औषधीय पादप बोर्ड जयपुर औषधीय पौधों का राष्‍ट्रीय अभियान शुरू करेगा


आयुष मंत्रालय के अधीन राष्‍ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) 20-21 अगस्‍त,2016 को जयपुर में जड़ी-बूटियों पर एक राष्‍ट्रीय अभियान की शुरुआत करेगा। यह अभियान जयपुर के दुर्गापुर में कृषि प्रबंधन राज्‍य संस्‍थान में आरंभ किया जाएगा।

अभियान में जड़ी-बूटियों की खेती में लगभग 500 किसान हिस्‍सा लेंगे। इस अवसर पर चर्चा-बैठक और गोष्‍ठी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें औषधीय पौधों से संबंधित किसान, विशेषज्ञ, व्‍यापारी, उद्योग और अन्‍य हितधारक शामिल होंगे। इस आयोजन से अधिकतर हितधारकों को लाभ होगा।

वर्ष 2000 में अपनी स्‍थापना के समय से ही एनएमपीबी देश में औषधीय पौधों के विकास के लिए काम कर रहा है। इस समय एनएमपीबी औषधीय पौधों के संरक्षण, खेती, अनुसंधान, विपणन और गुणवत्‍ता का संबर्द्धन कर रहा है।

ये गतिविधियां औषधीय पौधों की खेती से संबंधित राष्‍ट्रीय आयुष अभियान की केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना के अंतर्गत ज‍ड़ी-बूटियों के विकास, संरक्षण और उनके सतत प्रबंधन के लिए चलाई जा रही हैं।

15 स्‍मार्ट शहरों के लिए मिले प्रस्‍ताव,1.81 करोड़ नागरिकों ने लिया हिस्‍सा


7 राज्‍यों की ओर से 15 स्‍मार्ट सिटी प्रस्‍ताव शहरी विकास मंत्रालय को प्राप्‍त हुये, राजस्‍थान इस तरह का प्रस्‍ताव पेश करने वाला पहला राज्‍य 

अगले पांच वर्षों के दौरान राजस्‍थान की चार स्‍मार्ट सिटी पर 6457 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्‍ताव, कोटा के निकट ग्रीनफील्‍ड शहर विकसित किया जाएगा 

स्‍मार्ट सिटी से जुड़े प्रस्‍तावों की तैयारी में 1.81 करोड़ नागरिकों ने हिस्‍सा लिया 

शहरी विकास मंत्रालय को स्‍मार्ट सिटी से जुड़े प्रस्‍ताव पेश करने वाले प्रथम राज्‍य राजस्‍थान की सरकार ने स्‍मार्ट सिटी के रूप में अजमेर, जयपुर, कोटा और उदयपुर को विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों के दौरान कुल मिलाकर 6,457 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्‍ताव रखा है। कुल निवेश में जयपुर के लिए 2,403 करोड़ रुपये, कोटा के लिए 1,493 करोड़ रुपये, अजमेर के लिए 1,300 करोड़ रुपये और उदयपुर के लिए 1,221 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। जहां एक ओर कोटा के निकट एक ग्रीनफील्ड शहर विकसित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर शेष तीन शहर रेट्रोफिटिंग क्षेत्र (कुछ नया जोड़ना) आधारित स्‍मार्ट सिटी विकास योजनायें क्रियान्वित करेंगे। ये सभी चारों शहर समस्‍त सिटी के लिए समाधान लागू करेंगे, जो प्रौद्योगिकी आधारित होंगे। 

जयपुर से जुड़ी स्‍मार्ट सिटी योजना के तहत 600 एकड़ क्षेत्र में रेट्रोफिटिंग का काम किया जाएगा, जिसमें सतत गतिशीलता वाला गलियारा, स्मार्ट नागरिक बुनियादी सुविधायें और विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देना शामिल है, जिन पर 1583 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। 600 एकड़ के समूचे क्षेत्र में बड़ी चौपड़ एवं छोटी चौपड़ के बीच के पुराने शहर के साथ-साथ अल्‍बर्ट म्‍यूजियम भी शामिल है। 

अजमेर में, रेट्रोफिटिंग का काम अन्ना सागर झील के उत्तर और पश्चिम भागों में 1,334 एकड़ से भी ज्‍यादा के क्षेत्र में किया जाएगा। इसके तहत बुनियादी ढांचे को दुरुस्‍त किया जाएगा और हरित इमारतों का निर्माण किया जाएगा। इस पर 925 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। 

उदयपुर से जुड़े स्‍मार्ट सिटी प्रस्‍ताव के तहत 880 करोड़ रुपये का निवेश 828 एकड़ क्षेत्र की रेट्रोफिटिंग में किया जाएगा। इसके तहत सीवरेज एवं विद्युत आपूर्ति व्‍यवस्‍था को बेहतर बनाया जाएगा। 

कोटा ने 1045 करोड़ रुपये की लागत से 395 एकड़ क्षेत्र में ग्रीनफील्‍ड के विस्‍तारीकरण का प्रस्‍ताव रखा है। इसके अलावा समस्‍त शहर के लिए बनाये गये प्रस्‍ताव के तहत कचरे का ठोस प्रबंधन करने के साथ-साथ स्‍मार्ट कॉरीडोर का निर्माण किया जाएगा, जिन पर कुल मिलाकर 438 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। 

छह राज्‍यों एवं पुडुचेरी की ओर से 15 शहरों के लिए स्‍मार्ट सिटी योजनायें शहरी विकास मंत्रालय को पेश की गई है। ये निम्‍नलिखित हैं :- 

1. राजस्‍थान : जयपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा

2. पंजाब : जालंधर

3. झारखंड : रांची

4. पश्चिम बंगाल: न्यू टाउन कोलकाता, बिधाननगर और दुर्गापुर

5. केरल : कोच्चि

6. कर्नाटक : दावणगेरे, टुमाकुरू, हुबली-धारवाड़ और शिवमोगा

7. पुडुचेरी – आउलगैरेट 

धर्मनिरपेक्ष नहीं गीता इसलिए भारत को आवश्यकता नहीं - मेघनाद देसाई

ब्रिटिश संसद हाऊस ऑफ लॉर्ड्स के ससंद सदस्य मेघनाद देसाई जयपुर में आयोजित साहित्यि परिषद में सम्मिलित हुए थे । उस समय उन्होंने यह वक्तव्य दिया कि हिंदुओं के आचरणीय एवं अनुकरणीय तत्त्वज्ञान वाली श्रीमद्भगवदगीता का लेखन किसने किया अथवा बताया ? गीता के तत्त्वज्ञान के संदर्भ में अनेक संदेह-असंदेह हैं । गीता में धर्मनिरपेक्षता का अभाव होने के कारण आज धर्मनिरपेक्ष भारत को उसकी आवश्यकता नहीं है । 

मेघनाद देसाई का यह छोटा मुंह बडी बात वाला वक्तव्य ! हिदुओं के इस महान ग्रंथ पर मेघनाद देसाई की कुछ भी पात्रता न होते हुए भी इस तरह की बकवास  करने का यह दुस्साहस कैसे ? गीताके तत्त्वज्ञान को ‘धर्मनिरपेक्ष’, शब्द ही अस्वीकार है । अतः गीता का धर्मनिरपेक्ष होना कभी भी संभव नहीं है ! 

उनका यह बयान दामोदर धर्मानंद कोसंबी द्वारा गीता पर लिखे गए आलोचनात्मक पुस्तक पर आधारित है, उन्होंने ऐसा विधान भी किया है ।  

साम्यवादियों का साथ देने से इसी प्रकार की बयान बाजी होना तो तय ही है,  जो लोग ईश्वर तथा धर्म से द्वेष करते हैं, क्या कभी उनके द्वारा हिंदुओं की गीता के इस श्रेष्ठ तत्त्वज्ञान की प्रशंसा की जाएगी ? 

देसाई ने बताया कि मैंने गीता का अभ्यास किया, किंतु उसके विषय में मैं अनभिज्ञ रहा ।  गीता के विषय में वे अनभिज्ञ क्यों रह गए, देसाई इसका विचार करें तथा साधना प्रारंभ करें; तो ही भविष्य में जब वे भारत में आएंगे, उस समय गीता के विषय में सकारात्मक वक्तव्य दे सकेंगे ! 

मेघनाद देसाई क्या कभी ऐसा बयान दे सकते हैं कि मूर्तिपूजकों की हत्या करें, अन्य धर्मियों को धर्मांतरित करें, इस प्रकार की धार्मिक सीख देने वाला कुरान तथा बाइबल भी धर्मनिरपेक्ष नहीं है  ?

भाजपा ने चुनाव आयोग से कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की मांग की

भाजपा ने राहुल गांधी के खेड़ली और चूरू में दिए हिंदू-मुस्लिमों के झगड़े कराने संबंधी आरोपों के भाषण को आपत्तिजनक और भावनाएं भड़काने वाला बताया है। पार्टी ने चुनाव आयोग से कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की मांग की है।

भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने जिस तरह की भाषा का उपयोग किया है वो आचार संहिता का उल्लंघन होने के साथ ही अपराध भी है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में बुधवार को पत्रकार वार्ता कर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, चुनाव प्रकोष्ठ के संयोजक योगेंद्र सिंह तंवर और प्रदेश प्रवक्ता कैलाश नाथ भट्ट ने राहुल गांधी के भाषण पर गहरी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वोटों की खातिर भाजपा पर हिंदू- मुसलमानों बीच झगड़े कराने के झूठे आरोप लगाए हैं। लखावत ने कहा कि भाजपा पूछना चाहती है कि किस आयोग ने भाजपा को गुजरात, मुजफ्फर नगर और कश्मीर में दंगे भड़काने का आरोपी माना है ? यह कांग्रेस स्पष्ट करें।क्या उत्तर प्रदेश की सरकार या केंद्र सरकार के पास यह तथ्य है कि मुजफ्फर नगर के लोग पाकिस्तान जाना चाहते हैं? भाजपा ने कहा कि राहुल सांप्रदायिक आरोप लगाकर वोट लेने के लिए जनता की भावनाएं भड़का रहे हैं।

लखावत ने कहा कि राहुल का भाषण झूठ पर आधारित है। इसके खिलाफ भाजपा चुनाव आयोग को शिकायत कर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग करेगी। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि एसपीजी सुरक्षा होने के बावजूद जो राहुल गांधी खुद की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त नहीं हों, उनकी पार्टी देश की 120 करोड़ जनता को क्या सुरक्षा देगी?

लखावत ने कहा कि राहुल गांधी ने मनमोहन सरकार सहित कांग्रेस के 60 वर्ष के शासन की उपलब्धियों पर बात नहीं की। इसकी बजाय वोटों के लिए बड़े नेताओं की हत्याओं को भुनाने की कोशिश की है, जो कभी सफल नहीं होगी। 

कांग्रेस स्थापना दिवस की रैली में हर ब्लॉक से एक बस लाने की शर्त


कांग्रेस स्थापना दिवस पर 28 दिसम्बर को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली कांग्रेस की संकल्प रैली गुजरात चुनाव नतीजों से सुस्त हुए कार्यकर्ताओं में प्राण फूंकने का जरिया बनेगी। रैली एवं जनसभा में भीड़ जुटाने वाला ही हीरो होगा। रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने प्रत्येक ब्लॉक से कम से कम एक बस लाने का टॉरगेट दिया है। 

इसमें जयपुर और आसपास के जिलों पर अधिक ध्यान केन्द्रित किया गया है। रैली की तैयारियों के लिए कल प्रात: 11 बजे सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की बैठक ब्लॉक कांग्रेस मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष करेंगे। 

संकल्प रैली एवं जनसभा में केन्द्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं तथा कांग्रेस पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों एवं कार्यक्रमों पर कांग्रेस के प्रमुख नेता सम्बोधित करेंगे। जिनमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एंव राज्य प्रभारी मुकुल वासनिक, सह प्रभारी अरूण यादव, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान सहित राज्य के सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल होंगे। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान ने रैली की तैयारियों को लेकर जिलों में प्रभारी नियुक्त किए हैं तथा उन्हें निर्देशित किया है कि वह संबंधित जिलों में 25 एवं 26 दिसम्बर को संकल्प रैली एवं विशाल जनसभा के संदर्भ में दौरा करें और कांग्रेसजन से आह्वान करें कि वे रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। संकल्प रैली एवं जनसभा में भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस संकल्प रथ यात्रा निकालेगी। यह रथ शहर में घुमेंगे। 

पार्टी ने तय किया है कि रैली को लेकर जयपुर शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर सजावट की जाएगी तथा जयपुर शहर में पार्टी की ओर से पांच संकल्प रथ तैयार कर घुमाए जाएंगे।

    

भाजपा का गौवंश विकास प्रकोष्ठ का जयपुर में गौ सम्मलेन

भाजपा के गौ वंश विकास प्रकोष्ठ की ओर से जून के प्रथम सप्ताह में दो दिवसीय गौ सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।इस सम्मेलन में देश भर के गौ-विशेषज्ञ तथा गौ-रक्षण एवं संवर्धन में जुटे हुए गो-प्रेमी भाग लेंगे। सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी सहित अनेक दिग्गज विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। 

भाजपा के गौवंश विकास प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक हरिहर लाल पारीक ने बताया कि इस सम्मेलन के दौरान प्रदेश की गौशालाओं में निर्मित पंचगव्य औषधियों के विशेषज्ञों का चिन्तन वर्ग तथा गौशालाओं के प्रतिनिधियों का विराट सम्मेलन भी सम्पन्न होगा। 

पारीक ने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से आम आदमी तक पंचगव्य औषधियों तथा उत्पादों का महत्व पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही गौ-वंश आधारित कृषि के बारे में भी जानकारी देंगे।

गांधी के रास्ते पर चलकर दाढ़ी-टोपी वालों की वकालत बंद हो- तोगडिय़ा

देश का प्रधानमंत्री महाराणा प्रताप जैसा होना चाहिए, जिन्होंने मुगलों के सामने कभी घुटने नहीं टेके..कभी सर्वस्वीकृति की परवाह नहीं की और कभी भी गौ-भक्षकों के साथ सद्भावना का प्रयास नहीं किया। आज तो कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री पद की कतार में आता है तो तुरंत छवि बदलने और सर्वस्वीकृति बनाने के प्रयास शुरू कर देता है। 

यह कहना है विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगडिय़ा का। उन्होंने कहा कि गांधी ने सर्वस्वीकृति बनाने की लालसा में देश के टुकड़े करवाकर पाकिस्तान बनवा दिया। लोगों में फिर भी समझ नहीं आई। गांधी के रास्ते पर चलकर लोग दाढ़ी-टोपी वालों की वकालत करने लग गए हैं..तुष्टिकरण कर रहे हैं, जिन्होंने गोधरा में निर्दोष रामभक्तों को जला दिया, उनके साथ सद्भावना की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग देश को फिर गर्त में पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। गांधी ने गौ-भक्षकों के साथ सद्भावना करके पाकिस्तान बनवा दिया, अब फिर से कुछ लोग उसी रास्ते पर चल रहे हैं, यह ठीक नहीं है। यह धर्मविरोधी तथा राष्ट्रविरोधी है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी तथा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ विश्व हिंदू परिषद के संबंधों के सवाल को तो तोगडिय़ा टाल गए, लेकिन उनका नाम लिए बिना उनकी कार्यप्रणाली पर जमकर निशाना साधा। तोगडिय़ा ने बताया कि भाजपा, कांग्रेस सहित अनेक दलों में विहिप की विचारधारा के लोग हैं, जिनसे लगातार संपर्क किया जाता है। 

वर्तमान में कांग्रेस में भी अनेक सक्रिय लोग ऐसे हैं जो विहिप के लगातार संपर्क में हैं। तोगडिय़ा ने कहा कि कांग्रेसी प्रधानमंत्री पी. नरसिंहराव के शासनकाल में ही बाबरी ढांचा ध्वस्त हुआ। नरसिंहराव का परिवार वहां के निजाम के जेहादी व्यवहार से पीडि़त रहा है। वे इस व्यवस्था को ठीक प्रकार से समझते हैं। उनका परिवार हिन्दुत्ववादी है तथा कई लोग विहिप में पदाधिकारी भी हैं।

त्रिशूल दीक्षा के कार्यक्रमों में आई कमी पर तोगडिय़ा ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद लगभग दो दर्जन कार्यक्रम संचालित करती है। इनमें सत्संग, संस्कार केंद्र, गौशाला, सेवा कार्य प्रमुख हैं। संगठन को भी गांव-गांव तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि विहिप की विचारधारा एवं कार्यप्रणाली पर चर्चा एवं विरोध करने वाले करते रहेंगे। विहिप को जब तक कुछ भी अनुचित नहीं लगेगा, तब तक कोई परिवर्तन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राजनीति से अलग रहकर पूरे देश में धर्मांतरण के विरुद्ध कार्य करने वाला तथा बड़े स्तर पर सेवा कार्य करने वाला विश्व हिंदू परिषद एकमात्र संगठन है।

मंहगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जनता के सामने खड़े होने से घबराई कांग्रेस

मंहगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जनता के सामने खड़े होने से घबराई कांग्रेस पार्टी ने अब अपने प्रदेशाध्यक्ष की सभा को कार्यकर्ताओं तक ही सीमित कर दिया है। पहले नए प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान की सभा राज्य स्तरीय भव्य होने जा रही थी, लेकिन हाल ही में डीजल रसोई गैस की कीमत में हुई बढ़ोतरी ने पार्टी को बैकफुट पर ला दिया है।

पार्टी
सूत्रों के अनुसार, स्थिति को देखते हुए फिलहाल राज्य सरकार के मंत्री, कांग्रेसी विधायक, हारे हुए प्रत्याशी और राजनीतिक नियुक्ति पाने के लिए कतार में लगे नेताओं को अपने-अपने क्षेत्र से कार्यकर्ताओं को लाने के निर्देश दिए गए हैं।

यहीं
नहीं इसके अलावा आम जनता और अन्य लोगों को फिलहाल रैली से दूर रखा गया है। कुछ हजार में सिमटे : नए प्रदेशाध्यक्ष की पहली सभा के लिए सभी कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता अपनी-अपनी ओर से भीड़ जुटाने में जुट गए थे। यहां तक की जिलाध्यक्ष स्तर के नेता भी लोगों को आमंत्रण देने में लगे थे।

अब
प्रदेशाध्यक्ष के निर्देशों के चलते इन लोगों ने भी भीड़ जुटाने का काम रोक दिया है। माना जा रहा है कि अब प्रदेशाध्यक्ष की सभा कुछ हजार कार्यकर्ताओं पर ही सिमट गई है।

हिन्दू हितों पर कुठाराघात कर रही केंद्र सरकार - तोगडिय़ा

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री डॉ। प्रवीण भाई तोगडिय़ा ने कहा कि केंद्र सरकार प्रिवेंशन ऑफ कम्युनल रॉयट्स नामक विधेयक लाकर देश के बहुसंख्यक समुदाय के हितों पर कुठाराघात करने जा रही है।इस विधेयक के माध्यम से एक ओर तो हिंदुओं की स्वतंत्रता पर सरकारी शिकंजा कसने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर समुदाय विशेष को दंगा करने का लाइसेंस दे रही है। इस विवादास्पद विधेयक को किसी भी स्थिति में लागू नहीं होने दिया जाएगा और संत समाज के साथ मिलकर इसके विरोध में जनजागरण किया जाएगा।

तोगडिय़ा ने कहा कि इस बिल का विरोध करने के लिए विहिप कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से संपर्क कर इससे होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताएगी। उन्होने आरोप लगाया कि यह दुनिया का पहला कानून है कि जिसमें दंगों के लिए बहुसंख्यक समुदाय के उस व्यक्ति को दोषी ठहराया जाएगा, जो दंगों से प्रभावित होगा। दंगों से प्रभावित बहुसंख्यक समुदाय के लोगों पर ही इस बात की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने आपकों निर्दोष सिद्ध करें।

तोगडिय़ा ने कहा कि एक सप्ताह बाद देश भर के साधु संतों की दिल्ली में बैठक बुलाई गई है जिसमें इस विषय पर चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त 2 जुलाई को प्रयाग में अखिल भारतीय स्तर पर बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी हिंदु संगठन मिलकर देशव्यापी आंदोलन की तैयारी करेंगे।

डॉ। तोगडिय़ा ने हिंदू हेल्प लाइन के शुरुआत की घोषणा के अवसर आरोप लगाया कि यह दुनिया का पहला कानून है जो सिर्फ हिंदुओं पर ही लगेगा। उन्होंने अजमेर विस्फोट कांड में पकड़े गए स्वामी असीमानंद को फर्जी तरीके से फंसाए जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि असीमानंद ने डांग क्षेत्र में 30 प्रतिशत हिंदुओं को इसाई बनाए जाने का विरोध किया और 20 प्रतिशत को फिर से हिंदू बना भी दिया। उनके धर्मातरण विरोधी आंदोलन के कारण ही उन्हें यह दंड दिया जा रहा है।

हिंदु हैल्प लाइन के संबंध में तोगडिय़ा ने बताया कि यात्रा पर जाने वाले, धार्मिक यात्रा पर जाने वालों और अन्य लोगों को घर से दूर सहायता उपलब्ध कराने के लिए हिंदू हेल्प लाइन शुरू की है। इससे सहायता के लिए कोई भी आदमी देश में कहीं से भी फोन नं. 02066803300 और 07588682181 पर कॉल करके अपनी समस्या बता सकता है। उन्होंने बताया कि इस हेल्प लाइन पर पांच विषयों मेडिकल एड की जरूरत, प्रवास में होटल या धर्मशाला, प्रशासनिक, कानूनी और धार्मिक कार्यों के संबंध में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री को भी नहीं बक्शा जाएगा - डॉ. जोशी

2जी के पूरे मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ ही, कैबिनेट सचिवालय ने भी अपनी भूमिका सही तरीके से नहीं निभाई। दोनों ही कार्यालय तत्कालीन दूर संचार मंत्री . राजा पर लगाम लगाने में नाकाम रहे हैं। साथ ही, अटॉर्नी जनरल जी. . वाहनवती और तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ. मुरलीमनोहर जोशी ने आज देश के सबसे बड़े घोटाले की परतें खोलते हुए यह खुलासा किया।

उन्होंने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के बारे में वित्त मंत्री एवं दूरसंचार मंत्री को संयुक्त राय से फैसला लेना था लेकिन मौजूदा सरकार के दूरसंचार मंत्री ने बिना वित्त मंत्रालय की राय के अपने शुभेच्छुओं वाली कम्पनी को रेवड़ी की तरह बांट दिया। इसके चलते सरकार और देश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

डा. जोशी ने कहा कि गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा धन्ना सेठों, भ्रष्ट मंत्रियों एवं अधिकारियों की जेबों में जाए, हम ऐसा नहीं होने देंगे। भ्रष्ट मंत्री एवं अधिकारी किस रास्ते से पैसा खाते हैं इसका किसी को पता नहीं चलता। जनता के धन की लूट की जांच में जो भी आड़े आएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह देश के प्रधानमंत्री ही क्यों नहीं हो।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच रिपोर्ट और भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंत मुद्दे पर व्याख्यान देने जयपुर आए संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा लौटाई गई रिपोर्ट के भविष्य पर अब नवगठित पीएसी फैसला करेगी। रिपोर्ट को पीएसी सदस्यों के समक्ष रखा जाएगा। समिति ही अब यह फैसला करेगी कि रिपोर्ट का क्या किया जाना है।

जोशी ने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या इस विवादास्पद रिपोर्ट पर समिति की बैठक में फिर मतदान हो सकता है। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन हो जाने के चलते क्या अब नवगठित पीएसी को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच करनी चाहिए, इसे लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के साथ ही भाजपा, जदयू तथा अन्य दलों के बीच भी मतभेद हैं। रिपोर्ट लौटाए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि यह उनकी अपनी नहीं, बल्कि पीएसी की रिपोर्ट है।इस पर फैसला करना लोकसभा अध्यक्ष का विशेषाधिकार है और उन्होंने इसे लौटा देने का फैसला किया है।

जोशी बहुत जल्द केजी बेसिन में गैस के दाम तय करने में एक कंपनी को अनावश्यक फायदा पहुंचाए जाने तथा सरकारी खजाने को भारी नुकसान की जांच का प्रस्ताव दे सकते हैं। अब यह पीएसी के सदस्यों को तय करना है कि इस गंभीर मामले की जांच की जाए अथवा नहीं। पीएसी की अगली बैठक इसी महीने होने की संभावना है।

केजी बेसिन में कथित घोटाले का मसला सीएजी की हाल ही में लीक हुई ड्राफ्ट रिपोर्ट से उजागर हुआ है। हालांकि जोशी ने यह भी जोड़ा कि पीएसी को इस मामले पर जांच शुरू करने के लिए सीएजी की रिपोर्ट आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि टूजी मामले में भी पीएसी ने सीएजी की रिपोर्ट आने से महीनों पहले अपनी पड़ताल शुरू कर दी थी।

मिशनरीज का मायाजाल:यीशू से क्षमायाचना करने वाले ही बचेंगे

21 मई कयामत का दिन..प्रभु यीशू से क्षमायाचना करने वाले ही बचेंगे और 20 अक्टूबर को पूरी दुनिया खत्म हो जाएगी। कुछ ऐसे ही पोस्टर (होर्डिंग) आजकल जयपुर की सड़कों पर लोगों में खौफ भर रहे हैं।

होर्डिंग्स
के नीचे फैमिली रेडियो डॉट कॉम का वेब एड्रेस भी है जहां आप प्रार्थना कर नरक में जाने से बच सकते हैं। ईसाई मिशनरी के बड़े स्तर पर चलाए जा रहे अभियान से जहां जयपुर की जनता में जनाक्रोश भड़क रहा है वहीं प्रशासन ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है । पूरे शहर में इन दहशत भरे होर्डिंग्स के बाद हिंदू संगठनों ने भी इस पूरे षड्यंत्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बजरंग दल के विभाग संयोजक अशोक सिंह ने जल्द शहर भर में इन होर्डिंग्स को हटवाने और इससे संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जन आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं ईसाई मिशनरियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि अमरीका के ज्योतिष ने 70 वर्षों के शोध के बाद 21 मई की तारीख निकाली है।

इसके
अनुसार इस दिन के पश्चात 20 अक्टूबर तक दुनिया के खत्म होने का सिलसिला शुरू हो जाएगा और यीशू की शरण में आने वाले ही स्वर्ग में जाएंगे। पूरे शहर में यह होर्डिंग्स किसने और किसकी इजाजत से लगाए इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इससे पहले भी पोप ने रुपए लेकर स्वर्ग के टिकट बांटे थे।

प्रतिभा पाटिल पर टिप्पणी करने वाले मंत्री से इस्तीफा लिया


राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल पर टिप्पणी करना राजस्थान सरकार के एक मंत्री को बहुत महंगा पड़ा है। मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री अमीन खां से इस्तीफा मांग लिया है। मंत्री ने मुख्यमंत्री को इस्तीफा भेज दिया जिसे स्वीकार कर लिया गया है ।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अमीन को टिप्पणी को लेकर इस्तीफा देने को कहा है। दिल्ली में गहलोत ने इस मसले पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और राजस्थान में पार्टी मामलों के प्रभारी व केंद्रीय मंत्री मुकुल वासनिक से चर्चा की। समझा जाता है कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से भी फोन पर बात कर अपने मंत्री की टिप्पणी पर खेद जताया है।

गौरतलब है कि पाली जिले में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में अमीन खां ने कहा था कि प्रतिभा पाटिल ने कभी पद की मांग नहीं की, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रति वफादारी और उनका किचन संभालने के कारण उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुंचने का अवसर मिला। मंत्री की इस टिप्पणी के बाद मामला गरमा गया था। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने खां पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजस्थान के मंत्री देश की राष्ट्रपति के खिलाफ ऐसी बात कह रहे हैं।

श्री राजपूत कर्णी सेना और राजपूत सभा ने भी मंत्री की टिप्पणी के विरोध में धरना देते हुए उन्हें कैबिनेट से हटाने की मांग की थी। दूसरी ओर, अमीन खां ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा था ‘मैंने कार्यकर्ताओं को केवल वफादारी का उदाहरण दिया था। राष्ट्रपति के खिलाफ टिप्पणी की मेरी मंशा नहीं थी। मैंने सिर्फ यह कहा था कि प्रतिभा पाटिल समर्पित और साधारण कार्यकर्ता थीं। मैंने कार्यकर्ताओं को उनके नेता और पार्टी के प्रति वफादार रहने की नसीहत दी थी।

नववर्ष प्रतिप्रदा से शुरू होगी हिन्दू हेल्पलाइन

विश्व हिन्दू परिषद जल्द ही हिन्दू हेल्पलाइन शुरू करेगी। यह नववर्ष प्रतिप्रदा से काम करने लगेगी। देशभर में गौ रक्षा हिन्दू समाज पर किसी भी तरह का संकट आने पर इस हेल्पलाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है। यहां फोन लगाते ही दस मिनट के अंदर सभी संबंधित लोगों तक मैसेज पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद मौके पर बजरंग दल तथा विहिप के कार्यकर्ता पहुंच जाएंगे।

इस टोल फ्री हेल्प लाइन पर देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटक कई सारी सुविधाएं जैसे होटल के कमरे की बुकिंग, रहने का प्रबंध, खान-पान की उचित व्यवस्था एवं सैर सपाटे के लिए वाहनों के साथ-साथ आपातकालीन सुविधा का फायदा उठा सकेंगे।


हेल्पलाइन के जरिये लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वीएचपी ने सभी राज्यों में अस्पतालों, ट्रैवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटरों, होटलों, अतिथि गृहों, धर्मशालाओं, ब्लड बैंक केंद्रों सहित अन्य दूसरी एजेंसियों के साथ हाथ मिलाया है।


आपातकालीन स्थिति में किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को इस टोल फ्री हेल्प लाइन पर संपर्क करना होगा। कुछ ही देर में वीएचपी के कार्यकर्ता वहां चिकित्सक दल के साथ पहुंचकर उपचार कराएंगे। जरूरत पडऩे पर अस्पताल में भर्ती भी कराया जाएगा। इस हेल्पलाइन से विभिन्न धार्मिक या पर्यटन स्थलों पर होटल मालिकों, टूर ऑपरेटरों और टैक्सी चालकों की ठगी पर लगाम लगेगी, जो नए लोगों से निर्धारित से ज्यादा पैसे ले लेते हैं

केरल के लिए यह नंबर है : 9497545511

राजस्‍थान में हाईकोर्ट ने आरक्षण पर लगाई रोक, गुर्जरों का पुलिस चौकी पर कब्ज़ा

सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर पटरियों पर धरना दे रहे गुर्जरों ने राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश को मानने से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। पीलूपुरा और रसेरी गांव के समीप दिल्ली-मुंबई ट्रैक पर जमे गुर्जरों को आरक्षण के मुद्दे पर जाट समुदाय का भी समर्थन मिलने लगा है।

प्रदेशभर में ट्रेनें रोके जाने और सड़कें जाम करने की चेतावनी का असर नहीं दिखा। गुर्जरों ने हिंडौन-महवा मार्ग पर खेड़ला में, नादौती सहित कई जगह रास्ते जाम किए। इस बीच गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैसला ने कहा कि सरकार को बातचीत करनी है तो ट्रैक पर आए। गृहमंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि हम वार्ता को तैयार हैं, पर यह टेबल पर होगी।

पीलूपुरा में रेलवे ट्रैक पर गुर्जरों की संख्या बढ़ती जा रही है। उधर, कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला और उनके साथी 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार कुछ भी करे, उन्हें तो 5 प्रतिशत आरक्षण चाहिए। उन्होंने गुर्जरों की मांगों के संबंध में सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी देने के उद्देश्य से अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन को भी छलावा बताया।

पीलूपुरा में जिस रेलवे ट्रैक पर आंदोलनकारी गुर्जर बैठे हैं, वहां कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। मंगलवार सुबह इस इलाके में घासफूंस और वाहनों के शीशे और छत पर बर्फ की परत जमी थी। गुर्जर अलावों के सहारे ट्रैक पर जमे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि सरकार गुर्जरों के साथ गत 6 मई को हुए समझौते को लेकर गंभीर है। गुर्जर समाज कानून के प्रति विश्वास और शांति बनाए रखे। दो-तीन दिन में सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। बांदरसिंदरी में मंगलवार दोपहर प्रशासन गांव के संग शिविर का आकस्मिक निरीक्षण करने पहुंचे गहलोत ने कहा कि सरकार समझौते के हर बिंदु का पालन कर रही है। कोर्ट में पैरवी की जा रही है।

बैसला ने पूर्व सांसद विश्वेन्द्रसिंह और भरतपुर कलेक्टर की ओर से दिया गया वार्ता का प्रस्ताव ठुकरा दिया। विश्वेन्द्रसिंह ने वार्ता के लिए सरकार का निमंत्रण पत्र सौंपने के साथ ही मुख्यमंत्री से बैसला की फोन पर बात भी करवाई, लेकिन बैसला ने जयपुर जाने से इनकार कर दिया। इधर भरतपुर कलेक्टर ने भी फोन पर वार्ता के लिए बैसला को न्यौता दिया, लेकिन उन्हें भी साफतौर पर मना कर दिया गया।

उधर, करौली कलेक्टर रहे और वर्तमान में पाली के कलेक्टर नीरज के.पवन, वाणिज्य कर आयुक्त निरंजन आर्य, भरतपुर संभागीय आयुक्त व जयपुर रेंज द्वितीय आईजी राजीव दासोत ने भी बैसला से फोन पर संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बात नहीं की। राष्ट्रीय जाट आरक्षण समिति ने भी गुर्जरों के आंदोलन को समर्थन दिया है। मंगलवार को पीलूपुरा में समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक की ओर से भेजे गए प्रतिनिधिमंडल ने इसकी घोषणा की।

उधर, इस समिति के हरियाणा में प्रदेशाध्यक्ष हवासिंह सागवा ने भी आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाने की बात कही है। गुर्जरों ने मंगलवार को बयाना की छौंकड़ा पुलिस चौकी पर कब्जा कर लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह चौकी सोमवार को ही खाली कर दी गई थी। गुर्जर चौकी के कमरों और छत पर बैठे हैं।

पूर्व राज्यपाल एस.के. सिंह के पुत्र कनिष्क सिंह भी कॉमनवेल्थ गेम्स के घोटालेबाज

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और राजस्थान प्रभारी किरीट सोमैया ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हुए घोटालों में राजस्थान में राज्यपाल रहे एस.के. सिंह के पुत्र कनिष्क सिंह के शामिल होने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि कनिष्क सिंह कांग्रेस के एक हाई प्रोफाइल महासचिव के स्टाफ में शामिल हैं और उनकी शह पर सरकार ने खेलों के लिए निर्माण करने वाली कंपनी एमार एमजीएफ को 2100 करोड़ रुपए बिना किसी कारण के अग्रिम दे दिए। उन्होंने इस संबंध में सरकार और कंपनी के बीच हुए एग्रीमेंट भी दिखाए और आरोप लगाया कि 70,000 करोड़ रुपए के घोटाले में कांग्रेस के मंत्री और पदाधिकारी शामिल हैं। उन्होंने मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की है। सोमैया ने पूछा कि कनिष्क कांग्रेस सचिवालय में किस हैसियत से हैं और किसके लिए काम करते हैं? उनका एमार एमजीएफ परिवार से क्या संबंध है?

2100 करोड़ का गणित: सोमैया ने बताया कि खेलों में आवासीय व्यवस्था के लिए 20,91,525 वर्ग फुट निर्माण कराना था। इसके लिए डीडीए ने जमीन दी। इसके बाद कंपनी ने पैसा नहीं होने की बाद कहकर सरकार से सहयोग मांगा।

केंद्र सरकार और डीडीए ने एक ऑर्डर एग्रीमेंट से 767 करोड़ रुपए नकद और 697 वर्ग फुट रेडीमेड कंस्ट्रक्शन एरिया एमार एमजीएफ को दे दिए। इस निर्मित क्षेत्र की कीमत 25,000 रुपए वर्ग फुट के हिसाब से 1750 करोड़ रुपए होती। इसमें से 400 करोड़ वास्तविक लागत घटाने पर 1350 करोड़ रुपए बचते हैं। इसमें नकद दी राशि 767 करोड़ जोड़ने पर कुल राशि 2117 करोड़ रुपए होती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए।


रेड्डी और शीला क्यों नहीं: सोमैया ने कहा कि कांग्रेस के आलाकमान ने घोटाले उजागर होने के बाद कलमाड़ी को तो हटा दिया, लेकिन शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री खान को काले झण्डे दिखाये

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री खान को आज एम्बुलेंस 108 की सेवा से हटाये गये कर्मचारियों ने काले झण्डे दिखाये

पुलिस सेत्रों के अनुसार एक कंपनी के एम्बुलेंस सेवा के पूर्व कम्रचारियों ने खान को उस समय काले झंडे दिखाए जब वह आज जीपीएस सुविधा युक्त एम्बुलेंस सेवा 108 के गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे । उन्होंने बताया कि पूर्वकर्मी अपनी बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं ।

सूत्रों के अनुसार इस बारे में फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है ।

इन्द्रेश कुमार एक देश भक्त हैं, उन पर राजनैतिक षड़यंत्र किया गया - संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख पदाधिकारी इन्द्रेश कुमार ने एटीएस की चार्जशीट को एक मनगढ़ंत कहानी और राजनैतिक षड़यंत्र बताया है.

इस चार्जशीट पर आरएसएस प्रवक्ता राम माधव ने कहा, ''संघ किसी भी रुप में आतंकवाद का विरोध करता है. इस तरह के मामले में अगर किसी व्यक्तिशाह पर कोई आरोप है तो उसकी सही ढंग से जांच हो और अगर वह दोषी पाया जाता है तो उसे दंड भी मिले.''

विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने इस चार्ज शीट को लेकर सीधे सरकार पर निशाना साधा और इसे राजनैतिक षड़यंत्र बताया.

उन्होंने कहा, "श्रीनगर में पाकिस्तान के झंडे फहराने वाले, दिल्ली में आकर कश्मीर को पाकिस्तान बनाने का भाषण देने वालों से सरकार वार्ता कर रही है, उनको जम्मू-कश्मीर पुलिस में नौकरियां दे रही है. जिस संगठन का 80-90 साल का देशभक्ति का इतिहास है, उनको ऐसी गतिविधियों के साथ दिखाना सबसे बड़ा षड़यंत्र है."

तोगड़िया का कहना है, "राष्ट्रीय स्वयं संघ के सदस्यों की देशभक्ति के बारे में आज तक किसी ने संदेह नहीं किया है. चिदंबरम ने भगवा आतंकवाद कहा, कहीं यह चार्जशीट चिदंबरम के वक्तव्य को साबित करने का राजनैतिक षड़यंत्र तो नहीं है."

इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "आरएसएस की राजनीति हमेशा से ही नकारात्मक रही है. उसने हमेशा समाज को अलगाने का काम किया है. हाल का प्रकरण महज़ इसकी एक अभिव्यक्ति है."

वहीँ बचाव पक्ष के एक सूत्र ने बताया कि इन्द्रेश कुमार के बारे में जो कुछ भी कहा गया है, वो चार्ज शीट का हिसा नहीं है. अलबत्ता जाँच अधिकारी ने इसका उल्लेख जरूर किया है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जाँच अधिकारी ने चार्ज शीट में कहा कि अभी कुछ गंभीर गोपनीय पहलुओं पर जांच जारी है.

जाँच अधिकारी ने आठ सौ पन्नों के आरोप पत्र में बाइसवें पृष्ठ पर इन्द्रेश कुमार और उस बैठक का उल्लेख किया है.

जयपुर में आरएसएस के भारती भवन पर संघ के एक पदाधिकारी संजय ने कहा, "इन्द्रेश कुमार पर आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है. दरअसल अयोध्या पर अदालत ने हिन्दू संगठनों के पक्ष में फैसला दे दिया, अब कांग्रेस के पास कुछ नहीं बचा, सो वो बिहार में अल्पसंख्यक वोट रिझाने के लिए ये हथकंडे अपना रही है."

उन्होंने कहा, "इन्द्रेश कुमार एक देश भक्त हैं, उन्होंने चालीस साल पहले अपना जीवन सेवा के लिए समर्पित कर दिया. वो इंजीनियरिंग का पेशा छोड़कर देश सेवा में लग गए थे. ऐसे व्यक्ति पर नाहक आरोप लगाए गए हैं. केंद्र और राजस्थान में दोनों जगह कांग्रेस की सरकार है, हमें ऐसे आरोप पर कोई आश्चर्य नहीं होता."

मेरे मन को तभी संतोष होगा जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा - आडवाणी

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आज कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने पर ही उन्हें संतोष होगा !

श्री आडवाणी ने यहां एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान की ओर से लोकमत परिष्कार एवं चुनाव सुधार विषय पर आयोजित व्याख्यान में अपने दिल की यह ख्वाहिश जाहिर की1 उन्होंने वर्ष 1990 की अपनी रथयात्रा का स्मरण करते हुये कहा ..मैं हर वर्ष 25 सितंबर को सोमनाथ जाता हूं तथा रथयात्रा का स्मरण करता हूं तथा सोचता हूं कि अयोध्या में राम मंदिर बने मेरे मन को तभी संतोष होगा जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा

श्री आडवाणी ने कहा ..सोमनाथ से रथयात्रा लेकर जब मैं अयोध्या जा रहा था तब मुझे बिहार में समस्तीपुर में रोक लिया गया और पश्चिम बंगाल की सीमा पर एक छोटी सी जगह पर मुझे कैद कर लिया गया था. इस रथयात्रा की याद में मैं हर वर्ष सोमनाथ मंदिर जाता हूं ! श्री आडवाणी के इस उद्गार के बाद सभा में राममंदिर के जयकारों की गूंज सुनाई दी गई !

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा का पलडा भारी


जयपुर। राजस्थान में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के "क़डी से क़डी मिलाने" वाले नारे को झुठलाते हुए 126 शहरी निकाय सीटों में से 57 पर जीत दर्ज कर सत्तारूढ़ कांग्रेस को पछ़ाड दिया है।
भाजपा ने अपने अंदरूनी झग़डों और गुटबाजी के बावजूद ब़डी जीत हासिल की है। पार्टी को 126 में से 57 निकायों में कामयाबी मिली है, जबकि सत्तारूढ़ दल कांग्रेस को 49 निकायों में ही जीत मिली है, हालांकि अजमेर नगर निगम पर कब्जा कर कांग्रेस अपना दबदबा कायम करने में सफल हुई है। इसके अलावा दो सीटों पर बसपा, एक पर राकांपा और 17 पर निर्दलीय की जीत हुई है। इसी तरह वार्ड सदस्यों के चुनावों में भी भाजपा को 3096 में से देर शाम तक 1088 और कांग्रेस को 1040 वार्डो में कामयाबी मिली है। राज्य निर्वाचन आयोग के आंक़डों के अनुसार पिछले चुनावों के मुकाबले हालांकि भाजपा को 23 सीटों का घाटा हुआ है, लेकिन विपक्ष में रहने के कारण नतीजों को उसके पक्ष में माना जा रहा है। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव वसुंधरा राजे और प्रदेश अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी के बीच टिकट बंटवारे को लेकर मतभेद उत्पन्न हुआ था, उसके बावजूद पार्टी को उम्मीद से ज्यादा सफलता मिली है। जानकारों के अनुसार पार्टी में जिस तरह की अंदरूनी कलह मची हुई थी, उसे देखते हुए भाजपा को 50 से ज्यादा सीटों की उम्मीद नहीं थी। कांग्रेस ने हालांकि पिछली बार की तुलना में 16 सीटें ज्यादा ली हैं, फिर भी सत्ता में होने के कारण कांग्रेस के लिए ये चुनावी नतीजे निराशाजनक माना जा रहा है, क्योंकि शहरी निकाय चुनावों में परंपरागत रूप से सत्तारूढ़ दल को हमेशा से बढ़त मिलती रही है।

इससे पहले वर्ष 2000 के चुनावों में कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए 59 निकायों में जीत हासिल की थी। कांग्रेस के लिए राहत की बात यह है कि उसे नवगठित अजमेर नगर निगम के चुनावों में शानदार कामयाबी मिली है। यहां उसके प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी से यह सीट छीनी है। अजमेर नगर निगम को छो़डकर राज्य के सभी पांच नगर निगमों पर अब भाजपा का कब्जा हो गया है, जबकि चार नगर निगमों पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार है। कांग्रेस के लिए सबसे निराशाजनक बात यह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रभाव वाले मारव़ाड संभाग में भी कांग्रेस को मुंह की खानी प़डी है। संभाग के जोधपुर, नागौर एवं जैसलमेर जिले की 11 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद पर छह जगह भाजपा प्रत्याशी कामयाब रहे हैं, जबकि अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के तीन प्रत्याशी ही कामयाब हुए। पीप़ाड और परबतसर में निर्दलीय प्रत्याशी ने बाजी मारी है।

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