अल्‍पसंख्‍यक मंत्रालय भारत अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार मेले में लगाएगा ‘हुनर हाट’


शिल्‍पकार 25 अक्‍टूबर ,2016 तक राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक विकास एवं वित्‍त कारपोरेशन में आवेदन कर सकते हैं 

अल्‍पसंख्‍यक मामलों के राज्‍य मंत्री(स्‍वतंत्र प्रभार), संसदीय कार्य मंत्री श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने आज यहां बताया कि अल्‍पसंख्‍यक मामलों का मंत्रालय भारत अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार मेले में अल्‍पसंख्‍यक शिल्‍पकारों द्वारा बनाए गए हस्‍तशिल्‍प, एम्‍ब्रायडरी आदि की प्रदर्शनी का आयोजन करेगा। उन्‍होंने बताया कि इस ‘हुनर हाट’ (कौशल हाट) के दौरान देश भर के विभिन्‍न कोनों से भारी संख्‍या में शिल्‍पकार शामिल होंगे। पहली बार देश भर के दूर दराज के इन मेधावी शिल्‍पकारों को राष्‍ट्रीय एवं अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर की प्रदर्शनी में एक ही छत के नीचे अपने हुनर के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। भारत अंतराष्‍ट्रीय व्‍यापार मेले का आयोजन राजधानी के प्रगति मैदान में 14 नवंबर ,2016 से हेागा।

उन्‍होंने बताया कि इस अनुपम ‘हुनर हाट की एक विशेषता यह होगी कि मंत्रालय कलाकारों /शिल्‍पकारों को नि:शुल्‍क स्‍टॉल उपलब्‍ध कराएगा और साथ ही आने- जाने तथा दैनिक खर्च की भी व्‍यवस्‍था करेगा ताकि विशेषज्ञ शिल्‍पी दिल्‍ली पहुंच कर भारत अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार मेले(आईआईटीएफ) जैसे अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर अपना कौशल और कला का प्रदर्शन कर सकें। श्री नकवी ने बताया कि इस प्रदर्शनी में पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में बेने बांस की कलाकृतियां,कपड़ों पर एम्‍ब्रायडर का काम (चिकन) पीतल की कलाकृतियां, उत्‍तर प्रदेश की कपड़ों पर जरदोई का काम, दक्षिणी राज्‍यों के पॉटरी का काम, चंदन एवं अन्‍य काष्‍ठ कलाकृतियां, बिहार एवं झारखंड के हस्‍तशिल्‍प तथा बंगाल एवं ओडिशा से घरों में प्रयोग होने वाली वस्‍तुओं तथा अलुवेरा, नीम तथा तुलसी से तैयार जड़ी-बूटियों के उत्‍पाद शामिल होंगे। इसके साथ ही ‘हुनर हाट’ में राजस्‍थान से संगमरमर की कलाकृतियां,गुजरात से सुंदर हस्‍तशिल्‍प ,जम्‍मू एवं कश्‍मीर से पशमीना तथा पीतल के कार्यों का भी प्रदर्शन होगा। सदियों पुराने आयुर्वेद, यूनानी स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, कांच की कलाकृतियां, भारतीय रेशम – सूती वस्‍त्र के काम भी इस प्रदर्शनी के अंग होंगे। व्‍यापार मेले में शिल्‍पी अपने कौशल का प्रदर्शन भी लोगों के सामने उत्‍पादों को बनाकर करेंगे।

श्री नकवी ने कहा कि उन्‍होंने सभी राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों को पत्र लिख कर आग्रह किया है कि अपने सभी विभागों को निर्देश दें कि वे सभी मेधावी शिल्पियों को इस प्रदर्शनी के बारे में जागरूक करें और 25 अक्‍टूबर, 2016 तक इस प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए अपना आवेदन राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक विकास वित्‍त कारपोरेशन (एनएमडीएफसी) को भेजने के लिए प्रोत्‍साहित करें। 

एनएमडीएफसी, अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय की ओर से भारत अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार मेले में उस्‍ताद (विकास के लिए कलाशिल्‍पों में प्रशिक्षण एवं कला का उन्‍नयन) स्‍कीम के बैनर तले भाग लेगा।

भारत में अल्पसंख्यक सबसे ज्यादा सुरक्षित और मजबूतः मुख्तार अब्बास नकवी



लोकतांत्रिक भारत में अल्पसंख्यक अधिकारों का मुद्दा दुनिया के लिए सीखः प्रो. पीटर रोनाल्ड डिसूजा 

एक तरफ दुनिया बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक संबंध में नैतिक, वैधानिक और सामाजिक संदर्भों पर संघर्ष कर रही है वहीं भारत पिछले 70 वर्षों से इस विषय से जुड़ा हुआ है और उसने एक मूल्यवान वैश्विक बौद्धिक संसाधन विकसित किया है। लोकतांत्रिक भारत में अल्पसंख्यक अधिकारों का मुद्दा दुनिया के लिए एक सीख है। आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित ‘भारत में अल्पसंख्यक अधिकार और लोकतंत्र’ पर 9वें वार्षिक व्याख्यान 2016-17 देते हुए दिल्ली विश्वविद्याल के प्रो. पीटर रोनाल्ड डिसूजा ने यह व्यक्त किया।

प्रो. डिसूजा ने कहा कि इस बहस से अल्पसंख्यक अधिकारों पर तीन प्रमुख विचार सामने आते हैं। पहला, यह कि सांस्कृतिक और धार्मिक बहुलता राष्ट्र के लिए संपदा होते हैं न कि खतरा। विभाजन के बाद यह विचार सामने आया कि देश को मजबूती के साथ एकीकृत किया जाए। दूसरा, सांस्कृतिक स्वायत्ता को अनुमति दी जानी चाहिए। इसके तहत व्यक्ति अपने सांस्कृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करके अपने व्यक्तित्व को विकसित कर सकता है और तीसरा यह कि इस विश्वास को संवैधानिक बनाया जाए और उसे केवल वैधानिक स्थिति तक न सीमित रखा जाए।

प्रो. डिसूजा ने कहा कि एक साथ रहना साक्षेप और साकारात्मक होता है। उन्हें नियमित रूप से दुरुस्त करना चाहिए। यह हमारे लोकतंत्र की देन है कि यहां अल्पसंख्यक मामलों के संबंध में संस्थान कारगर तरीके से काम करते है। उन्होंन कहा कि हम लोग अल्पसंख्यक अधिकारों के प्रति ईमानदारी के साथ प्रतिबद्ध है और हमें बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक संबंधों को न केवल दुरुस्त करना चाहिए, बल्कि अल्पसंख्यकों के बीच मौजूद अल्पसंख्यक वर्ग पर भी ध्यान देना चाहिए।

इस अवसर पर अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विश्व के किसी भी लोकतंत्र की तुलना में अल्पसंख्यक भारत में अधिक सुरक्षित और मजबूत है। उन्होंने कहा कि राजग सरकार के लगभग 2.6 वर्षों के कार्यकाल के दौरान हम लोगों ने अल्पसंख्यकों के बीच सामानता का भाव पैदा करने के लिए बहुत परिश्रम किया है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को भी समान रूप से "प्रधानमंत्री जनधन योजना," उज्ज्वला योजना "," दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना", छात्रों को छात्रवृत्तियां, रोजगार उन्मुख, कौशल विकास योजना जैसी योजनाओं के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों और शैक्षिक संस्थानों का समान रूप से लाभ मिल रहा है। इसके अलावा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की अनेक कल्याणकारी योजनाएं "प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्री कार्यक्रम", "नई मंज़िल", "नई रोशनी" "सीखो और कमाओ", "उस्ताद", "प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति" तथा मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टॉर्ट अप इंडिया जैसी योजनाओँ से भी अल्पसंख्यक समान रूप से लाभान्वित हुए हैं।

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना 1978 में सरकार की दिनांक 12 जनवरी, 1978 की अधिसूचना के माध्यम से की गयी थी। बाद में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के अधिनियमन के द्वारा एक स्वायत्त आयोग, जिसे बेहतर रूप से एमसीएम के रूप में जाना जाता है, की स्थापना 17 मई, 1993 को हुई और इसके पहले अध्यक्ष ने जुलाई, 1993 में पदभार संभाला।

जुलाई, 1993 में वैधानिक आयोग की स्थापना के उपलक्ष्य में एनसीएम ने 2008 में एक व्याख्यान श्रृंखला शुरू की। पहला एनसीएम व्याख्यान भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए एम अहमदी ने 2008 में दिया गया था।

जस्टिस राजेंद्र सच्चर ने दूसरा एनसीएम व्याख्यान "भारत के संविधान में अल्पसंख्यक" विषय पर वर्ष 2009 में दिया था। वर्ष 2010 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, ने समृद्ध, शांतिपूर्ण, समावेशी और प्रसन्न समाज के विकास पर तीसरा एनसीएम व्याख्यान दिया था।

चौथा एनसीएम व्याख्यान वर्ष 2011 में महामहिम दलाई लामा ने "विविध समाजों में करुणा" विषय पर दिया था।

डॉ शशि थरूर ने पांचवां एनसीएम व्याख्यान वर्ष 2012 में "कौन भारतीय है; अल्पसंख्यकों का एक राष्ट्र’’ विषय पर दिया था।

छठा वार्षिक व्याख्यान बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 'भारत के विचार' विषय पर वर्ष 2013 में दिया था।

सातवां वार्षिक व्याख्यान श्री फली नरीमन ने वर्ष 2014 में "अल्पसंख्यक चौराहे पर, न्यायिक घोषणाओं पर टिप्पणियाँ" विषय पर दिया था।

आठवां वार्षिक व्याख्यान वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने '' अल्पसंख्यकों के आर्थिक सशक्तिकरण विषय पर दिया था।

नकवी ने हज यात्रियों के लिए की व्यवस्थाओं की समीक्षा, प्रशिक्षण शिविर आयोजित


केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामले राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हज के लिए की गई तैयारियों का जायजा लेने के लिए कल रात मुंबई के हज हाउस में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय और अन्य संबंधित विभाग हज तीर्थ यात्रियों के लिए व्यवस्थाओं, सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय इस वर्ष हज यात्रा में करीब एक लाख 36 हजार भारतीयों की सहायता और उनके लिए किए जाने वाले प्रबंधनों, सुविधाओं और सुरक्षा का जायजा लेने के लिए सऊदी अरब में वरिष्ठ अधिकारियों को भेज जा रहा है। श्री नकवी ने हज तीर्थ यात्रियों के लिए आयोजित एक प्रशिक्षण शिविर में भी भाग लिया, जहां बड़ी संख्या में हज जा रहे लोगों ने उनका स्वागत किया। इस प्रशिक्षण शिविर में हज यात्रियों के लिए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण भी दिया गया। 

श्री नकवी ने कहा कि इस वर्ष कुल हज यात्रियों में से 10 प्रतिशत ने ऑनलाइन आवेदन किया और इसे अगली हज यात्रा के लिए बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जाएगा। 

श्री नकवी ने राष्ट्र और समूचे विश्व में शांति, समृद्धि और सौहार्द की प्रार्थना के साथ सफल हज यात्रा की कामना की। प्रशिक्षण शिविर में शिवसेना के सांसद श्री अरविंद सावंत, भाजपा विधायक श्री राज.के.पुरोहित, हज समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अताउर रहमान, हज समिति के सदस्य और गुजरात के समन्वयक श्री एच.बी.काज़मी और अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे। 

इससे पूर्व, हज तीर्थ यात्रियों के लिए विभिन्न राज्यों में भी प्रशिक्षण शिविरों का का आयोजन किया जा चुका है।

इस वर्ष 27 अगस्त से मुंबई से हज तीर्थ यात्रा के लिए सऊदी अरब के जेद्दा के लिए करीब 4,500 हज तीर्थ यात्री जाएंगे। हज 2016 के लिए दिल्ली से हाजियों का पहला जत्था 4 अगस्त को रवाना हो चुका है। हज समिति के माध्यम से भारत में 21 स्थलों पर करीब 1,00,020 हज तीर्थ यात्रियों को सुविधाएं प्रदान की जा रही है। इसके अलावा करीब 36,000 हज तीर्थ यात्री निजी यात्रा संचालकों के माध्यमों से हज यात्रा पर जा रहे हैं। 

जब पूरा देश शोक मना रहा था तो राहुल कहां थे? - नकवी


कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी फिर भाजपा के निशाने पर हैं। सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर जहां जनता का आक्रोश बरकरार है, भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस से पूछा है कि देश की जनता को भूलकर राहुल कहां नए वर्ष का जश्न मना रहे थे?

दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद हुए प्रदर्शनों ने सरकार और कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी। यही कारण था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर लोगों की संवेदना जीतने की कोशिश की थी। बाद में युवती का शव भारत आने पर सोनिया और प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह देर रात एयरपोर्ट पर भी मौजूद थे। संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी राजनीतिक दल ने नए वर्ष का जश्न नहीं मनाया था।

ऐसे में नकवी ने राहुल को लेकर सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कांग्रेस से पूछा है कि जब पूरा देश शोक मना रहा था तो राहुल कहां थे? राहुल गांधी कांग्रेस के न सिर्फ बड़े नेता हैं बल्कि भावी प्रधानमंत्री के उम्मीदवार भी हैं। जाहिर है जनता भी जानना चाहेगी कि उनका प्रतिनिधि उस वक्त कहां था जब देश शोक में डूबा था?

दिग्विजय में लादेन की अत्मा का वास - नकवी

बीजेपी नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि दिग्विजय सिंह और कांग्रेस दोनो को ही आरएसएस फ़ोबिया हो गया है।

इतना ही नहीं, मुख़्तार अब्बास नक़वी ने दिग्गी राजा को झाड़-फूंक कराने की सलाह देते हुए कहा है कि उनके शरीर में ओसामा बिन लादेन की अत्मा का वास हो चुका है।

यही वजह है कि उन्हें राष्ट्रवाद का मतलब तक समझ में नहीं आ रहा।

मुख्तार अब्बास नकवी ने ए के हंगल के इलाज के लिए एक लाख रुपये दिए

भाजपा उपाध्यक्ष एवं पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने जाने माने फिल्म एवं रंगमंच कलाकार ए के हंगल के इलाज के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी है और महाराष्ट्र सरकार से पूरे इलाज का खर्च उठाने की मांग की है.

नकवी ने यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पूरे जीवन अपनी कला से लोगों के दिलों पर राज करने वाला कलाकार जीवन के कमजोर लम्हों में आर्थिक तंगी के चलते अपना इलाज भी नहीं करा पा रहा है.

भाजपा उपाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि कलाकारों फोटोग्राफरों और तकनीशियनों के लिए ऐसे कठिन समय में सहायता के उद्देश्य से एक केंद्रीय कोष गठित किया जाना चाहिए.

रियल्टी शो शर्मनाक हैं और हमारी संस्कृति को बर्बाद कर रहे हैं - नकवी

भारतीय जनता पार्टी ने टीवी चैनलों पर दिखाये जाने वाले रियल्टी शो जैसे कुछ कार्यक्रमों को प्रतिबंधित करने की मांग की है।

भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ ये सभी तथाकथित रियल्टी शो शर्मनाक हैं और हमारी संस्कृति को बर्बाद कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों के कारण तलाक और आत्महत्या के मामलों की खबरें हैं। ’’

ऐसे कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाये जाने की मांग करते हुए नकवी ने कहा, ‘‘ मैंने सदन में ये मुद्दे उठाये हैं और सरकार यदि कोई कार्रवाई नहीं करती तो मैं ये मुद्दे फिर से उठाउंगा। ’’

यह ध्यान दिलाये जाने पर कि संसद की कार्यवाही चल नहीं पा रही है तो फिर वह ये मुद्दा कैसे उठाएंगे, नकवी ने कहा, ‘‘ जेपीसी बडा मुद्दा है इसलिए जेपीसी का मुद्दा तो उठेगा ही। यह : रियल्टी शो : मुद्दा भी उठेगा। ’’

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