ऊना में एक वन बेटियों को समर्पित करने की अनूठी पहल


ऊना (हिमाचल प्रदेश) उना ज़िला प्रशासन ने इस वर्ष देश में अपनी किस्म की एक अनूठी पहल करते हुए एक वन बेटियों को समर्पित किया है और जनसाधारण को नारा दिया है- 'बेटी बचाओ, पेड़ लगाओ । इसके पीछे उनकी सोच यही है कि बेटियों के प्रति समाज का नजरिया और विकसित हो और पौधारोपण के लिए लोग आगे आएं व पर्यावरण सरंक्षण में उनकी सहभागिता बढ़े। एक वन बेटियों को समर्पित करने की उनकी इस पहल ने ऊना जिला के टकारला गांव को भी एक नया गौरव प्रदान किया है।

मेहतपुर-अंब राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ लगती 20 कनाल जमीन में  बरसात के सीज़न में  जिला के सभी विभागों के अफसरों व स्थानीय जनता की सहभागिता से विभिन्न प्रजातियों के 200 ऐसे पेड़ रोपे गए जो तेजी से आकार लेते हैं। तीन साल की उम्र के 6 से 8 फुट ऊंचे इन पेड़ों की पौध को प्रदेश में पहली बार ऊना जिला में वन विभाग की नर्सरियों में मनरेगा लेबर द्वारा तैयार किया गया है और अगले दो सालों के भीतर ये पेड़ वन का रूप ले लेंगे। इस समय इस वन के साथ लोगों का भावनात्मक लगाव भी रहे और समाज के बीच बेटियों के प्रति एक सकारात्मक सोच भी उत्पन्न हो, इसके लिए  उना ज़िला प्रशाशन ने  यह पूरा वन बेटियों को समर्पित कर दिया है। लहराते इन पेड़ों को देखकर अब अपार खुशी होती है। यहां कई होर्डिंग लगाए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग से अपने वाहनों में गुजरने वाले लोगों से यह अपील की गई है कि वे कुछ क्षण यहां रूकें और अपनी बोतलों में बचे पानी को इन पेड़ों में भी डालकर पर्यावरण सरंक्षण में अपना योगदान दें। 

बेटियों को समर्पित इस वन में रोपे गए पेड़ों को पशु नुक्सान न पहुंचा पायें, इसके लिए सीमेंट के 80 खंबे लगाकर पूरे वन क्षेत्र की तारबंदी की गई है और लोगों के भीतर जाने के लिए एक रोटेशन वाला गेट लगाया गया है। इन पेड़ों की पौध को चूंकि मनरेगा के तहत वन विभाग की नर्सरियों में तैयार किया गया है, इसलिए इस वन क्षेत्र को विकसित करने में स्थानीय पंचायत के साथ- साथ मनरेगा कार्यरत लोगों की पूरी सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। वन विभाग ने इस वन की देखभाल के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी इस क्षेत्र में कर दी है और लोगों से अपील की गई है कि वे स्‍वेच्‍छा से इसमें सहयोग करें।  

उना ज़िला के टकाराला गांव में बेटियों को समर्पित यह वन तैयार करने के लिए पौधारोपण की विधिवत तकनीक  वन विभाग के आधिकारियों द्वारा उपस्थित लोगों को सिखाई गई ताकि नर्सरी में तैयार किए गए इन पौधों को जमीन में रोपे जाते समय कोई नुक्सान न पहुंचे और ये नई जमीन में अपनी जड़ें सहजता से पकड़ सकें। इन पेड़ों को लगाने के लिए खोदे गए गडढों में पहले अच्छी किस्म की मिट्टी की भरायी की गई। इन वन की खासियत यह भी होगी कि इसमें आम, आंवला, जामुन, शहतूत जैसे फलदार पेड़ों के अलावा पीपल, अर्जुन, हरड़, बेहड़ा, शीशम, बांस , सिल्वर ओक के पेड़ भी लहलहायेंगे। 

वन विभाग के आधिकारियों तथा उना ज़िला प्रशाशन नें  बेटियों को समर्पित इस वन को संरक्षित वन की श्रेणी में लाने का प्रदेश सरकार से आग्रह किया  है  ताकि इस वन का भविष्य सुरक्षित रहे और 'बेटी बचाओ- पेड़ लगाओ का संदेश हमेशा प्रेरणादायक रहे।  टकारला गांव में तैयार किए जाने वाले इस वन के साथ ही प्रसिद्ध देवालय भी है लिहाजा इससे इस देवालय में शीश नवाने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को यहां छाया भी उपलब्ध होगी और इस स्थल के प्राकृतिक सौंदर्य में भी इजाफा होगा। 

हिमाचल प्रदेश भले ही पर्वतों व वनों से आच्छादित प्रदेश कहलवाता है लेकिन इस प्रदेश के बार्डर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम पेड़ हैं और यहां पौधारोपण के अभियान को गति देकर पर्यावरण संतुलन बरकरार रखा जा सकता है। उना ज़िला प्रशाशन नें सभी पंचायत पदाधिकारियों से   अपील की है कि वे अपने अपने क्षेत्र में इसी तरह बेटी बचाओ मुहिम को पेड़ लगाने से जोड़ें और जिला को एक नया गौरव प्रदान करें।  उना ज़िला प्रशाशन नें कहा कि विभिन्न पंचायतों में वन भूमि चिन्हित करके उन्हें वनों में तबदील किया जायेगा। 

ऊना में चलाई गयी  बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और पेड़ लगाओ विशेष मुहिम की शुरूआत  टकारला गांव से की गयी और इस मुहिम में जनसाधारण की भी पूरी सहभागिता सुनिश्चित की गयी। भविष्य में ऊना जिला बेहतर लिंगानुपात के लिए भी आदर्श जिला बनकर सामने आयेगा। 

यह वन बेटियों को समर्पित करके ऊना ज़िला प्रशाशन  ने पूरे देश को एक नया संदेश व नई सोच दी है।  आवश्‍यकता इस बात की है कि प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओं, संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाए। आज लोगों की सोच में अंतर तो आया है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि सरकार द्वारा पंचायत और जिला प्रशासन स्‍तर पर इस तरह के कार्यक्रम और योजनाएं बनाई जाएं, जिससे बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित माहौल मुहैया कराया जाए। पर्यावरण संतुलन और भावी पीढि़यों के लिए स्‍वच्‍छ हवा तथा स्‍वच्‍छ वातावरण के लिए वृक्षा रोपण वक्‍त की मांग है। इस दिशा में हम सभी को जहां तक संभव हो सके, एक-एक पौधा अवश्‍य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए। केन्‍द्र सरकार ने विद्यालय स्‍तर पर ही यह कार्यक्रम चलाया है। देश के हर विद्यालय में विद्यार्थियों को बचपन से ही वृक्षों की हिफाजत करना और अपने लगाए पौधों को पनपते हुए देखने का सुअवसर दिया जाना चाहिए, ताकि हमारी भावी पीढि़यां पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हो सके। आज बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं के साथ-साथ वन लगाओ भी आवश्‍यक हो गया है। प्रत्‍येक देशवासी को इस कार्य में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए और लोगों को इस विषय पर जानकारी 

हिमाचल में कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के कई आयाम स्थापित किए - आडवाणी


भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कांग्रेस पर हमले तेज करते हुए कहा है कि भ्रष्टतम कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के नए आयाम स्थापित किए हैं। आडवाणी रविवार को हिमाचल के ऊना जिले में चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंब रामलीला मैदान में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल में कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के कई आयाम स्थापित किए हैं। मंहगाई बेतहाशा बढ़ी है, जिससे लोग परेशान हैं।

उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह पर प्रहार करते हुए कहा कि वे हिमाचल के हित और राज्य में हुए विकास पर बीजेपी के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से खुली बहस करें तो हिमाचल की जनता को भी पता चल जाएगा कि कौन सच बोल रहा है। आडवाणी ने कहा कि धूमल ने जहां सड़कों का विकास करवाया है वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने हर घर में पानी पहुंचाया और बीजेपी ने विकास को नई गति दी। इस चुनाव में विकास ही बीजेपी का मुख्य मुद्दा है।

भाजपा वीरभद्र सिंह को रिश्तेदारों समेत भेजेगी जेल - धूमल

आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह व उनके रिश्तेदार शीघ्र ही सलाखों के पीछे होंगे। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने तलख टिप्पणी करते हुए कहा कि कथित भूमि सौदों में जिस प्रकार से प्रदेश को बेचने का प्रयास किया गया है, उन सब पर कार्रवाई कर भाजपा उक्त दोषियों को जेल भेजेगी। 

उन्होंने कहा कि पहले सीडी कांड, स्टील मंत्रालय में कबाड़ घोटाला, आयकर विभाग के छापे में किसी वीबीएस व एपीएस का नाम सामने आने और अब जमीन घोटाले की परतें एक के बाद एक खुलने से ईमानदारी का लवादा ओढ़े वीरभद्र सिंह की असलियत जनता के सामने आ रही है। वीरभद्र सिंह को चाहिए कि वह सक्रिय राजनीति से दूर रहकर सन्यास लें। उन्होंने कहा कि एक चैनल ने भू-सौदों को लेकर जिस प्रकार से वीरभद्र सिंह और उनके रिश्तेदारों का भंडाफोड़ किया है, उससे इनकी असलीयत सामने आ गई है। 

श्री धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह और कांग्रेसी नेता चोर मचाए शोर की कहावत को सही साबित कर रहे हैं। राष्ट्रीय मीडिया में हो रहे एक के बाद एक खुलासों में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि हिमाचल को लूटने वाले और बेचने वाले वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के लोग ही हैं। यही लोग हिमाचल की भोली-भाली जनता के असली गुनहगार हैं। अपने गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए और लोगों का ध्यान बंटाने के लिए वीरभद्र पिछले कुछ दिनों से भाजपा पर झूठे आरोप लगा रहे थे। 

हिमाचल की जनता वीरभद्र सिंह से जानना चाहती है कि उनके मुख्यमंत्री काल में उनके रिश्तेदार पर किस का वरदहस्त था। जिसकी वजह से उन्होंने 1250 बीघा जमीन दबा रखी, जबकि हिमाचल लैंड सिलिंग एक्ट के अनुसार कोई भी व्यक्ति 168 बीघा से ज्यादा जमीन अपने पास नहीं रख सकता। वीरभद्र सिंह को स्पष्ट करना होगा कि इस बड़े घोटाले में किन-किन लोगों की भागीदारी थी। 

इस मौके पर नरेंद्र ठाकुर, हरिओम भनोट, सुदेश ठाकुर, प्रदीप शर्मा, पवन नंबरदार, विकास, विजय चौधरी, प्राणनाथ, मंजू जरियाल, कमलेश, सतपाल, केडी हिमाचली व डॉ. सुरेंद्र कंवर सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता व नेता उपस्थित थे। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शुक्रवार को गगरेट विधानसभा क्षेत्र के मावा कोहलां गांव में भाजपा प्रत्याशी सुशील कालिया, कसौली में राजीव सहजल और नाहन में पार्टी प्रत्याशी डा. राजीव बिंदल के पक्ष में जनसभाओं को संबोधित किया और जनता से भाजपा के पक्ष में समर्थन की अपील की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की असली करतूत न्यायाधीश सूद की रिपोर्ट ने सिद्ध कर दी है कि हिमाचल को बेचने में कांग्रेस का हाथ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दोहरे चहेरे हैं, जो बोलते कुछ हैं और करते कुछ हैं। वीरभद्र सिंह को स्पष्ट करना होगा कि इस बड़े घोटाले में किन-किन लोगों की भागीदारी थी।

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