बिट्टा 10 हजार बच्चों के साथ करेंगे हनुमान चालीसा का पाठ
‘खद्दर’ और ‘चोला’ से देश को अधिक खतरा - बिट्टा
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में करमापा के आवास परिसर में छापेमारी के बाद अखिल भारतीय आतंकवाद निरोधक मोर्चे ने आज कहा कि ‘खद्दर’ और ‘चोला’ से देश को अधिक खतरा है । इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक गुरूओं और गैर सरकारी संगठनों को विदेशों से मिलने वाले धन की जांच कराने की मांग की ।मोर्चा के प्रमुख मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने आज भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘देश को खद्दर और चोला..दोनों से खतरा है । सरकार को इस बारे में गंभीरतापूर्वक सोचना होगा। हमारे देश में कई ऐसे लोग हैं जो खद्दर पहन कर और चोला ओढ़ कर सरकारी तंत्र को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं ।’’
करमापा का नाम लिये बिना बिट्टा ने कहा, ‘‘धार्मिक चोला ओढ़ कर देश में काम कर रहे लोगों के धन बल की जांच की जानी चाहिए । जो संत हैं उन्हें धन की क्या जरूरत है । इन लोगों के आय का स्रोत क्या है इसकी भी जांच सरकार को कराने की जरूरत है ।’’
अनुच्छेद 370 को समाप्त किया जाए : बिट्टा
केंद्र और राज्य सरकार से कश्मीर के सिखों की सुरक्षा करने तथा संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की मांग की गई है। अखिल भारतीय आतंकवाद निरोधक मोर्चे के प्रमुख मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा है कि यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले कश्मीरी पंडितों और अन्य हिंदुओं के साथ क्या हुआ यह जगजाहिर है।
अब वहां सिखों की सुरक्षा का सवाल है जिस पर केंद्र तथा राज्य सरकारों को गंभीरता पूर्वक विचार करना होगा।
उन्होंने कहा कि अब सरकारें वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति से बचे। अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का यही सही वक्त है। इस समस्या के समाधान के लिए सूबे को फौज के हवाले करना बेहतर है। यह आईएसआई की बड़ी सोची समझी साजिश है जो धीरे-धीरे वहां से प्रत्येक समुदाय के उन लोगों को हटाने पर लगी हुई है जो अलगाववाद का विरोध करते हैं।
इस मुद्दे पर अकाली दल की वरिष्ठ नेता बीवी जागिर कौर ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा कश्मीर में सिखों की सुरक्षा का है। जबरन धर्म परिवर्तन कराने की आतंकवादियों की कोशिशों का सिख माकूल जवाब देंगे। जैसा वहां हो रहा है वह दुखदायी है।

