सीमा पार से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ की खबरों के बीच राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि घाटी में पर्यटकों को कोई खतरा नहीं हैं। उन्होंने आतंकियों से भी कहा कि वे गर्मियों में अशांति न फैलाएं। यदि ऐसा करना है तो सदियों में करें।उन्होंने बताया कि पर्यटकों से घुसपैठ के संबंध को जोड़ना गलत है। अगर आपको यह लगता है कि घुसपैठ हुई है और पर्यटकों को जाने की जरूरत है तो यह गलत है। अगर वे (घुसपैठिए) आए हैं तो हम उनसे निपटेंगे। उन्होंने कहा कि घाटी में पर्यटकों को कोई खतरा नहीं हैं।
खबरों के मुताबिक कुपवाड़ा और गुरेज सेक्टर के जरिए 35 से 40 आतंकवादियों ने घाटी में प्रवेश किया है और इनमें से अधिकतर लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य है।
मुख्यमंत्री ने अलगाववादियों को कहा कि आप गर्मियों में कश्मीर में क्यों अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जब कश्मीर में भारी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं? उन्होंने कहा कि अगर आप यहां अशांति फैलाना चाहते है तो यह काम सर्दियों में करें। आप गर्मियों में यह क्यों करते है? यहां बहुत से ऐसे लोग हैं जो कि पर्यटकों से होने वाली आमदनी से कमाई करते हैं। आप उनकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं।
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