नोटबंदी से आतंक को मिलने वाले धन,हवाला और मानव तस्‍करी में कमी: प्रसाद



केंद्रीय विधि, न्‍याय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार के 8 नवंबर  के विमुद्रीकरण के फैसले से आतंक, धन पोषण, हवाला कारोबार, सुपारी हत्‍या और मानव तस्‍करी विशेषकर नेपाल तथा पूर्वोत्‍तर की युवतियों की यौन शोषण के लिए जैसी तस्‍करी की घटनाओं में कमी आई है।

उन्‍होंने कहा कि सरकार टैक्‍स आधार को व्‍यापक बनाने के लिए कदम उठाने से नहीं हिचकिचाएगी। उन्‍होंने कहा कि टैक्‍स आधार बढ़ाए बिना विकास संभव नहीं है। उन्‍होंने कहा कि अरुण जेटली के पास विकास कार्यों के लिए सिर्फ पांच लाख करोड़ रुपए हैं। यह बढ़ना चाहिए।

नई दिल्‍ली में प्रेस क्‍लब ऑफ इंडिया, इंडियन वोमेन प्रेस कोर और सुप्रीम कोर्ट लायर्स कॉंफ्रेंस द्वारा आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि एकता और अखंडता की दृष्‍टि से पहले से अधिक मजबूत नया भारत उभर रहा है। यह भारत जाति, पंथ और धर्म की सीमा को पार करते हुए उभर रहा है।

भारत के भूतपूर्व प्रधान न्‍यायामूर्ति एम.एन. वेंकटचेलैया ने मौलिक कर्तव्‍यों और आर्थिक तथा न्‍यायिक सुधारों पर संगोष्‍ठी की अध्‍यक्षता की। उन्‍होंने बेहतर भारत बनाने के लिए युवाओं की शिक्षा पर बल दिया।  

श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। हमारी सरकार परिवर्तनकारी सरकार है और टैक्‍नोलॉजी उपकरण सुशासन में सक्रिय रूप में भूमिका निभा रहे हैं। आज 110 करोड़ आधार कार्ड और 104 करोड़ मोबाइल कनेक्‍शन हैं। डिजिटल गवर्नर का अर्थ तेजी से कार्य संपादित करना है और आज ग्रमीण क्षेत्रों में गरीब और अशिक्षित लोग भी नए विश्‍वास के साथ टैक्‍नोलॉजी अपना रहे हैं। उन्‍होंने राजस्‍थान में अलवर के स्‍कूल में गणित शिक्षक इमरान खान का उदाहरण दिया। इमरान खान के मोबाइल एप से 40 लाख बच्‍चों को फायदा हुआ। श्रीप्रसाद ने तेलंगना की बीड़ी कर्मी सतामा देवी द्वारा दुबई में अपने पोते से बातचीत करने के लिए स्‍काइप के उपयोग के बारे में सीखने का भी उदाहरण दिया।

श्री प्रसादने कहा कि वर्तमान सरकार में ऐसे नेता हैं जो आपातकाल के दिनों में छात्र गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उन्‍होंने कहा है कि सरकार न्‍यायापालिका की स्‍वतंत्रता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्‍होंने अवसंरचना तथा न्‍यायिक नियुक्‍तियों से जुड़े विषयों को स्‍वीकार करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में 1999 के बाद उच्‍च न्‍यायापालिका में सबसे अधिक 126 नियुक्‍तियां हुई हैं। उन्‍होंने बताया कि उच्‍च न्‍यायालय के 131 न्‍यायाधीशों की पुष्‍टि की गई है।

सेमिनार में वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता डॉ. कर्ण सिंह, लोक सभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्‍यप, पूर्व मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त एस.वाई. कुरैशी, बीएसएफ के पूर्व प्रमुख प्रकाश सिंह, पूर्व राज्‍यपाल ए.आर. कोहली, आईडब्‍ल्‍यूपीसी अध्‍यक्ष सुष्‍मा रामचंद्रन, अधिवक्‍ता अशोक अरोड़ा तथा पीसीआई के महासचिव विनय कुमार भी उपस्‍थित थे।

दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक ऑनलाइन पुस्तकालय का शुभारंभ

 

सुगम्य डिजिटल भारत की तरफ एक कदम आगे बढ़ते हुए ‘सुगम्य पुस्तकालय’ (दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक ऑनलाइन पुस्तकालय) का शुभारंभ आज विधि एवं न्याय और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने किया। समाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय के विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित एक समारोह में इस पुस्तकालय की शुरूआत की गई। इस समारोह की अध्यक्षता सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने की। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर और सामाजिक न्याय और आधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर और श्री रामदास अठावले मुख्य अतिथि थे। उद्घाटन समारोह से पहले सुगम्य डिजिटल भारत पर एक पैनल परिचर्चा का आयोजन भी हुआ।

इस अवसर पर श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह सूचना और प्रौद्योगिकी का दौर है क्योंकि यह दोनों ही बड़ी शक्तियां है। डिजिटल इंडिया के माध्यम से हम संपन्न और वंचितों के बीच के अंतर को खत्म करने का प्रयास कर रहे है। हमनें देश में सामान्य सेवा केन्द्रों से दिव्यांगजनो को जोड़ा है साथ है राष्ट्रीय सूचना केन्द्र दिव्यांगजनों के अनुकूल 100 सरकारी वेबसाइट बनाने की प्रक्रिया में है, जिनमें से 16 को पहले ही दिव्यांगजनों के इस्तेमाल में आसान बना दिया गया है। उन्होंने गैर-सरकारी संगठनों और नागरिकों से सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव देने के लिए ‘My Gov’ वेबसाइट इस्तेमाल करने का भी आह्वन किया।

वहीं थावरचंद गहलोत ने कहा कि उनका मंत्रालय सुगम्य भारत अभियान के लिए प्रतिबद्ध है और कई शहरों में इमारतों को सुगम्य बनाया जाएगा। 6 लाख से भी ज्यादा दिव्यांगजनों को उपकरण दिए गए है। जबकि ऐसे लोगों को सम्मानित करने के लिए चार हजार शिविर भी लगाए गए हैं। दिव्यांगजनों और समाज के दबे-कुचले लोगों को ऊपर उठाने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 18 नई ब्रेल प्रिंटिंग प्रेस स्थापित करने के लिए अनुमति दे दी गई है। त्रिवेंद्रम के दिव्यांग कॉलेज को दिव्यांग विश्वविद्यालय में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी में जब 1500 दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित किए जाएगे तो यह एक विश्व रिकॉर्ड होगा।

अपने संबोधन में मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि उनका मंत्रालय दिव्यांगजनों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि उनका पहला दीक्षांत संबोधन चित्रकूट में दिव्यांग विश्वविद्यालय में होगा।

इस अवसर पर श्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि दिव्यांगजनों को लोगों की दया की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें प्यार, स्नेह और सहायता चाहिए। सुगम्य पुस्तकालय की शुरूआत के जरिए उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी हो सकेगी। साथ ही इस पहल में प्रकाशकों का सहयोग भी उन्होंने मांगा।

श्री रामदास अठावले ने कहा कि समाज के दिव्यांगजनों और पिछड़ों के हितों और बेहतरी के लिए काम करना उनके मंत्रालय की पहली प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंन उम्मीद जताई कि यह पहल अपना लक्ष्य हासिल करेगी।

इस अवसर पर सक्षम ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्ट्री श्री दीपेन्द्र मनोचा ने ई-लाइब्रेरी सुगम्य पुस्तकालय पर एक संक्षिप्त प्रस्तावना पेश की।

"सुगम्‍य पुस्‍तकालय" एक ऑनलाइन मंच है, जहां पर प्रिंट विकलांग लोगों के लिए सुलभ सामग्री उपलब्ध करायी जाती है। इस पुस्‍तकालय में विविध विषयों और भाषाओं तथा कई सुलभ प्रारूपों में प्रकाशन उपलब्‍ध है। इसे डेज़ी फोरम ऑफ इंडिया संगठन के सदस्यों और टीसीएस एक्‍सेस के सहयोग से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्‍यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा तैयार किया गया है। यहां पर दृष्टिहीन और अन्य प्रिंट विकलांग लोगों के लिए सुलभ प्रारूपों में पुस्तकें उपलब्ध हैं। विविध भाषाओं में दो लाख से अधिक किताबें हैं। देश और दुनिया भर में सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय पुस्तकालय, बुकशेयर सहित पुस्तकालयों का एकीकरण किया जा रहा है।  

अंतिम उपयोगकर्ता यानि प्रिंट विकलांग व्यक्ति के मामले में: अब अगर प्रिंट विकलांग जन किताब पढ़ना चाहता है तो इसके लिए उसे किसी पढ़ कर सुनाने वाले व्यक्ति या स्कैन और संपादन करने के लिए स्वयंसेवकों की तलाश करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सुगम्य पुस्तकालय पर शीघ्र खोज के बटन को क्लिक करते ही उसे अपनी पसंद की पुस्तके मिल जायेंगी। इसके लिए उसे डीएफआई संगठन में प्रिंट विकलांग सदस्य के रूप में पंजीकरण करवाना होगा। जिसके बाद वह अपनी सदस्यता के जरिये पुस्तक डाउनलोड कर सकता है या ऑफ लाइन खरीद सकता है। वह एक बटन क्लिक कर पुस्तकालय की सभी किताबों तक पहुंच सकता है। मोबाइल फोन, टेबलेट, कम्प्यूटर, डेजी प्लेयर जैसे अपनी पसंद के किसी भी उपकरण पर ब्रेल लिपि में भी पुस्तकें पढ़ी जा सकती है। ब्रेल प्रेस वाले संगठन के सदस्य के जरिये वे ब्रेल लिपि की प्रतिलिपि भी मंगवा सकते हैं।

स्कूल/कॉलेज/पुस्तकालय के मामले में : विश्वविद्यालय, स्कूल पुस्तकालय, सार्वजनिक पुस्तकालय या इस प्रकार के अन्य संस्थान डीएफआई के सदस्य बन सकते हैं अथवा अपने प्रिंट विकलांग सदस्यों या छात्रों को सुगम्य पुस्तकालय का पूरा संग्रह उपलब्ध कराने के लिए ऑन लाइन पुस्तकालय के सदस्य बन सकते हैं। शैक्षिक संस्थान भी इस पुस्तकालय में अपने छात्रों के लिए सुलभ प्रारूप में उपलब्ध कराने के लिए तैयार की गई पुस्तकों का योगदान दे सकते हैं ताकि अन्य संस्थानों के छात्रों को भी वही  पुस्तकें उपलब्ध हो सके और कई स्थानों पर ऐसी पुस्तकों को दोबारा तैयार करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।

प्रकाशक/सरकारी प्रकाशक/पाठ्य पुस्तक प्रकाशक के मामले में : ये लोग विकासशील देश में सबसे अधिक पहुंच वाले ऑन लाइन पुस्तकालय का निर्माण कर इतिहास का एक हिस्सा बन सकते हैं। प्रिंट विकलांग लोगों को शामिल कर अपने पाठक आधार को बढ़ाने के लिए वे अपने प्रकाशनों को सुलभ प्रारूपों में  सुगम्य पुस्तकालय पर साझा कर सकते हैं। पुस्तकालय की पहले से ही रीडर्स डाइजेस्ट और इंडिया टूडे जैसे प्रकाशनों के साथ साझेदारी है और वह बड़ी संख्या में निजी और सरकारी प्रकाशन विभाग और प्रकाशनों के साथ नई साझेदारी करना चाहता है। पाठ्यपुस्तक प्रकाशन विभाग, राज्य पाठ्य पुस्तक बोर्ड (एससीईआरटी/ एनसीईआरटी) इस मंच के जरिये प्रिंट विकलांग छात्रों के लिए अपनी सामग्री उपलब्ध कराकर  शिक्षा के अधिकार अधिनियम (2009) के अंतर्गत अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह कर सकते हैं। सुगम्य पुस्तकालय से जो सामान्य प्रिंट नहीं पढ़ पाते हैं केवल उन्हें पुस्तकें देने से पुस्तकें संरक्षित रहेंगी।

गैर-सरकारी संगठन के मामले में : वे एक सदस्य के रूप में प्रिंट विकलांग लोगों के लिए पुस्तकालय सेवा शुरू कर सकते हैं और अपने सदस्यों को सुगम्य पुस्तकालय की पूरी सामग्री उपलब्ध करा सकते हैं।

कॉरपोरेट के मामले में : उनके कर्मचारी स्वयं अपनी इच्छा से सामग्री तैयार कर करोड़ो प्रिंट विकलांग लोगों की मदद कर सकते हैं। सूचना प्रोद्योगिकी उद्योग सभी भारतीय भाषाओं में डिजिटल सामग्री के लेखन और पाठन में खामियों को दूर करने के लिए प्रोद्योगिकी विकसित कर योगदान दे सकते हैं।

महाराष्ट्र में खुल रहें हैं 3,500 सीटों वाले 35 बीपीओ: रविशंकर प्रसाद


महाराष्ट्र में 174 वाई-फाई, 4 लाख नेक्स्ट जेनरेशन नेटवर्क कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना 

केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुंबई को जल्द ही एक लाख हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्शन मिलेंगे। 

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जोर देकर कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान को सफल बनाने के लिए कनेक्टिविटी सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। मुंबई में आज अपने मंत्रालय के अधीन विभागों की समीक्षा करने के बाद एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि देश में ब्रॉडबैंड, वाई-फाई और नेक्स्ट जेनरेशन नेटवर्क (अगली पीढ़ी के नेटवर्क) के प्रसार के साथ ही कनेक्टिविटी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वित्त वर्ष में 2,500 वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाए जाएंगे। 

श्री रविशंकर प्रसाद ने समावेशी विकास को बढ़ावा देने की जरूरत को रेखांकित करते हुए घोषणा की कि सरकार ने देश भर मे 48,000 सीटों के मॉफुसिल कॉल सेंटर्स के रूप में बीपीओ स्थापित करने की योजना है। इनमेंसे महाराष्ट्र को 3,500 सीटों के 35 कॉल सेंटर मिलेंगे। मंत्री ने कहा, ‘छोटे इलाकों में बीपीओ कॉल सेंटर और कस्बों में मॉफुसिल डिजिटल इंडिया के लिए अहम होंगे।’

मंत्री ने कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ का उद्देश्य गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, ‘हम ऐसे चाय विक्रेता, पानवाला, बढ़ई चाहते हैं, जिनकी सेवाएं हम अपने मोबाइल फोन से हासिल कर सकें। डिजिटल इंडिया की यही वास्तविक अवधारणा है।’ 

श्री प्रसाद ने बताया कि मोबाइल फोन कनेक्टिविटी बढ़कर 100 करोड़ और इंटरनेट कनेक्टिविटी 40 करोड़ लोगों तक पहुंच गई है। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘हम स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन और ई-कॉमर्स के लिए डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाएंगे और भारत को हकीकत में सशक्त समाज बनाएंगे।’ 

महाराष्ट्र में कनेक्टिविटी में सुधार के रोडमैप की घोषणा करते हुए श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान महाराष्ट्र में नेक्स्ट जेनरेशन नेटवर्क (एनजीएन) के अंतर्गत 4 लाख कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। एनजीएन सेवा महाराष्ट्र में पुणे, नागपुर, नासिक, औरंगाबाद, कोल्हापुर, कल्याण व नांदेड़ और गोवा में उपलब्ध कराई जाएगी। गोवा भी महाराष्ट्र टेलिकॉम सर्किल का हिस्सा है। एनजीएन एक पैकेट आधारित नेटवर्क है, जो तेज स्पीड में वॉयस, डाटा और अन्य मीडिया सेवाएं उपलब्ध कराता है। 

मंत्री ने यह भी घोषणा की कि महाराष्ट्र के 58 शहरों में 174 वाई-फाई हॉट-स्पॉट लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुणे में एक नया मोबाइल इंटेलिजेंस नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जो ग्राहकों को प्री-पेड मोबाइल सर्विस उपलब्ध कराएगा। 

श्री रविशंकर प्रसाद ने मुंबई के लिए कहा कि एमटीएनएल ऑप्टिकल फाइबर बिछा रहा है, जिसका उद्देश्य शहर के 1 लाख घरों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड मुहैया कराना है। उन्होंने कहा, ‘मुंबई पुलिस के सहयोग से 1,800 स्थानों पर 6,000 सिटी सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे।’ 

डाक विभाग के प्रदर्शन पर श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार ने भारतीय डाक विभाग से ई-कॉमर्स क्षेत्र का एक सक्रिय खिलाड़ी बनने के लिए कहा है। मंत्री ने कहा कि 8 राज्यों के एक सीएजी सर्वे में सामने आया है कि भारतीय डाक की स्पीड पोस्ट सर्विस को सबसे अच्छी कुरियर सेवा घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि 2014-15 में पार्सल से होने वाली राजस्व में 37 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, जिसमें 2013-14 में 2 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी। दिसंबर 2015 तक इसमें 117 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

मंत्री ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक मार्च 2017 तक चालू हो जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा, ‘भारतीय डाक पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 40 कंसोर्शिया बीमा डिलिवरी और अन्य वित्तीय उत्पादों के लिए डाक विभाग के साथ साझेदारी करने में अपनी दिलचस्पी दिखा चुके हैं।’

नेट न्यूट्रलिटी के संबंध में मंत्री ने कहा, ‘ट्राई (भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण) नेट न्यूट्रलिटी मुद्दे पर विचार कर रहा है, हम अपनी रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं और उसके बाद सरकार अपनी सोची-समझी राय रखेगी।’हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि इंटरनेट मानव मस्तिष्क की शानदार रचना है, जिस पर कुछ लोगों का एकाधिकार नहीं रहना चाहिए।

तो यह है मोदी सरकार की राष्‍ट्रीय दूरसंचार सुरक्षा नीति

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने बताया है कि राष्‍ट्रीय दूरसंचार सुरक्षा नीति प्रारूप चरण में है। दूरसंचार आयोग द्वारा इसकी संवीक्षा करने तथा राष्‍ट्रीय सूचना बोर्ड द्वारा इस पर चर्चा करने के बाद यह प्रारूप नीति अंतरमंत्रालयी परामर्श के लिए परिचालित की गई है। दूरसंचार सुरक्षा नीति संबंधी प्रारूप की मुख्‍य विशेषताएं निम्‍नानुसार है:- 

1. यह नीति पणधारकों की भागीदारी संबंधी सिद्धांतों, अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग, उपर्युक्‍त विनियामक ढांचे, विनियामकों, की अपेक्षा तकनीकि समाधानों को प्रधानता देने और व्‍याव‍हारिक एवं प्रगतिशील दृष्टिकोण को अपनाने पर आधारित है। 

2. इस नीति दूरसंचार से जुड़े सुरक्षा के विभिन्‍न पहलुओं जैसे सुरक्षा अभिकरणों को सुंचार सहायता, संचार, सूचना एवं डाटा की सुरक्षा के तथा दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा का समाधान करती है। 

3. इस नीति में 'सेफ टू कनेक्‍ट' नीति की परिकल्‍पना की गई है जिसका तात्‍पर्य यह है कि प्रत्‍येक नेटवर्क एलीमेंट को नेटवर्क में शामिल करने पूर्व इसकी सुरक्षा जांच करवाई जाए तथा इसे प्रमाणित/ अधिकृत सुरक्षा जांच प्रयोगशालाओं से प्रमाणित करवाया जाए। 

4. दूरसंचार नेटवर्क की आवधिक सुरक्षा जांच। 

5. भारतीय दूरसंचार नेटवर्क के लिए इलेक्‍ट्रानिक दूरसंचार उपस्‍कर और सॉफटवेयर के विनिर्माण के लिए घरेलू/देशीय क्षमता का उत्तरोत्‍तर विकास करना। 

सरकार उपर्युक्‍त नीति को अंतिम रूप न दिए जाने के बाविजूद भी सुरक्षा संबंधी सरोकारों के प्रति अत्‍यंत सजग है और इनका समाधन सरकार द्वारा गृह मंत्रालय तथा दूरसंचार उद्योग के परामर्श से विभिन्‍न दूरसंचार लाइसेंसों (अर्थात् अभिगम सेवा, राष्‍ट्रीय लंबी दूरी तथा अंतर्राष्‍ट्रीय लंबी दूरी सेवा लाइसेंसों तथा इंटरनेट सेवा प्रदाताओं एवं वीएसएटी सेवा प्रदाताओं) में संशोधन करके व्‍यापक सुरक्षा अनुदेशों को जारी करने के माध्‍यम से किया गया है। बाद में, इन सुरक्षा अनुदेशों को एकीकृत लाइसेंस (यूएल) के अभिन्‍न भाग के रूप में शामिल कर लिया गया है। इन अनुदेशों की मुख्‍य विशेषताएं निम्‍नानुसार है: 

1. लाइसेंसधारकों की अपने-अपने नेटर्वकों की सुरक्षा और सुरक्षा प्रबंधन के संबंध में संगठनात्‍मक नीति होगी। नेटवर्क संबंधी अपराध, नेटवर्क दृढि़करण, नेटवर्क प्रसार परीक्षण, जोखिम मूल्‍यांकन, समस्‍या को निधार्रित करने के लिए कर्रवाई और ऐसी समस्‍याओं के बार-बार उत्‍पन्‍न होने से बचाव आदि करना, उनकी इस नीति का एक भाग होगा और उन्‍हें इन कार्रवाईयों के संबंध में सभी उपाय करने होंगे।

2. लाइसेंसधारकों को अवरोधन और निगरानी मामलों का निपटान करने के लिए मुख्‍य तकनीकी अधिकारी/अधिकारियों, मुख्‍य सूचना सुरक्षा अधिकारी, नोडल कार्यपालकों तथा जीएमएससी, एमएससी, सॉफ्टस्विच, केन्‍द्रीय डाटा बेस के प्रभारी और पद्धति प्रधासक/प्रशासकों के रूप में केवल आवासी, प्रशिक्षित भारतीय नागरिकों को नियुक्‍त करना होगा। 

3. लाइसेंसधारक सुरखा की दृष्टि से वर्ष में एक बार अपने नेटवर्क की जांच करेगा अथवा किसी नेटवर्क जांच और प्रमाणन अभिकरण से नेटवर्क जांच करवाएगा। 

4. लाइसेंसधारक सभी प्रकार के अनाधिकृत प्रवेश, आक्रमणों और धोखाधडि़यों से निगरानी के संबंध में सुविधाएं सृजित करेगा और इसकी सूचना दूरसंचार विभाग एवं सीईआरटी-आईएन को देगा। 

5. लाइसेंसधारक अपने नेटवर्क में केवल उन्‍ही उपस्‍करों को शामिल करेगा जो किसी अधिकृत और प्रमाणित प्रयोगशालाओं से संगत समीचीन सुरक्षा मानकों के अनुसार जांचे गए होंगे। 

6. लाइसेंसधारक सभी कमांड लॉग्‍स की प्रायोगिक जांच का रिकार्ड रखेगा। 

7. सुरक्षा नियमों का अनुपालन न होने पर लाइसेंस समाप्‍त करने सहित अनेक दण्‍डकारी प्रावधान किए हैं। 

8. लाइसेंसधारक प्रचालन तथा रख-रखाव प्रक्रिया का एक मैनुअल के रूप में रिकार्ड रखेगा। 

9. हाडवेयर/सॉफटवेयर उत्‍पादों की आपूर्ति संबंधी शृंखला का रिकार्ड रखेगा।

कंपनी इटली की होने के कारण हेलिकाप्टर सौदा घोटाले में जांच नहीं हुई - भाजपा

इतालवी अगस्टा वेस्टलैंड हेलिकाप्टर सौदा घोटाले को दूसरा बोफर्स घोटाला बताते हुए भाजपा ने सरकार से सवाल किया कि उसने एक साल तक इसकी जांच क्या इसलिए नहीं कराई कि यह कंपनी इटली की है। उसने कहा कि वह इस मामले को संसद और संसद के बाहर जोरदार ढंग से उठाएगी।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने यहां कहा कि यह बोफोर्स जैसा मामला है। जब रिश्वत देने वाले को पकड़ लिया गया, लेकिन रिश्वत पाने वाले की पहचान नहीं की गई। भारत सरकार कब तक रिश्वत लेने वालों को बचाएगी। भाजपा इस मामले को संसद में उठाएगी और सरकार से यह बताने की मांग करेगी कि रिश्वत लेने वाले कौन हैं और कौन उन्हें बचा रहा है।

पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने भी सवाल किया कि हेलिकाप्टर सौदा घोटाले में भारत में जांच क्यों नहीं हो रही है, जबकि इटली में इस मामले की जांच को रही है? क्या ऐसा इसलिए है कि कंपनी इटली की है?

प्रसाद ने कहा कि मैं इस घोटाले में दूसरा बोफोर्स घोटाला बनते देख रहा हूं। सरकार यह नहीं बता पाई कि इस मामले की जानकारी होने के बावजूद वह एक साल से चुप्पी क्यों साधे रही?

उन्होंने कहा कि इस सौदे से कई सवाल खड़े हुए हैं। इटली के एक श्रीमान ओत्तावियो क्वात्रोच्चि हैं जो बोफोर्स घोटाले में शामिल थे। उन्हें बचाने की कई कोशिशें की गई। यह हेलिकाप्टर कंपनी भी इटली की है। क्या यह एक कारण है कि पिछले एक साल से इस मामले की जांच नहीं करवाने का? उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि 3, 500 करोड़ रूपए के इस सौदे में हुए घोटाले की इटली में जांच हो रही है, लेकिन भारत में नहीं।

इस हैलिकाप्टर की भविष्य की आपूर्ति पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए उन्होंने इस पूरे सौदे की समीक्षा करने की मांग की।

प्रसाद ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी से पूछना चाहता हूं कि इतने सारे घोटाले के साथ वे किस तरह का भारत बनाना चाहते हैं? भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उसकी ओर से एक साल पहले ही यह मामला उठाया गया था लेकिन तब सरकार ने सीबीआई से जांच करने को क्यों नहीं कहा।

इस मामले में संसद को गलत जानकारी देने का रक्षा मंत्री ए के एंटनी पर आरोप लगाते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा इस महीने से शुरू हो संसद के बजट सत्र में सरकार की ओर से इस कथित गलतबयानी का स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी यह स्पष्टीकरण देना चाहिए कि सरकार के हर विभाग में भ्रष्टाचार क्यों है। दूरसंचार, कोयला या रक्षा हो हर विभाग में लूट है।

पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी के इस खुलासे पर कि सौदे में विवादास्पद बदलाव राजग शासन के समय हुए, प्रसाद ने कहा कि त्यागी की टिप्पणी को घाव पर नमक के रूप में लेना चाहिए। उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। कहा जा रहा है कि इसमें उनके रिश्तेदार शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि राजग शासन के दौरान कोई हेलिकाप्टर नहीं खरीदा गया और कोई रिश्वत नहीं ली गई।

हेलिकाप्टर घोटाले की सीबीआई से जांच कराने के सरकार के आदेश पर जेटली ने कहा, ‘‘सबने देखा है कि इस जांच एजेंसी को कितनी गंभीरता से काम करने दिया जाता है। वह जांच में चीजों को उजागर करने की बजाय ,छिपाती ज्यादा है ।’’

हिन्दू सेना का शिंदे ( गंदे ) के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन


बीजेपी, संघ पर हिंदू आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाने के बाद शिंदे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन उनके खिलाफ बीजेपी और संघ का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. बीजेपी ने शिंदे को हटाने की मांग की है.

हिंदू सेना नाम के संगठन के कार्यकर्ताओं ने शिंदे के घर के बाहर प्रदर्शन किया है.

दूसरी ओर बीजेपी ने शिंदे को हटाने की मांग की है. बीजेपी ने कहा है कि 24 जनवरी को देश भर में बीजेपी प्रदर्शन करेगी.

बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि शिंदे के बयान पर सोनिया और प्रधानमंत्री को माफी मांगे. वहीं बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने शिंदे के बयान के घटिया और शर्मनाक बताया है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा, "शिंदे ने जो कहा है वह शर्मनाक है और उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए." 

लेकिन कांग्रेस ने शिंदे का बचाव किया है... संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी शिंदे पर हमला करके लोगों को ध्यान भटका रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिंदे के साथ है.

कमलनाथ ने कहा कि शिंदे ने जो कहा है वह सच है.

पीएमओ है या ‘आपरेशन सुरक्षा कार्यालय’? : भाजपा


राबर्ट वाड्रा से जुड़े जमीन सौदों में अनियमितताओं के आरोपों में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा क्लीनचिट दिए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने आज कहा कि  ‘पीएमओ क्या लोगों को बचाने का  ‘आपरेशन सुरक्षा कार्यालय’ बन गया है।’ भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय(पीएमआ) ने वाड्रा को क्लीन चिट दी है और इस संबंध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक हलफनामा भी दाखिल किया गया है।

प्रसाद ने कहा कि  ‘यह प्रधानमंत्री कार्यालय है या आपरेशन सुरक्षा कार्यालय है।’ जो बार बार लोगों का बचाव करता है। उन्होंने कहा कि वाड्रा के संबंध में अनेक आरोप लगे हैं और हरियाणा तथा राजस्थान सरकार द्वारा उनकी मदद की खबरें भी सार्वजनिक हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री से पूछना चाहेंगे कि क्या पीएमओ या कंपनी मामलों के मंत्रालय या आयकर विभाग ने इस संबंध में कोई जांच की है और अगर की है तो उसका ब्योरा क्या है।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री कार्यालय ने 2जी मामले में ए राजा, पी चिदंबरम को और राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को क्लीन चिट दी हैं।

भाजपा ने सोनिया से चार सवाल पूछे...

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'हम सोनिया गांधी से चार सवाल पूछना चाहते हैं। वह जनता को बताएं कि जब स्पेक्ट्रम घोटाले में जनता के एक लाख 76 हजार करोड़ रुपये की लूट हो रही थी, तो वह चुप क्यों थीं? इसी तरह कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में 70 हजार करोड़ रुपये के घोटाले पर शुंगलू कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद भी सोनिया चुप क्यों हैं? आदर्श सोसायटी घोटाले की फाइलें एक-एक करके रक्षा मंत्रालय से गायब हो रही हैं, इस पर भी सोनिया क्यों खामोश हैं? राजकुमार चौहान को लोकायुक्त ने दोषी पाया था और हटाने के लिए कहा लेकिन उन्हें बचा लिया गया। इसके बावजूद सोनिया गांधी ने चुप्पी साधे रखी।'

रविशंकर ने कहा, 'करप्शन से घिर चुकी कांग्रेस बौखला गई है, इसीलिए बीजेपी अध्यक्ष के खिलाफ शर्मनाक और मर्यादाविहीन भाषा का प्रयोग कर रही है। यह बीजेपी में ही हो सकता है कि साधारण कार्यकर्ता भी अध्यक्ष बन जाए। कांग्रेस में तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद एक परिवार के लिए सुरक्षित है। गडकरी ने अगर यह कहा कि सोनिया का करप्शन के खिलाफ लड़ने का दावा खोखला है तो इसमें गलत क्या है?'

भाजपा ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए रविवार को यहां आधिकारिक दस्तावेज जारी किए। ये दस्तावेज तत्कालीन दूरसंचार मंत्री राजा और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के बीच पत्राचार से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि पीएमओ को नवंबर, 2007 से अनियमितताओं की जानकारी थी। उन्होंने जेपीसी की मांग फिर दोहराई।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि वे ईमानदार हैं तो फिर वे जनता के पैसे की लूट पर चुप्पी कैसे साध सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य पार्टी नेताओं को कॉपरेरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया से जोड़े जाने के मामले में कांग्रेस को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

बीजेपी के प्रधानमंत्री से सात सवाल

बीजेपी ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया है कि महान निष्ठा वाले व्यक्ति होने और ईमानदारी की पैरवी करने का दावा करने के बावजूद उनकी नाक के नीचे लाखों-करोड़ों रुपये ऐसे लोगों द्वारा बड़े व्यवस्थित ढंग से लूटे जा रहे हैं, जो सरकार का हिस्सा हैं और प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करते हैं।

बीजेपी महासचिव रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री के सामने सात सवाल रखते हुए कहा कि ए.राजा को संसदीय दबाव में इस्तीफा देने को कहा गया है। बीजेपी चाहती है कि उत्तरदायी व्यक्तियों को जेल भेजा जाए और एंटी करप्शन एक्ट के तहत उन पर मुकदमा चलाया जाए। मामले की जेपीसी जांच करवाई जाए।

1-प्रधानमंत्री उस समय क्यों खामोश रहे, जब स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियम बदले गए?
2-स्पेक्ट्रम जैसे दुर्लभ राष्ट्रीय संसाधन को 2007 में 2001 के मूल्य पर बेचने की अनुमति क्यों दी जबकि देश में टेलि-घनत्व बढ़कर सात गुणा हो गया था?

3-प्रधानमंत्री ने पूरी फाइल अपने पास मंगाकर प्रतिकूल टिप्पणी क्यों नहीं की जबकि सभी मापदंडों का खुले तौर पर भारी उल्लंघन किया जा रहा था?
4-प्रधानमंत्री ने 2जी स्पेक्ट्रम के पूरे आवंटन की रिव्यू करने और जांच के आदेश क्यों नहीं दिए जबकि 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से सरकार को 35 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य की तुलना में एक लाख करोड़ रुपये का भारी लाभ हुआ?
5-प्रधानमंत्री उस समय क्यों मौन रहे जब 85 अयोग्य कंपनियों को आशय-पत्र दिए गए और लाइसेंस लेने वाली कंपनियों को स्पेक्ट्रम बेचने की इजाजत दी गई।
6- इस मामले पर संसद में जुलाई 2009 में विस्तृत चर्चा हुई थी, जिसमें एक अस्पष्ट जवाब दिया गया था जबकि सभी तथ्य और कैग द्वारा कही गई ज्यादातर बातें बीजेपी द्वारा ध्यान में लाई गई थीं।
7-प्रधानमंत्री ने उस वक्त कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जब 2जी स्पेक्ट्रम को जानबूझ कर कम मूल्य पर बेचने के सबूत सामने आ गए थे?

भाजपा का ओबामा से उदारवादी रुख अपनाने का आग्रह

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे से पहले मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने उनसे उदारवादी रुख अपनाने का आग्रह किया है। भाजपा के इस आग्रह को आउटसोर्सिंग के मुद्दे से जोड़ कर देखा जा रहा है। भाजपा महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे का भाजपा स्वागत करती है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनियां का सबसे बड़ा अर्थतंत्र है और इस संदर्भ में उम्मीद है कि ओबामा उदारवादी सोच अपनाएंगे। भाजपा के इस आग्रह को आउटसोर्सिंग विवाद से जोड़ कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका की तरफ से आउटसोर्सिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है जिससे भारतीय आईटी उद्योग पर बुरा असर पड़ा है।

भारत चाह रहा है कि अमेरिका इस प्रतिबंध को समाप्त करे। भाजपा ने साफ किया है कि ओबामा से मुलाकात के दौरान पार्टी के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रुप से भी उनसे आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। उम्मीद है कि भाजपा की तरफ से सुषमा स्वराज बतौर नेता प्रतिपक्ष, ओबामा से भेंट कर चर्चा करेंगी। इस मुलाकात में आउटसोर्सिंग के अलावा कश्मीर, परमाणु क्षतिपूर्ति विधेयक में आपूर्तिकर्ता की जिम्मेदारी और अमेरिका की अफगान नीति पर भी ओबामा के सामने भाजपा अपने विचार रखेगी।

राहुल गांधी की टीम ने ठीक से होमवर्क नहीं किया था - रविशंकर प्रसाद

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा ने आज कहा कि वह उनकी आलोचना नहीं करेगी क्योंकि ‘‘ वह अब भी सीख रहे हैं और वह वही कहते हैं जो उनकी टीम कहती है। ’’ लेकिन पार्टी ने प्रधानमंत्री की उस टिप्पणी पर आपत्ति की जिसमें उन्होंने बिहार की राजग सरकार को असफल बताया था।

भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘ मैं राहुल गांधी के खिलाफ कुछ नहीं बोलना चाहता क्योंकि उनकी टीम उनसे जो कहती है वह वही कहते हैं। अगर उनकी टीम ठीक से होमवर्क करती तो यह राहुल गांधी की गलती नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं और उन्हें ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। ’’ बिहार में चुनावी सभाओं में राहुल और सिंह के बयानों पर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि नीतीश कुमार को विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने विकास के मापदंड पर सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किया गया है। इन एजेंसियों में योजना आयोग और भारतीय सांख्यिकी संस्थान शामिल हैं।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि संप्रग सरकार बिहार के राजग सरकार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

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