अब आर.पी सिंह ने यू टर्न लेते हुए जोशी का बचाव किया


टेलिकॉम घोटाले और सीएजी रिपोर्ट पर चल रहे घटनाक्रम ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब पूर्व सीएजी अधिकारी आर. पी. सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया था कि पब्लिक अकाउंट कमिटी (पीएसी) के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी ने कैग की रिपोर्ट को प्रभावित किया। 

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के आकलन को गलत बताने वाले सिंह ने कहा कि उनके बयान को एक अखबार ने गलत तरीके से प्रचारित किया।

23 नवंबर को एक अखबार ने सिंह के हवाले से लिखा था कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में नुकसान का फॉर्म्युला जोशी ने सुझाया था। इसके बाद ही नुकसान का आकलन बढ़ाकर कैग ने 1.76 लाख करोड़ रुपये कर दिया। सिंह के इस कथित खुलासे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पहली बार पूरे मामल में हमला बोलते हुए 2जी स्कैम के आंकड़े को बीजेपी की साजिश करार दिया था। परोक्ष रूप से सोनिया ने कैग पर भी निशाना साधा था। सिंह के ताजा बयान से 2जी स्कैम को बीजेपी की साजिश साबित करने में जुटी कांग्रेस और सरकार की मुहिम को थोड़ा झटका लगा है।

सिंह ने रविवार को साफ किया कि उन्होंने रिपोर्ट को लेकर पीएसी चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी पर कभी सवाल नहीं खड़े किए। जोशी पर आरोप लगाने से इनकार करते हुए कैग के पूर्व अधिकारी ने कहा, ‘वह ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि उनके पास इस बात का कोई दस्तावेजी सुबूत नहीं है।’

पूर्व सीएजी अधिकारी ने अपने ऊपर कांग्रेस का मोहरा होने के आरोप का भी खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनका यूपीए के साथ न तो कोई रिश्ता है और न ही नेताओं से कोई बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि मैंने राजनीति से प्रेरित होकर कुछ भी नहीं कहा है।

गौरतलब है कि सिंह ने कैग और पीएसी के बीच मिलीभगत का अप्रत्यक्ष आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि कैग ने नवंबर 2010 में 2जी घोटाले पर संसद को रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन इसके पहले से ही कैग और पीएसी के अधिकारियों के बीच बहुत अच्छे संबंध थे। उन्होंने यह भी कहा था कि कैग के अधिकारी 22 अप्रैल 2011 को मुरली मनोहर जोशी से मिलने उनके घर गए थे। हालांकि, जोश ने इस बारे में कहा था कि बतौर पीएसी चेयरमैन उन्होंने कैग को बुलाया था, उसके अधिकारियों को नहीं।

पिछले साल सितंबर में सीएजी के डीजी (पोस्ट ऐंड टेलिकम्युनिकेशन्स) पद से रिटायर होने वाले सिंह ने कहा था कि उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने लिखित आदेश दिया था जिसकी वजह से उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम में 1.76 लाख करोड़ के अनुमानित घाटे वाली रिपोर्ट में दस्तखत करने पड़े। आरपी सिंह कैग की उस टीम की अगुआई कर रहे थे जिसने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन का ऑडिट किया था।

पी चिदम्बरम एक दिन जेल जरूर जाएंगे - मेनका गाँधी

बीजेपी सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदम्बरम को फिलहाल भले ही अदालत से राहत मिल गयी हो, लेकिन एक ना एक दिन वह भी जेल जरूर जाएंगे।

मेनका ने दातागंज में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करने के बाद कहा कि टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में चिदम्बरम को अदालत से भले ही राहत मिल गयी हो लेकिन उनके खिलाफ काफी सुबूत हैं और एक ना एक दिन वह जेल जरूर जाएंगे।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की सरकार बनने पर कौन मुख्यमंत्री बनेगा, इस सवाल पर पार्टी सांसद ने कहा कि वह कोई ज्योतिषी नहीं है। जो भी मुख्यमंत्री बने, वह ईमानदार तथा कर्मठ होना चाहिये।

शराब व्यवसायी पोंटी चड्ढा को धनकुबेर बनाने के पीछे प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती का हाथ होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मायावती ने चड्ढा को करोड़ों रुपए की चीनी मिलें सस्ते दामों में बेच दीं, जिससे वह रातोंरात अरबपति बन गया।

मेनका ने दावा किया कि मायावती ने दिल्ली के पॉश इलाके में तीन बंगले खरीदे हैं, जिनकी कीमत 150 करोड़, 300 करोड़ और 350 करोड़ रुपये है।

उन्होंने शनिवार को बांदा में रैली को सम्बोधित करने गये एसपी प्रमुख मुलायम सिंह यादव की तरफ एक महिला द्वारा चप्पल उछाले जाने की निंदा करते हुए कहा कि विदेश से शुरू हुआ यह चलन बिल्कुल गलत है।

कश्मीर को भारत से अलग कर देना चाहिए - प्रशांत भूषण

प्रेस से मिलो कार्यक्रम में प्रशांत भूषण ने कहा कि कश्मीर का भविष्य तय करने के लिए जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए. हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि यह उनकी निजी राय है.

साथ ही उन्होंने एक निजी समाचार चैनल पर चल रही बहस में कहा कि कश्मीर को भारत से अलग कर देना चाहिए और फ़ौज को वापिस बुला लेना चाहिए ..

चिदंबरम नासमझ, मंत्री पद के योग्य नहीं - डॉ. जोशी

देश की जनता महंगाई की मार से परेशान है। गैस और पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं। केंद्र सरकार इसे रोकने के बजाय एक के बाद एक घोटाले कर रही है। टूजी, थ्रीजी और केजी जैसे घोटालों से देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। आश्चर्य की बात यह है कि हर घोटाले में केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम की भूमिका संदिग्ध है।

ये बातें भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व लोकलेखा समिति के अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। जोशी ने यहां तक कहा दिया कि चिदंबरम में मंत्री बनने की योग्यता नहीं है। जोशी ने कहा कि चिदंबरम की नासमझी के कारण पाकिस्तान को आतंकवादियों की गलत सूची दी गई। तेलंगाना में उपद्रव के जिम्मेदार भी वही हैं।

डॉ. जोशी ने चिदंबरम को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ सीबीआइ जांच कराने की मांग की।अमेरिका में गिरफ्तार कश्मीर के अलगाववादी नेता गुलामनबी फई के साथ भारतीय पत्रकारों के रिश्ते को उन्होंने गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि पाकिस्तान देश के बुद्धिजीवियों में अपना दावा मजबूत कर रहा है, जबकि भारत ऐसा करने में नाकाम रहा है।

मुंबई में हुए विस्फोट पर अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के बयान को चतुराई पूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि सिर्फ अफसोस जताने से काम नहीं चलेगा बल्कि अमेरिका को अपना पक्ष खुलकर रखना होगा। कर्नाटक में खनन घोटाले के मामले में लोकायुक्त की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री येद्दयुरप्पा को जिम्मेदार ठहराने पर डॉ. जोशी ने कहा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में जमीन घोटाले को डॉ. जोशी ने कांग्रेस की साजिश बताया। विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा के बारे में उन्होंने कहा सर्वेक्षण रिपोर्ट आने के बाद घोषणा की जाएगी।

प्रधानमंत्री को भी नहीं बक्शा जाएगा - डॉ. जोशी

2जी के पूरे मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ ही, कैबिनेट सचिवालय ने भी अपनी भूमिका सही तरीके से नहीं निभाई। दोनों ही कार्यालय तत्कालीन दूर संचार मंत्री . राजा पर लगाम लगाने में नाकाम रहे हैं। साथ ही, अटॉर्नी जनरल जी. . वाहनवती और तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ. मुरलीमनोहर जोशी ने आज देश के सबसे बड़े घोटाले की परतें खोलते हुए यह खुलासा किया।

उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के बारे में वित्त मंत्री एवं दूरसंचार मंत्री को संयुक्त राय से फैसला लेना था लेकिन मौजूदा सरकार के दूरसंचार मंत्री ने बिना वित्त मंत्रालय की राय के अपने शुभेच्छुओं वाली कम्पनी को रेवड़ी की तरह बांट दिया। इसके चलते सरकार और देश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

डा. जोशी ने कहा कि गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा धन्ना सेठों, भ्रष्ट मंत्रियों एवं अधिकारियों की जेबों में जाए, हम ऐसा नहीं होने देंगे। भ्रष्ट मंत्री एवं अधिकारी किस रास्ते से पैसा खाते हैं इसका किसी को पता नहीं चलता। जनता के धन की लूट की जांच में जो भी आड़े आएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह देश के प्रधानमंत्री ही क्यों नहीं हो।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच रिपोर्ट और भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंत मुद्दे पर व्याख्यान देने जयपुर आए संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा लौटाई गई रिपोर्ट के भविष्य पर अब नवगठित पीएसी फैसला करेगी। रिपोर्ट को पीएसी सदस्यों के समक्ष रखा जाएगा। समिति ही अब यह फैसला करेगी कि रिपोर्ट का क्या किया जाना है।

जोशी ने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या इस विवादास्पद रिपोर्ट पर समिति की बैठक में फिर मतदान हो सकता है। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन हो जाने के चलते क्या अब नवगठित पीएसी को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच करनी चाहिए, इसे लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के साथ ही भाजपा, जदयू तथा अन्य दलों के बीच भी मतभेद हैं। रिपोर्ट लौटाए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि यह उनकी अपनी नहीं, बल्कि पीएसी की रिपोर्ट है।इस पर फैसला करना लोकसभा अध्यक्ष का विशेषाधिकार है और उन्होंने इसे लौटा देने का फैसला किया है।

जोशी बहुत जल्द केजी बेसिन में गैस के दाम तय करने में एक कंपनी को अनावश्यक फायदा पहुंचाए जाने तथा सरकारी खजाने को भारी नुकसान की जांच का प्रस्ताव दे सकते हैं। अब यह पीएसी के सदस्यों को तय करना है कि इस गंभीर मामले की जांच की जाए अथवा नहीं। पीएसी की अगली बैठक इसी महीने होने की संभावना है।

केजी बेसिन में कथित घोटाले का मसला सीएजी की हाल ही में लीक हुई ड्राफ्ट रिपोर्ट से उजागर हुआ है। हालांकि जोशी ने यह भी जोड़ा कि पीएसी को इस मामले पर जांच शुरू करने के लिए सीएजी की रिपोर्ट आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि टूजी मामले में भी पीएसी ने सीएजी की रिपोर्ट आने से महीनों पहले अपनी पड़ताल शुरू कर दी थी।

भाजपा ने सोनिया से चार सवाल पूछे...

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'हम सोनिया गांधी से चार सवाल पूछना चाहते हैं। वह जनता को बताएं कि जब स्पेक्ट्रम घोटाले में जनता के एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये की लूट हो रही थी, तो वह चुप क्यों थीं? इसी तरह कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में 70 हजार करोड़ रुपये के घोटाले पर शुंगलू कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद भी सोनिया चुप क्यों हैं? आदर्श सोसायटी घोटाले की फाइलें एक-एक करके रक्षा मंत्रालय से गायब हो रही हैं, इस पर भी सोनिया क्यों खामोश हैं? राजकुमार चौहान को लोकायुक्त ने दोषी पाया था और हटाने के लिए कहा लेकिन उन्हें बचा लिया गया। इसके बावजूद सोनिया गांधी ने चुप्पी साधे रखी।'

रविशंकर ने कहा, 'करप्शन से घिर चुकी कांग्रेस बौखला गई है, इसीलिए बीजेपी अध्यक्ष के खिलाफ शर्मनाक और मर्यादाविहीन भाषा का प्रयोग कर रही है। यह बीजेपी में ही हो सकता है कि साधारण कार्यकर्ता भी अध्यक्ष बन जाए। कांग्रेस में तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद एक परिवार के लिए सुरक्षित है। गडकरी ने अगर यह कहा कि सोनिया का करप्शन के खिलाफ लड़ने का दावा खोखला है तो इसमें गलत क्या है?'

मनमोहन गद्दी से चिपके रहने वाले शख्स - भाजपा

भ्रष्टाचार के मामले में अब तक प्रधानमंत्री को निशाना बनाने से बचती रही बीजेपी ने अब पीएम के खिलाफ हमला बोल दिया है। बीजेपी ने कहा है कि 2जी स्पेक्ट्रम समेत भ्रष्टाचार के मामलों में प्रधानमंत्री सह-अपराधी हैं। बीजेपी ने प्रधानमंत्री के बारे में कहा कि वह हर कीमत पर गद्दी से चिपके रहने वाले शख्स हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ' स्पेक्ट्रम घोटाले से संबंधित तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा ने जो फैसले किए उनमें 10 में से 9 की जानकारी प्रधानमंत्री को थी। भ्रष्टाचार को रोकने के मामलों में सिंह ने प्रधानमंत्री पद की अपनी जिम्मेदारियों को जिस हद तक नकारा है , वह भारत के इतिहास में अभूतपूर्व है।'

सिंह के प्रति बहुत ही तल्ख रवैया अपनाते हुए सिन्हा ने कहा, ' प्रधानमंत्री को बहुत ही ईमानदार व्यक्ति कहा जाता है, लेकिन जो मनमोहन सिंह को जानते हैं, उन्हें मालूम है कि वह किसी कीमत पर गद्दी छोड़ने वाले नहीं हैं। मैं उन्हें बहुत अच्छी तरह जानता हूं। ' बीजेपी नेता ने कहा, ' प्रधानमंत्री पर आरोप लगाता हूं कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में वह सह-अपराधी हैं। तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की भी इस मामले में सीधी सह-अपराधिता है।'

उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच कर रही पीएसी की गुरुवार की बैठक में जिस तरह एसपी और बीएसपी को मिला कर सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने मसौदा रिपोर्ट को पारित नहीं होने दिया वह भ्रष्टाचार के मामलों में प्रधानमंत्री की पर पर्दा डालने के सुनियोजित कोशिश का हिस्सा थी।

और भी घोटालों का जल्द ही पर्दाफाश - हेमा मालिनी

भाजपा नेता और गुजरे जमाने कीड्रीमगर्लने दावा किया कि देश में कई और घोटालों का जल्द ही पर्दाफाश होगा।

उन्होंने यहां नादिया जिले में नवजागरण रथ यात्रा में कहा, ‘‘2जी स्पेक्ट्रम मामला, राष्ट्रमंडल खेल, आदर्श घोटाला उजागर हो चुका है और धीरे धीरे कई और घोटालों का पर्दाफाश होगा। इसलिये, आप चुप क्यों हैं? सिर्फ भाजपा एक भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दे सकती है।’’ उन्होंने भाजपा शासित राज्यों की तुलना पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से करते हुए कहा, ‘‘भाजपा शासित गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार जैसे राज्यों का विकास भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के चलते हुआ है।’’

घोटालों पर प्रधानमंत्री को जबाब देना ही होगा - गडकरी

भाजपा ने गुरुवार कहा कि . राजा और सुरेश कलमाड़ी आदि को बली का बकरा बना कर अन्य दोषियों की बेदाग बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है और 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भी जवाबदेही बनती है।

पूर्व दूरसंचार मंत्री राजा की गिरफ्तारी को महज ‘ढकोसला’ बताते हुए पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने यहाँ कहा कि राजा और कलमाड़ी ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल और प्रधानमंत्री की अनुमति से ही निर्णय किए, इसलिए देश के सामने इस बात का खुलासा होना चाहिए कि राजा का गॉडफादर कौन है और इन घोटालों में और कौन-कौन शामिल है। देश की जनता को यह जानने का हक है।

उन्होंने कहा कि ए. राजा और सुरेश कलमाड़ी को 2 जी स्पेक्ट्रम तथा राष्ट्रमंडल खेल घोटालों में 'बली का बकरा' बनाकर मुक्ति नहीं पाई जा सकती है। सभी फैसले केन्द्रीय मंत्रिमंडल और प्रधानमंत्री ने किए हैं, इसलिए संयुक्त संसदीय समिति की जाँच से ही पूरी सचाई सामने आ सकती है।

जेपीसी की माँग दोहराते हुए उन्होंने कहा जब तक इससे जाँच नहीं कराई जाती है, पूरी सचाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि जब तक सारी सचाई सामने नहीं आती है और अंतिम बिंदु तक की जाँच नहीं कराई जाती है, राजा की गिरफ्तारी महज ढकोसला होगा।

कांग्रेस और संप्रग पर 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में शामिल होने का आरोप लगाते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इनके बिना इतने बड़े पैमाने पर घोटाले होना संभव नहीं था।

उन्होंने कहा कि राजा और कलमाड़ी को 'बली का बकरा' बना कर अन्य दोषियों की बेदाग छवि बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। अपनी खाल बचाने के लिए सरकार केवल कुछ लोगों को बलि का बकरा नहीं बनाए।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले के लिए बराबर का जिम्मेदार बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी नीति के लिए वह जवाबदेह हैं। गडकरी ने कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन के नीतिगत निर्णय के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि मुख्य सचिव ने मंत्रियों के समूह को लिखा था कि मूल्य प्रावधान को हटा दिए जाने से देश को नुकसान होगा। अगर प्रधानमंत्री ने उस समय इस बात को मान लिया होता, तो शायद यह हालात ही पैदा नहीं होते।

प्रधानमंत्री पर ‘कुछ दबाव में काम करने’ का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सिंह ने मुख्य सचिव की बात की अनदेखी की जिससे इतना बड़ा घोटाल हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस विभाग (दूरसंचार) को केन्द्र सरकार ने एक तरह से भ्रष्टाचार करने का लाइसेंस दे दिया। ऐसा लगता है सरकार ने इस विभाग को द्रमुक को ऑउटसोर्स कर दिया।

राजा अपने अच्छे कर्मों की सजा भोग रहें हैं - करूणानिधि

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करूणानिधि ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री राजा का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें गिरफ्तार कर लिये जाने भर से ही उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता है तथा निचली जाति के लिये आधार तैयार करने को लेकर राजा और द्रमुक को निशाना बनाया जा रहा है.

द्रमुक प्रमुख एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करूणानिधि की अध्यक्षता में यहां हुई एक बैठक के दौरान पार्टी ने एक प्रस्ताव में कहा कि राजा को गिरफ्तार कर लेने भर से ही उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता.करूणानिधि ने कहा कि कैग ने स्पेक्ट्रम मुद्दे पर राजग के शासन काल के दौरान भी इसी तरह की रिपोर्ट दी, लेकिन इसपर तो किसी ने आवाज नहीं उठाई. उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन की सुविधा गरीबों तक पहुंचाने के चलते आज राजा जेल में हैं.

करूणानिधि ने राजा की तुलना सम्राट महाबलि से करते हुए यहां एक जनसभा में कहा कि हिंदू पौराणिक कथा के मुताबिक महाबलि ने लोगों के लिये जो अच्छे कर्म किये थे तथा अगड़ी जाति के लोगों को लेकर उन्हें सजा भुगतनी पड़ी थी.करूणानिधि ने राजा की गिरफ्तारी के बाद अपनी पहली टिप्पणी में कहा कि इसी तरह से ‘दलित’ राजा ने गरीबों को सस्ती कीमत पर मोबाइल फोन की सेवाएं उपलब्ध कराई.

वह अब इसकी सजा भुगत रहे हैं.उन्होंने संभवत: आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक रैली में कहा कि विपक्षी पार्टियों ने राजा और द्रमुक को निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने निचली जातियों के लिये आधार बनाया. राजा की गिरफ्तारी के विरोध में दूसरे दिन भी उनके गृहनगर पेरम्बलूर में आम जनजीवन अस्त व्यस्त रहा.उनकी गिरफ्तारी के विरोध में कुछ राजनीतिक दल यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस ने बताया कि यहां की सभी दुकाने बंद रहीं. प्रदर्शनकारियों ने बसों पर पथराव किया, जिससे राज्य परिवहन निगम की चार बसों के शीशे टूट गये.

कांग्रेस ने अपनी दुकानदारी के लिए द्रमुक को ‘आउटसोर्स’ किया - गडकरी

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आज आरोप लगाया कि उसने 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में जनता के धन को लूटने के लिए द्रमुक कोआउटसोर्सकिया है।

उन्होंने यहां पार्टी की एक रैली में कहा, ‘‘2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले के लिए कांग्रेस ने पैसा बनाने के लिए द्रमुक को आउटसोर्स किया था जिसमें :पूर्व दूरसंचार मंत्री: ए राजा ने अग्रणी भूमिका निभाई और :तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम: करुणानिधि इसके मुख्य सरगना थे।’’

गडकरी ने कहा कि 2 जी, राष्ट्रमंडल खेल और आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटालों के कारण साल 2010 घोटालों का वर्ष बन गया। गडकरी ने आरोप लगाया कि इसमें कुल ढाई लाख करोड़ रुपये शामिल हैं, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद का तीन फीसदी है।

गरीब हिंदू छात्रों को शैक्षणिक सहायता की मांग को लेकर समूचे तमिलनाडु में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पोन राधा कृष्णन द्वारा निकाली गई 40 दिवसीय यात्रा के समापन पर आयोजित रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस ने अपनी दुकानदारी चलाने के लिए 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में द्रमुक का इस्तेमाल किया।’’

कैग की रिपोर्ट पर कपिल सिब्बल का बयान दुर्भाग्यपूर्ण - सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के संबंध में कैग की रिपोर्ट को कमतर आंकने वाले बयानों को लेकर दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल की खिंचाई की और उनसे जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार करने को कहा.

न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति एके गांगुली की पीठ ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मंत्री को जिम्मेदारी का कुछ अहसास होना चाहिए.’ न्यायालय ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह किसी के भी बयानों से प्रभावित हुए बिना घोटाले की जांच करे.

कैग ने अनुमान व्यक्त किया है कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के कार्यकाल में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में सरकारी खजाने को 1.76 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.पीठ ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि 2जी घोटाले की पड़ताल कर रही सीबीआई मीडिया सहित किसी के भी द्वारा कहीं भी दिए जाने वाले बयानों से प्रभावित हुए बिना जांच करेगी.’

सिब्बल ने कैग के आकलन को ‘पूरी तरह त्रुटिपूर्ण और निराधार’ करार दिया था.

कपिल सिब्बल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे सुब्रमण्यम स्वामी

2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को कहा कि दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा चलाने के लिए वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

स्वामी ने यहां कहा कि स्पेक्ट्रम घोटाले को लेकर नियंत्रक व महालेखा परीक्षक [कैग] की रिपोर्ट पर सिब्बल का बयान अदालत की अवमानना है और एक-दो दिन के भीतर वे इस संबंध में अदालत में याचिका दाखिल कर देंगे।

गौरतलब है कि सिब्बल ने हाल ही में कहा था कि कैग रिपोर्ट में 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की बात पूरी तरह भ्रामक है।

भाजपा ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए रविवार को यहां आधिकारिक दस्तावेज जारी किए। ये दस्तावेज तत्कालीन दूरसंचार मंत्री राजा और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के बीच पत्राचार से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएमओ को नवंबर, 2007 से अनियमितताओं की जानकारी थी। उन्होंने जेपीसी की मांग फिर दोहराई।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि वे ईमानदार हैं तो फिर वे जनता के पैसे की लूट पर चुप्पी कैसे साध सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य पार्टी नेताओं को कॉपरेरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया से जोड़े जाने के मामले में कांग्रेस को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

हिंदूवादी आतंकवाद शब्द का प्रयोग कर आतंकवाद के ध्रुवीकरण की कोशिश - नीतीश

भगवा आतंकवाद शब्द को बार-बार दोहराए जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। मुख्यमंत्री निवास पर संवाददाताओं से बातचीत में एक प्रश्न के उत्तर में नीतीश ने कहा कि हर प्रकार का आतंकवाद खतरनाक होता है। हिंदूवादी आतंकवाद पर कांग्रेस का आरोप ठीक नहीं है।

हिंदूवादी आतंकवाद शब्द का प्रयोग कर आतंकवाद के ध्रुवीकरण की कोशिश हो रही है, जो ठीक नहीं है।

दूरसंचार मंत्रालय में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने से कांग्रेस के इंकार करने पर नीतीश ने कहा कि कांग्रेस जेपीसी से इनकार कर हठधर्मिता कर रही है। इस घोटाले की जांच लोकलेखा समिति नहीं बल्कि जेपीसी कराने की विपक्ष की मांग जायज है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य जुड़े हुए हैं जिसकी जांच केवल संसद की ही समिति उचित तरीके से कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जब भी सत्ता में आती है भ्रष्टाचार एवं महंगाई बढ़ जाती है और संघीय ढांचे पर प्रहार होने के साथ राज्यों का मजाक उड़ाया जाता है।

गिरफ्तारी की आशंका से राजा अपोलो में भर्ती हुए

2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में पूर्व टेलिकॉम मंत्री . राजा को तलब किया गया है। उन्हें सीबीआई ने समन भेज दिया है। सीबीआई उनसे पूछताछ करना चाहती है। मगर अचानक राजा की तबीयत खराब हो गई और वह अस्पताल में भर्ती हो गए हैं।

अब राजा अब किसी भी वक्त गिरफ्तार हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ काफी सबूत मिल चुके हैं और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई राजा से उनके निवेश, रकम के स्रोत और पिछले कुछ वर्षों के बैंक ट्रांजैक्शंस के बारे में पूछताछ करना चाहती है।

सूत्रों के मुताबिक खुद राजा को भी इस बात का अंदाजा हो गया है कि वह कभी भी सीबीआई के हत्थे चढ़ सकते हैं। उन्होंने पार्टी प्रमुख करुणानिधि से मुलाकात के लिए समय मांगा है।

इसी बीच सीबीआई का समन मिलते ही अचानक राजा की तबीयत खराब हो गई। खबर है कि वह चेन्नै के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती हो गए हैं। डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक राजा सेहत के ही आधार पर अंतरिम जमानत पाने की भी कोशिश कर रहे हैं।

करुणानिधि की बेटी कनीमोझी के NGO पर CBI का छापा

सीबीआई द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में समूचे तमिलनाडु में मारे जा रहे छापों के क्रम में आज मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की बेटी एवं सांसद कनीमोझी से जुड़े एक गैर सरकारी संगठन :एनजीओ: तथा पूर्व दूरसंचार मंत्री राजा के एक लेखा परीक्षक के कार्यालय की तलाशी ली गई

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी ने पेरंबलूर स्थित राजा के पैतृक गांव वेलूर स्थित घर पर भी छापा मारा ।

राजा के आवास के अतिरिक्त अधिकारियों ने वरिष्ठ पत्रकार एवं तमिल पत्रिका ‘नक्कीरन’ के सह संपादक कामराज राजा के लेखा परीक्षक सुब्रमण्यम तथा तिरुचिरापलली चेन्नई और पेरंबलूर स्थित राजा के रिश्तेदारों तथा घनिष्ठ सहयोगियों के परिसरों पर भी छापे मारे ।

कामराज को द्रमुक के काफी करीब माना जाता है ।

खुद को गैर लाभ वाला संगठन बताने वाले एनजीओ ‘तमिल मैयम’ पर भी सीबीआई ने छापा मारा । कनीमोझी इस संगठन के निदेशक मंडल में शामिल हैं जबकि रेव जगत गस्पर राज इसके प्रबंध ट्रस्टी हैं ।

कभी कभी संसद में कार्यवाही नहीं चलने से भी परिणाम निकलते हैं - आडवाणी

विपक्ष की जेपीसी की मांग के कारण संसद का कामकाज ठप रहने के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बयान को दरकिनार करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आज कहा कि कभी कभी कार्यवाही नहीं चलने से भी परिणाम निकलते हैं।

संसद भवन परिसर में 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले में शहीद सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजली देने के बाद आडवाणी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान सोनिया की आलोचना पर यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘ कभी कभी संसद में कार्यवाही नहीं चलने से भी परिणाम निकलते हैं।’’ गौरतलब है कि नौ नवंबर से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे ही दिन से टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन की जेपीसी से जांच कराने की विपक्ष की मांग पर हो रहे हंगामे के कारण दोनों सदनों में कामकाज ठप रहा।

सोनिया ने कांग्रेस संसदीय पार्टी की बैठक में विपक्ष,विशेष तौर पर भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए आज कहा कि यह खेदजनक है कि संसद में वित्तीय मामलों को छोड़कर कोई कामकाज नहीं हुआ। देश की जनता इस पर विचार करेगी कि जिस प्रकार से भाजपा ने संसद की कार्यवाही को बाधित किया है। 2004 में सत्ता से बाहर होने के बाद कामकाज में बाधा डालना भाजपा का चलन बन गया है।

बहरहाल, संसद पर 13 दिसंबर 2001 के आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए आडवाणी ने कहा, ‘‘संसद पर आतंकी हमला के दौरान जान न्योछावर करने वाले वीर सुरक्षाकर्मियों को हम नमन करते हैं और उनकी कुर्बानी का स्मरण करते हैं। अब इसके दोषियों को दंडित करने पर अमल करने की जरूरत है।’’

उल्लेखनीय है कि विपक्ष 2 जी स्पैक्ट्रम तथा भ्रष्टाचार के अन्य मुद्दों की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराए जाने की मांग पर अड़ी है जबकि सरकार यह मांग खारिज कर चुकी है। विपक्ष इस विषय को जनता के समक्ष ले जाने और 22 दिसंबर को रैली का आयोजन कर रही है।

न ही डर रहे और न कुछ छुपा रहे है हम - सोनिया गाँधी

टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति :जेपीसी: से जांच कराने की विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि संप्रग सरकार के पास तो कुछ छिपाने के लिए है ही कुछ डरने के लिए।

सोनिया ने यहां पार्टी संसदीय दल की बैठक में पार्टी सांसदों को संबोधित करते हुए संसद की कार्यवाही बाधित करने और स्पेक्ट्रम मुद्दे का राजनीतिकरण करने की बात कहते हुए विपक्ष, खासकर भाजपा पर दोहरे मापदंड और दोहरी बात करने का आरोप लगाया।

उन्होंने जेपीसी की विपक्ष की मांग का सीधा उल्लेख किए बिना कहा ‘‘आप यह देखेंगे कि समस्या का कई तरह से समाधान किया जा रहा है। पहला, पीएसी इसकी जांच कर रही है। दूसरा, सीबीआई की जांच चल रही है और तीसरा कि एक पूर्व न्यायाधीश प्रशासनिक और प्रक्रियागत खामियों को देख रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि सरकार मामले की तह तक जाने के लिए कटिबद्ध है और यह कहना बेतुका होगा कि सरकार कुछ छिपा रही है या जांच से भाग रही है। मैं स्पष्ट शब्दों में यह दोहराना चाहती हूं कि हमारी सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और हमारी सरकार को डरने के लिए कुछ नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी चिंता यह है कि हमें पीएसी और सीबीआई जैसी स्थापित संस्थाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और न न ही हमें ऐसा कुछ करना चाहिए जिससे कि प्रधानमंत्री की संस्था की गरिमा कम हो। हम राजनीतिक उद्देश्यों के लिए संस्थाओं को कुर्बान नहीं कर सकते।’

संसद से बाहर स्पेक्ट्रम मामले की जांच की घोषणा विशेषाधिकार हनन : भाजपा

सरकार की ओर से दूरसंचार नीति की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश से कराने की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा ने आज कहा कि संसद से बाहर ऐसे गंभीर विषय पर घोषणा करना विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ जब संसद का सत्र चल रहा हो, उस समय इस सर्वोच्च संस्था से बाहर इस प्रकार की घोषणा :टेलीकाम मामले की जांच: करना गंभीर विषय है।’’ उन्होंने कहा कि अगर कोई घोषणा करनी थी तो संसद का सत्र चल रहा था, सरकार को सदन में इसकी घोषणा करनी चाहिए थी।

जोशी ने कहा, ‘‘ यह निश्चित तौर पर एक गंभीर विषय है और विशेषाधिकार हनन का मामला भी बनता है।’’ गौरतलब है कि सरकार ने वर्ष 2001 से 2009 के बीच की दूरसंचार नीति और स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत न्यायधीश से कराने का फैसला किया है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने इसके लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश न्यायमूर्ति शिवराज वी पाटिल की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति का गठन किये जाने की कल घोषणा की थी।

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