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नरेन्द्र मोदी के सुधारवादी मत पर तालिबानी तूफान - तरुण विजय

यह केवल हिंदू बहुल हिंदुस्तान में संभव है कि उनके मंदिरों का मजाक उड़ाना सेक्युलर राजनीति का हिस्सा है और ऐसी बात कि मंदिर की जगह शौचालय बना दिया जाए, वे हजरत बल या जेवियर चर्च के बारे में बोलते हुए सौ बार सोचेंगे। विवेकानंद ने कहा था- गीता पढ़ने से अच्छा है फुटबाल खेलो। इसका यह अर्थ मूर्ख ही निकालेंगे कि उन्होंने फुटबाल को गीता से बड़ा बताया। 

शरीर स्वच्छ और बलवान हो तो गीता समझी जा सकती है। उपनिषदों में कहा है- शरीर ही धर्म साधने का माध्यम है। इसलिए शरीर हृष्ट-पुष्ट, बलवान और स्वच्छ रहे तभी देव-पूजन किया जा सकता है। यही नरेंद्र मोदी का आशय था। 

आम ग्रामीण कहावत है- भूखे भजन न होए गोपाला, यह ले अपनी कंठी माला। इसका अर्थ कांग्रेस के सेकुलर तालिबान नहीं समझेंगे जो मोदी के बहाने हिंदुओं पर निशाना साध कर वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।

सनातन जीवन मूल्यों की युगानुकूल व्याख्या करते हुए धर्म के शाश्वत स्वरूप को बचाए रखना हिंदू स्वभाव का अंग है। इसी कारण इकबाल को कहना पड़ा- यूनान मिस्र रोमां सब मिट गए जहां से लेकिन अभी है बाकी नामोनिशां हमारा। यही सुधारवादी परंपरा लेकर डाक्टर हेडगेवार ने खेल और व्यायाम के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जो आज विश्व का सबसे बड़ा हिंदू संगठन बना है। 

राम राज्य की कल्पना में सर्वोपरि स्थान दैहिक तापों के शमन को दिया है, फिर दैविक तापों का क्रम आता है। मंदिर की जगह शौचालय बनाने की बात करने वाले पहले अपने घर के मंदिर में टायलेट बना कर दिखाएं और जवाब दें कि अभी तक उनकी सरकार सर पर मैला ढोने की परंपरा क्यों खत्म नहीं कर पाई?

बांग्लादेश में हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियां तोड़ी गईं

बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यक दुर्गा पूजा की तैयारियों में जुटे हैं लेकिन पूजा शुरू होने से ठीक पहले बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। लोकल पुलिस ने उत्तरी बांग्लादेश के नातोर जिले के एक गांव में हुई इस घटना की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने बताया कि नातोर जिले के चंद्रकला गांव में शुक्रवार सुबह कुछ लोगों ने पूजा के लिए तैयार की जा रहीं दुर्गा, लक्ष्मी, गणेश और कार्तिक की आठ मूर्तियां तोड़ दीं। स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है।

घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। पिछले महीने मुंशीगंज और बोगरा जिलों में भी आठ हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां क्षतिग्रस्त कर दी गई थीं।

कश्मीर के शंकराचार्य हिल का नाम बदल कर `तख्त-ए-सुलेमान’ किया गया

भारतीय पुरातत्व विभाग ने हाल ही में कश्मीर के शंकराचार्य हिल का नामकरण `तख्त-ए-सुलेमान’ किया है । इतना ही नहीं, अपितु भारतीय पुरातत्व विभाग ने वहां के सूचना फलक पर शंकराचार्य हिलके विषयमें विपर्यस्त (उलटा-पलटा) जानकारी भी मुद्रित की है । इस विषयमें कश्मीर के हिदुओं ने संतप्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है । अब हिंदुओ को भारतीय पुरातत्व विभाग को वैध मार्ग से फटकार लगानी चाहिए तथा वापस मूल नाम रखने के लिए विवश करना चाहिए.

कश्मीर के प्राचीन इतिहास तज्ञ प्रेधुमन के जोजेफ धर द्वारा बताया गया कि पहले के सूचना फलक में परिवतर्न कर ‘तख्त-ए-सुलेमान’ यह सूचना फलक प्रकाशित करनेक प्रकरण आपत्तिजनक है । इस निष्कर्षतक वे कैसे आए, इसका उत्तर उन्हें देना पडेगा । वर्तमानमें यूरोपके एक इतिहासकार ने इस स्थान का भ्रमण किया था । उस समय लोगों को बताई जानेवाली झूठी जानकारी के विषयमें उसने आश्चर्य व्यक्त किया । इस नामकरण का कोई भी ऐतिहासिक आधार नहीं । यह कृत्य राजनीतिक हेतु प्रेरित है । 

आश्चर्य की बात यह है कि सुलेमान तथा आदि शंकराचार्य का एक दूसरे के साथ कोई संबंध नहीं । भारत के प्रत्येक व्यक्ति को पता है कि आदि शंकराचार्य ने भारत के चारों दिशाओं का भ्रमण किया था तथा प्रत्येक दिशा में मठकी स्थापना की थी । साथ ही उन्होंने सर्वत्र छोटे-बडे मंदिरों की स्थापना की थी । उसमें तामिलनाडु का कांचीपुरम्, कर्नाटक का कोलूर तथा पाकव्याप्त कश्मीर का शारदा आदि मंदिर समाविष्ट हैं । पहले कश्मीर को शारदा देश अथवा शारदा पीठ कहकर संबोधित किया जाता था । उस समय यह शिक्षा का विश्वविख्यात केंद्र था । कश्मीर में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक केंद्र निर्माण करने हेतु आदि शंकराचार्य का बहुत बडा योगदान था । यहां के शंकराचार्य हिल का `तख्त-ए-सुलेमान’, नामकरण कर पुरातत्व विभाग प्राचीन भारतीय परंपरा नष्ट करनेका प्रयास कर रहा है ।

मध्यप्रदेश के खरगौन के मंदिर में तोड़फोड़

कस्बे में बस स्टैंड के समीप स्थित खेड़ापति माता मंदिर की मूर्ति को तोड़फोड़ कर माता के वस्त्रों को जला दिया गया। सुबह के समय जब श्रद्धालु जल चढ़ाने और पूजन करने पहुंचे तब जाकर इस घटना की जानकारी मिल सकी। पूजन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने देखा कि मूर्ति की आंखें भी गायब हैं। 

समीप ही अध जले वस्त्र भी मिले और मूर्ति के पास रखी तलवार से मंदिर में रखी धर्म पेटी को तोड़ने का प्रयास किया गया। इस बात की जानकारी ग्रामीणों ने आरक्षक राजकुमार शर्मा को दी। इसके बाद बरेली के एसडीओपी एसएस कुशवाह एवं टीआई राकेश जैन ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर में रात्रि में मोहन पंडा आया करता था। 

इस दौरान पुलिस ने मोहन पंडा को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

पाक में 18 हिंदूओ को धर्मपरिवर्तन कर मुस्लिम बनाया

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खानपुर इलाके में हिंदू परिवार के 18 सदस्यों ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सात पुरुषों और 11 महिलाओं ने मंगलवार को एक समारोह में इस्लाम धर्म स्वीकार किया। यह समारोह ख्वाजा गुलाम फरीद के संरक्षक मियां गौस मोहम्मद की देखरेख में आयोजित हुआ था।

सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी के अनुसार परिवार के मुखिया समाराम ने अपना नया नाम मोहम्मद शरीफ रखा है। 

समारोह में इलाके के कई प्रमुख लोग मौजूद थे।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू समुदाय के लोगों का जबरन धर्मांतरण किए जाने की खबरें पहले भी आती रही हैं।

हिंदू समुदाय के नेताओं का आरोप रहा है कि समुदाय की कई महिलाओं का अपहरण किया गया तथा जबरन उनकी शादी मुस्लिम युवकों से करा दी गई।

धर्मनिरपेक्ष होना बहुत कठिन: अखिलेश यादव

मुजफ्फरनगर के दंगे में नामजद एक मौलाना से मुलाकात के आरोपों पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सांप्रदायिक होना आसान और धर्मनिरपेक्ष होना कठिन है। फिर भी वह धर्मनिरपेक्षता की राह पर चलते रहेंगे। दंगों की जांच में निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा, मगर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ये बातें अबू तैय्यब मियां की जिंदगी पर आधारित पुस्तक के विमोचन के मौके पर कहीं।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता के लिए उनकी पार्टी मुलायम सिंह यादव के रास्ते पर हमेशा चलती रहेगी। कहा कि मुजफ्फरनगर के दंगे रोकने के लिए हर संभव कदम उठाये गये। आप पर दंगे में आरोपित एक मौलाना से मुलाकात के आरोप हैं? इस सवाल को थोड़ा टालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। चाहे कोई भी हों। आयोग और पुलिस की विशेष टीम जांच कर रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने निर्दोष मुसलमानों को हिरासत में नहीं लेने की मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी है, यूपी सरकार का रुख? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार पहले से ही इस दिशा में चौकन्नी है। निर्दोष मुस्लिम युवकों को छोड़ने की वजह से ही उस पर कई आरोप लग रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, मुलायम सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में उर्दू अनुवादकों को सरकारी नौकरी दी। मौजूदा सरकार भी उर्दू को बढ़ावा देने और इसे रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। हमारी बेटी उसका कल योजना चल रही है। अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में नए आइटीआइ, पॉलीटेक्निक और डिग्री कालेजों की स्थापना हो रही है।

इससे पहले उन्होंने मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली द्वारा मौलाना अबू तय्यब की जिंदगी पर लिखी किताब 'हजरत मौलाना अहमद मियां फरंगी महली कुछ यादें कुछ बातें' का विमोचन किया। कहा कि मौलाना ने पूरी जिंदगी हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए काम किया। सपा प्रमुख का फरंगी महल से रिश्ता पुराना है। इस मौके पर अपर महाधिवक्ता जफरयाब जिलानी, पूर्व महाधिवक्ता एसएमए काजमी, दारुल उलूम नदवा के प्राचार्य मौलाना सइदुर्रहमान आजमी नदवी, मौलाना सैयद फखरुद्दीन अशरफ ने भी विचार रखे। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अब तैयब की जिंदगी पर रोशनी डाली।

धर्म परिवर्तन कर बने ईसाई, फिर मुसीबत आने पर भागे शनिदेव की शरण में

डॉ. यासीन अतीत में हिंदू परिवार से रहे हैं और उसका वास्ता अमृतसर से है। बंटवारे के बाद परिवार इधर-उधर हो गए। इनके बुजुर्गों ने बाद में ईसाई धर्म अपना लिया, बावजूद इसके ये लोग इस्लाम के साथ हिंदू और सिख सभी धर्मों का आदर करते हैं।

डॉ. यासीन ने बताया कि वह अस्पताल चला कर लोगों की सेवा करते हैं। विगत में पाकिस्तान सरकार ने उनकी एनजीओ 'चाइना मेडिकेयर वेल्फेयर हेल्थ सेंटर' को अस्पताल, वृद्ध आश्रम और अनाथ आश्रम खोलने के लिए 34 कनाल जगह भी उपलब्ध कराई है। 

दूसरी बार भारत आए यासीन ने बताया कि वह काफी दिन से परेशान थे, परिवार में कलह के अलावा मियां-बीवी में भी अक्सर तकरार होती रहती है। वहां पर एक पंडित के पास गए तो उसने शनि की नाराजगी की बात बताई, और कहा कि आप जो कुछ करते अथवा करना चाहते हैं उसका उलट होता है। बात-बात पर गुस्सा आता है। मियां-बीवी में न चाहते हुए भी अक्सर झगड़ा हो जाता है। यह सब शनि की उग्र दृष्टि के कारण हो रहा है, इसकी पूजा करवाएं सब ठीक हो जाएगा'  मगर वहां पर इसकी पूजा की कोई व्यवस्था नहीं है।और फिर डॉ. यासीन जिया और उनकी बीवी डॉ. रोजी जिया सरहद पार आ गए शनि की पूजा करवाने। 

यहां आकर वह दरबार साहिब, दुग्र्याणा तीर्थ और चर्च भी गए। इसके बाद दरबार साहिब के पास स्थित बड़े शनि मंदिर में भी माथा टेका। इस दौरान वह लोग अपने यहां खोले जाने वाले आश्रमों की जानकारी लेने के लिए पिंगलवाड़ा और यतीम खाना भी गए। 

इसके बाद ननकाना साहिब सिख यात्री जत्था के प्रधान स्वर्ण सिंह गिल के नेतृत्व में छेहर्टा स्थित इंडस्ट्रियल एरिया स्थित शिव मंदिर में इस दंपती ने शनि देव की पूजा की। यहां पं. राम परवेश मिश्रा ने पूरे विधि विधान के साथ पूजा करवाई और सिरोपा डाल कर सम्मानित भी किया। डॉ. रोजी ने बताया कि वापसी पर वह यहां से शनि देव की प्रतिमा भी ले जाएंगे और वहां पर दोनों मुल्कों और परिवार की बेहतरी के लिए पूजा किया करेंगे। 

स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के मामले में आरोपी दोषी करार

ओडिशा में विश्व हिंदू परिषद के नेता लक्ष्मणानंद सरस्वती और चार अन्य की हत्या के मामले में कंधमाल की सेशन कोर्ट ने 15 में से सात आरोपियों को दोषी ठहराया है. इन अपराधियों को 3 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी.

सरस्वती की हत्या पांच साल पहले हुई थी और इसके बाद कंधमाल जिले में आदिवासी हिंदुओं और दलित ईसाइयों के बीच सांप्रदायिक झड़पों का दौर शुरू हो गया था. इसी के बाद राज्य में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल सरकार ने अपनी गठबंधन सहयोगी बीजेपी से 2009 के विधानसभा चुनावों के पहले नाता तोड़ लिया था.

कंधमाल के जलेसपेटा इलाके में स्थित शंकराचार्य कन्या आश्रम में लक्ष्मणानंद सरस्वती और उनके सहयोगी 23 अगस्त 2008 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मना रहे थे.तभी नकाबपोश एके 47 धारी हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी. हमले में सरस्वती के अलावा उनके तीन सहयोगी और आदिवासी स्कूल में पढ़ने वाली एक लड़की के भाई की मौत हो गई थी.

सोमवार को कंधमाल के अडीशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजेंद्र कुमार तोष ने इस केस का फैसला सुनाया.ट्रायल के दौरान आरोपियों ने कोर्ट को बताया कि लक्ष्मणानंद सरस्वती को मारने का षडयंत्र माओवादी आतंकवादी सब्यसाची पांडा ने तैयार किया था. सीपीएम से पिछले साल निकाल दिए गए पांडा को अभी तक उड़ीसा पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है.

60 साल के वासनांध मुस्लिम ने हिंदू विधवा महिला का बलात्कार किया

पंढरपुर के मांसबिक्री की दुकान चलाने वाले मुख्तार बेद्रेकर (आयु ६० वर्ष ) नामक धर्मान्ध ने  एक ४० वर्षीय विकलांग अवस्था की विधवा हिंदू महिला पर बलात्कार किया । आज तक सर्वपक्षीय राजनेताओं द्वारा की गई धर्मांध धर्मान्धों की चापलूसी के कारण ही  हमने कुछ भी किया, तो हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड सकता  यह निश्चित रूपसे मालूम होने के कारण वासनांध इस प्रकार की उद्दंडता करते हैं ! इस स्थितिमें परिवर्तन करने हेतु हिंदू राष्ट्र स्थापित करना अनिवार्य है !  इस कारण संपूर्ण नगर में संताप व्यक्त किया जा रहा है तथा इस घटना के निषेधार्थ बंद रखा गया । हिंदू महिलाओंपर अत्याचार होने पर हिंदू केवल बंद रखते हैं अथवा प्रदर्शन करते हैं; परंतु धर्मान्ध उनके संदर्भ में किसी घटना के होने पर सीधे कानून को हाथ में लेकर दंगा मचाते हैं !

हाल-ही में इस महिला के पति का स्वर्गवास हुआ था । तदुपरांत यह महिला अपने दो बच्चोंके साथ बेद्रेकर के घर मे किराये पर रहती थी । उस महिलाको दो बार लकवे का / पक्षपात का झटका आने के कारण वह विकलांग अवस्था में रहती थी । २६ सितंबरको बेद्रेकर ने उसपर बलात्कार किया । बच्चे घर पर आने के उपरांत उस महिलाने बच्चों को इस घटनाकी जानकारी दी । बच्चोंके पुलिस थाने में जाने पर पुलिसकर्मी ने उनसे कहा, ‘’आप परिवाद (FIR) प्रविष्ट करनेकी झंझट में न पडें । इससे आपकी अपकीर्ति होगी तथा आपका कोई लाभ नहीं होगा ।‘’ वैचारिक सुन्नत हुए शासकों के भीगी बिल्ली बने पुलिसकर्मी क्या कभी हिंदुओं को न्याय मिलाकर दे सकते हैं ? अतः उन बच्चों ने कराड नाके के समीप के कुछ सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को मिलकर यह घटना बताई, जिससे उन्होंने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालासाहेब रेड्डी को यह घटना बताकर परिवाद प्रविष्ट करनेके लिए विवश किया ।

उमर अब्दुल्ला के बयान पर मोहन भगवत का जोरदार हमला

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल को यह कहने के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जोरदार हमला बोला कि जम्मू-कश्मीर चार मुद्दों पर भारतीय गणराज्य में ‘शामिल हुआ था और उसका विलय नहीं हुआ था.’

मोहन भागवत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय हो चुका है और इसमें अब कोई परिवर्तन संभव नहीं है. भागवत ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर का विलय बाकी भारत से किसी राज्यारोहण संधि के चलते नहीं हुआ. कश्मीर प्राचीन काल से ही हमारा रहा है. विलय अपरिवर्तनीय और अटल है.’ उन्होंने यह बात रविवार शाम जम्‍मू के परेड ग्राउंड में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कही.

उन्होंने उमर का नाम लिये बिना उनके उस बयान की आलोचना की, जो उन्होंने यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में दिया था.

गौरतलब है कि उमर अब्‍दुल्‍ला ने हाल में आयोजित बैठक में कहा था, ‘जबकि बाकी सभी रियासत भारतीय गणराज्य में शामिल हुई और बाद में उनका विलय हो गया, जम्मू-कश्मीर केवल भारतीय गणराज्य में शामिल हुआ था और उसका विलय नहीं हुआ था. इसी के चलते हमारा एक विशेष दर्जा है, हमारा राज्य का अलग ध्वज है और संविधान है.’

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