब्‍बों में इस्‍तेमाल होने वाली अत्‍याधुनिक कम्पाज़िट सामग्री से निर्मित आधुनिक और उपयोग सुलभ सार्वजनिक शौचालय प्राप्‍त हुए। इनमें से प्रत्‍येक की लागत 13 लाख रुपये है और ये 20 स्‍थानों पर बनाए गए हैं। केन्‍द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम वेंकैया नायडू ने पूर्वी दिल्‍ली के प्रीत विहार के सिक्‍का मार्किट में चार टॉयलट सीट और चार मूत्रालय वाले ऐसे ही एक ‘स्‍वच्‍छ शौचालय’ का उद्घाटन किया। स्‍थानीय कोआपरेटर्स और गणमान्‍य व्‍यक्तियों ने 19 अन्‍य स्‍थानों पर ऐसे ही शौचालयों का उद्घाटन किया, जिनमें उत्‍तर (5), दक्षिण (6) और पूर्वी दिल्‍ली नगर निगम के 9 स्‍थान शामिल हैं।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री वेंकैंया नायडू ने कहा कि दिल्‍ली में तीन एमसीडी क्षेत्रों में लगभग 4000 सार्वजनिक शौचालयों की कमी है और स्‍वच्‍छ भारत मिशन के अंतर्गत इस कमी को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्‍वच्‍छ भारत मिशन अक्‍टूबर, 2014 में प्रारंभ किये जाने के बाद से 7061 सार्वजनिक टॉयलट सीट के निर्माण के बाद दक्षिण दिल्‍ली के 5,318, उत्‍तर में 3,3,11 और पूर्वी एमसीडी क्षेत्र में 2,508 की कमी है। उन्‍होंने कहा कि करीब 6.50 प्रतिशत शहरी लोगो सार्वजनिक शौचालयों का इस्‍तेमाल करते हैं और शहरी क्षेत्रों में आवश्‍यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित किये जाने की जरूरत है।

श्री नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्‍ली को स्‍वच्‍छता के मामले में मिसाल कायम करनी चाहिए। उन्‍होंने जनता, नगर निमग और दिल्‍ली सरकार से इस अवसर पर सहयोग करने का अनुरोध किया।

ये शौचालय शहरी विकास मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम राष्‍ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) द्वारा कारपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व के अंतर्गत स्‍थापित किये गये हैं। एनबीसीसी द्वारा 10 और स्‍थानों पर ऐसे शौचालय उपलब्‍ध कराए जाएंगे।

शौचालयों और मानव अपशिष्‍ट के प्रशोधन के लिए जलापूर्ति और सीवर कनेक्‍शन की आवश्‍यकता का उल्‍लेख करते हुए श्री नायडू ने कहा कि उनके मंत्रालय ने हाल ही में कायाकल्‍प एवं शहरी रूपांतरण के लिए अटल मिशन के अंतर्गत दिल्‍ली के लिए 223 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसके अंतर्गत 113 करोड़ रुपये जलापूर्ति कनेक्‍शनों के लिए और 104 करोड़ रुपये सीवेज नेटवर्क में सुधार लाने पर खर्च किये जाएंगे।

पूर्वी एमसीडी में जिन स्‍थानों पर सार्वजनिक शौचालय उपलब्‍ध कराए गए हैं, वे हैं – प्रीत विहार, वीर सावरगर अस्‍पताल, स्‍वामी दयानंद अस्‍पताल, डीडीए मार्केट (मयूर विहार, फेज-2), आनंद विहार, लोनी रोड पेट्रोल पंप, सीलमपुर मेट्रो स्‍टेशन, सी ब्‍लॉक (यमुना विहार) और न्‍यू जाफराबाद।

दक्षिणी एमसीडी – उपहार सिनेमा के निकट, कालू सराय डीटीसी डिपो के निकट, मुनिरका डीडीए फ्लैट्स, फोर्टिस अस्‍पताल के निकट, नेहरू प्‍लेस मेट्रो स्‍टेशन के निकट और नेहरू प्‍लेस डिस्ट्रिक सेंटर।

उत्‍तर दिल्‍ली – समयपुर बादली मेट्रो स्‍टेशन के निकट, जीटी रोड (आजादपुर), नांगलोई मेट्रो स्‍टेशन, फजिल रोड और पुराना टांगा स्‍टैंड, रेलवे पार्सल सेंटर, एसपीएम मार्ग।

स्‍मार्ट शहर मिशन के अंतर्गत चयनित 98 शहरों की राज्यवार पूरी सूची

शहरी विकास मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडु ने स्‍मार्ट शहर मिशन के अंतर्गत चयनित शहरों और कस्‍बों की सूची की घोषणा की है।  राज्‍य/संघशासित प्रदेशवार सूची निम्‍नलिखित है –

क्रम सं.
राज्‍य/संघशासित प्रदेश के नाम
छांटे गए शहरों की संख्‍या
चयनित शहरों के नाम
शहरों की जनसंख्‍या
1.       
अंडमान और निकोबार द्वीप
1
1. पोर्ट ब्‍लेयर
1,40,572
2.       
आंध्र प्रदेश
3
1. विशाखापटनम
2. तिरु‍पति
3.काकीनाड़ा
18,78,980
3,74,260
3,50,986
3.       
अरूणाचल प्रदेश
1
1.  पासीघाट
24,656
4.       
असम
1
1. गुवाहाटी
9,62,334
5.       
बिहार
3
1. मुजफ्फरपुर
2. भागलपुर
3. बिहारशरीफ
3,93,724
4,10,210
2,96,889
6.       
चंड़ीगढ़
1
1. चंडीगढ़
10,55,450
7.       
छत्‍तीसगढ़
2
1. रायपुर
2. बिलासपुर
10,47,389
 3,65,579
8.       
दमन और दीव
1
1. दीव
   23,991
9.       
दादर और नगर हवेली
1
1. सिल्‍वासा
   98,032
10.   
दिल्‍ली
1
1. नई दिल्‍ली नगरपालिका परिषद
2,49,998
11.   
गोवा
1
1. पणजी
  1,00,000
12.   
गुजरात
6
1. गांधीनगर
2. अहमदाबाद
3. सूरत
4. वड़ोदरा
5. राजकोट
6. दाहोद
  2,92,797
55,77,940
44,67,797
17,52,371
13,23,363
  1,30,530
13.   
हरियाणा
2
1. करनाल
2. फरीदाबाद
  3,02,140
14,14,050
14.   
हिमाचल प्रदेश
1
1. धर्मशाला
   22,580
15.   
झारखंड
1
1. रांची
10,73,427
16.   
कर्नाटक
6
1. मंगलुरू
2. बेलागावी
3. शिवमोगा
4. हुबली-धारवाड़
5. तुमाकुरू
6. देवानगरे
  4,84,785
  4,88,292
  3,22,428
  9,43,857
  3,05,821
  4,35,128
17.   
केरल
1
1. कोच्‍ची
  6,01,574
18.   
लक्षद्वीप
1
1. कवाराती
     11,210
19.   
मध्‍य प्रदेश
7
1. भोपाल
2. इंदौर
3. जबलपुर
4. ग्‍वालियर
5.सागर
6. सतना
7. उज्‍जैन
19,22,130
21,95,274
12,16,445
11,59,032
  2,73,296
  2,80,222
  5,15,215
20.   
महाराष्‍ट्र
10
1.   नवी मुंबई
2.    नासिक
3.    थाणे
4.    ग्रेटर मुंबई
5.    अमरावती
6.    शोलापुर
7.    नागपुर
8.    कल्‍याण-डोम्‍बीवली
9.    औरंगाबाद
10. पुणे
11,19,000
14,86,000
18,41,000
 1,24,00,000
  7,45,000
  9,52,000
24,60,000
15,18,000
11,65,000
31,24,000
21.   
मणिपुर
1
1. इम्‍फाल
  2,68,243
22.   
मेघालय
1
1. शिलांग
3,54,325
23.   
मिजोरम
1
1. आइजोल
2,91,000
24.   
नगालैंड
1
1. कोहिमा
1,07,000
25.   
ओडिशा
2
1. भुवनेश्‍वर
2. राउरकेला
8,40,834
3,10,976
26.   
पुद्दुचेरी
1
1ऑलगरेट
3,00,104
27.   
पंजाब
3
1. लुधियाना
2. जालंधर
3. अमृतसर
16,18,879
8,68,181
11,55,664
28.   
राजस्‍थान
4
1. जयपुर
2. उदयपुर
3. कोटा
4.अजमेर
30,73,350
4,75,150
10,01,365
5,51,360
29.   
सिक्किम
1
1. नामची
12,190
30.   
तमिलनाडु
12
1. तिरुचिरापल्‍ली
2. तिरुनवैली
3. दिंडीगुल,
4.  तंजावुर,
5. त्रिरूपुर,
6. सलेम,
7. वेल्‍लौर,
8. कोयम्‍बटूर,
9. मदुरई,
10. इरोड,
11. थूथूकुड़ी
12. चेन्‍नई
9,16,674
4,74,838
2,07,327
2,22,943
8,77,778
8,31,038
5,04,079
16,01,438
15,61,129
4,98,129
3,70,896
67,27,000
31.   
तेलंगाना
2
1. ग्रेटर हैदराबाद
2. ग्रेटर वारंगल
67,31,790

8,19,406
32.   
त्रिपुरा
1
1. अगरतला
4,00,004
33.   
उत्‍तर प्रदेश **
12
1. मुरादाबाद
2. अलीगढ़
3. सहारनपुर
4. बरेली
5.झांसी
6. कानपुर
7. इलाहाबाद
8. लखनऊ
9. वाराणासी
10. गाजियाबाद
11. आगरा
12.रामपुर
8,87,871
8,74,408
7,05,478
9,03,668
5,05,693
27,65,348
11,12,544
28,17,105
11,98,491
16,48,643
15,85,704
3,25,313
34.   
उत्‍तराखंड
1
1. देहरादून
5,83,971
35.   
पश्चिम बंगाल
4
1.न्‍यू टाउन कोलकाता
2. बिधाननगर
3. दुर्गापुर
4. हल्दिया


*जम्‍मू और कश्‍मीर ने संभावित स्‍मार्ट शहर पर फैसला लेने के लिए और समय मांगा है।
**उत्‍तर प्रदेश को आवंटित 13 शहरों में से 12 शहरों को छांटा गया है। 

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